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  • हवाई सेवा: धर्मशाला-चंडीगढ़ के बीच 15 दिन बाद फिर उड़ान भरेगा इंडिगो का विमान, शेड्यूल जारी

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    धर्मशाला-चंडीगढ़ हवाई सेवा 15 दिन के अंतराल के बाद पहली सितंबर से फिर बहाल होने जा रही है। इंडिगो ने सप्ताह में चार दिन उड़ानें संचालित करने का शेड्यूल जारी किया है, जिससे यात्रियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बरसात के मौसम में हवाई सेवा बंद थी। अब विमानन कंपनी इंडिगो ने इस हवाई रूट पर दोबारा उड़ानें शुरू करने का शेड्यूल तय कर दिया है। कंपनी सप्ताह में चार दिन धर्मशाला और चंडीगढ़ के बीच हवाई सेवा उपलब्ध करवाएगी। वेबसाइट पर जारी शेड्यूल के मुताबिक यह उड़ानें सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शुक्रवार को धर्मशाला (गगल एयरपोर्ट) से चंडीगढ़ के लिए संचालित होंगी।

    विमान दोपहर 1:10 बजे गगल एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए उड़ान भरेगा। वहीं, चंडीगढ़ से वापसी की उड़ान दोपहर 2:45 बजे होगी। इस दौरान यात्रियों से 3,500 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक किराया भरना होगा। करीब 15 दिन तक हवाई सेवा बंद रहने के कारण यात्रियों को चंडीगढ़ जाने के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ रहा था। धर्मशाला-चंडीगढ़ रूट बंद होने से सबसे अधिक परेशानी उन यात्रियों को उठानी पड़ी, जिन्हें चंडीगढ़ से आगे दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू समेत अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी होती है। सड़क मार्ग से चंडीगढ़ पहुंचने में अधिक समय लगने के कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ रहा था।

    वहीं अब विमानन कंपनी इंडिगो की सेवा दोबारा शुरू होने से धर्मशाला एयरपोर्ट की हवाई कनेक्टिविटी में सुधार होगा। चंडीगढ़ के लिए सीधी उड़ान मिलने से यात्रियों को कम समय में गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। लंबे समय से इस रूट की उड़ान बहाल होने का इंतजार कर रहे यात्रियों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा धर्मशाला और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों के लिए भी चंडीगढ़ हवाई कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। इससे होटल, टैक्सी और पर्यटन से जुड़े अन्य कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

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  • मां-रक्षाबंधन खोकर नहीं थम रहे 11 बहनों के आंसू:सैकड़ों कलाइयां सूनी और आंखों को रास्ते का इंतजार, 50 घंटे बाद कविता का अंतिम संस्कार

    मां-रक्षाबंधन खोकर नहीं थम रहे 11 बहनों के आंसू :::::: खुदखुशी करने वाली कविता का अंतिम संस्कार, 2 दिन बाद भी नहीं मिला रास्ता सैकड़ों कलाइयां सूनी और आंखों को रास्ते का इंतजार, 50 घंटे बाद कविता का अंतिम संस्कार वाराणसी में रास्ता खुलवाने के लिए दो साल संघर्ष के बाद आत्महत्या करने वाली कविता उपाध्याय का 48 घंटे बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। 25 घंटे दरवाजे पर शव पड़े रहने के बाद अगले दिन शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया गया। देर रात परिजन शव मणिकर्णिका गंगाघाट लेकर गए, जहां पुलिस की मौजूदगी में 50 घंटे बाद मृतका को बेटे ने मुखाग्नि दी। रक्षाबंधन को अंतिम संस्कार के बाद परिवार ने कविता उपाध्याय के साथ वर्षों के लिए त्योहार भी खो दिया। परिवार में सैकड़ों कलाइयां अनिश्चित काल के लिए सूनी रह गई, वही अहरक खास गांव की तमाम आंखों को अब रास्ते का इंतजार है। आधे गांव में सिर्फ सन्नाटा और बहनों की सिसकियां गूंज रही हैं। मृतका के परिजनों द्वारा पड़ोसी ऋषि उपाध्याय के खिलाफ तहरीर दी गई है। तस्वीरों में देखिए गांव और घटनास्थल… अब जानिए घटना… कविता उपाध्याय का घर वाराणसी में पिंडरा तहसील इलाके के अहरक खास गांव में है। बुधवार शाम करीब 7 बजे उन्होंने टॉयलेट में फांसी लगा ली। जब बेटे विशाल ने टॉयलेट का दरवाजा खोला, तो मां फंदे से लटकती मिली। उसने चिल्लाकर परिवार के लोगों को बुलाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, तो परिजन ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, “हमारे रास्ते पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। जब रास्ता ही नहीं है, तो शव किस रास्ते से लेकर जाएंगे? पहले विवाद का निपटारा हो, उसके बाद ही शव को पोस्टमॉर्टम या अंतिम संस्कार के लिए ले जाने देंगे।” अफसरों ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया। कार्रवाई के साथ रास्ता दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम कराने के लिए तैयार हुए और अगले 50 घंटे बाद कविता का अंतिम संस्कार हो सका। अब विवाद भी समझ लीजिए अहरक में संतोष उपाध्याय का मकान है। संतोष दिल्ली में रहकर नौकरी करते हैं। पिता लक्ष्मी नारायण उपाध्याय का काफी पहले निधन हो चुका है। बेटा विशाल MA की पढ़ाई कर रहा है। विशाल ने बताया कि घर से बाहर 6 फीट चौड़ी सरकारी जमीन थी। इसी से हमारा आना-जाना होता था। 2 साल पहले मनीष और अमित उपाध्याय के परिजनों ने इस जमीन पर कब्जा कर लिया। चारों तरफ दीवार खड़ी कर दी। इसके बाद हमारा रास्ता बंद हो गया। पड़ोसी के खिलाफ परिजनों ने दी तहरीर मृतका के परिजनों द्वारा पड़ोसी ऋषि उपाध्याय के खिलाफ तहरीर दी गई है। परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया है कि यदि उनके द्वारा उत्पीड़न नहीं किया जाता और रास्ता बंद नहीं किया जाता तो कविता उपाध्याय आत्महत्या नहीं की होती। इंस्पेक्टर बड़ागांव प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तरफ से तहरीर मिली है, जांच की जा रही है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सन्नाटा और बहनों की सिसकियां वाराणसी की पिंडरा तहसील के अहरक खास गांव में कविता उपाध्याय (50) की मौत के बाद सिर्फ सन्नाटा और बहनों की सिसकियां गूंज रही हैं। ​मृतका के पति चार भाई हैं और सभी लोग रास्ते की परेशानी से जूझ रहे हैं। चारो भाइयों की कुल मिलाकर परिवार में 11 बेटियां हैं। घटना ने सीमा, अर्चना, सपना, प्रिया, जया, निक्की, राधिका, रिमझिम, स्वीटी, रिया और श्रेया से रक्षाबंधन का पर्व हमेशा-हमेशा के लिए छीन लिया है। बता दें कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार किसी पर्व पर परिवार के सदस्य के असमय चले जाने से उस परिवार में पर्व को तबतक नहीं मनाया जाता जबतक उसी त्योहार पर किसी नए सदस्य का जन्म न हो। बेटियां बोलीं- मां ना लौटेगी ना त्योहार ​मृतका की बेटी स्वीटी उपाध्याय ने बताया कि ‘हमारा रक्षाबंधन तो अब हमेशा के लिए छीन गया। न माँ वापस आ सकती हैं, न हमारा त्योहार लौटेगा। हमारी सरकार से बस इतनी ही गुहार है कि हमें हमारे घर आने-जाने का रास्ता दिलवा दिया जाए, ताकि मां की आत्मा को शांति मिले।’ मौत के तीसरे दिन किया गया अंतिम संस्कार घटना के बाद परिजनों द्वारा आरोप लगाया गया कि घर के सामने का करीब 6 फीट का रास्ता दीवार बनाकर बंद कर दिया गया है। परिवार के पास निकलने के लिए महज दो फीट की बेहद संकरी गली बची है। कविता उपाध्याय की आत्महत्या के बाद परिजन रास्ता खोलने की मांग को लेकर 24 घंटे तक शव दरवाजे पर रखकर अड़े रहे। अंत में शव से दुर्गंध आने लगी तो परिजन अधिकारियों के समझाने और आश्वासन के बाद गुरुवार शाम 7 बजे शव को उसी दो फीट के रास्ते से निकाला गया। उसके बाद शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को मिला तो परिजन सीधे मणिकर्णिका घाट पर ले जाकर अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम पिंडरा कुंदन राज कपूर ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि तहसीलदार कोर्ट में चल रहे इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक से कराई जाएगी। दस्तावेजों की जांच कर सुखाचार अधिनियम के तहत न्यायसंगत समाधान निकाला जाएगा। ——————— ये खबर भी पढ़ें… वाराणसी में महिला ने सुसाइड किया, बेटा बोला-लाश नहीं उठाएंगे:रास्ते की विवाद की DM-SDM से 100 बार शिकायत की, अब न्याय चाहिए वाराणसी में रास्ते के विवाद से परेशान एक 50 साल की महिला ने टॉयलेट में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। जब बेटे ने शौचालय जाने के लिए दरवाजा खोला, तो मां फंदे से लटकती मिली। उसने चिल्लाकर परिवार के लोगों को बुलाया। पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा। पढ़ें पूरी खबर…
  • गोरखपुर रेलवे स्टेशन से RPF ने पकड़ा शराब:119 पैक छोड़कर फरार हुआ तस्कर; तलाशने में जुटी पुलिस

    गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को आरपीएफ की निगरानी के दौरान लावारिस हालत में पड़े दो झोलों से अंग्रेजी शराब बरामद की गई। दोनों झोलों में कुल 119 टेट्रा पैक 8 PM अंग्रेजी शराब मिली। बरामद शराब की कुल मात्रा 21.420 लीटर बताई गई है। इसकी कीमत करीब 15,470 रुपये है। प्लेटफॉर्म पर निगरानी के दौरान मिले झोले 28 अगस्त को आरपीएफ की टीम गोरखपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 03/04 पर निगरानी कर रही थी। निगरानी के दौरान प्लेटफॉर्म के बीच में सफेद और काले रंग के दो झोले लावारिस हालत में पड़े दिखाई दिए। टीम ने आसपास मौजूद यात्रियों से झोलों के बारे में पूछताछ की। काफी देर तक निगरानी करने के बाद भी कोई व्यक्ति इन झोलों पर अपना दावा करने के लिए सामने नहीं आया। झोले खोलने पर मिली शराब लावारिस झोलों की नियमानुसार गवाहों की मौजूदगी में जांच की गई। झोलों को खोलने पर उनके अंदर 8 PM ब्रांड की अंग्रेजी शराब के टेट्रा पैक मिले। जांच में कुल 119 टेट्रा पैक बरामद हुए। प्रत्येक टेट्रा पैक में 180 एमएल शराब थी। इस तरह बरामद शराब की कुल मात्रा 21.420 लीटर निकली। प्रत्येक पैक की कीमत 130 रुपये बताई गई है और पूरी बरामद शराब की कीमत करीब 15,470 रुपये है। आरपीएफ ने शराब कब्जे में ली आरपीएफ टीम ने शाम करीब 5:20 बजे गवाहों की मौजूदगी में बरामद शराब को अपने कब्जे में लिया और इसकी फर्द जब्ती तैयार की। इसके बाद बरामद शराब को आरपीएफ पोस्ट गोरखपुर लाया गया। आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी को सौंपी जाएगी शराब आरपीएफ के अनुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद बरामद शराब को अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी गोरखपुर को सौंपा जाएगा। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि शराब से भरे दोनों झोले स्टेशन पर कौन छोड़कर गया था। आरपीएफ और जीआरपी की ओर से नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • आपका पैसा- टाइम पर EMI नहीं चुकाया तो क्या होगा:RBI ने रिकवरी रूल्स में किया बदलाव, जानिए अब बैंक आपके साथ क्या नहीं कर सकता

    आजकल कोई भी लोन लेना पहले के मुकाबले आसान हो गया है। लेकिन किसी वजह से EMI मिस हो जाए या लोन डिफॉल्ट हो जाए, तो बैंक ग्राहक के खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकता है। इसे लेकर लोगों के मन में अक्सर कई सवाल रहते हैं। एक जरूरी सवाल यह है कि क्या बैंक या रिकवरी एजेंट लोन की रकम वसूलने के लिए ग्राहक के मोबाइल, लैपटॉप या दूसरे डिजिटल डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं? इन्हीं सवालों के बीच हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लोन रिकवरी से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। नए दिशा-निर्देशों का मकसद ग्राहकों के अधिकारों की सुरक्षा करना और लेंडर्स की जिम्मेदारियां स्पष्ट करना है। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ में RBI के नए रिकवरी रूल्स पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: जितेंद्र सोलंकी, फाइनेंशियल एडवाइजर, गाजियाबाद सवाल- हाल ही में RBI ने लोन डिफॉल्ट को लेकर एक नया फैसला लिया है। इसकी पूरी डिटेल बताएं? जवाब- RBI ने लोन डिफाॅल्ट और रिकवरी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पहले बैंक लोन वसूली के लिए ग्राहकों को किन तरीकों से परेशान करते थे? जवाब- बैंक और लोन लेंडिंग कंपनियां लोन रिकवरी के लिए ये तरीके आजमाती थीं- 1. फोन को दूर से लॉक कर देना। ग्राहक फोन हाथ में होने पर भी उसे यूज नहीं कर पाते थे। अब क्या होगा: अब फोन लॉक नहीं किया जा सकेगा। 2. डिवाइस की कुछ सुविधाएं बंद कर देना। यह तरीका लोन पर डिवाइस लेने पर इस्तेमाल किया जाता था। अब क्या होगा: RBI ने अब इस तरह के तकनीकी प्रतिबंधों के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया तय की है। 3. बार-बार रिकवरी कॉल करना रिकवरी के लिए ग्राहकों को बार-बार फोन किया जाता था। अब क्या होगा: RBI के नए नियमों में अब रिकवरी कॉल का रिकॉर्ड रखने और कॉल रिकॉर्ड करने का प्रावधान है। 4. लगातार दबाव बनाना और धमकाना रिकवरी एजेंट ग्राहकों को डराते-धमकाते और आक्रामक व्यवहार करते थे। अब क्या होगा: RBI ने साफ किया है कि रिकवरी का तरीका ग्राहक के सम्मान और अधिकारों के खिलाफ नहीं होना चाहिए। 5. परिवार या दूसरे लोगों से संपर्क करना रिकवरी एजेंट परिवार, दोस्तों को फोन कर ग्राहक पर दबाव बनाते थे। अब क्या होगा: नए नियमों में ऐसे उत्पीड़न पर ज्यादा स्पष्ट सीमाएं लगाई गई हैं। 6. फोन के पर्सनल डेटा का इस्तेमाल अब तक डिवाइस में मौजूद कॉन्टैक्ट, एसएमएस, कॉल लॉग, फोटो और लोकेशन हिस्ट्री जैसे डेटा को रिकवरी के लिए इस्तेमाल किया जाता था। अब क्या होगा: बैंक ने साफ किया है कि ये पर्सनल डेटा लोन रिकवरी के लिए यूज नहीं किया जा सकता। सवाल- यह नियम किस तरह के लोन पर लागू होगा? जवाब- यह नियम उन सभी लोन पर लागू होगा, जिनकी रिकवरी RBI के रेगुलेटेड बैंक, नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और अन्य वित्तीय संस्थान करते हैं। सवाल- RBI को ये फैसला लेने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- लोन रिकवरी को लेकर पहले क्या स्थिति थी? जवाब- पहले इसके लिए बैंक और फाइनेंस कंपनियों के पास सामान्य अधिकार थे। लेकिन डिजिटल डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट और एकसमान नियम नहीं थे। खासकर EMI पर खरीदे गए मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप के मामलों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाते थे। इसी वजह से RBI ने अब इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सवाल- क्या अब किसी भी स्थिति में मोबाइल या लैपटॉप लॉक नहीं किया जा सकेगा? जवाब- नहीं, RBI के नए नियमों में कुछ अपवाद भी हैं। कुछ विशेष परिस्थितियों में मोबाइल, टैबलेट या लैपटॉप की कुछ सर्विसेस पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इसके लिए RBI ने स्पष्ट शर्तें तय की हैं। सवाल- अगर फोन या लैपटॉप EMI पर खरीदा गया हो तो क्या होगा? जवाब- डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक या फाइनेंस कंपनी उसकी कुछ सुविधाओं पर प्रतिबंध लगा सकती है। हालांकि ऐसा तभी किया जा सकेगा, जब इसकी शर्त लोन एग्रीमेंट में पहले से स्पष्ट रूप से शामिल हो और RBI के तय नियमों का पालन किया जाए। इसके अलावा डिवाइस पर प्रतिबंध लगाने से पहले ग्राहक को नोटिस देना भी जरूरी होगा। सवाल- डिवाइस लॉक होने पर कौन-सी सुविधाएं चालू रहनी चाहिए? जवाब- RBI के मुताबिक, अगर किसी डिवाइस पर प्रतिबंध लगाया भी जाता है, तब भी कुछ जरूरी सुविधाएं बंद नहीं की जा सकतीं। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- लोन डिफॉल्ट से रिकवरी के लिए अब बैंकों के पास क्या अधिकार होंगे? जवाब- RBI के नए नियमों का मतलब यह नहीं है कि बैंक या फाइनेंस कंपनियां लोन की वसूली नहीं कर सकेंगी। उन्हें अब भी बकाया राशि वसूलने के लिए कई अधिकार प्राप्त रहेंगे। लेकिन यह प्रक्रिया तय नियमों और ग्राहक के अधिकारों को ध्यान में रखकर पूरी करनी होगी। लोन रिकवरी के लिए बैंक के पास कौन-से अधिकार हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या इस फैसले का मतलब ये है कि EMI न भरने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी? जवाब- नहीं, RBI के नए नियम सिर्फ लोन रिकवरी के तरीके तय करते हैं, लोन चुकाने की जिम्मेदारी खत्म नहीं करते। अगर कोई व्यक्ति EMI नहीं भरता है, तो उसे डिफॉल्टर माना जा सकता है और उसके खिलाफ नियमानुसार रिकवरी प्रक्रिया जारी रह सकती है। सवाल- EMI न भरने पर ग्राहक को क्या नुकसान हो सकता है? जवाब- इससे सिर्फ पेनल्टी ही नहीं लगती, बल्कि क्रेडिट हिस्ट्री पर भी इसका असर पड़ता है। लगातार डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक या फाइनेंस कंपनी रिकवरी और कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर सकती है। ग्राफिक में देखिए EMI न भरने पर ग्राहक को क्या नुकसान हो सकते हैं- सवाल- लोन की EMI नहीं चुकाने पर क्या बैंक घर, कार या दूसरी संपत्ति जब्त कर सकता है? जवाब- हां, लेकिन यह लोन के प्रकार पर निर्भर करता है। अगर आपने होम लोन, कार लोन या किसी अन्य सिक्योर्ड लोन के बदले कोई संपत्ति गिरवी रखी है, तो लगातार डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक तय कानूनी प्रक्रिया के तहत उस संपत्ति पर कार्रवाई कर सकते हैं। हालांकि, बैंक तुरंत घर या कार जब्त नहीं कर सकते। इसके लिए नोटिस देने जैसी अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है। वहीं पर्सनल लोन जैसे इनसिक्योर्ड लोन में बैंक के पास कोई गिरवी संपत्ति नहीं होती। ऐसे मामलों में बैंक रिकवरी और कानूनी प्रक्रिया अपना सकते हैं, लेकिन सीधे किसी संपत्ति पर दावा नहीं कर सकते। सवाल- लोन लेने वालों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- लोन लेते समय सिर्फ EMI की रकम नहीं, बल्कि उसकी पूरी जिम्मेदारी को समझना भी जरूरी है। समय पर भुगतान और सही वित्तीय योजना से डिफॉल्ट की स्थिति से बचा जा सकता है। ग्राफिक में देखिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए- RBI का यह फैसला याद दिलाता है कि लोन लेते समय सिर्फ रकम और EMI नहीं, बल्कि उससे जुड़ी शर्तों को समझना भी जरूरी है। जागरूक उधारकर्ता अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और अनावश्यक विवादों से बच सकता है। ***** ग्राफिक्स- विपुल शर्मा …………………… ये खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- इंवेस्टमेंट के 7 आसान नियम:एक्सपर्ट से समझें पैसा कब होगा डबल, कितना करें निवेश और कितना रिस्क लेना सही हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ दोगुना, तीन गुना या चार गुना हो जाए। इसके लिए कुछ लोग जल्दबाजी में बिना प्लानिंग के निवेश शुरू कर देते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि उन्हें अलग-अलग जगहों से अलग-अलग सलाह मिलती है। पूरी खबर पढ़ें…
  • क्या पडिक्कल बनेंगे भारत के अगले द्रविड़ या पुजारा:नंबर-3 पर लगातार दो शतक; श्रीलंका सीरीज में 328 रन, इनमें 123 स्पिन के खिलाफ

    देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शतक लगाकर भारत के नंबर-3 बल्लेबाज की तलाश को फिलहाल खत्म कर दिया है। उन्होंने गॉल में 167 और कोलंबो में 117 रन की पारियां खेलीं। पडिक्कल ने सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा 328 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। इनमें 123 रन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आए। 26 साल के पडिक्कल को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में मौका मिला था। लेकिन जिस नंबर-3 पोजिशन पर 2023 में चेतेश्वर पुजारा के बाद लगातार बदलाव होते रहे, वहां पडिक्कल ने सिर्फ तीन पारियों में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। स्टोरी में नंबर-3 पर भारत की परेशानी, पडिक्कल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड और स्पिन खेलने की खास तकनीक के बारे में… भारत में नंबर-3 की जगह इतनी अहम क्यों? टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 बल्लेबाज को कई बार ओपनर और मिडिल ऑर्डर दोनों की भूमिका निभानी पड़ती है। इसलिए यह टीम की बल्लेबाजी की सबसे अहम पोजिशन में से एक होती है। राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए इस जगह पर 10 हजार से ज्यादा रन बनाए। उनके बाद चेतेश्वर पुजारा ने यह जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 13 साल में नंबर-3 पर 155 पारियां खेलते हुए 6529 रन बनाए। 11 जून 2023 में पुजारा के आखिरी टेस्ट के बाद भारत ने नंबर-3 पर कुल 7 बल्लेबाजों को आजमाया। शुभमन गिल को सबसे पहले यह पोजिशन मिली। उन्होंने इस नंबर पर 972 रन बनाए। उनके टेस्ट मिस करने पर विराट कोहली और केएल राहुल ने भी इस पोजिशन पर बल्लेबाजी की। लेकिन कोहली के रिटायरमेंट के बाद गिल नंबर-4 पर बैटिंग करने लगे। इसके बाद साई सुदर्शन को इंग्लैंड दौरे पर टीम में शामिल किया। हालांकि वे कुछ खास नहीं कर सके। नंबर-3 पर सुदर्शन ने लगभग 32 की औसत से 383 रन बनाए हैं। इंग्लैंड सीरीज में करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर को भी इस नंबर पर मौका मिला। वे भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके। ऐसे में देवदत्त पडिक्कल ने सिर्फ 5 पारियों में 353 रन बनाकर अपने आपको रेस में सबसे आगे कर दिया है। श्रीलंका में मौका कैसे मिला? साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए। इससे नंबर-3 की जगह पडिक्कल के लिए खुली। इससे पहले वे भारत A के लिए दो अर्धशतक लगा चुके थे और श्रीलंका में ही टूर गेम में 142 रन की नाबाद पारी खेल चुके थे। पडिक्कल ने 2025-26 के घरेलू फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन 47.76 के औसत से बनाए। इसमें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 150 और रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में 232 रन की पारियां शामिल थीं। उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को फाइनल तक भी पहुंचाया। पडिक्कल ने 109.33 की औसत से रन बनाए पडिक्कल ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 167 रन बनाए और दूसरी पारी में 44 रन जोड़े। दूसरे टेस्ट में उन्होंने 117 रन की पारी खेली। इस तरह सीरीज में उनके नाम 328 रन रहे। उन्होंने 109.33 की औसत से बल्लेबाजी की। उनके दोनों शतक लगातार टेस्ट मैचों में आए। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह उनकी पहली सीरीज रही, जहां उन्होंने सभी मैच खेले। इससे पहले उन्हें 2024 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ एक-एक टेस्ट खेलने का मौका मिला था। पडिक्कल का स्पिन के खिलाफ बैकफुट गेम मजबूत भारत के बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ खेलने की मजबूत पहचान रही है, लेकिन हाल के दौर में टीम इसी कमजोरी से परेशान रही। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने तीन टेस्ट में 37 विकेट लिए और उनका औसत 23.48 रहा। इसके बाद साउथ अफ्रीकी स्पिनर्स ने भारत में दो टेस्ट में 25 विकेट लिए और 15.48 के औसत से गेंदबाजी की। यह भारत में किसी विदेशी टीम के स्पिनर्स का टेस्ट इतिहास में सबसे बेहतर औसत था। इसी दौर में देवदत्त पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ अलग तरीका अपनाया। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में स्पिनर्स की लेंथ गेंदों पर उन्होंने 37.4% गेंदें बैकफुट से खेलीं। कोलंबो टेस्ट में 117 रन की पारी के दौरान भी पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ बैकफुट से 52 रन बनाए, जिनमें 47 रन लेंथ गेंदों पर आए। श्रीलंका सीरीज में स्पिन के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट करीब 65 रहा। पडिक्कल की 6 फीट 3 इंच की लंबाई भी उनके इस अंदाज में मदद करती है। वे अच्छी लेंथ की गेंदों पर भी पीछे जाकर कट, पंच और पुल जैसे शॉट खेलते हैं। आमतौर पर भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ फ्रंटफुट पर जाकर खेलते हैं, जबकि पडिक्कल का तरीका अलग है। पडिक्कल और साई सुदर्शन में क्या अंतर? दोनों बल्लेबाज स्पिनर्स की लेंथ गेंदों के खिलाफ बैकफुट पर खेलने का तरीका अपनाते हैं। साई सुदर्शन ने ऐसी गेंदों पर करीब 36.5% बार बैकफुट का इस्तेमाल किया, जो पडिक्कल के 37.4% के लगभग बराबर है। फर्क इन शॉट्स से रन बनाने में नजर आता है। पडिक्कल बैकफुट शॉट्स पर करीब 50 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट इन शॉट्स पर सिंगल डिजिट में रहा है। घरेलू क्रिकेट में पडिक्कल का रिकॉर्ड कितना मजबूत है? पडिक्कल ने जूनियर स्टेज से ही घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। 2018 की कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने 829 रन बनाए और टूर्नामेंट के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इसके बाद उन्हें कर्नाटक की सीनियर टीम में जगह मिली। 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में पडिक्कल ने 609 रन बनाए और टूर्नामेंट के टॉप रन-स्कोरर रहे। इसी दौरान उन्होंने अपना पहला लिस्ट-A शतक भी लगाया। 2025-26 फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन बनाने के प्रदर्शन ने भी उनके टेस्ट दावे को मजबूत किया। IPL और इंटरनेशनल करियर कैसा रहा? पडिक्कल ने 2020 में RCB के लिए IPL डेब्यू किया। उन्होंने शुरुआती चार मैचों में तीन अर्धशतक लगाए और पूरे सीजन में 473 रन बनाए। उन्हें इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया। 2021 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नाबाद 101 रन बनाकर उन्होंने अपना पहला IPL शतक लगाया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए दो सीजन में पडिक्कल ने 28 मैचों में 637 रन बनाए, जबकि 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए उनका औसत सिर्फ 5.43 रहा। हालांकि, 2025 और 2026 में RCB की खिताबी टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने टीम को लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने में योगदान दिया। 2025 में उन्होंने 10 मैचों में 247 रन बनाए, जबकि 2026 में 16 मैचों में 464 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में पडिक्कल ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया। पहली ही पारी में उन्होंने 65 रन बनाए। 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हालांकि उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वे दोनों पारियों में 0 और 25 रन ही बना सके। द्रविड़ और पुजारा पडिक्कल के बारे में क्या कहते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में पडिक्कल की 167 रन की पारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में आए पडिक्कल ने मिले मौके का शानदार फायदा उठाया और नंबर-3 पर अपनी पहली बड़ी पारी खेली। पडिक्कल ने द्रविड़ की तरह ही नंबर-3 पर प्रभावी शुरुआत की है। कर्नाटक क्रिकेट में भी द्रविड़ उनके लिए मददगार रहे हैं। पडिक्कल के मुताबिक, द्रविड़ कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) में उनसे मिलने और जरूरी सलाह देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। वहीं, पूर्व नंबर-3 बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि पडिक्कल को इस पोजिशन पर लगातार कुछ समय तक मौका मिलना चाहिए। उनके मुताबिक घरेलू क्रिकेट और IPL में प्रदर्शन के दम पर पडिक्कल इस अवसर के लिए तैयार थे और उन्होंने अपनी तकनीक पर भी काम किया है।
  • आईआईटी मंडी का शोध: हिमालयी झीलों की गहराई और जल क्षमता का आकलन करेगा सोनार

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    हिमालय की ऊंचाई पर स्थित झीलों की गहराई और जल क्षमता का आकलन अब कम लागत वाली तकनीक से किया जा सकेगा। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के शोधकर्ताओं ने मानव रहित सतही नौका (यूएसवी) पर सोनार लगाकर हिमालयी झीलों का सर्वेक्षण किया है। शोध में यह तरीका कम लागत और कम जोखिम के साथ झीलों की गहराई, आयतन (वाल्यूम) और भौतिक संरचना का विस्तृत आकलन करने में प्रभावी पाया गया है। यह शोध ईजीयू जनरल असेंबली 2026 में प्रकाशित हुआ है।


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    आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग के शोधकर्ताओं ने उत्तर-पश्चिमी हिमालय की तीन झीलों को अध्ययन के लिए चुना। इनमें लाहौल-स्पीति में बारालाचा ला के पास 3,770 मीटर की ऊंचाई पर स्थित दीपक ताल, 4,777 मीटर की ऊंचाई वाली सूरज ताल और मंडी में पराशर झील के पास 2,592 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक छोटी झील शामिल रही। सर्वेक्षण के दौरान डीपर प्रो प्लस सोनार को मानव रहित सतही नौका पर लगाया गया। दीपक ताल में 25 हजार से अधिक गहराई के बिंदु जुटाए गए।

    यहां अधिकतम गहराई 7.44 मीटर और अनुमानित आयतन 41,929.05 घन मीटर पाया गया। सूरज ताल में पांच हजार से अधिक बिंदु दर्ज किए गए। इसकी अधिकतम गहराई 2.56 मीटर और आयतन 9,400.95 घन मीटर रहा। वहीं पराशर झील के पास अध्ययन की गई झील में करीब एक हजार बिंदु दर्ज हुए। इसकी अधिकतम गहराई करीब 1.3 मीटर और आयतन 2,947.53 घन मीटर आंका गया। शोधकर्ताओं ने झीलों में पानी की वास्तविक मात्रा का पता लगाने के लिए सोनार सर्वेक्षण से मिले आंकड़ों की तुलना पारंपरिक फार्मूलों से की।

    अध्ययन में पाया गया कि इन फार्मूलों से निकले अनुमान और वास्तविक सर्वेक्षण के आंकड़ों में भारी अंतर था। इससे संकेत मिलता है कि हिमालय की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित झीलों का आयतन केवल पारंपरिक फार्मूलों के आधार पर सटीक रूप से तय करना कठिन हो सकता है। शोध में आधुनिक सोनार आधारित सर्वेक्षण तकनीक को अधिक प्रभावी पाया गया। शोध कार्य में आईआईटी मंडी के स्कूल ऑफ सिविल एंड एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग की पीएचडी स्कॉलर भावना पाठक शामिल रहीं। 

    क्या है सोनार

    साउंड नेविगेशन एंड रेंजिंग यानी सोनार एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो ध्वनि तरंगों की सहायता से पानी के अंदर मौजूद वस्तुओं की दूरी, दिशा और स्थिति का पता लगाता है। इसे आमतौर पर जहाजों, पनडुब्बियों और समुद्री अनुसंधान कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है।

    सोनार और मानव रहित सतही नौका का संयोजन हिमालयी झीलों की गहराई, जल क्षमता और अन्य भौतिक विशेषताओं का आकलन करने का प्रभावी विकल्प है। इससे दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बिना बड़े और महंगे सर्वेक्षण उपकरणों के झीलों का अध्ययन किया जा सकता है। -प्रो. डेरिक्स प्रेज शुक्ला, प्रोफेसर, आईआईटी मंडी

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  • सिपाही का शव देखने के लिए हाथ जोड़ती रही महिला:बोली- मैं पत्नी हूं, आखिरी बार मिलने दो; रामपुर में फंदे से लटककर जान दी थी

    ‘एक बार मुझे ऊपर जाने दो… मैं अरुण की पत्नी हूं। हमारी आर्य समाज मंदिर में शादी हुई थी। मैं हाथ जोड़ रही हूं, मुझे आखिरी बार अरुण को देख लेने दो…।’ कभी SP, तो कभी पुलिसकर्मियों से रिक्वेस्ट करती यह महिला खुद भी पुलिसकर्मी है। रामपुर में गुरुवार (27 अगस्त) को हेड कॉन्स्टेबल अरुण शुक्ला (40) ने सुसाइड कर लिया था। मौत के कुछ घंटे बाद ही हड़बड़ाई हुई एक महिला पहुंची। एसपी जांच करके सीढ़ियों से नीचे आ रहे थे। दोनों का आमना-सामना हुआ। एसपी ने कुछ पूछताछ की और पुलिस महिला को लेकर चली गई। यह पूरी बातचीत दैनिक भास्कर रिपोर्टर के सामने हुई। मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र का है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… दोस्त बुलाने पहुंचा, तो बंद मिला दरवाजा अरुण 2005 बैच के सिपाही थे। वह 6 फरवरी, 2026 से रामपुर के SP ऑफिस में तैनात थे। वह आवास विकास कॉलोनी में किराए के मकान में फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे। गुरुवार शाम 7 बजे उनका दोस्त नितिन बैटमिंटन खेलने के लिए बुलाने पहुंचा। काफी देर तक खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, तो फोन किया। फोन भी नहीं उठा, तो मकान मालिक को फोन करके गेट खुलवाया। अंदर बेडरूम में अरुण का शव बेडशीट के सहारे पंखे से लटका मिला। घटना के समय मकान में उनके अलावा कोई मौजूद नहीं था। पुलिस फोर्स के साथ पुलिस अफसर भी मौके पर पहुंचे। शव को फंदे से नीचे उतरवाया गया। बरेली में रह रहे अरुण के परिवार को भी सूचना दी गई। शाहजहांपुर से आकर बरेली रहने लगा था परिवार अरुण का परिवार मूलरूप से शाहजहांपुर का रहने वाला था। पिता श्रीकृष्ण कुमार शुक्ला भी पुलिस में थे, जिनकी मौत हो चुकी है। अरुण की मां अपने बड़े बेटे अनिल के परिवार के साथ बरेली में रह रही हैं। 2 बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। अरुण की शादी साल-2012 में सुकीति के साथ हुई थी। सुकीति के पिता भी पुलिस विभाग में हैं। अरुण और सुकीति का एक 11 साल का एक बेटा भी है। बेटे के जन्म के बाद ही शुरू हो गया झगड़ा बेटे के जन्म के 1 साल बाद ही अरुण और सुकीति में झगड़े शुरू हो गए। पहले तो परिवारवालों ने समझा दिया, लेकिन कुछ दिन बाद ही सुकीति पीलीभीत में अपने मायके में जाकर रहने लगीं। बेटा भी मां के साथ ही रहता है। पिछले साल अरुण और सुकीति का तलाक हो गया, लेकिन पत्नी इससे सहमत नहीं थी। उन्होंने हाईकोर्ट में तलाक के खिलाफ अपील दायर की थी, जिस पर सुनवाई चल रही थी। जब एसपी पहुंचे, तभी आई महिला रात करीब 9:30 पर एसपी अनिल सिंह सिसोदिया मौके पर पहुंचे। वह ऊपर कमरे में गए, जहां अरुण का शव लटका था। ठीक इसी समय पीला टॉप और काली पैंट पहने एक महिला हड़बड़ाई हुई वहां पहुंची। वहां मौजूद लोगों से ऊपर जाने की जिद करने लगी। लोगों ने कुर्सी डाली और बैठने के लिए कहा, तो उनसे हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करने लगी। इसके बाद भागते हुए अरुण के कमरे की तरफ जाने लगी। ठीक उसी समय एसपी भी ऊपर से नीचे आ रहे थे। एक पुलिसकर्मी ने महिला को ऊपर जाने से रोका। एसपी नीचे आए और कुछ सेकेंड महिला से पूछताछ की। बोली- मेरी अरुण से शादी हो चुकी है महिला कैसे भी ऊपर जाना चाह रही थी। उसने कहा कि अरुण मेरा पति था। आर्यसमाज मंदिर में हमारी शादी हो चुकी है। प्लीज, मुझे ऊपर जाने दीजिए। एसपी को अरुण और उनकी पत्नी के बीच चल रहे तलाक के केस के बारे में पता था। इसलिए उन्होंने महिला को ऊपर जाने से रोक दिया। पुलिस की गाड़ी में बैठाकर महिला को थाने भेजा इसके बाद महिला को पुलिस की गाड़ी में बैठाकर सिविल लाइंस थाने भेज दिया गया। रात होने की वजह से कुछ देर बाद उसे महिला थाने में भेज दिया गया। एसपी अनिल सिंह सिसोदिया ने महिला के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने बस इतना बताया कि महिला भी पुलिसकर्मी है और मुरादाबाद में तैनात है। 28 अगस्त की सुबह खुद को अरुण की पत्नी बताने वाली महिला को फिर से सिविल लाइंस थाने लाया गया। यहां उससे पूछताछ की गई। फिर ब्लैक कलर की स्कॉर्पियों में बैठाकर दरोगा और कुछ पुलिसकर्मी उसे लेकर मुरादाबाद रवाना हो गए। वहीं, कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि महिला आर्य समाज मंदिर में शादी होने की बात कह रही थी। शादी कब हुई, अरुण को कबसे जानती है, यह सब नहीं बताया। बताया जा रहा है कि अरुण का इस महिला से काफी समय से अफेयर चल रहा था। लेकिन, महिला पिछले कुछ समय से किसी दरोगा के संपर्क में थी। इस बात को लेकर उसका अरुण का झगड़ा होता था। घटना वाले दिन भी दोनों का झगड़ा हुआ था और अरुण ने सुसाइड करने की बात कही थी। इसके बाद अरुण ने बेडशीट से फंदा बनाकर जान दे दी। महिला को अनहोनी की आशंका हो गई थी। इसी वजह से जानने वालों में सबसे पहले वही मौके पर पहुंची। मां को लेकर पहुंचा बड़ा भाई पुलिस ने घटना की जानकारी अरुण के घरवालों को दी। अरुण का भाई अनिल अपनी मां और बहन-बहनोई के साथ रामपुर पहुंचा। रक्षाबंधन से एक दिन पहले भाई की मौत पर बहन बिलखकर रो पड़ी। वहीं, पुलिस ने रात करीब 2.30 बजे शव का पोस्टमॉर्टम कराकर घरवालों को दे दिया। इसके बाद घरवाले शव लेकर बरेली रवाना हो गए। एडिशनल एसपी अनुराग सिंह ने बताया कि… अरुण के परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है। खुलासे के लिए टीम लगी हुई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। ——————— यह खबर भी पढ़ें… मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर 2.5 करोड़ की चोरी:70 तोला सोना, डायमंड और 5 किलो चांदी की ज्वेलरी समेट ले गए मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर से चोरों ने करीब 2.5 करोड़ रुपए की सोने-चांदी और डायमंड की ज्वेलरी चुरा ली। चोरी के वक्त दरोगा का परिवार घर पर नहीं था। चोरों ने घर के मेन गेट का ताला तोड़ा। अंदर जाकर चार कमरों के ताले तोड़े और अलमारी व बक्सों में रखी ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया। चोर नई नवेली दुल्हन के लिए लाया गया लहंगा और गाउन भी उठा ले गए। पढ़ें पूरी खबर…
  • रविकिशन ने आंखें फाड़कर राखी बंधवाई:श्रीप्रकाश शुक्ला एनकाउंटर पूछ रहे Gen-Z अफसर; DM साहब गधों पर भड़के

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  • देश के सामने सबसे बड़ा संकट BJP, बोले अखिलेश यादव- नफरत ही इसका एजेंडा

    समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को देश के सामने सबसे बड़ा संकट बताया. सपा मुखिया ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बीजेपी के पास नफरत फैलाने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है. रक्षाबंधन के अवसर पर अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे अखिलेश यादव ने यह बयान दिया. उन्होंने कहा कि देश में केवल एक ही संकट है और वह बीजेपी है. बीजेपी खुद सबसे बड़ा संकट है. वह जाएगी तो संकट भी चला जाएगा.

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पास नफरत फैलाने के अलावा कोई काम नहीं है. उन्होंने समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण की विरासत को बेचने का आरोप भी लगाया.

    बीजेपी को कोई खरीदने के लिए भी तैयार नहीं

    अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी के गठन के समय पार्टी ने खुद को समाजवादी पार्टी के रूप में पेश करने की कोशिश में जयप्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई थी, लेकिन अब उसने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र (जेपीएनआईसी) को बेच दिया है. सपा प्रमुख ने कटाक्ष करते हुए कहा, बीजेपी को कोई खरीदने के लिए भी तैयार नहीं है, वरना वह खुद को बेच देती. महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतें बढ़ने दे रही है.

    उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट

    उन्होंने कहा कि चीनी की बात करें तो चीनी महंगी हो गई है. सरकार पेट्रोल में एथेनॉल मिला रही है. मिलावट को लेकर कानून है और कानूनी तौर पर आप मिलावट नहीं कर सकते. लेकिन एक सोची-समझी रणनीति के तहत कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने और चुनावी चंदा हासिल करने के लिए सरकार ने उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे दी है.

    सरकार की नीतियों से बढ़ी महंगाई

    अखिलेश यादव ने दावा किया कि कंपनियों को मुनाफा कमाने में सक्षम बनाने के लिए चीनी, डीजल और पेट्रोल ऊंची कीमतों पर बेचे जा रहे हैं और सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि दवाइयां ऊंची कीमतों पर बेची जा रही हैं, एम्बुलेंस ठीक से काम नहीं कर रही हैं और पुलिसकर्मी लोगों से पैसे मांग रहे हैं.

    पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए आवंटित धन का दुरुपयोग किया गया और सवाल किया कि सरकार को इसके लिए जवाबदेह क्यों नहीं ठहराया जा रहा है. सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भारत के आजाद होने के बावजूद मीडिया पर पाबंदियां बढ़ गई हैं.

    उन्होंने कहा कि देश आजाद होने के बाद अंग्रेज भारत छोड़कर चले गए, लेकिन हम अभी भी आजाद नहीं हुए हैं. आज भी कई तरह की पाबंदियां हैं. आप स्कूलों की तस्वीरें नहीं दिखा सकते, स्कूलों की खराब हालत नहीं दिखा सकते. जो पत्रकार स्कूल की खराब हालत दिखाएगा, उसे जेल भेज दिया जाएगा. उन्होंने बीजेपी पर जानबूझकर शिक्षा को बढ़ावा नहीं देने का आरोप लगाया और कहा कि शिक्षित लोग सवाल पूछेंगे तथा सरकार के साथ बहस करेंगे.

    नेपाल में आई बाढ़ की आपदा पर जताई चिंता

    उन्होंने किसानों के मुद्दे पर आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराकर तथा कृषि उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित नहीं करके संकट पैदा कर दिया है. उन्होंने सवाल किया कि पहले हम सुनते थे कि बोरी से खाद चोरी हो जाती थी, लेकिन आज पूरी बोरी ही चोरी हो रही है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को अक्सर जरूरत के समय खाद और बीज नहीं मिलते और उनकी फसलों का पर्याप्त मूल्य भी नहीं मिलता. सपा अध्यक्ष ने पड़ोसी नेपाल में आई बाढ़ की आपदा पर भी चिंता जताई और भारत सरकार से नेपाल को हर संभव सहायता देने का आग्रह किया.

  • सिंगर को गोली मारकर शूटर्स बोले- काम हो गया:अखिलेश बोले- हम अंकित बालियान का स्मारक बनवाएंगे; शामली हत्याकांड का VIDEO

    शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या करने वाले बदमाशों का सीसीटीवी सामने आया। वे भागते हुए किसी से फोन पर बात कर रहे थे। लग रहा था जैसे वे कह रहे हों- काम हो गया है। फिलहाल, पुलिस अब तक हत्यारों का सुराग नहीं लगा पाई है। इस हत्याकांड पर सियासत भी शुरू हो गई है। सपा सांसद इकरा हसन ने परिवार से मुलाकात की। अंकित के पिता से अखिलेश यादव की बात भी करवाई। VIDEO देखिए…