अंकित हत्याकांड के 2 दिन बाद खुला जिम:60 की जगह सिर्फ 3 पहुंचे; बिना म्यूजिक हुआ वर्कआउट, CCTV में 2 घंटे रेकी के संकेत

Written by

in

शामली के आर्यपुरी नाला पटरी इलाके में 26 अगस्त की शाम हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद अब भी दहशत का माहौल है। श्री बालाजी जिम से वर्कआउट करने के बाद जैसे ही अंकित बाहर निकले, चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुछ ही सेकेंड में हमलावर मौके से निकल गए और अंकित सड़क किनारे नाली के पास पड़े मिले। वारदात के बाद सामने आए CCTV फुटेज में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। एक फुटेज में अंकित जिम से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद हमलावर उन्हें घेरकर गोलियां चलाते नजर आते हैं। दूसरे फुटेज में चारों आरोपी पैदल भागते दिखाई दे रहे हैं। जिम के अंदर मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले गोलियों की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि बाहर बाइक सवार पटाखे चला रहे हैं। जब बाहर निकलकर देखा तो फायरिंग हो रही थी। हमलावर तमंचे लहराते हुए भाग निकले। इसके बाद लोग बाहर पहुंचे तो अंकित दीवार के पास नाली में पड़े थे और उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। दो दिन बाद जिम खुला, 60 की जगह सिर्फ 3 लोग पहुंचे अंकित की हत्या के बाद जिम और आसपास की ज्यादातर दुकानें बंद हो गई थीं। दो दिन तक बंद रहने के बाद शुक्रवार, 28 अगस्त को श्री बालाजी जिम दोबारा खोला गया, लेकिन सामान्य दिनों वाली रौनक गायब थी। जिम संचालक रविकांत शर्मा के मुताबिक, एक शिफ्ट में करीब 60 युवक-युवतियां वर्कआउट के लिए आते थे। शुक्रवार को सिर्फ तीन लोग जिम पहुंचे। अंदर न म्यूजिक बजा और न पहले जैसी चहल-पहल रही। हर चेहरे पर अंकित की हत्या का डर और दुख नजर आया। रविकांत खुद अंकित के पर्सनल ट्रेनर थे। उन्होंने बताया कि अंकित काफी शांत स्वभाव के थे। जिम में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे और अपना पूरा ध्यान एक्सरसाइज पर रखते थे। कोई सेल्फी लेने के लिए कहता तो मुस्कुराकर फोटो खिंचवा लेते, फिर दोबारा वर्कआउट में लग जाते। अंकित को लेग, चेस्ट और शोल्डर की एक्सरसाइज सबसे ज्यादा पसंद थी। हत्या वाले दिन भी उन्होंने जिम में शोल्डर की एक्सरसाइज की थी। वर्कआउट पूरा करने के बाद वह बाहर निकले और कुछ ही देर बाद उनकी हत्या कर दी गई। बाइक 2 घंटे खड़ी रही, हमलावर घूमते रहे वारदात के बाद सामने आए CCTV फुटेज और दुकानदारों के बयानों से पुलिस की जांच अब रेकी की आशंका की तरफ भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्री बालाजी कन्फेक्शनरी के सामने हमलावरों की बाइक करीब दो घंटे तक खड़ी रही। बाइक के पास पीले रंग का गमछा और हेलमेट भी रखा गया था। दुकानदारों का दावा है कि हमलावर काफी देर तक आसपास घूमते रहे और अंकित के जिम से बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। तीसरे CCTV फुटेज में भी चारों युवकों के वारदात से पहले इलाके में घूमने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंकित पहले गांव के कुछ साथियों के साथ जिम आते थे, लेकिन घटना से करीब तीन दिन पहले वह अकेले कार से आने लगे थे। इसी वजह से लोगों को शक है कि हमलावरों ने पहले से उनकी दिनचर्या पर नजर रखी और उनके आने-जाने का समय पता किया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक रेकी की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वारदात में इस्तेमाल हथियारों को लेकर भी इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग हथियारों को विदेशी बता रहे हैं, लेकिन इसकी भी पुलिस स्तर से पुष्टि होना बाकी है।

पिता का 4 दिन का अल्टीमेटम अंकित के पिता सत्यवीर सिंह ने पुलिस-प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर चार दिन में हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पांचवें दिन वह और उनके लोग खुद आगे बढ़ेंगे। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। सत्यवीर सिंह ने खुद को जाट बताते हुए अपने फौजी साथियों के साथ मिलकर आरोपियों का ‘इलाज’ करने की बात कही। उन्होंने पुलिस से हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने की चर्चा को उन्होंने बकवास बताया।
इधर, हत्याकांड की जांच के लिए गठित SIT शुक्रवार को सत्यवीर सिंह को घटनास्थल पर लेकर पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर वारदात का पूरा क्रम समझने की कोशिश की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कब इलाके में पहुंचे, कितनी देर तक रुके और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए। मामले पर राष्ट्रीय लोक दल के सुप्रीमो जयंत सिंह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना सभ्य समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर अंकित के परिवार को न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में मृतक की जाति तलाशना और इसे किसी जातीय आक्रोश से जोड़ना संवेदनहीनता है। अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिलना किसी जाति, गोत्र या क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि हर न्यायप्रिय व्यक्ति का विषय है। फिलहाल शामली के बीचोंबीच हुई इस हत्या ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। एक तरफ CCTV फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां सामने आ रही हैं, दूसरी तरफ परिवार गिरफ्तारी के लिए समय सीमा तय कर चुका है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और SIT की कार्रवाई पर है कि चार हमलावर कौन थे, उन्होंने अंकित को क्यों निशाना बनाया और क्या हत्या से पहले वास्तव में रेकी की गई थी।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *