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  • Overeating on Raksha Bandhan: राखी पर कहीं ज्यादा तो नहीं खा गए आप? ऐसे करें बॉडी डिटॉक्स

    राखी पर मिठाई, नमकीन चीजें, दही-भल्ला, चाट-पकौड़ी या दूसरी चीजों को लोग शौक-शौक में खाते जाते हैं. फेस्टिवल के रंग में ये ज्यादातर ये भूल जाते हैं कि वो ओवरईटिंग कर रहे हैं. कुछ देर बाद अपच, मतली या फिर उल्टी आना फील होने लगता है. एसिडिटी का लगातार बना रहना भी परेशान करता है. वैसे आजकल त्योहार पर ज्यादा खा लेने के बाद बॉडी डिटॉक्स के तरीके को बहुत फॉलो किया जाता है.

    डिटॉक्सिफाइंग के जरिए शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकाला जाता है. लेकिन कुछ चीजें या ऐसे तरीके भी हैं जिन्हें अपनाकर खाने से हुए भारीपन को कुछ हद तक कम या दूर किया जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं..

    पानी ज्यादा पिएं

    बॉडी को डिटॉक्स करने का सबसे बढ़िया और आसान तरीका है ज्यादा से ज्यादा पानी पीना. खाने से हुए भारीपन में एक साथ ज्यादा पानी पीया नहीं जा सकता. लेकिन आप धीरे-धीरे इसे पीकर पेट को हल्का महसूस करा सकते हैं. त्योहार मनाने के बाद पानी पिएं क्योंकि इससे बॉडी हाइड्रेट रहती है और किडनी नॉर्मल तरीके से टॉक्सिन्स को बाहर निकाल पाती है. किडनी अपना काम ठीक से करेगी तो आपको जल्दी ही अच्छा और हल्का महसूस होने लगेगा.

    फाइबर है जरूरी

    त्योहार वाले दिन जमकर मीठा और स्नैक्स खा लिए है तो ऐसी चीजें खाएं जिनमें फाइबर ज्यादा हो. इसमें आपके काम सेब, अमरूद, नाशपाती, पपीता और मौसमी जैसे फल आ सकते हैं. इनका जूस निकालकर पीने की गलती न करें क्योंकि डिटॉक्स ड्रिंक पीने के बजाय फाइबर का इंटेक बढ़ाएं. फाइबर ठीक से मिलता है तो पाचन क्रिया ठीक से हो पाती है और अगले दिन पेट साफ हो पाता है. आप चाहे तो रात में सोने से पहले दूध या गुनगुने पानी में इसबगोल को मिलाकर पी सकते हैं.

    पपीता और दही का कॉम्बो

    ज्यादा तला-भुना या मीठा खाने से पेट में भारीपन महसूस हो रहा है तो हल्की चीजों को खाएं. इसके लिए पपीता खा सकते हैं क्योंकि ये फाइबर का बेस्ट सोर्स है. इसके अलावा दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो आंतों की हेल्थ को बेहतर बनाते हैं. वैसे जिन्हें दही से गैस या दूसरी प्रॉब्लम हो उन्हें अपनी सेहत को ध्यान में रखकर इसे खाना चाहिए.

    हरी सब्जियां हैं रामबाण इलाज

    पालक, लौकी, तोरई, भिंडी या दूसरी सीजनल वेजिटेबल्स को खाएं. क्योंकि इनमें फाइबर के अलावा कई जरूरी विटामिन और मिनरल्स होते हैं. ऐसा करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और ज्यादा कैलोरी वाले त्योहार के खाने के बाद डाइट को बैलेंस करने में मदद करते हैं.

    नारियल पानी पिएं

    वैसे बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए आप नारियल पानी को पी सकते हैं. इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स काफी होते हैं जिनकी वजह से बॉडी नेचुरली हाइड्रेट रहती है. इसके अलावा आप हर्बल टी को पी सकते हैं. अदरक, सौंफ और जीरा जैसी देसी चीजों का पानी तैयार करें और हर्बल ड्रिंक को सिप-सिप करके पिएं. वैसे इन्हें टॉक्सिन्स निकालने वाली जादुई ड्रिंक मान लेना सही नहीं है.

    सैर है सबसे जरूरी

    खानपान का ध्यान रखने के अलावा कुछ देर की सैर भी करनी चाहिए. ऐसा करने से शरीर हल्का महसूस करता है और मीठी-नमकीन चीजें आसानी से पचने लगती है. त्योहार वाले दिन भले ही जमकर खाया हो लेकिन वॉक शरीर को रिलैक्स फील करा सकती है. वैसे एक दिन की सैर में बदलाव आना मुश्किल है, इसलिए रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें. 21 दिन बाद आप शरीर में कई बड़े बदलाव देख पाएंगे.

    बता दें कि डिटॉक्स शब्द के साथ ये स्पष्ट रखना बेहतर है कि कोई एक चीज शरीर से चीनी को जादुई तरीके से बाहर नहीं निकालती. पर ये चीजें शरीर को हाइड्रेटेड रखने, ब्लड शुगर स्पाइक के बाद संतुलित डाइट पर लौटने और पाचन को बेहतर रखने में मदद कर सकती हैं.

  • ग्रीनपार्क में काशी रुद्रास की 67 रन से धमाकेदार जीत:करन शर्मा ने 51 गेंदों पर ठोका तूफानी शतक; नोएडा 150 पर ऑलआउट

    यूपी टी-20 लीग के 23वें मुकाबले में काशी रुद्रास ने नोएडा सुपर किंग्स को 67 रन से हरा दिया। टीम ने शानदार बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी के दम पर यह जीत दर्ज की। कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में काशी के कप्तान करन शर्मा ने तूफानी शतक लगाया। नोएडा सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। काशी के सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात हुई और नोएडा के गेंदबाज दबाव में नजर आए। ओपनर्स का गदर, करन-अभिषेक ने पहले विकेट के लिए जोड़े 102 रन पहले बल्लेबाजी करने उतरी काशी रुद्रास की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। ओपनर अभिषेक गोस्वामी और कप्तान करन शर्मा ने नोएडा के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए पहले विकेट के लिए महज 102 रनों की शतकीय साझेदारी की। अभिषेक गोस्वामी ने 34 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 63 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनके आउट होने के बाद भी कप्तान करन शर्मा का बल्ला थमा नहीं और उन्होंने 200 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। 200 की स्ट्राइक रेट से करन शर्मा की ‘सेंचुरी’, काशी ने बनाए 217 रन काशी के कप्तान करन शर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 51 गेंदों पर 102 रन ठोके। अपनी इस शतकीय पारी में उन्होंने 12 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। करन के इस शतक की बदौलत काशी रुद्राक्ष ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 217 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यूपी टी-20 लीग 2026 में करन शर्मा का बल्ला जमकर बोल रहा है। उन्होंने अब तक खेले 9 मैचों में 37.25 की औसत और 146.80 के स्ट्राइक रेट से 298 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। इस दौरान उनके बल्ले से 22 छक्के और 18 चौके निकले हैं। 150 रन पर सिमटी नोएडा, काशी के गेंदबाजों का चला जादू 218 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी नोएडा सुपर किंग्स की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। काशी रुद्राक्ष के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए नोएडा के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नोएडा की ओर से मोहम्मद कौशिक ने 42 रन (29 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) और शोएब रशीद सिद्दीकी ने 30 रन (18 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के) बनाकर थोड़ा संघर्ष दिखाया, लेकिन बाकी के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। विजय यादव और ऋषभ राजपूत की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी नोएडा टीम 18.4 ओवर में 150 रनों पर ऑलआउट हो गई और काशी रुद्राक्ष ने 67 रनों से बड़ी जीत अपने नाम कर ली।
  • अंकित हत्याकांड के 2 दिन बाद खुला जिम:60 की जगह सिर्फ 3 पहुंचे; बिना म्यूजिक हुआ वर्कआउट, CCTV में 2 घंटे रेकी के संकेत

    शामली के आर्यपुरी नाला पटरी इलाके में 26 अगस्त की शाम हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद अब भी दहशत का माहौल है। श्री बालाजी जिम से वर्कआउट करने के बाद जैसे ही अंकित बाहर निकले, चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुछ ही सेकेंड में हमलावर मौके से निकल गए और अंकित सड़क किनारे नाली के पास पड़े मिले। वारदात के बाद सामने आए CCTV फुटेज में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। एक फुटेज में अंकित जिम से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद हमलावर उन्हें घेरकर गोलियां चलाते नजर आते हैं। दूसरे फुटेज में चारों आरोपी पैदल भागते दिखाई दे रहे हैं। जिम के अंदर मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले गोलियों की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि बाहर बाइक सवार पटाखे चला रहे हैं। जब बाहर निकलकर देखा तो फायरिंग हो रही थी। हमलावर तमंचे लहराते हुए भाग निकले। इसके बाद लोग बाहर पहुंचे तो अंकित दीवार के पास नाली में पड़े थे और उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। दो दिन बाद जिम खुला, 60 की जगह सिर्फ 3 लोग पहुंचे अंकित की हत्या के बाद जिम और आसपास की ज्यादातर दुकानें बंद हो गई थीं। दो दिन तक बंद रहने के बाद शुक्रवार, 28 अगस्त को श्री बालाजी जिम दोबारा खोला गया, लेकिन सामान्य दिनों वाली रौनक गायब थी। जिम संचालक रविकांत शर्मा के मुताबिक, एक शिफ्ट में करीब 60 युवक-युवतियां वर्कआउट के लिए आते थे। शुक्रवार को सिर्फ तीन लोग जिम पहुंचे। अंदर न म्यूजिक बजा और न पहले जैसी चहल-पहल रही। हर चेहरे पर अंकित की हत्या का डर और दुख नजर आया। रविकांत खुद अंकित के पर्सनल ट्रेनर थे। उन्होंने बताया कि अंकित काफी शांत स्वभाव के थे। जिम में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे और अपना पूरा ध्यान एक्सरसाइज पर रखते थे। कोई सेल्फी लेने के लिए कहता तो मुस्कुराकर फोटो खिंचवा लेते, फिर दोबारा वर्कआउट में लग जाते। अंकित को लेग, चेस्ट और शोल्डर की एक्सरसाइज सबसे ज्यादा पसंद थी। हत्या वाले दिन भी उन्होंने जिम में शोल्डर की एक्सरसाइज की थी। वर्कआउट पूरा करने के बाद वह बाहर निकले और कुछ ही देर बाद उनकी हत्या कर दी गई। बाइक 2 घंटे खड़ी रही, हमलावर घूमते रहे वारदात के बाद सामने आए CCTV फुटेज और दुकानदारों के बयानों से पुलिस की जांच अब रेकी की आशंका की तरफ भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्री बालाजी कन्फेक्शनरी के सामने हमलावरों की बाइक करीब दो घंटे तक खड़ी रही। बाइक के पास पीले रंग का गमछा और हेलमेट भी रखा गया था। दुकानदारों का दावा है कि हमलावर काफी देर तक आसपास घूमते रहे और अंकित के जिम से बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। तीसरे CCTV फुटेज में भी चारों युवकों के वारदात से पहले इलाके में घूमने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंकित पहले गांव के कुछ साथियों के साथ जिम आते थे, लेकिन घटना से करीब तीन दिन पहले वह अकेले कार से आने लगे थे। इसी वजह से लोगों को शक है कि हमलावरों ने पहले से उनकी दिनचर्या पर नजर रखी और उनके आने-जाने का समय पता किया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक रेकी की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वारदात में इस्तेमाल हथियारों को लेकर भी इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग हथियारों को विदेशी बता रहे हैं, लेकिन इसकी भी पुलिस स्तर से पुष्टि होना बाकी है।

    पिता का 4 दिन का अल्टीमेटम अंकित के पिता सत्यवीर सिंह ने पुलिस-प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर चार दिन में हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पांचवें दिन वह और उनके लोग खुद आगे बढ़ेंगे। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। सत्यवीर सिंह ने खुद को जाट बताते हुए अपने फौजी साथियों के साथ मिलकर आरोपियों का ‘इलाज’ करने की बात कही। उन्होंने पुलिस से हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने की चर्चा को उन्होंने बकवास बताया।
    इधर, हत्याकांड की जांच के लिए गठित SIT शुक्रवार को सत्यवीर सिंह को घटनास्थल पर लेकर पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर वारदात का पूरा क्रम समझने की कोशिश की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कब इलाके में पहुंचे, कितनी देर तक रुके और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए। मामले पर राष्ट्रीय लोक दल के सुप्रीमो जयंत सिंह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना सभ्य समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर अंकित के परिवार को न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में मृतक की जाति तलाशना और इसे किसी जातीय आक्रोश से जोड़ना संवेदनहीनता है। अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिलना किसी जाति, गोत्र या क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि हर न्यायप्रिय व्यक्ति का विषय है। फिलहाल शामली के बीचोंबीच हुई इस हत्या ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। एक तरफ CCTV फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां सामने आ रही हैं, दूसरी तरफ परिवार गिरफ्तारी के लिए समय सीमा तय कर चुका है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और SIT की कार्रवाई पर है कि चार हमलावर कौन थे, उन्होंने अंकित को क्यों निशाना बनाया और क्या हत्या से पहले वास्तव में रेकी की गई थी।

  • देवरिया में खाली घरों में चोरी करने वाले 4 गिरफ्तार:ई-रिक्शा से रेकी कर वारदात को देते थे अंजाम, नेपाल में बेचते थे सोना

    देवरिया पुलिस ने खाली घरों में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शुक्रवार की रात आठ बजे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चोरी का सोना, नकदी और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा बरामद किया गया है। आरोपी ई-रिक्शा से रेकी कर रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और चोरी के सोने को नेपाल में गलाकर बेचते थे। कोतवाली पुलिस ने 27 अगस्त की देर शाम चीनी मिल ग्राउंड के पास ई-रिक्शा सवार चार युवकों को पकड़ा। इनकी पहचान जितेंद्र निषाद (26), जयहिंद निषाद (19), शुभम विश्वकर्मा उर्फ बंजरगी (22) और नितेश गोड़ उर्फ गोलू (21) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 6.020 ग्राम और 3.420 ग्राम वजन के सोने के दो टुकड़े, 9,540 रुपये नकद और लोहे का संबल बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने 19 अगस्त को उमानगर में एक मकान में चोरी करने की बात स्वीकार की। इस मामले में अनिल कुमार राय की तहरीर पर कोतवाली थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज है।
    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ई-रिक्शा से घूमकर ऐसे घरों की तलाश करता था, जहां रात के समय कोई मौजूद नहीं होता था। खाली मकानों को चिह्नित करने के बाद, वे मौका देखकर रात में ताला तोड़कर चोरी करते थे। चोरी की नकदी आपस में बांट ली जाती थी, जबकि सोने के जेवरात को गलाकर नेपाल में बेचा जाता था। आरोपियों ने कुछ दिन पहले कैलाशपुरी में भी चोरी करने की बात स्वीकार की है। बरामद सोने के टुकड़ों और नकदी के संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
  • मुरादाबाद में पुल टूटा, महिला की मौत-बेटा लापता:रक्षाबंधन पर पति और 3 बच्चों के साथ बाइक से मायके गई थी, लौटते समय हादसा

    मुरादाबाद में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे गांगन नदी पर बना लकड़ी का अस्थाई पुल अचानक टूट गया। इससे बाइक सवार दंपती और उनके तीन बच्चे गाड़ी समेत नदी में जा गिरे। वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा तो फौरन मदद के लिए दौड़े। उन्होंने पिता और दो बच्चों को तो बचा लिया, जबकि महिला और उसका एक बच्चा तेज बहाव में बह गए। फौरन पुलिस और गोताखोरों को सूचना दी गई। सूचना मिलने के थोड़ी देर के अंदर ही वे मौके पर पहुंचे गए। करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। तब जाकर महिला का शव बरामद हुआ। जबकि उसका तीसरा बेटा अभी लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। घटना मझोला थाना क्षेत्र के मलकद्दा स्थित चट्टा पुल की है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… तीन लकड़ियां टूटीं और नदी में जा गिरी बाइक छजलैट के महमूदपुर निवासी मजदूर अनिल रक्षाबंधन पर पत्नी किरन और बच्चों के साथ कुंदरकी के नानपुर गांव स्थित ससुराल गया था। राखी बंधवाने के बाद परिवार को लेकर बाइक से लौट रहा था। जैसे ही बाइक मलकद्दा स्थित चट्टा पुल पुल पर पहुंची, अचानक पुल की तीन लकड़ियां टूट गईं। बाइक अनियंत्रित हुई और पूरा परिवार गांगन नदी में जा गिरा। पिता और दो बच्चों को लोगों ने बचाया उन्होंने जोर से शोर मचाया। चीख पुकार सुनकर राहगीर उनकी मदद के लिए दौड़े। इसी बीच किसी ने फोन करके पुलिस और गोतोखोरों को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही फौरन पुलिस मलकद्दा गांव से गोताखोरों को लेकर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से अनिल और उनके दो बच्चों के शव को नदी से बाहर निकाल लिया गया। वहीं किरन और उनका तीसरा बच्चा प्रियांशु तेज बहाव में बह गए। दो घंटे बाद मिला महिला का शव अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। गोताखोरों ने टॉर्च की रोशनी में करीब दो घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद किरन को नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रियांशु की तलाश अभी जारी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया है। नदी में तेज बहाव और अंधेरे के बीच बच्चे की तलाश की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें- अंकित हत्याकांड- पिता बोले- बेटा फौजी बनना चाहता था:सरकारें जो कहती हैं, अब करके दिखाएं; हत्यारों का एनकाउंटर हो ‘योगीजी कहते हैं कि अपराधी एक चौराहे से भागेंगे, तो दूसरे पर ढेर कर दिए जाएंगे…। लखनऊ में बैठकर बातें करने से कुछ नहीं होगा। जो कहते हैं, वो यहां करके दिखाइए। अगर प्रशासन अपनी बातों पर खरा नहीं उतरा, तो 5वें दिन हम बॉडी निकाल लेंगे, चाहे जो हो जाए। मेरा बेटा मेरी तरह फौजी बनना चाहता था। वो सपना पूरा नहीं हुआ, तो वीडियो बनाने लगा। मुझे उस पर गर्व है।’ यह दर्द और गुस्सा है अंकित बालियान के पिता सतबीर बालियान का। शामली में बुधवार (26 अगस्त) को हरियाणवी सिंगर अंकित की जिम से निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमने अंकित के पूरे परिवार से बात की। पूरी खबर पढ़ें
  • लखनऊ की सड़कों पर हाईकोर्ट का आदेश बेअसर:बीच चौराहों पर ई-रिक्शा लगाकर बैठा रहे सवारी, 2 साल के सभी नियम ठंडे बस्ते में

    लखनऊ में ई-रिक्शा जाम की बड़ी वजह बन गए हैं। हाईकोर्ट ने इनके खरीद-बिक्री और संचालन के लिए नियम बनाने का आदेश दिया है। इसके बाद दैनिक भास्कर ने शहर के प्रमुख चौराहों की पड़ताल की। आदेश के 4 दिन बाद भी हालात नहीं बदले। ई-रिक्शा चालक बीच सड़क और चौराहों पर सवारी बैठाते मिले। इनके लिए स्थायी पार्किंग की व्यवस्था भी नहीं है। निर्धारित रूट के बजाय ई-रिक्शा मनमाने तरीके से शहर में दौड़ रहे हैं। इस रिपोर्ट में पढ़िए व्यस्ततम चौराहों के हाल… 1. चौक के चरक चौराहे पर सबसे ज्यादा समस्या लखनऊ के चौक का चरक चौराहा जो शहर का सबसे व्यस्त है, यहां ई-रिक्शा सबसे बड़ी समस्या है। बीच चौराहे पर खड़े होकर सवारी बैठाते हैं, जिसके चलते हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं पास में ट्रामा सेंटर हैं, जहां दिनभर शहर और शहर के बाहर के गंभीर मरीज आते हैं, जो कई बार इन ई-रिक्शा की वजह से लगे जाम में फंस जाते हैं। सवारी बैठाने के चक्कर में ई-रिक्शा चालक सिर्फ बाइक का रास्ता छोड़ते हैं। 2. पारा का बुद्धेश्वर चौराहे पर बीच सड़क खड़े होते हैं यही हालात कुछ पारा के बुद्धेश्वर चौराहे पर देखने को मिला। गलत तरीके से चौराहे पर ई-रिक्शा खड़ा करके सवारी भरते हैं। इसके चलते रोजाना जाम की समस्या बनी रहती है। कई बार वहां मौजूद ट्रैफिक और पुलिसकर्मी भी इस समस्या को नजरअंदाज कर देते हैं। इसके चलते कई बार पैसा लेकर चौराहे पर गाड़ी खड़ी करवाने का आरोप भी लग चुका है। 3. पॉलिटेक्निक पर चलाया चेकिंग अभियान पड़ताल के दौरान दैनिक भास्कर की टीम पॉलिटेक्निक चौराहे पर पहुंची। यहां उस समय व्यवस्था कुछ बेहतर दिखी। चौराहे पर ई-रिक्शा की चेकिंग की जा रही थी और उनके परमिट व तय रूट भी देखे जा रहे थे। हालांकि, यहां डग्गामार वाहन भी ट्रैफिक के लिए बड़ी समस्या बने हैं। रोजाना लखनऊ से गोरखपुर जाने वाली 150 से ज्यादा गाड़ियां सड़क किनारे खड़ी होकर सवारी भरती हैं। कार्रवाई से बचने के लिए कई बार ई-रिक्शा चालक बीच सड़क से यात्रियों को इन गाड़ियों तक पहुंचाते हैं। इससे चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ जाती है। अब पढ़िए कुछ पुराने नियम- कलर कोडिंग का कोई असर नहीं हुआ लखनऊ में 2024 में पुलिस ने शहर को 16 जोन में बांटा और ई-रिक्शा को तय रास्तों तक ही सीमित रखने के लिए कलर-कोडेड सिस्टम शुरू किया। लगभग 26,890 एप्लीकेशन मिलीं, जिनमें से 23,761 को योग्य पाया गया और लॉटरी के जरिए जोन बांटे गए। ड्राइवरों से जोन नंबर, इलाके का नाम और बारकोड या QR कोड वाले स्टिकर दिखाने के लिए कहा गया था, पुलिस ने चेतावनी दी कि नियम तोड़ने पर चालान या सीज हो सकता है। इस सिस्टम से भी बहुत कम फर्क पड़ा है। ई-रिक्शा शहर भर में यात्रियों को ले जाते रहे और इस दौरान चेक की गई गाड़ियों पर कलर कोडेड स्टिकर नहीं मिले। 2024 में लखनऊ म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (LMC) ने भी सड़क किनारे पार्किंग और जाम को रोकने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा के लिए 45 खास स्टैंड बनाने का प्रस्ताव रखा था। यह पहल कामयाब नहीं हो पाई, क्योंकि ड्राइवर सड़क किनारे की जगहों और व्यस्त चौराहों पर ही निर्भर रहे। प्रशासन और पुलिस ने 2025 में फिर से जोन-बेस्ड कलर कोडिंग की ओर कदम बढ़ाया, लेकिन नए प्लान को लागू करने पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुराने ई-रिक्शा सरेंडर करने के बाद नया मिले ई-रिक्शा चालक कल्याण समिति एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मयंक श्रीवास्तव ने लखनऊ में नए ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने शहर के बाहर के आई या पते का इस्तेमाल करके रजिस्टर्ड लोगों की भी जांच करने की मांग की और सुझाव दिया कि पुरानी गाड़ी सरेंडर करने के बाद ही नए रजिस्ट्रेशन की इजाजत दी जाए। लखनऊ ऑटोरिक्शा थ्री व्हीलर संघ (LARTS) के प्रेसिडेंट पंकज दीक्षित ने ई-रिक्शा और ई-ऑटो के लिए एक जरूरी परमिट सिस्टम की मांग की है, क्योंकि ऐसे सिस्टम की कमी से बिना निगरानी के ग्रोथ, सड़क पर कब्जा और जाम की समस्या बढ़ रही है। टेम्पो-टैक्सी और ऑटो-रिक्शा जॉइंट फ्रंट ने अलग से डिविजनल कमिश्नर से 2026 में लखनऊ में नए ई-रिक्शा और ई-ऑटो रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की मांग की है। सरकार सोई नहीं रह सकती : हाईकोर्ट शहर में ई रिक्तों की बढ़ती संख्या यातायात व्यवस्था पर दबाव डाल रही है. इसलिए सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकती। राज्य सरकार इस गंभीर मुद्दे पर सोई नहीं रह सकती। उसे सही नीति बनाकर समस्या से प्रभावी ढंग से निपटना होगा। पर्याप्त पार्किंग न होने से चौराहों और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक बाधित होता है। सरकार को ई-रिक्शा की बिक्री और संचालन नियंत्रित करने की योजना बतानी होगी। ट्रैफिक हम देख रहे, ई-रिक्शा की संख्या सरकार देखे : ट्रैफिक पुलिस डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने बताया कि पुलिस के स्तर से ई-रिक्शा के सुव्यवस्थित संचालन, निर्धारित मार्गों, पार्किंग/स्टैंड व्यवस्था और ट्रैफिक में आ रही बाधाओं कम करने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर संबंधित विभागों के साथ तालमेल किया जा रहा है। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने कहा- ई-रिक्शा की बिक्री, पंजीकरण या उनकी कुल संख्या को नियंत्रित करने जैसे विषय नीतिगत हैं। इन मुद्दों पर शासन और संबंधित विभागों के स्तर से निर्णय लेना होगा।
  • बागपत में पुलिस मुठभेड़, बदमाश को लगी गोली:नलकूप उपकरण चोर गिरोह का सक्रिय सदस्य गिरफ्तार, तीन साथी फरार

    बागपत की खेकड़ा कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद नलकूप उपकरण चोर गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चार बदमाश नलकूप उपकरण चोरी करने की फिराक में घूम रहे हैं और एक ट्रांसफार्मर को निशाना बना रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने चेकिंग अभियान और घेराबंदी शुरू की। पुलिस को देखकर अभियुक्तों ने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घायल बदमाश को गिरफ्तार कर खेकड़ा सीएचसी में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान कमालपुर गांव निवासी रिजवान पुत्र जाने आलम के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोटरसाइकिल, एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और विद्युत तार काटने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। सीओ रोहन चौरसिया ने बताया कि थाना खेकड़ा में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार बदमाश का उपचार जारी है और उसके फरार साथियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
  • फर्जी किरायानामा से मकान पर कब्जे की कोशिश:टोरंट के जीएम-एजीएम समेत चार पर केस, कोर्ट ने दिए आदेश

    न्यू आगरा थाना क्षेत्र में मकान के हिस्से पर अवैध कब्जे के लिए फर्जी किरायानामा तैयार कर बिजली कनेक्शन लेने के मामले में कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना न्यू आगरा पुलिस ने वैभव कुंज निवासी नवीन पालीवाल, उसके भाई गौरव पालीवाल के साथ टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह और सहायक महाप्रबंधक पीयूष कुमार सिन्हा को आरोपी बनाया है। शिकायत न्यू आगरा निवासी दिनेश कालरा ने की थी। फर्जी हस्ताक्षर कर तैयार किया किरायानामा
    शिकायतकर्ता दिनेश कालरा ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नवीन पालीवाल और गौरव पालीवाल ने उनके मकान के हिस्से पर कब्जा करने की नीयत से 15 अप्रैल 2014 का कूटरचित किरायानामा तैयार कर लिया। इसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए और परिवार के सदस्यों की फोटो का भी गलत इस्तेमाल किया गया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर टोरंट पावर से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया।कालरा का आरोप है कि उन्होंने 7 अप्रैल 2015 को टोरंट पावर के अधिकारियों को लिखित में सूचना दी थी कि किराया अनुबंध खत्म हो चुका है और आरोपियों के दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बावजूद नोटिस के बाद वर्ष 2015 में कनेक्शन जारी कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि सरकारी विभागों में जमा दस्तावेज जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट में भी फर्जी पाए गए हैं। 14 मई 2026 को पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, तब कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर 27 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।वहीं टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह का कहना है कि नया कनेक्शन नियमानुसार दस्तावेजों की जांच और सर्वे के बाद ही दिया जाता है। शिकायत मिलने पर दो महीने के अंदर कनेक्शन काट दिया गया था।
  • इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर पाकिस्तान के हेड-कोच बोले:टीम को इसकी जानकारी नहीं थी, हम उस समय लंच कर रहे थे

    इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने कहा है कि टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। वे लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या लंच के बाद पाकिस्तान की टीम मैदान पर नहीं लौटने वाली थी। इसपर उन्होंने कहा कि- ‘मुझे कुछ नहीं पता। मैं सिर्फ मैच पर ध्यान दे रहा हूं। मुझे इंटरव्यू के बारे में नहीं पता। हम उस समय लंच कर रहे थे।’ पाकिस्तान ने स्काई स्पोर्ट्स को धमकी दी थी विवाद गुरुवार का है। जब लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन PCB ने मैच के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू न चलाने को कहा था। बोर्ड की इस धमकी के बावजूद ने चैनल ने 18 मिनट तक इंटरव्यू ऑन-एयर किया था। PCB ने धमकी दी थी कि बात न मानने पर लंच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान पर शायद न उतरे। साथ ही पाकिस्तान, इंग्लैंड दौरे पर बचे मुकाबले रद्द कर सकता है। हालांकि लंच के बाद भी खिलाड़ी मैदान पर उतरे और खेल जारी रहा। माइकल एथरटन ने इंटरव्यू लिया था यह इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्काई स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर माइकल एथरटन ने लिया था। इसमें सुलेमान और कासिम खान ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दोनों ने इमरान की स्थिति को लेकर ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। बेटों ने पिता की जान को खतरा बताया सुलेमान और कासिम खान ने जेल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई। दोनों भाइयों ने कहा कि जेल में उनके पिता की जान को खतरा है। कासिम ने इंटरव्यू में कहा, यह साफ नहीं है कि वे (सरकार) क्या कर रहे हैं। वे खुले तौर पर उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक अंदर रखना और चुप कराना चाहते हैं। पाकिस्तानी चैनल PTV ने इंटरव्यू के बीच विज्ञापन चलाया यह इंटरव्यू पाकिस्तान में मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर PTV पर भी प्रसारित किया गया। हालांकि, चैनल ने इसे कुछ ही देर दिखाने के बाद बीच में रोक दिया और स्पोर्ट्स कमर्शियल (विज्ञापन) चला दिया। प्रसारण अचानक कट होने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व क्रिकटरों ने इमरान के हेल्थ को लेकर दो लेटर भेजे दुनियाभर के पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के सही इलाज को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को 2 लेटर भेजे हैं। पहला लेटर फरवरी में भेजा गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। दूसरा पत्र 23 अगस्त को भेजा गया। इसमें भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार वर्ल्डकप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी। ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस ने भी इस मांग का समर्थन किया है। इससे पहले 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान को अस्पताल में एडमिट किया गया था, बाद में फिर अदियाला जेल भेज दिया गया। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई अन्य मुकदमे भी दर्ज कर दिए गए। समय के साथ सिफर और इद्दत निकाह मामलों में अदालत ने उन्हें राहत दे दी, जबकि तोशाखाना की एक सजा पर भी रोक लगा दी गई। इसके बावजूद अन्य लंबित कानूनी मामलों और नए केसों के चलते उनकी रिहाई नहीं हो सकी है और वे लगातार जेल में ही हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का दावा है कि 2022 में सत्ता गंवाने के बाद उन्हें चुनाव और राजनीति से बेदखल करने के लिए ये तमाम फर्जी केस दर्ज कराए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया बताती है।