
मुरादाबाद में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे गांगन नदी पर बना लकड़ी का अस्थाई पुल अचानक टूट गया। इससे बाइक सवार दंपती और उनके तीन बच्चे गाड़ी समेत नदी में जा गिरे। वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा तो फौरन मदद के लिए दौड़े। उन्होंने पिता और दो बच्चों को तो बचा लिया, जबकि महिला और उसका एक बच्चा तेज बहाव में बह गए। फौरन पुलिस और गोताखोरों को सूचना दी गई। सूचना मिलने के थोड़ी देर के अंदर ही वे मौके पर पहुंचे गए। करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। तब जाकर महिला का शव बरामद हुआ। जबकि उसका तीसरा बेटा अभी लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। घटना मझोला थाना क्षेत्र के मलकद्दा स्थित चट्टा पुल की है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… तीन लकड़ियां टूटीं और नदी में जा गिरी बाइक छजलैट के महमूदपुर निवासी मजदूर अनिल रक्षाबंधन पर पत्नी किरन और बच्चों के साथ कुंदरकी के नानपुर गांव स्थित ससुराल गया था। राखी बंधवाने के बाद परिवार को लेकर बाइक से लौट रहा था। जैसे ही बाइक मलकद्दा स्थित चट्टा पुल पुल पर पहुंची, अचानक पुल की तीन लकड़ियां टूट गईं। बाइक अनियंत्रित हुई और पूरा परिवार गांगन नदी में जा गिरा। पिता और दो बच्चों को लोगों ने बचाया उन्होंने जोर से शोर मचाया। चीख पुकार सुनकर राहगीर उनकी मदद के लिए दौड़े। इसी बीच किसी ने फोन करके पुलिस और गोतोखोरों को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही फौरन पुलिस मलकद्दा गांव से गोताखोरों को लेकर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से अनिल और उनके दो बच्चों के शव को नदी से बाहर निकाल लिया गया। वहीं किरन और उनका तीसरा बच्चा प्रियांशु तेज बहाव में बह गए। दो घंटे बाद मिला महिला का शव अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। गोताखोरों ने टॉर्च की रोशनी में करीब दो घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद किरन को नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रियांशु की तलाश अभी जारी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया है। नदी में तेज बहाव और अंधेरे के बीच बच्चे की तलाश की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें- अंकित हत्याकांड- पिता बोले- बेटा फौजी बनना चाहता था:सरकारें जो कहती हैं, अब करके दिखाएं; हत्यारों का एनकाउंटर हो ‘योगीजी कहते हैं कि अपराधी एक चौराहे से भागेंगे, तो दूसरे पर ढेर कर दिए जाएंगे…। लखनऊ में बैठकर बातें करने से कुछ नहीं होगा। जो कहते हैं, वो यहां करके दिखाइए। अगर प्रशासन अपनी बातों पर खरा नहीं उतरा, तो 5वें दिन हम बॉडी निकाल लेंगे, चाहे जो हो जाए। मेरा बेटा मेरी तरह फौजी बनना चाहता था। वो सपना पूरा नहीं हुआ, तो वीडियो बनाने लगा। मुझे उस पर गर्व है।’ यह दर्द और गुस्सा है अंकित बालियान के पिता सतबीर बालियान का। शामली में बुधवार (26 अगस्त) को हरियाणवी सिंगर अंकित की जिम से निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमने अंकित के पूरे परिवार से बात की। पूरी खबर पढ़ें
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