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  • ब्रिज की सेफ्टी वॉल से टकराई बस, 4 की मौत:सड़क पर औंधे मुंह पड़ी रहीं लाशें; मृतकों में कर्नाटक के इंस्पेक्टर समेत UP-बिहार के लोग

    राजगढ़ के ब्यावरा में शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे तेज रफ्तार बस भोपाल बायपास ब्रिज की सेफ्टी वॉल से टकरा गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में कर्नाटक के साइबर इंस्पेक्टर समेत बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, बस कानपुर से इंदौर जा रही थी। ब्रिज के कर्व पर बस अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गई। टक्कर का सबसे ज्यादा असर बस के ऊपर वाले स्लीपर हिस्से में हुआ। खिड़कियां टूटने से वहां बैठे कुछ यात्री ब्रिज के नीचे जा गिरे। कुछ यात्री ब्रिज पर ही गिर गए। हादसे के बाद सड़क पर शव पड़े थे। मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की टीम के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… मृतकों में ड्राइवर और सायबर इंस्पेक्टर हादसे में जान गंवाने वालों में बस ड्राइवर और बेंगलुरु में पदस्थ सायबर इंस्पेक्टर रवि केबी (45) शामिल हैं। रवि केबी अपनी सायबर टीम के साथ एक आरोपी को पकड़ने इंदौर आ रहे थे। उनकी टीम के विश्वनाथ और रमेश नायक भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार हादसे में 13 लोग शामिल हैं। इनमें जौनपुर, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर और बेंगलुरु के यात्री शामिल हैं। संख्या पुलिस या अस्पताल के रिकॉर्ड से मिलान के बाद ही अंतिम रूप से प्रकाशित की जानी चाहिए। सभी घायलों को ब्यावरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को रेफर किया गया। सुरेंद्र प्रताप सिंह, सुमन शर्मा, श्रीनिवास और केशव को गंभीर हालत में रेफर किया गया है। इनमें सुरेंद्र प्रताप सिंह और सुमन शर्मा को भोपाल भेजा गया है। ड्राइवर बस को तेज रफ्तार में चला रहा था जौनपुर निवासी अमित कुमार ने बताया कि वे पत्नी और बेटे के साथ उज्जैन में महाकाल के दर्शन के लिए जा रहे थे। वे मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। बस को सुबह 8.30 बजे इंदौर पहुंचना था, लेकिन वह लेट हो चुकी थी। अमित के मुताबिक, इसी वजह से ड्राइवर बस को तेज रफ्तार में चला रहा था। अचानक करीब 80 डिग्री के कर्व पर बस सेफ्टी वॉल से टकराई और फिर सीधी हो गई। इससे कई यात्री नीचे गिर गए। हमें एकदम समझ नहीं आया कि क्या हुआ। हादसे में घायल केशव सिंह बुरी तरह चिल्ला रहे थे। बचाने की गुहार लगा रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार, उनके इंटरनल ऑर्गन डैमेज हुए हैं। हमें कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ कानपुर निवासी घायल रवि शर्मा ने बताया कि वे पत्नी के साथ उज्जैन जा रहे थे। उन्हें महाकाल के दर्शन करने थे। अचानक तेज रफ्तार बस दीवार से टकरा गई। हमें कुछ समझ नहीं आया कि क्या हुआ। हम लोग बस में लेटे हुए थे। बस ओवर स्पीड में चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शी आशीष चंद्रवंशी ने बताया कि वे हाईवे के किनारे खड़े थे। सुबह अचानक तेज आवाज आई और लोग नीचे गिरने लगे। उन्होंने देखा कि तीन लोग नीचे गिरे, जिनकी मौत हो गई। एक व्यक्ति ऊपर ही गिरा, उसकी भी मौत हो गई। ब्रिज के कर्व पर संकेतक लगाने की बात हादसे की जानकारी मिलने पर राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और एसपी अमित तोलानी सिविल अस्पताल पहुंचे। दोनों ने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली। राज्यमंत्री नारायण सिंह ने बताया- ब्रिज के कर्व को लेकर संकेतक और ब्रेकर लगाने के संबंध में बात की जाएगी। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई और घायलों को उचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस जांच में ओवर स्पीड की बात एसपी अमित तोलानी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा ओवर स्पीड के कारण होना लग रहा है। ब्रिज पर कर्व होने की वजह से बस के अनियंत्रित होने की आशंका है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी की जा रही है। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें स्कूटी सवार दादा और दो पोतियों समेत 4 की मौत रीवा के गुढ़ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के दादा और उनकी दो पोतियों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा भैरव बाबा मोड़ के पास हुआ। स्कूटी पर 55 वर्षीय विंध्यवासिनी तिवारी उर्फ बबलू अपनी दो पोतियों शिवी (4) और शक्ति (5) के साथ सवार थे। पढ़ें पूरी खबर…
  • लखनऊ में स्वाइन फ्लू से पहली मौत:SGPGI में भी 8 केस मिले, अस्पतालों में हाई अलर्ट, आईसोलेशन वार्ड बनाए गए

    लखनऊ में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत हो गई है। बलरामपुर अस्पताल में इंदिरानगर की 50 वर्षीय महिला भर्ती थी। उन्होंने गुरुवार शाम को दम तोड़ दिया। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए लखनऊ के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। बेड रिजर्व किए गए हैं। SGPGI में भी स्वाइन फ्लू के 8 केस सामने आए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्वाइन फ्लू यानी H1N1 वायरस बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। इन दिनों इसके मामले बढ़ रहे हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है। जुकाम, खांसी या बुखार जैसे लक्षण दिखने पर कम से कम 3 दिन खुद को आइसोलेट रखना चाहिए। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को लेकर मेडिकल संस्थान SGPGI के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. रुंगमेई एसके मारक से दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने बातचीत की। उन्होंने इससे बचाव, जांच और इलाज से जुड़े जरूरी सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लखनऊ के SGPGI में हो रही स्वाइन फ्लू की जांच डॉ. मारक ने बताया कि SGPGI में H1N1 की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसकी जांच RT-PCR के जरिए की जाती है। OPD और भर्ती, दोनों तरह के मरीजों के सैंपल जांच के लिए लिए जाते हैं। हाल के दिनों में अब तक H1N1 के 8 पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें भर्ती मरीजों में 2 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। वहीं, OPD से आए मरीजों में 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा कोविड और H3N2, H3N1 जैसे अन्य वायरस के मामले भी सामने आए हैं। डॉ. मारक के मुताबिक, रोजाना औसतन 20 सैंपल की जांच हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा आशंका स्वाइन फ्लू की रहती है। डॉक्टर से कंसल्ट कर वैक्सीन लगवाएं डॉ. रुंगमेई एसके मारक ने बताया कि फ्लू और इन्फ्लूएंजा से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए यह वैक्सीन खासतौर पर फायदेमंद हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि डॉक्टर से परामर्श लेकर वैक्सीन जरूर लगवाएं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर यह वैक्सीन अप्रैल के आसपास लगवाने की सलाह दी जाती है। हालांकि, जो लोग इस साल अब तक वैक्सीन नहीं लगवा पाए हैं, वे अभी भी डॉक्टर की सलाह से इसे लगवा सकते हैं। एयरपोर्ट पर सर्विलांस बढ़ाने से बेहतर मास्क पहनकर यात्रा करें एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाने के सवाल पर डॉ. मारक ने कहा कि इस पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सबसे अहम है कि यात्रा करने वाले लोग खुद मास्क लगाकर बाहर निकलें। फ्लाइट, ट्रेन या बस में भीड़भाड़ की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में N-95 मास्क पहनना बेहतर होगा। इससे न केवल आप खुद को, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी सुरक्षित रख सकेंगे। ‘स्वाइन फ्लू से घबराना नहीं है’ लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के डॉ. शिव शंकर त्रिपाठी का कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। ऑक्सीजन लेवल गिरने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें जुकाम-खांसी के दौरान सांस लेने में दिक्कत या ज्यादा ब्रीदलेसनेस महसूस हो तो तुरंत ऑक्सीजन लेवल चेक करना शुरू करें। अगर ऑक्सीजन लेवल 92 से नीचे जा रहा है तो डॉक्टर से सलाह लें। वहीं, 88 से कम ऑक्सीजन लेवल होने पर बिना देर किए अस्पताल जाने की जरूरत है। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि इस दौरान लापरवाही नहीं करनी चाहिए। इम्यून सिस्टम मजबूत रखने पर ध्यान दें। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें और खान-पान बेहतर रखें। इससे शरीर को संक्रमण से लड़ने और बीमारी के बाद जल्दी रिकवर होने में मदद मिलती है। स्वाइन फ्लू क्या है? स्वाइन फ्लू को आमतौर पर H1N1 फ्लू कहा जाता है। यह इंफ्लूएंजा-A वायरस का एक प्रकार है। यह मुख्य रूप से सांस की नली को प्रभावित करता है। 2009 में H1N1 दुनियाभर में काफी फैला था। इसके बाद H1N1 इंसानों में फैलने वाले मौसमी फ्लू के वायरस का हिस्सा बन गया। फ्लू ज्यादातर लोगों में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके गंभीर होने का खतरा ज्यादा रहता है। क्या हर बुखार H1N1 है? नहीं। बुखार, खांसी और शरीर दर्द होने का मतलब H1N1 होना जरूरी नहीं है। डेंगू, कोविड और दूसरे वायरल संक्रमण में भी ऐसे लक्षण हो सकते हैं। इसलिए बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के खुद से H1N1 मान लेना ठीक नहीं है। ‘मरीज मिले लेकिन घबराने की जरूरत नहीं’ SGPGI प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ओपीडी में कुछ मरीज इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। ये लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और जांच करने पर कुछ एच1एन1 या कोविड-19 जैसे संक्रमित पाए गए हैं। ऐच्छिक सर्जरी सहित अन्य कारणों से विभिन्न विभागों में भर्ती कुछ मरीजों में भी इसी तरह के लक्षण विकसित हुए और उनकी जांच पॉजिटिव आई। ये छिटपुट मामले मौजूदा मौसमी इन्फ्लूएंजा के कारण आ रहे हैं। ये किसी प्रकोप का संकेत नहीं देते हैं। ऐसे लगभग सभी मरीज सामान्य इलाज से ठीक हो गए हैं। घबराने की कोई बात नहीं है। जनता को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी सलाह के अनुसार मास्क पहनने, हाथ की स्वच्छता, खांसने के शिष्टाचार का पालन करने और लक्षण दिखने पर आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है। सीएम योगी बोले- लक्षणों को नजरअंदाज न करें सीएम योगी ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि अगर स्वाइन फ्लू के लक्षण आ रहे हैं तो इन्हें नजरअंदाज न करें। सीएम ने कहा- स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग वर्तमान स्थितियों पर लगातार निगरानी रखे। अस्पतालों में पर्याप्त तैयारी और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाएं। सभी जिलों के डीएम और संबंधित अधिकारी सतर्क रहें।
  • मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर 2.5 करोड़ की चोरी:70 तोला सोना, डायमंड और 5 किलो चांदी की ज्वेलरी समेट ले गए

    मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर से चोरों ने करीब 2.5 करोड़ रुपए की सोने-चांदी और डायमंड की ज्वेलरी चुरा ली। चोरी के वक्त दरोगा का परिवार घर पर नहीं था। चोरों ने घर के मेन गेट का ताला तोड़ा। अंदर जाकर चार कमरों के ताले तोड़े और अलमारी व बक्सों में रखी ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया। चोर नई नवेली दुल्हन के लिए लाया गया लहंगा और गाउन भी उठा ले गए। गुरुवार देर रात करीब 11 बजे की वारदात जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर बुढ़ाना क्षेत्र की है। रिटायर्ड दरोगा करीब 10 दिन पहले पत्नी के साथ अपने साले के घर शामली गए थे। शुक्रवार सुबह मेन गेट का ताला टूटा देखकर पड़ोसियों ने उन्हें कॉल कर सूचना दी। घर पहुंचने पर पता चला कि चोर सारी ज्वेलरी समेट ले गए हैं। नवंबर में उनके इकलौते बेटे की शादी होनी है, जिसके लिए बहू के गहने खरीदकर रखे थे। वारदात की तस्वीरें देखें… जानिए पूरा मामला… बुढ़ाना तहसील के पीछे रिटायर्ड दरोगा देशपाल चौधरी का मकान है। वह 2017 में शामली के झिंझाना थाने से यूपी पुलिस से रिटायर हुए थे। परिवार में पत्नी कुसुमलता, दो बेटियां नीतू और कामिनी और एक बेटा हेमंत है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी कामिनी दिल्ली में एडवोकेट हैं, जबकि नीतू के पति SOG में तैनात हैं। बेटा हेमंत उत्तराखंड के रुड़की में नशा मुक्ति केंद्र चलाता है। हेमंत की नवंबर में रुड़की में ही शादी होने वाली है। देशपाल बोले- चोरों ने सारे ताले तोड़कर घर खंगाला देशपाल चौधरी ने बताया कि वह पिछले 10 दिन से पत्नी के साथ शामली में अपने साले के घर गए हुए थे। मकान बंद होने का फायदा उठाकर चोरों ने रात में धावा बोला। चोरों ने पहले हथौड़े से मुख्य दरवाजा तोड़ा और फिर अंदर का दरवाजा कटर से काटकर घर में एंट्री की। इसके बाद चार कमरों के दरवाजों पर लगे ताले तोड़े। फिर अलमारियों और बक्सों के ताले तोड़कर बेटी की शादी के लिए खरीदे गए गहने चुरा लिए। बेटे की शादी और बेटियों के जेवरात भी चोरी देशपाल के अनुसार, चोर करीब 60 से 70 तोले सोने की ज्वैलरी, एक डायमंड का हार, करीब 5 किलो चांदी, ढाई लाख रुपए कैश और महंगी साड़ियां चुरा ले गए। दरोगा की बेटी नीतू ने बताया कि उनके भाई की शादी नवंबर में तय है। शादी के लिए खरीदा गया करीब 40 हजार रुपए का लहंगा भी चोर उठा ले गए। दुल्हन के लिए लाया गया करीब 35 हजार रुपए का गाउन भी चोरी हो गया। चोर दोनों बहनों के घर में रखे जेवरात के अलावा मम्मी-पापा की ज्वैलरी भी ले गए। नीतू के मुताबिक, इस तरह करीब ढाई करोड़ रुपए का सामान चोरी हुआ है। CCTV खंगाल रही पुलिस शुक्रवार सुबह घटना के बारे में पता चला। पड़ोसी विनय ने मकान का दरवाजा खुला देखकर देशपाल चौधरी को कॉल कर सूचना दी। जानकारी मिलते ही बुढ़ाना CO और कोतवाली प्रभारी सुभाष अत्री पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर चोरों का सुराग लगाने में जुटी है। बुढ़ाना सीओ गजेंद्र पाल ने बताया- चोर करोड़ों की ज्वेलरी ले गए हैं। फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की टीम ने जांच की है। परिजनों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर चोरी हुआ सामान बरामद कर लिया जाएगा। —– ये खबर भी पढ़ें सिंगर अंकित हत्याकांड का नया CCTV:स्कॉर्पियो में बैठते ही 4 शूटर्स ने घेरा, गोलियां बरसाईं, हवा में फायरिंग करते हुए भागे शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान (32) हत्याकांड का नया CCTV फुटेज सामने आया है। एक मिनट 6 सेकंड के इस वीडियो में अंकित बुधवार शाम 6:44 बजे ब्लैक टी-शर्ट और लोअर पहनकर जिम से बाहर आते दिख रहे हैं। उनके हाथ में भूरे (ब्राउन) रंग का एक बैग था। जिम से 10-15 मीटर की दूरी पर खड़ी अपनी ब्लैक स्कॉर्पियो का पिछला गेट खोलकर वे बैग अंदर रखते हैं। फिर कार के पीछे से घूमते हुए ड्राइविंग सीट की तरफ जाते हैं। जैसे ही वे गेट खोलकर अंदर बैठते हैं, घात लगाकर खड़े 4 हमलावर कार को घेर लेते हैं। पूरी खबर पढ़ें
  • मैं लूजर हूं… लिखकर AMU के छात्र ने फांसी लगाई:5 लाइन का सुसाइड नोट मिला; बहन बोली- गर्लफ्रेंड से झगड़ा हुआ होगा

    अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बीए सेकेंड ईयर के छात्र कृष्णा शर्मा ने गुरुवार देर रात पीजी के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। 20 वर्षीय कृष्णा जम्मू के मस्तगढ़ का रहने वाला था और एएमयू में फॉरेन लैंग्वेज (फ्रेंच) की पढ़ाई कर रहा था। कमरे से 5 लाइन का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने खुद को ‘लूजर’ बताते हुए लिखा कि वह कुछ नहीं कर पा रहा है। इसलिए जान दे रहा है। पुलिस के मुताबिक नोट में उसने किसी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। भास्कर से फोन पर बातचीत में जम्मू से कृष्णा की छोटी बहन काव्या ने बताया कि करीब 7-8 महीने पहले जम्मू की ही एक लड़की से भाई की दोस्ती हुई थी। लड़की उम्र में उससे बड़ी थी। वह उससे फोन पर बात करता था। बहन ने आशंका जताई कि गुरुवार रात परिवार से बात करने के बाद उसका उसी लड़की से विवाद हुआ होगा। पुलिस कृष्णा के मोबाइल की कॉल और चैट की जांच कर रही है। रात 9 बजे परिवार से हंसी-खुशी हुई थी बात कृष्णा की बहन ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे परिवार की उससे फोन पर बात हुई थी। बातचीत सामान्य थी और वह हंसी-खुशी बात कर रहा था। परिवार में भी किसी तरह की परेशानी नहीं थी। बहन के मुताबिक कृष्णा पढ़ने-लिखने में होशियार था। उसे भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके भाई के मन में कोई बड़ी परेशानी चल रही है। उसने कहा कि भाई का मोबाइल मिलने के बाद काफी कुछ स्पष्ट हो सकता है। 5 लाइन के नोट में ‘बाबू’ किसके लिए लिखा? पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान पांच लाइन का सुसाइड नोट मिला। इसमें कृष्णा ने मां-पिता और बाबू को संबोधित किया है। नोट में उसने खुद को ‘लूजर’ बताते हुए लिखा- ‘कुछ नहीं कर पा रहा, इसलिए जान दे रहा हूं।’ नोट में ‘बाबू’ शब्द किसके लिए लिखा है, यह अभी सवाल बना हुआ है। अपनी छोटी बहन या फिर किसी महिला मित्र के लिए बाबू लिखा? पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार नोट में किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। चार दिन पहले ही छुट्टी से लौटा था एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान के अनुसार कृष्णा घटना से करीब चार दिन पहले ही छुट्टी से अलीगढ़ लौटा था। वह कैंपस के बाहर बाबे-सैयद गेट के पास दोदपुर इलाके में पीजी में रहता था। कृष्णा के कमरे में एक अन्य छात्र भी रहता था। उसके रूम पार्टनर के मुताबिक, रात में कृष्णा ने उसे कुछ देर के लिए बाहर जाने को कहा। उसने कपड़े रखने की बात कही थी। डेढ़ बजे लौटा दोस्त तो अंदर से बंद था कमरा रूम पार्टनर के बाहर जाने के बाद कृष्णा कमरे में अकेला था। जब वह करीब डेढ़ बजे वापस आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने कई बार आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने जंगले से झांककर देखा तो कृष्णा का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका हुआ था। उसने शोर मचाकर पीजी में रहने वाले अन्य लोगों को बुलाया। सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस और एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, मोबाइल कब्जे में पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद कमरे को सील कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। कृष्णा का मोबाइल और सुसाइड नोट पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मोबाइल का लॉक खुलवाने की कोशिश कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना से कुछ देर पहले कृष्णा ने फोन पर किसी से बातचीत की थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किससे बात कर रहा था और बातचीत के बाद क्या हुआ। दोस्तों ने कहा- खुशमिजाज था कृष्णा कृष्णा के साथ पढ़ने वाले और जम्मू के रहने वाले छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई में होशियार और खुशमिजाज था। सामान्य तौर पर वह कक्षा में जाता था और कमरे पर पढ़ाई करता था। दोस्तों के बीच भी वह सामान्य तरीके से रहता था। एक दोस्त के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले ही उसकी कृष्णा से मुलाकात हुई थी। तब उसका व्यवहार सामान्य था। पीजी में रहने वाले अन्य छात्रों ने भी बताया कि कृष्णा को देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वह किसी गंभीर परेशानी से गुजर रहा है। पिता बेटे का शव लेकर जम्मू गए शुक्रवार देर शाम कृष्णा के पिता विक्रांत शर्मा जम्मू से अलीगढ़ पहुंचे। पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन इकलौते बेटे की मौत से गम में डूबे पिता ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव पिता को सौंप दिया गया। वह बेटे का शव लेकर जम्मू रवाना हो गए। उन्होंने इतना कहा कि वह दोबारा अलीगढ़ आएंगे और बेटे का सामान लेकर जाएंगे। तब बाकी बात करेंगे। पोस्टमार्टम में हैंगिंग यानी फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है। रक्षाबंधन पर घर आने वाला था कृष्णा कृष्णा के पिता जम्मू के पीर मीठा इलाके में पूजा-पाठ का काम करते हैं। परिवार में मां-पिता, दादा और छोटी बहन हैं। कृष्णा इंटर के बाद एएमयू में पढ़ाई के लिए अलीगढ़ आया था। हॉस्टल नहीं मिलने के कारण वह पीजी में रहता था। परिवार के मुताबिक, करीब दो महीने पहले वह एक आयोजन में शामिल होने घर गया था। तब उसने रक्षाबंधन पर घर आने की बात कही थी। लेकिन रक्षाबंधन पर वह घर नहीं पहुंच सका और परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अब मोबाइल और बातचीत से खुलेगा मौत का राज कृष्णा की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सुसाइड नोट में किसी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। दूसरी तरफ बहन ने लड़की से दोस्ती और संभावित विवाद की आशंका जताई है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के मुताबिक मोबाइल लॉक है, जिसे खुलवाया जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। मोबाइल की कॉल और चैट, सुसाइड नोट और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही आत्महत्या की वजह स्पष्ट हो सकेगी। एएमयू में छात्र आत्महत्याओं पर फिर सवाल कृष्णा की मौत के बाद एएमयू में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर फिर सवाल खड़े हुए हैं। इससे पहले भी विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कृष्णा की मौत के बाद एक बार फिर छात्र सुरक्षा, काउंसलिंग व्यवस्था और विश्वविद्यालय की संस्थागत जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। …………………………….. ये खबर भी पढ़ें- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अचानक बस रोकी, 3 की मौत: रक्षाबंधन मनाने जा रहे थे, ड्राइवर बाथरूम के लिए उतरा, ट्रक ने टक्कर मारी सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बस को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 3 यात्रियों की मौत हो गई। जबकि 20 यात्री घायल हैं। इनमें 5 गंभीर है। गुरुवार तड़के 5.30 बजे ड्राइवर को पेशाब लगी। उसने एक्सप्रेस-वे पर थोड़ा किनारे करके बस को रोक दिया। नीचे उतरकर चला गया। तभी तेज रफ्तार ट्रक आया और पीछे से बस में घुस गया। पढ़िए पूरी खबर…
  • मेरठ में खुले नाले में गिरकर मासूम की मौत:परिवार तलाश करता रहा, खेलते समय अचानक हुआ हादसा

    मेरठ में शुक्रवार को खुले नाले में गिरकर डेढ़ साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। घटना सिवालखास की है जब डेढ़ साल का मासूम बच्चा घर के बाहर खेल रहा था। घरवाले उसे देख नहीं पाए और बच्चा अचानक पास के नाले में गिर गया।
    घरवाले बच्चे को इधर-उधर तलाश करते रहे। बहुत देर बाद बच्चा नाले में नजर आया तब घरवालों को हकीकत पता चली। घरवालों का पूरी घटना के बाद रो रोकर बुरा हाल है। वहीं ग्रामीणों में घटना के बाद से नाराजगी है। घर के बाहर खेल रहा था जै़न सिवालखास में गुलबहार का बेटा ज़ैन घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह खुले नाले में गिर गया। जब वह काफी देर तक नहीं दिखा तो परिजनों ने उसकी तलाश की। मासूम की मौत पर मां का रोकर बुरा हाल है। वहीं लोगों में नगर पंचायत के खिलाफ गुस्सा है। स्थानीय प्रशासन के खिलाफ लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।
    खुले नाले में जा गिरा बच्चा शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे कस्बा निवासी गुलबहार का डेढ़ वर्षीय पुत्र मोहम्मद ज़ैन अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते वह घर के पास खुले नाले में जा गिरा। जब बच्चे का काफी देर तक पता नहीं चला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि मासूम नाले में गिर गया है। तुरंत नाले में बच्चे की तलाश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद जब बच्चे को नाले से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसे थम चुकी थीं। मासूम ज़ैन को मृत अवस्था में बरामद किया गया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
    ग्रामीण बोले शिकायत के बाद भी नहीं ढका नाला
    स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत को बार-बार शिकायतें करने के बावजूद खुले नालों को ढका नहीं जा रहा है। सड़कों और गलियों के पास बने ये खुले नाले आए दिन बड़े हादसों को दावत देते रहते हैं। आज इसी लापरवाही के कारण एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कस्बे के सभी खुले नालों को तत्काल ढकवाने की मांग की है।
  • लखनऊ में स्वाइन फ्लू के 2 नए मरीज मिले:रक्षाबंधन पर अस्पतालों की OPD में पसरा रहा सन्नाटा, KGMU की बंद रही

    लखनऊ के अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों में शुक्रवार को रक्षाबंधन के कारण मरीजों की संख्या बेहद कम रही। SGPGI और लोहिया संस्थान की OPD में कुछ ही मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जबकि, KGMU की OPD अवकाश के चलते बंद रही। सरकारी अस्पतालों में हाफ-डे यानी दोपहर 12 बजे तक ही OPD चालू रही। यहां भी बेहद सीमित मरीज इलाज के लिए पहुंचे। वहीं, बलरामपुर अस्पताल में एक दिन पहले स्वाइन फ्लू संक्रमित मरीज की मौत के बाद उसके इलाज में रहे मेडिकल स्टाफ को आइसोलेशन में रखा गया है। अगले दिन शुक्रवार को स्वाइन फ्लू के 2 नए मरीज भर्ती हुए। KGMU के ट्रॉमा और लारी इमरजेंसी में पहुंचे प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा विश्वविद्यालय किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में आज OPD का संचालन नहीं हुआ। हालांकि, ट्रॉमा सेंटर में सुबह से ही मरीजों की आमद जारी रही। गंभीर और चोटिल मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचे। इसके अलावा लारी कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में भी गंभीर मरीजों का इलाज हुआ। SGPGI में सामान्य दिनों की तरह हुआ इलाज SGPGI में शुक्रवार को नार्मल डे की तरह OPD का संचालन हुआ। OPD में रजिस्ट्रेशन काउंटर खुले रहे और डॉक्टर बैठे भी। मरीजों को इलाज मिला और सैंपल जांच भी हुई। प्रवक्ता कुसुम यादव ने बताया कि सामान्य दिनों की तरह ही OPD का संचालन हुआ। आए हुए सभी मरीजों को इलाज मिला। गोमतीनगर के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में भी सामान्य दिनों की तरह OPD का संचालन हुआ पर मरीजों की भारी संख्या नहीं रही। दोपहर बाद मरीजों की संख्या में कुछ इजाफा दिखा। SGPGI में स्वाइन फ्लू के 8 मरीज भर्ती SGPGI में स्वाइन फ्लू के 8 मरीज भर्ती हैं। GPGI प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ओपीडी में कुछ मरीज इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षणों के साथ आ रहे हैं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। ये लक्षण आमतौर पर हल्के होते हैं और जांच करने पर कुछ एच1एन1 या कोविड-19 जैसे संक्रमित पाए गए हैं। ऐच्छिक सर्जरी सहित अन्य कारणों से विभिन्न विभागों में भर्ती कुछ मरीजों में भी इसी तरह के लक्षण विकसित हुए और उनकी जांच पॉजिटिव आई। ये छिटपुट मामले मौजूदा मौसमी इन्फ्लूएंजा के कारण आ रहे हैं। ये किसी प्रकोप का संकेत नहीं देते हैं। ऐसे लगभग सभी मरीज सामान्य इलाज से ठीक हो गए हैं। घबराने की कोई बात नहीं है। जनता को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी सलाह के अनुसार मास्क पहनने, हाथ की स्वच्छता, खांसने के शिष्टाचार का पालन करने और लक्षण दिखने पर आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जाती है। सीएम योगी बोले- लक्षणों को नजरअंदाज न करें सीएम योगी ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि अगर स्वाइन फ्लू के लक्षण आ रहे हैं तो इन्हें नजरअंदाज न करें। सीएम ने कहा- स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं। स्वास्थ्य विभाग वर्तमान स्थितियों पर लगातार निगरानी रखे। अस्पतालों में पर्याप्त तैयारी और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित किए जाएं। सभी जिलों के डीएम और संबंधित अधिकारी सतर्क रहें।
  • नेपाल के सैलाब में बलिया के मां-बेटे लापता:पिता की 4 दुकानें, 2 गोदाम बहे; 40 साल से नेपाल में रह रहा था परिवार

    नेपाल में आए सैलाब में बलिया के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार में करीब 40 साल से रह रहे रसड़ा के पन्नालाल चौरसिया की पत्नी ऊषा और 18 साल का बेटा राहुल सैलाब की चपेट में आने के बाद से लापता हैं। हादसे में पन्नालाल की कपड़े की दुकान, गोदाम, जरूरी कागजात और इंडियन एंबेसी से संबंधित दस्तावेज भी बह गए। नेपाली प्रशासन और राहत-बचाव दल मां-बेटे की तलाश में जुटे हैं। परिवार को अब भी उनके सही-सलामत मिलने की उम्मीद है। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला सुबह 6 बजे बेटे ने पिलाई चाय, फिर एक्सरसाइज के लिए निकले पन्नालाल बताते हैं- 26 अगस्त की सुबह करीब 6 बजे राहुल रोज की तरह मेरे लिए चाय बनाकर लाया था। मैंने बेटे के हाथ की चाय पी। इसके बाद एक्सरसाइज करने और दवा लेने बाहर निकल गया। उस समय पत्नी ऊषा देवी और राहुल दुकान पर ही थे। राहुल पढ़ाई करने के साथ मेरी कपड़े की दुकान में भी हाथ बंटाता था। मुझे क्या पता था कि बेटे के साथ यह मेरी आखिरी मुलाकात साबित होगी। सुबह 9:26 बजे लौटते समय मिली सैलाब की खबर पन्नालाल ने बताया- सुबह करीब 9:26 बजे मैं लौट रहा था। तभी रास्ते में लोगों ने त्रिशूली नदी में अचानक आए भीषण सैलाब के बारे में मुझे पता चला। मैं घबराकर तेजी से दुकान की ओर बढ़ा। वहां पहुंचने पर पता चला कि पानी के तेज बहाव में मेरी दुकान और आसपास का इलाका तबाह हो चुका है। पत्नी और बेटा सैलाब में बह गए हैं। दरअसल, दुकान से निकलने के दौरान मैं अपना मोबाइल नहीं ले गया था। अगर मोबाइल मेरे पास होता, तो सैलाब की खबर मिलते ही पत्नी और बेटे से सुरक्षित जगह पर जाने के लिए कह सकता था। ‘अंकल जी, बचा लीजिए…’ मलबे में फंसा राहुल लगाता चिल्लाता रहा हादसे के एक चश्मदीद ने उस भयावह मंजर को याद करते हुए बताया- पानी के साथ बालू और मलबे का बहाव इतना तेज था कि लोग जान बचाकर भाग रहे थे। पन्नालाल का परिवार और अन्य लोग भी वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। राहुल तेज बहाव और बालू में फंस गया था। उसका चेहरा मलबे के ऊपर दिखाई दे रहा था। वह लगातार मदद के लिए ‘अंकल जी…’ कहकर पुकार रहा था। उसे बचाने के लिए हाथ बढ़ाकर कॉलर पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन पानी और बालू के दबाव के कारण उसे खींचना संभव नहीं हो सका। देखते ही देखते राहुल मलबे और सैलाब में ओझल हो गया। पहाड़ी पर शरण लेकर परिवार के अन्य सदस्यों ने बचाई जान सैलाब की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिवार के अन्य सदस्यों को अपनी जान बचाने के लिए पहाड़ियों की ओर भागना पड़ा। किसी तरह उन्होंने ऊंचे स्थान पर पहुंचकर जान बचाई। कई लोग घंटों खुले में रहने और बारिश झेलने को मजबूर रहे। राहत सामग्री भी जरूरतमंदों तक समय से नहीं पहुंच पाई। त्रिशूली में 20 साल से था कारोबार, चार दुकान और दो गोदाम परिवार के मुताबिक, पन्नालाल करीब 40 साल पहले रोजगार की तलाश में नेपाल गए थे। नुवाकोट जिले के त्रिशूली बाजार में पिछले करीब 20 साल से उनका परिवार रह रहा था। उन्होंने वहां थोक और फुटकर कपड़े का कारोबार खड़ा किया था। परिवार की 4 बड़ी दुकानें और 2 गोदाम हैं। समय के साथ परिवार की अगली पीढ़ी भी नेपाल में ही पढ़ाई और कारोबार से जुड़ गई। राहुल भी पढ़ाई करने के साथ पिता की दुकान पर काम में हाथ बंटाता था। राहुल को गोद लिया था, बेटे की तरह पाला घरवालों के अनुसार, पन्नालाल के कोई बेटा नहीं था। उन्होंने राहुल को नेपाल में ही गोद लिया था। पन्नालाल और ऊषा देवी ने उसे बेटे की तरह बेहद प्यार से पाला। राहुल परिवार का बेहद लाडला था। वह अक्सर सुबह पिता के लिए चाय बनाकर देता था और दुकान के काम में भी उनकी मदद करता था।
    बेटी बोली- सुबह 8:45 बजे हुई बात, 15 मिनट में सब बदल गया दीक्षा बताती हैं- 26 अगस्त की सुबह करीब 8:45 बजे बड़ी मम्मी-पापा से फोन पर बातचीत हुई थी। तब किसी को भी इस भयावह आपदा का अंदाजा नहीं था। इसके कुछ ही देर बाद त्रिशूली में सैलाब की खबर आने लगी। करीब दोपहर 12 बजे काफी प्रयास के बाद अंतरराष्ट्रीय कॉल लग सकी। तब पता चला कि मां और भाई लापता हैं। छठ पर हर साल घर आता था पूरा परिवार घरवालों ने बताया कि नेपाल में रहने के बावजूद पन्नालाल का रसड़ा से गहरा जुड़ाव था। छठ पर्व पर पूरा परिवार रसड़ा आता था। इसी साल जनवरी में भी परिवार के सदस्य वैष्णो देवी दर्शन के बाद घर आए थे। रसड़ा की पुरानी मस्जिद के पास पन्नालाल का पुश्तैनी मकान है। करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने पुराने मकान को तुड़वाकर नया मकान बनवाया था। इसके बाद मकान में ताला लगाकर वह दोबारा नेपाल चले गए थे। वहीं, नेपाल की त्रासदी की खबर रसड़ा पहुंचने के बाद रिश्तेदार और परिचित लगातार पन्नालाल के संपर्क में हैं। हर किसी की नजर नेपाल से आने वाली अगली सूचना पर टिकी है। लोगों की सबसे बड़ी चिंता अब ऊषा देवी और राहुल का पता लगना है। ————————— यह खबर भी पढ़ेंः- घर का आंगन 25 फीट धंसा, गिरकर लड़की की मौत, 7 घंटे फंसी रही, 60 जवानों ने गड्ढा खोदकर निकाला कानपुर में घर का आंगन अचानक धंसने से 25 फीट गहरे गड्‌ढे में गिरी लड़की को 7 घंटे के ऑपरेशन के बाद बाहर निकाल लिया गया। लेकिन अस्पताल में उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसा शुक्रवार सुबह 6:40 बजे हुआ। रक्षाबंधन पर 18 साल की यशी सविता नहाकर बाथरूम से बाहर निकली थी। जैसे ही उसने अपना एक कदम आंगन की तरफ बढ़ाया, नीचे की जमीन धंस गई। पूरी खबर पढ़ें…
  • लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान 110 रन पर ऑलआउट:बाबर आजम 8 रन ही बना सके; दूसरी पारी में इंग्लैंड-81/3, 261 रन की बढ़त हुई

    लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पहली पारी में 110 रन पर समेट दिया। शुक्रवार को दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 3 विकेट पर 81 रन बनाए हैं। इस तरह मेजबान टीम की कुल बढ़त 261 रन हो गई है। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के लिए ओली रॉबिन्सन ने 4 और जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लिए। जोश टंग को 2 विकेट मिले। पाकिस्तान की ओर से अजान अवैस ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। कप्तान बाबर आजम 8 रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड 290 रन पर ऑलआउट इंग्लैंड ने दूसरे दिन की शुरुआत 9 विकेट पर 248 रन से की। क्रीज पर गस एटकिंसन 45 और जोश टंग 30 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों ने आखिरी विकेट के लिए 47 रन जोड़े और टीम का स्कोर 290 तक पहुंचाया। पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास ने 4 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद अली को 3 विकेट मिले। अब्बास ने पहली पारी में जो रूट को 4 रन पर आउट किया था। इसके साथ उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 900 विकेट पूरे किए। 110 रन पर सिमटा पाकिस्तान, रॉबिन्सन ने 4 विकेट लिए 290 रन के जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 37.2 ओवर में सिर्फ 110 रन पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान को एक बल्लेबाज कम के साथ उतरना पड़ा, क्योंकि इमाम-उल-हक बाएं पैर में काफ स्ट्रेन के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। ओली रॉबिन्सन ने 4.2 ओवर में सिर्फ 11 रन देकर 4 विकेट लिए। जोफ्रा आर्चर ने 3 और जोश टंग ने 2 विकेट चटकाए। पाकिस्तान की ओर से अजान अवैस ने 46 रन बनाए। वे अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और रॉबिन्सन का शिकार बने। सऊद शकील ने भी कुछ देर टिकने की कोशिश की, लेकिन रॉबिन्सन ने उन्हें आउट कर दिया। बाबर 8 रन बनाकर आउट पाकिस्तान की पारी में कप्तान बाबर आजम से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे सिर्फ 8 रन बना सके। उन्होंने 10 गेंदों का सामना किया। जोश टंग की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में उनका बाहरी किनारा लगा और जॉर्डन कॉक्स ने कैच पकड़ लिया। बाबर ने आउट होने से पहले दो कवर ड्राइव लगाए थे। टंग की पिछली गेंद पर उनका एज स्लिप तक नहीं पहुंचा था, लेकिन अगली गेंद पर उन्होंने बाहर जाती गेंद पर शॉट खेला और कैच दे बैठे। इंग्लैंड को 180 रन की बढ़त मिली इंग्लैंड की पहली पारी 290 रन पर खत्म होने के बाद पाकिस्तान के पास अच्छी शुरुआत करने का मौका था, लेकिन पूरी टीम 110 रन पर सिमट गई। इससे इंग्लैंड को पहली पारी में 180 रन की बढ़त मिली। पाकिस्तान ने शान मसूद को 1, अब्दुल्लाह शफीक को 5 और बाबर आजम को 8 रन पर गंवा दिया। इसके बाद अजान अवैस और सऊद शकील ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरी पारी में इंग्लैंड के 3 विकेट गिरे 180 रन की बढ़त के बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी शुरू की। टीम ने 81 रन तक 3 विकेट गंवा दिए। बेन डकेट 1, जॉर्डन कॉक्स 11 और जो रूट 24 रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोहम्मद अली ने LBW किया। उन्होंने 37 गेंदों पर 24 रन बनाए। यह इस सीजन में टेस्ट मैचों में उनका सातवां LBW आउट है। वे एक टेस्ट सीजन में सबसे ज्यादा LBW होने के रिकॉर्ड की बराबरी पर पहुंच गए हैं। दिन का खेल खत्म होने पर एमिलियो गे 30 और हैरी ब्रूक 7 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों के बीच 21 रन की साझेदारी हो चुकी है। दोनों टीमों की प्लेइंग XI इंग्लैंड: बेन डकेट, एमिलियो गे, जॉर्डन कॉक्स, जो रूट (कप्तान), हैरी ब्रूक, डैन लॉरेंस, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), ओली रॉबिन्सन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। पाकिस्तान: इमाम-उल-हक, अजान अवैस, अब्दुल्लाह शफीक, शान मसूद, बाबर आजम (कप्तान), सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली।
  • CM बोले डीबीटी से ड्रेस खरीदने को प्रेरित करें अधिकारी:गोरखपुर में अधिकारियों के साथ बैठक की; बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने को कहा

    तीन दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार की शाम को गोरखनाथ मंदिर में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी विभागों में संचालित योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। सीएम ने कहा कि शिक्षा विभाग में बच्चों के ड्रेस आदि के लिए पैसा डीबीटी के माध्यम से खाते में भेजा जा रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी यह तय करें कि इस पैसे से अभिभावक बच्चों के लिए ड्रेस आदि ही खरीदें। इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाए। विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जाए। नेपाल के हालात पर भी नजर रखें। यदि बाढ़ की स्थिति बनती है तो उसके लिए तैयारी कर लें। जिन गांवों में पानी आया है, वहां बाढ़ प्रभावित लोगों की सुविधा का ख्याल रखा जाए। किसी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर बरसात हो रही है, ऐसे में नगर निगम इस तरह का इंतजाम करे कि जलभराव न होने पाए। सीएम ने गोरखपुर में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने एक-एक परियोजना की प्रगति के बारे में पूछा। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि परियोजनाओं को समय से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक रूप से विलंब नहीं होना चाहिए। अधिकारी नियमित रूप से इसकी निगरानी करते रहें। जहां जरूरत हो, वहां श्रमिकों की संख्या बढ़ाई जाए। किसी भी दशा में परियोजनाएं लेट नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विरासत गलियारा, गोड़धोइया नाला, असुरन-चारफाटक फोरलेन, एचएन सिंह चौराहा-गोरखनाथ मार्ग चौड़ीकरण, अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, वेटरनरी कॉलेज, एकीकृत मंडलीय कार्यालय आदि योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। जहां लाइन लॉस ज्यादा, वहां करें सुधार
    सीएम ने बिजली निगम के कार्यों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में कटौती नहीं होनी चाहिए। सीएम ने कहा कि जहां लाइन लॉस ज्यादा है (बिल जमा नहीं हो रहे), उन क्षेत्रों में निगरानी की जाए। लोगों को बिजली का बिल जमा करने के लिए जागरूक किया जाए। लाइन लॉस को हर हाल में सुधारा जाए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करें
    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। अस्पतालों में व्यवस्थाओं की नियमित रूप से निगरानी करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिशु एवं मातृ मृत्यु दर कम करने पर जोर दिया जाए। सीएम शनिवार को सुबह देवरिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगे। उसके बाद बलिया में बाढ़ के हालातों का जायजा भी लेंगे। शाम 4 बजे वापस गोरखपुर आएंगे और राप्तीनगर में निर्मित कल्याण मंडपम का लोकार्पण करने के साथ विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करेंगे।
  • गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थिति देखेंगे पंचायत के अधिकारी:रखरखाव-गुणवत्ता पर होगा फोकस, बारातघरों की भी होगी जांच

    ग्राम पंचायतों में बनाई जा रही डिजिटल लाइब्रेरी की भी अब जांच शुरू होगी। पंचायत के अधिकारी गांवों में जाकर इसके निर्माण की स्थिति और गुणवत्ता पर फोकस करेंगे। इसके साथ ही बारातघरों की भी जांच की जाएगी। निदेशालय के अधिकारियों और मंडलीय उपनिदेशकों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट निदेशालय को भेजनी होगी। पंचायती राज निदेशक की ओर से इस बारे में पत्र जारी कर विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए हैं। हर महीने मंडल के जनपदों का भ्रमण करना होगा और विभागीय योजनाओं के प्रगति की समीक्षा करनी होगी। अधिकारी डिजिटल लाइब्रेरी की गुणवत्ता, रखरखाव आदि के बारे में जानकारी लेंगे। इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी और सभी सहायक विकास अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में निर्माणाधीन अथवा टेंडर प्रक्रिया में शामिल उत्सव भवनों की प्रगति और गुणवत्ता की जांच होगी। जिन भवनों का डीपीआर तैयार किया जा रहा है, उनकी स्थिति भी रिपोर्ट में दर्ज करनी होगी। इसी तरह निर्मित और निर्माणाधीन बरातघरों के निर्माण की गुणवत्ता और वर्तमान स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। डीपीआर तैयार होने वाले बरातघरों की प्रगति भी देखी जाएगी। तीनों बिंदुओं की पृथक निरीक्षण आख्या तैयार करनी होगी। प्रत्येक बिंदु के कम से कम पांच फोटो रिपोर्ट के साथ राज्य स्तरीय मानीटरिंग सेल तथा विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उप निदेशक पंचायती राज हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि शासन के निर्देश पर मंडल में बने डिजिटल लाइब्रेरी की जांच की जाएगी। इसके साथ ही उत्सव भवन और बारातघरों का भी निरीक्षण होगा। निरीक्षण के दौरान भवनों के रख-रखाव आदि के बारे में जानकारी ली जाएगी। हर महीने इस तरह की जांच होगी और इसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी।