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  • आधी रात को झोपड़ी से दिव्यांग शख्स को घसीटकर ले गया तेंदुआ, अगले दिन मिली लाश… 25 दिन में 4 मौतों सेआक्रोश

    Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. ठाकुरद्वारा कोतवाली इलाके के बाहपुर बलिया गांव में शुक्रवार रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई. यहाँ अपने झोपड़ीनुमा घर में सो रहे 35 वर्षीय दिव्यांग जगराज को तेंदुआ गर्दन से दबोचकर जंगल की ओर खींच ले गया. शनिवार तड़के गांव के बाहरी इलाके में जगराज का क्षत-विक्षत शव मिला, जिस पर तेंदुए के पंजों और दांतों के खौफनाक निशान थे. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है.

    मृतक जगराज बेहद गरीब था और गांव की मुख्य आबादी से दूर एक कच्ची झोपड़ी में अपने परिवार के साथ रहता था. आर्थिक तंगी के कारण वह अपनी झोपड़ी में एक मजबूत दरवाजा तक नहीं लगवा सका था. इलाके में तेंदुओं की आवाजाही को लेकर उसे हमेशा परिवार की चिंता सताती थी. शुक्रवार की आधी रात को इसी मुफलिसी का फायदा उठाकर आदमखोर तेंदुआ बिना किसी रुकावट के झोपड़ी में दाखिल हुआ और बेखबर सो रहे दिव्यांग जगराज पर सीधा हमला बोल दिया.

    गर्दन दबोची, चीखने का मौका तक नहीं मिला

    तेंदुए ने झोपड़ी में घुसते ही जगराज की गर्दन को अपने जबड़ों में कस लिया, जिससे उसे शोर मचाने या मदद के लिए पुकारने तक का मौका नहीं मिला. इसके बाद तेंदुआ उसे घसीटते हुए पास के घने जंगलों की तरफ ले गया. सुबह जब परिजनों को जगराज बिस्तर पर नहीं मिला, तो ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की. गांव से कुछ दूरी पर जंगल में उसका शव खून से लथपथ हालत में मिला. उसकी गर्दन और सीने पर तेंदुए के हमले के गहरे निशान थे.

    25 दिनों में 4 मौतें, वन विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा

    स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले 25 दिनों के भीतर तेंदुए के हमले में यह चौथी मौत है. महज तीन दिन पहले भी इसी गांव में खेत में काम कर रही एक महिला पर तेंदुए ने हमला किया था. ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़ने के नाम पर केवल खानापूरी कर रहा है. गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करके या पकड़कर क्षेत्र को सुरक्षित नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे.

    वन विभाग का दावा: विशेष टीमें तैनात, जल्द मिलेगा छुटकारा

    मामले को लेकर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है और तेंदुओं को पकड़ने के लिए विशेष टीमों को बुलाया गया है. अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और चार मौतों की पुष्टि की गई है. विभाग का दावा है कि जल्द ही इलाके को तेंदुए के खतरे से निजात दिला दी जाएगी.

  • आगरा में एकता थाने से ट्रक चोरी:ओवरलोडिंग में किया था सीज, 630 किमी दूर सिद्धार्थ नगर से बरामद, आरोपी को छोड़ा

    आगरा में एकता थाने से ट्रक चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी क बाद पुलिस कई दिनों तक ट्रक को तलाशती रही। लखनऊ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा के फुटेज में ट्रक दिखने के बाद पीछा कर उसे 629 किमी दूर सिद्धार्थ नगर में बरामद कर लिया गया। पुलिस ने ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी पकड़ लिया। मगर, एकता आने में ऐसा सौदा हुआ कि दोनों को चाय नाश्ता कराकर छोड़ दिया गया। पुलिस ने थाने से चोरी के मामले में भी मुकदमा दर्ज नहीं किया। इधर, ट्रक मालिक ने आरटीओ कार्यालय में जुर्माना जमा कर ट्रक रिलीज करा लिया। राजस्थान में अलवर के रहने वाले कालूराम अपना टूक लेकर दो अगस्त का आगरा आए थे। एकता पुलिस चौकी क्षेत्र में यात्री कर अधिकारी वीके आनंद ने ओवर लोडिंग पर ट्रक को सीज कर दिया। उस पर 69,500 रुपये जुर्माना भी कर दिया। ट्रक की चाबी थाना एकता में जमा करा दी। पांच अगस्त की देर रात ट्रक धाने से चोरी हो गया। इसकी बरामदगी के लिए पुलिस टीम लगाई गई। लखनऊ एक्सप्रेसवे के साथ ही अन्य टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से पुलिस को सुराग मिल गया। इसके बाद पुलिस की टीम ट्रक के पीछे लग गई। सिद्धार्थ नगर पुलिस के सहयोग से ट्रक को वहां पहुंचते ही कब्जे में ले लिया गया। ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी
    पकड़ लिया गया। इसके बाद आगरा पुलिस दोनों को ट्रक के साथ लेकर एकता पुलिस चौको आ गई। मगर, ट्रक चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किय गया। ट्रक मालिक और उसके बेटे को भी पुलिस ने एकता धाने से छोड़ दिया और ट्रक को खड़ा करा दिया। ट्रक मालिक ने पूछताछ में बताया था कि उसका लड़‌का दूसरी चाभी लगाकर ट्रक को धाने से ले गया था। इसके बाद भी पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया। एक सप्ताह पहले ट्रक मालिक ने आरटीओ कार्यालय में जुर्माना जमा करके ट्रक को रिलीज करा लिया।
    डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। अब जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • पहुंज नदी में उतरा युवक तेज बहाव में बहा:जालौन में 38 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग; NDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

    जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया बुजुर्ग गांव में पहुंज नदी में डूबे 28 वर्षीय हरिशंकर कौरव का 38 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। गुरुवार शाम करीब छह बजे नदी में नहाने उतरा हरिशंकर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया था। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हैं। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन संभाल लिया है। टीम नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण तलाशी में मुश्किलें आ रही हैं। पुलिस को आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या दूसरे स्थान पर फंस गया हो। घटना के बाद से हरिशंकर के परिजन परेशान हैं और नदी किनारे उसकी तलाश का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ एनडीआरएफ की टीम संभावित स्थानों पर लगातार सर्च कर रही है। बहाव के साथ युवक के आगे निकलने की आशंका को देखते हुए नदी में आगे की ओर जाल भी लगाया गया है। रोकने के बावजूद नदी में उतर गया था युवक सलैया बुजुर्ग निवासी पहलवान सिंह का 28 वर्षीय बेटा हरिशंकर गुरुवार शाम करीब छह बजे गांव की ओर से पहुंज नदी के पुल के पास पहुंचा था। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, उस समय वह नशे की हालत में था। हरिशंकर ने नदी में नहाने के लिए कपड़े उतारे और तौलिया पेड़ पर रख दिया। मौके पर मौजूद कविता धीमर और राघवेंद्र कौरव ने उसे नदी में उतरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद वह नदी में चला गया। कुछ ही देर बाद तेज बहाव की चपेट में आने से वह डूब गया और फिर दिखाई नहीं दिया। स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक की तलाश घटना की सूचना मिलते ही कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू कराया। गुरुवार देर शाम तक संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन हरिशंकर का कोई पता नहीं चला। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम भी लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से रेस्क्यू में दिक्कत कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या अन्य स्थान पर फंस गया हो। इसी संभावना को देखते हुए नदी के आगे की ओर जाल भी लगाया गया है, ताकि बहाव के साथ आने वाले किसी संभावित स्थान पर उसकी तलाश की जा सके। घटना को 38 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हरिशंकर का कोई सुराग नहीं मिला है। इससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण मिलकर नदी के संभावित हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच अब सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन के नतीजे पर टिकी है।
  • अग्निवीर भर्ती में 945 अभ्यर्थियों ने पास की दौड़:सहारनपुर में मुजफ्फरनगर की जानसठ और शामली की कैराना, शामली व ऊन तहसील के अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा; 1170 अभ्यर्थी पहुंचे

    सहारनपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में शनिवार को मुजफ्फरनगर जिले की जानसठ तहसील और शामली जिले की कैराना, शामली व ऊन तहसील के अभ्यर्थियों ने दमखम दिखाया। भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 1,260 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें से 1,170 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। भर्ती प्रक्रिया के तहत सबसे पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए मैदान में उतारा गया। दौड़ में युवाओं ने अग्निवीर बनने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। रनिंग परीक्षा में 945 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों का आगे का फिजिकल टेस्ट जारी है। इसमें विभिन्न शारीरिक मानकों पर अभ्यर्थियों की क्षमता परखी जा रही है। चेस्ट नंबर के बाद मैदान में उतरे अभ्यर्थी भर्ती स्थल पर अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चेस्ट नंबर दिए गए। दस्तावेज सत्यापन के बाद उन्हें दौड़ के लिए मैदान में प्रवेश दिया गया। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों को आगे की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल किया जा रहा है। भर्ती स्थल पर सेना के अधिकारी और कर्मचारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। 30 अगस्त को गौतमबुद्धनगर और मेरठ की बारी अग्निवीर भर्ती के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 अगस्त को गौतमबुद्धनगर जिले की दादरी, गौतमबुद्धनगर और जेवर तहसील तथा मेरठ तहसील के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके बाद 31 अगस्त को मेरठ जिले की सरधना और मवाना तहसील के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। एक सितंबर को सहारनपुर जिले की बेहट, सहारनपुर, नकुड़, देवबंद और रामपुर मनिहारान तहसीलों के अभ्यर्थियों की बारी आएगी। सहारनपुर में चल रही इस भर्ती रैली में मेरठ सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 13 जिलों के सीईई में सफल अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता, शारीरिक माप, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल सहित निर्धारित चरणों से अभ्यर्थियों को गुजरना है।
  • कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले:ऐसा कैसे हुआ, डेढ़ महीने सोचता रहा; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा

    भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी कप्तानी छिनने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा- ‘मैं करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है।’ आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने कहा- मैंने सोचा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को संभालूंगा।’ अजित अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने टी-20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर नए कप्तान बने। यहां तक आयरलैंड और इंग्लैंड की टीम में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनकी खराब फॉर्म को इसकी वजह बताया। सूर्या बोले- खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा। समझने की कोशिश की कि वे उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों बनाना चाहते हैं। उन्होने कहा- ‘जब मेरा नाम टीम में नहीं था, तब मैं मुस्कुराया। मैच के दौरान जब भी दबाव की स्थिति आई, मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा।’ सूर्या ने उन्हें मिले उन्हें मौकों के लिए शुक्रिया भी कहा। फोन पर सिलेक्टर्स ने कहा- आप टीम में नहीं होंगे सूर्या ने कहा कि टीम के ऐलान से तीन दिन पहले सिलेक्शन कमिटी ने उनसे बात की थी। उन्हें बताया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। सूर्या ने कहा- फोन पर उनसे कहा गया कि अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि इसमें मेरी गलती नहीं थी।’ उन्होंने सिलेक्टर्स से कहा- जो फैसला लिया गया, वह जरुर टीम के लिए बेहतर होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया। कोई समस्या नहीं है। मैं खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि सही समय है, तब बुला लीजिए।’ वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार बाहर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हार और दो मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। रोहित के बाद सूर्या को कप्तानी मिली थी वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। —————————————- सूर्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
  • रक्षाबंधन पर सोनभद्र में नहीं मिली मुफ्त बस सुविधा:सरकारी घोषणा के बावजूद महिलाओं को निजी वाहनों से करना पड़ा सफर

    सोनभद्र के नौगढ़ क्षेत्र में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिल सकी। सरकार द्वारा मुफ्त यात्रा की घोषणा के बावजूद, वनांचल क्षेत्र नौगढ़ में सरकारी बसों का संचालन न होने के कारण महिलाओं को भाइयों के घर पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इससे उनमें काफी नाराजगी देखी गई। बता दे कि रक्षाबंधन के दिन सुबह बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए घरों से निकलीं। हालांकि, नौगढ़ क्षेत्र में सरकारी बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों के इंतजार में महिलाएं और उनके परिजन काफी देर तक परेशान रहे, जिसके बाद मजबूरी में कई लोगों को निजी वाहनों से सफर करना पड़ा। चंद्रावती, सुमन देवी और संगीता सहित कई अन्य महिलाओं ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की थी, लेकिन वनांचल क्षेत्र में यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी परिवहन सुविधा न मिलने से सरकार की घोषणा पर सवाल उठ रहे हैं। महिलाओं ने नौगढ़ क्षेत्र में नियमित रोडवेज बसों के संचालन की मांग की है। इस संबंध में एआरएम सूबेदार सिंह ने जानकारी दी कि सभी गाड़ियां चलाई गई थीं। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश नौगढ़ में बसें नहीं पहुंची हैं, तो इसकी जांच करा कर करवाई की जाऐगी।
  • फिरोजाबाद में युवती की संदिग्ध मौत का राज खुला:जबरन संबंध बनाने के बाद हत्या का आरोप, मोबाइल और दवा बरामद, आरोपी गिरफ्तार

    फिरोजाबाद गुरुग्राम में नौकरी करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर नितिन उर्फ राहुल की युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और उसकी मौत में संलिप्तता सामने आई है। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई है। मृतका के पिता ने 27 अगस्त को शिकोहाबाद थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी गुरुग्राम में नौकरी करती थी। 26 अगस्त की रात उसने फोन पर परिवार को राहुल के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके अगले ही दिन परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अचानक हुई मौत की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए राहुल समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान शिकोहाबाद पुलिस को मुखबिर से नितिन उर्फ राहुल के बारे में सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात टीम ने छीछामई नहर पुल के पास घेराबंदी कर नितिन उर्फ राहुल पुत्र गंगा सिंह उर्फ सीताराम, निवासी खटवामई, थाना नगला खंगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के साथ-साथ मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए जाने के तथ्य मिले। इसके बाद दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) की बढ़ोतरी की गई। आरोपी का फोन और यौन उत्तेजक दवा की गोलियां बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से युवती का नीले रंग का वीवो मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा आरोपी का काले रंग का सैमसंग मोबाइल फोन और यौन उत्तेजक दवा की दो गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान को जांच का हिस्सा बना रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि युवती की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और आरोपी की भूमिका किस तरह की रही। पूछताछ में पुलिस के अनुसार एक अन्य युवक अभिषेक पुत्र प्रमोद कुमार, निवासी सलेमपुर कर्खा, थाना नगला खंगर का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। युवती की सहेली की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस का कहना है कि मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में अभिषेक की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही मृतका की सहेली की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती किन परिस्थितियों में राहुल के संपर्क में थी और उसकी मौत से पहले तथा बाद में कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। गिरफ्तार नितिन उर्फ राहुल को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, ऋषभदेव भारद्वाज, फैशल खान और कांस्टेबल राजीव भाटी की टीम शामिल रही। अब पुलिस की जांच का फोकस युवती की मौत की पूरी कड़ी जोड़ने, दूसरे युवक की भूमिका स्पष्ट करने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।
  • बलिया में 9 अखाड़ों ने निकाला महावीरी झंडा जुलूस:हाथी-घोड़े, ऊंट और अखाड़ों के करतब; 1911 से चली आ रही परंपरा

    बलिया नगर में शुक्रवार को ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस धूमधाम और उत्साह के साथ निकाला गया। नौ अखाड़ों के जुलूस में हाथी, घोड़े, ऊंट, आकर्षक झांकियां, पारंपरिक नृत्य और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने शौर्य और युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए शहर ही नहीं, ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जुलूस जैसे-जैसे नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ा, पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजता रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देर रात तक जुलूस देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा रही। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी अखाड़ों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मियों को यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर भ्रमण के बाद जुलूस देर रात करीब एक बजे संपन्न हुआ। 10 तस्वीरों में देखिए महावीरी झंडा जुलूस… 1911 से चली आ रही परंपरा भक्तों के अनुसार, बलिया में महावीरी झंडा जुलूस की शुरुआत वर्ष 1911 में हुई थी। इसके बाद हर वर्ष यह आयोजन होता रहा और समय के साथ इसका स्वरूप भी भव्य होता गया। इस बार नगर कमेटी, जगदीशपुर विजयीपुर, चमन सिंह बाग, टाउनहॉल, गुदरी बाजार सहित कुल नौ अखाड़ों ने जुलूस में भाग लिया। सभी अखाड़े अपने निर्धारित स्थानों से निकले और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। जुलूस में शामिल अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक शौर्य कलाओं का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक करतब देखकर दर्शक रोमांचित नजर आए। जुलूस में हाथी, घोड़े और ऊंट भी शामिल रहे। इसके अलावा हनुमान समेत विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। जगह-जगह लोगों ने झांकियों और हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन किया। हनुमान मंदिर से निकला नगर कमेटी का जुलूस नगर कमेटी का जुलूस सबसे पहले हनुमान मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुआ। इसके बाद जुलूस बालेश्वर मंदिर और चंद्रशेखर पार्क होते हुए काली मंदिर पहुंचा। मालगोदाम पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मिड्ढी के अखाड़े का मिलान हुआ। इसके बाद सभी अखाड़े अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते रहे। रात एक बजे विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरकर हुआ समापन सभी अखाड़े देर रात विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरे। इसके बाद नगर भ्रमण पूरा करते हुए करीब रात एक बजे महावीरी झंडा जुलूस का समापन हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय रहे। बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ के बीच पुलिस ने धैर्यपूर्वक भीड़ और यातायात व्यवस्था संभाली।
  • कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले:ऐसा कैसे हुआ, डेढ़ महीने सोचता रहा; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा

    भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी कप्तानी छिनने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा- ‘मैं करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है।’ आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने कहा- मैंने सोचा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को संभालूंगा।’ अजित अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने टी-20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर नए कप्तान बने। यहां तक आयरलैंड और इंग्लैंड की टीम में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनकी खराब फॉर्म को इसकी वजह बताया। सूर्या बोले- खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा। समझने की कोशिश की कि वे उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों बनाना चाहते हैं। उन्होने कहा- ‘जब मेरा नाम टीम में नहीं था, तब मैं मुस्कुराया। मैच के दौरान जब भी दबाव की स्थिति आई, मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा।’ सूर्या ने उन्हें मिले उन्हें मौकों के लिए शुक्रिया भी कहा। कहा- टीम घोषित होने से 2-3 दिन पहले मिली जानकारी सूर्या ने कहा कि टीम के ऐलान से तीन दिन पहले सिलेक्शन कमिटी ने उनसे बात की थी। उन्हें बताया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। सूर्या ने कहा- फोन पर उनसे कहा गया कि अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि इसमें मेरी गलती नहीं थी।’ उन्होंने सिलेक्टर्स से कहा- जो फैसला लिया गया, वह जरुर टीम के लिए बेहतर होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया। कोई समस्या नहीं है। मैं खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि सही समय है, तब बुला लीजिए।’ वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार बाहर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हार और दो मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। रोहित के बाद सूर्या को कप्तानी मिली थी वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। —————————————- सूर्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
  • वाराणसी में 6 दिन बाद फिर बढ़ने लगी गंगा:सुबह से आसमान में बादल छाए, सितंबर के पहले सप्ताह में फिर एक्टिव होगा मानसून

    गंगा के जलस्तर में लगातार छह दिनों तक आई गिरावट के बाद शनिवार से एक बार फिर धीमी गति से बढ़ाव शुरू हो गया है। हालांकि अभी जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी कम है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में शनिवार को गंगा का जलस्तर 68.02 मीटर दर्ज किया गया। पानी करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। आयोग के अनुसार अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। घाटों पर अब भी सामान्य नहीं हुई स्थिति गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद वाराणसी के घाटों की दिनचर्या अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। बाढ़ के कारण घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी, कीचड़ और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती का आयोजन भी सामान्य स्थान के बजाय गंगा आरती प्रबंधन समिति के कार्यालय की छत से किया जा रहा है। घाटों से पानी उतरने के बाद सफाई और व्यवस्था बहाल करने की चुनौती भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घटने के बाद घाटों और आसपास के क्षेत्रों में जमा गाद व कचरे की वजह से आवाजाही प्रभावित है। दूसरी ओर वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी गंदगी और बदबू बड़ी समस्या बनी हुई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जमा कचरे और गाद से दुर्गंध फैल रही है। सुबह 29 डिग्री तापमान, 89 फीसदी रही नमी वाराणसी में शनिवार सुबह तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी का स्तर 89 फीसदी दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 31 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। 31 अगस्त से फिर घने बादल, सितंबर में मानसून होगा सक्रिय मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा – 31 अगस्त से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में फिर घने बादल छाने के आसार हैं। इसके बाद 1 से 4 सितंबर के बीच मानसून का एक और दौर सक्रिय हो सकता है। खासतौर पर 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और गंगा के जलस्तर पर दोबारा असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 सितंबर से एक बार फिर बारिश शुरू होने का अनुमान है। लगातार बारिश के इन दौरों के बीच गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।