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  • कमिश्नर ऑफिस के सामने के दुकानदारों को राहत:इन 38 दुकानों पर नहीं चलेगा नगर निगम का बुलडोजर

    कमिश्नर आफिस के सामने (कचहरी बस स्टैंड के पास) की 38 दुकानों पर नगर निगम बुलडोजर नहीं चलाएगा। इस फैसले से इन दुकानदारों को राहत मिली है। सीएम ग्रिड योजना के तहत यह सड़क चौड़ी करने के चलते इन दुकानों के अस्तित्व पर संकट आ गया था। जिसके बाद दुकानदारों ने दुकानें न तोड़ने की मांग की थी। यहां ये दुकानदार 31 सालों से कारोबार कर रहे हैं और इसी के सहारे इनका परिवार चलता है। दुकानों के साथ ही यहां कुछ आवास भी आवंटित हैं, उन आवासों के आवंटियों को भी राहत मिल गई है। आरएसएस से जुड़े विश्व संवाद केंद्र का आफिस भी यहीं है। कई दिनों तक इसको लेकर मंथन के बाद यह निर्णय लिया गया है कि यहां दुकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा है कि सड़क का निर्माण उपलब्ध राइट आफ वे के आधार पर किया जाएगा। इन दुकानों के पहले बने नाले को ही मजबूत बनाया जाएगा। दूसरी पटरी पर यानी कमिश्नर आफिस के सामने नाला बनाया जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा को निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। इसके लिए चयनित की गई फर्म को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि मौके का निरीक्षण कर सड़क के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए। सीएम ग्रिड के तहत और भी सड़कों का हो रहा निर्माण
    सीएम ग्रिड के तहत और भी सड़कों का निर्माण हो रहा है। करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड फेज-02 के तहत स्मार्ट सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना में शास्त्री चौक से छात्रसंघ चौराहा वाया आंबेडकर चौक होते हुए एश्प्रा तिराहा, एश्प्रा तिराहा से हरिओमनगर और हरिओमनगर तिराहा से कचहरी चौराहा वाया टाउनहाल तक का मार्ग शामिल है। नगर निगम के अनुसार अब तक करीब 17 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर सेंट एंड्रयूज कालेज की दीवार भी बाधक बन रही है। उसे भी शिफ्ट किया जा सकता है। इसी के साथ इंदिरा बाल विहार से हरिओम तिराहा की ओर जाने वाले मार्ग पर नजूल भूमि की दीवार और आर्बिट की ओर से कराए जा रहे निर्माण की दीवार को भी शिफ्ट कराया जाएगा। इन मार्गों पर जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए जलकल विभाग को पाइपलाइन को जल्द सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • ‘जिन मुस्लिम महिलाओं ने तीज गाने गाए, हिंदू हो गईं’:गाजियाबाद में BJP विधायक का बयान, बोले-अखिलेश ने घर वापसी कराई

    गाजियाबाद की लोनी सीट से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मुस्लिम महिलाओं के रक्षाबंधन और तीज मनाने के संदर्भ में टिप्पणी की। कहा कि मुस्लिम बहनों ने राखी बांधी है। उन्होंने तीज मनाया है। तीज के गाने गा लिए, वह काफिर हो गईं, यानी वह हिंदू हो गईं। यह भी कहा कि अखिलेश यादव ने राखी बंधवाकर मुस्लिम महिलाओं की घर वापसी कराई है। ‘अखिलेश पर राहु और संघ का प्रभाव’ विधायक ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर सपा प्रमुख अखिलेश यादव और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी पर हमला बोला। अखिलेश यादव के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि हम कह रहे हैं, उन्होंने (मुस्लिम महिलाओं ने) राखी बांधी है, मैंने देखा है। रक्षाबंधन के त्योहार में भले पूरी तरह नहीं बांधी, लेकिन बांधी है। हमारे यहां भी एक नेता ने सही किया, तीज के त्योहार में मुस्लिम महिलाओं को बुलाया। वह सारी की सारी बहनें इस्लाम में हो ही नहीं सकतीं, जिन्होंने तीज का त्योहार मना लिया, तीज के गाने गा लिए। इस्लाम में वो अपने आप ही काफिर हो गईं, मतलब हिंदू हो गईं। इसी तरह अखिलेश जी ने एक अच्छा काम किया है कि मुस्लिम बहनों की घर वापसी कराई है। ये प्रभाव उनके ऊपर राहु और संघ के स्वयंसेवक होने का आया है। जयंत चौधरी के बयान पर भी हमला भाजपा विधायक ने जयंत चौधरी के एक बयान को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश की पार्टी की 47 सीट थीं, जबकि जयंत चौधरी ने 100 से ज्यादा सीटें जिताने में भूमिका निभाई। उन्होंने चौधरी चरण सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कारण किसानों के पास जमीन बची। उन्होंने आरोप लगाया कि मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में चौधरी अजीत सिंह को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए उनके अपहरण और हत्या की साजिश की गई। ‘ब्राह्मण ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या को नहीं भूला’ विधायक ने अखिलेश पर डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम को लेकर टिप्पणी करने का आरोप लगाया। उन्होंने ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का ब्राह्मण उस घटना को नहीं भूला है। उन्होंने नीरज मिश्रा हत्याकांड का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उस समय ब्राह्मणों के साथ जघन्य अपराध हुआ था। ‘बूथ कैप्चरिंग करने वाले वोट चोरी की बात करते हैं’ भाजपा विधायक ने कहा कि जो लोग कभी बूथ कैप्चरिंग करते थे, वे आज वोट चोरी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सब देख रही है।
  • मेरठ में युवक का गला रेता, फिर गोली मार दी:पेट-पीठ और सीने पर गहरे जख्म, 4 बदमाश बाइक पर आए थे, 2 दबोचे गए

    मेरठ में शुक्रवार रात एक युवक की हत्या कर दी गई। दो बाइकों पर आए चार हमलावरों ने युवक को बीच सड़क रोक लिया। चाकू से उसके शरीर पर ताबड़तोड़ कई वार किए। गला रेता और फिर सीने में गोली मार दी। इससे युवक की मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े। यह देख हमलावर फरार हो गए। हत्या की खबर पाकर पुलिस और युवक के परिजन मौके पर पहुंचे। घरवालों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने दो युवकों को अरेस्ट किया है। पूछताछ में पता चला कि ईद पर आरोपियों की युवक से लड़ाई हुई थी। उसी रंजिश में आज हत्या कर दी। एसपी देहात अभिजीत ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। मामला जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर सरुरपुर थाना क्षेत्र के डाहर गांव का है। युवक की हत्या रात करीब 8:30 बजे की गई। 3 तस्वीर देखिए… अब विस्तार से पूरा मामला जानिए… डाहर गांव में रहने वाले शहजाद मजदूरी करते हैं। परिवार में पत्नी जाहिदा और चार बच्चे हैं। इनमें तीन बेटे और एक बेटी। सबसे बड़ा सालिम (22) था। उसकी डेढ़ साल पहले शादी हुई थी। परिवार में पत्नी रानी और एक साल की बेटी है। सालिम की कमाई से घर की जरूरतें पूरी होती थीं। सालिम शुक्रवार रात साढ़े 8 बजे घर से बाजार के लिए निकला था। लेकिन रास्ते में दो बाइकों पर 4 हमलावर आए। उन्होंने पहले उस पर चाकू से हमला किया। पेट, पीठ पर चाकू से वार किए। इसके बाद गर्दन को चाकू से रेत दिया। सालिम सड़क पर गिरा तड़प रहा था। तभी एक हमलावर ने उसे गोली मार दी। गोली सालिम के सीने पर लगी। लोग दौड़े तो हमलावर फरार हो गए। हत्या की खबर मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोग पुलिस के खिलाफ नारे लगाने लगे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास पड़ताल की। वारदात से जुड़े साक्ष्य जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों से जानकारी ली। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर गांव के रहने वाले शहजाद और गुलजार को पकड़ा है। पूछताछ में पता चला कि ईद पर दोनों की सालिम से लड़ाई हुई थी। मामला मारपीट तक पहुंच गया था। सरुरपुर थाने में मुकदमा भी लिखा गया था। उसी रंजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। एसपी देहात अभिजीत बोले- दो घंटे में खुलासा किया एसपी देहात अभिजीत कुमार हत्या में शामिल आरोपियों को पकड़ने के लिए चार टीमें बनाई थी। स्वाट टीम भी इसमें शामिल थी। घटना से महज दो घंटे में ही पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया है। ——–
    यह खबर भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर 2.5 करोड़ की चोरी:70 तोला सोना, डायमंड और 5 किलो चांदी की ज्वेलरी समेट ले गए मुजफ्फरनगर में रिटायर्ड दरोगा के घर से चोरों ने करीब 2.5 करोड़ रुपए की सोने-चांदी और डायमंड की ज्वेलरी चुरा ली। चोरी के वक्त दरोगा का परिवार घर पर नहीं था। चोरों ने घर के मेन गेट का ताला तोड़ा। अंदर जाकर चार कमरों के ताले तोड़े और अलमारी व बक्सों में रखी ज्वेलरी पर हाथ साफ कर दिया। चोर नई नवेली दुल्हन के लिए लाया गया लहंगा और गाउन भी उठा ले गए।पूरी खबर पढ़ें
  • बोलेरो की टक्कर से युवक की मौत:पत्नी को ससुराल से लेने जा रहा था, ड्राइवर फरार

    प्रतापगढ़ के रानीगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार 25 वर्षीय अजय सरोज की मौत हो गई। राजापुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में अजय की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मामा के घर राखी बंधवाकर पत्नी को लेने निकला था
    अजय सरोज मांधाता बाजार क्षेत्र का निवासी था। रक्षाबंधन के दिन वह देहात कोतवाली क्षेत्र के मतुई पृथ्वीगंज स्थित अपने मामा के घर राखी बंधवाने गया था। इसके बाद वह पत्नी को ससुराल से लेने के लिए देवगढ़ कमासिन जा रहा था। शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे राजापुर पेट्रोल पंप के पास हादसा हो गया। एक दिन पहले पत्नी को मायके छोड़ा था
    परिजनों के अनुसार, अजय ने एक दिन पहले ही अपनी पत्नी को मायके छोड़ा था और शुक्रवार को उसे वापस लेने जा रहा था। उसकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी। अजय तीन बहनों का इकलौता भाई और परिवार का एकमात्र बेटा था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। टक्कर के बाद बोलेरो लेकर भागा चालक
    बताया गया कि राजापुर पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार बोलेरो ने अजय की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अजय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस आसपास के इलाकों में उसकी तलाश कर रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाने के बाद शव को कब्जे में लिया। आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रानीगंज थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अज्ञात बोलेरो चालक की तलाश की जा रही है। मामले की जांच पड़ताल जारी है।
  • मथुरा में उमा भारती ने दाऊजी महाराज को बांधी राखी:रक्षाबंधन पर बलदेव पहुंचीं पूर्व CM, आराध्य को मानती हैं अपना बड़ा भाई

    मथुरा के बलदेव स्थित श्री दाऊजी महाराज मंदिर में शुक्रवार शाम करीब 4 बजे मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पहुंचीं। रक्षाबंधन के अवसर पर उन्होंने श्री दाऊजी महाराज के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उमा भारती ने अपने आराध्य और बड़े भाई के रूप में पूजे जाने वाले दाऊजी महाराज को राखी अर्पित कर मनौती मांगी। उमा भारती का श्री दाऊजी महाराज से लंबे समय से आत्मीय जुड़ाव है। वह दाऊजी महाराज को अपना बड़ा भाई मानती हैं। इसी आस्था के चलते वह हर वर्ष रक्षाबंधन और भैयादूज पर मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजा करती हैं। पूजा में काफी देर तक रहीं ध्यानमग्न मंदिर में पूजा के दौरान उमा भारती भाव-विभोर नजर आईं। वह कुछ देर मंदिर परिसर में बैठकर ध्यानमग्न रहीं और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने दाऊजी महाराज को राखी भेंट कर आशीर्वाद लिया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर पदाधिकारियों ने किया स्वागत मंदिर पहुंचने पर पदाधिकारियों ने उमा भारती का स्वागत किया। बैकुंठ नाथ पांडेय ने उन्हें श्री दाऊजी महाराज की महिमा, धार्मिक मान्यताओं और मंदिर की परंपराओं के बारे में जानकारी दी। उमा भारती ने मंदिर की व्यवस्थाओं और धार्मिक परंपराओं की जानकारी भी ली। इन लोगों की रही मौजूदगी इस दौरान बैकुंठ नाथ पांडेय, मुरारी लाल पांडेय, गोपाल पांडेय, योगेश पांडेय, विष्णु पांडेय महंत, मनोज पांडेय, जीतू पांडेय, ब्रजवासी पांडेय, जतिन पांडेय, मनी पांडेय, माधव और हेमंत पांडेय समेत कई लोग मौजूद रहे।
  • कवाल कांड में मारे गए सचिन-गौरव की 13वीं पुण्यतिथि:मलिकपुरा में स्मारक पर जुटे जनप्रतिनिधि और ग्रामीण; दंगे में मारे गए लोगों को दी श्रद्धांजलि

    मुजफ्फरनगर के कवाल कांड में मारे गए ममेरे-फुफेरे भाई सचिन और गौरव की 13वीं पुण्यतिथि पर शुक्रवार को मलिकपुरा स्थित स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, परिजनों और ग्रामीणों ने दोनों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सभा में वक्ताओं ने 2013 के कवाल कांड और उसके बाद हुए दंगों का जिक्र करते हुए तत्कालीन सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हवन के बाद सचिन-गौरव को दी श्रद्धांजलि
    मलिकपुरा स्थित स्मारक पर देवपाल शास्त्री ने हवन कराया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों, परिजनों और ग्रामीणों ने सचिन और गौरव को श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कवाल कांड के बाद तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह और एसएसपी मंजिल सैनी का मौके से ही तबादला किए जाने से जिले की स्थिति और बिगड़ी थी। उन्होंने कहा कि उस समय लिए गए प्रशासनिक फैसलों का असर पूरे जिले में देखने को मिला। राज्यमंत्री कपिल देव ने सपा सरकार पर साधा निशाना
    राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने 2013 की तत्कालीन सपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सचिन और गौरव की घटना को क्षेत्र और समाज कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि दोनों की स्मृति आज भी लोगों के मन में जीवित है। संजीव बालियान बोले- पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है भाजपा
    पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि भाजपा सचिन, गौरव और दंगे से प्रभावित सभी 12 परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि संकट के किसी भी समय पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने 2013 के दंगे को तत्कालीन सपा सरकार की विफलता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार में कानून का राज कायम है। दंगे में मारे गए 12 लोगों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर दी संवेदना
    सभा में सचिन और गौरव के अलावा 2013 के दंगे में जान गंवाने वाले 12 अन्य लोगों के परिजनों को भी शॉल ओढ़ाकर संवेदना व्यक्त की गई। इस दौरान माहौल भावुक हो गया। श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व विधायक उमेश मलिक, सुप्रिया पाल समेत अन्य वक्ताओं ने भी विचार रखे। कवाल और मलिकपुरा में बढ़ाई गई सुरक्षा
    सचिन और गौरव की पुण्यतिथि को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कवाल और मलिकपुरा में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। दोनों गांवों में पुलिस बल तैनात किया गया था। सीओ जानसठ ऋषिका सिंह ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
    सभा में जानसठ ब्लॉक प्रमुख नरेंद्र चौधरी, जिला कोऑपरेटिव बैंक अध्यक्ष ठाकुर रामनाथ सिंह, यनेश तंवर, प्रविंद्र भड़ाना, गौरव स्वरूप, बृजेश रस्तोगी, अनिल राठी, संचित प्रधान और सत्यम गुर्जर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। दंगे में जान गंवाने वालों को भी किया याद
    सभा में सचिन और गौरव के साथ दंगे में मारे गए रहमतपुर के अजय कुमार, बरीड़ा के बुगपाल राणा, भोकरहेड़ी के सोहनवीर सिंह, काकड़ा के विकास, महेंद्र, राजबीर, राजेश वर्मा, रामबीर, जगपाल, जोगेंद्र, वीरेंद्र उर्फ बब्बू और सोरम के विपिन बालियान को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
  • अयोध्या अस्पताल में ठेले पर ले जाया गया शव:परिजन बोले- शव वाहन के लिए भटकाते रहे कर्मचारी, CMO ने कहा- मामला दिखवा रहे

    अयोध्या के जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में मरीज की मौत के बाद शव को ठेले पर ले जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो शुक्रवार 28 अगस्त शाम का बताया जा रहा है। सब्जी मंडी निवासी मृतक के परिजनों का आरोप है कि शव घर ले जाने के लिए उन्होंने अस्पताल में शव वाहन मांगा, लेकिन कर्मचारी उन्हें एक-दूसरे के पास भेजते रहे। शव वाहन के लिए काफी देर तक इंतजार परिजनों के मुताबिक, मरीज की मौत के बाद उन्होंने अस्पताल स्टाफ से शव वाहन उपलब्ध कराने को कहा। आरोप है कि वार्ड की महिला स्टाफ ने ड्राइवर का नंबर उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इसके बाद उन्हें दूसरे कर्मचारियों के पास भेजा गया। काफी देर इंतजार के बाद भी शव वाहन की व्यवस्था नहीं हो सकी। ठेले पर शव रखकर ले जाने को मजबूर शव वाहन नहीं मिलने पर परिजनों ने शव को ठेले पर रखा और अस्पताल से घर की ओर ले गए। इसी दौरान किसी ने इसका वीडियो बना लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिला अस्पताल की शव वाहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निजी एंबुलेंस के लिए पैसे देने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस सुविधा शुल्क लेकर उपलब्ध कराई जाती है। वहीं, जिला चिकित्सालय में शव वाहन की सुविधा होने की बात कही जाती है। ऐसे में सवाल है कि जरूरत के समय शव वाहन उपलब्ध क्यों नहीं कराया गया। CMO बोले- मामला संज्ञान में नहीं आया मुख्य चिकित्सा अधिकारी अयोध्या डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम वह जिला अस्पताल में ही मौजूद थे। उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटना हुई है तो मामले को तत्काल दिखवाया जा रहा है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जानकारी जुटा रहा है। परिजनों ने जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई और जरूरत के समय शव वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।
  • गोंडा में 3 घंटे में बोलेरो चोरी का खुलासा:मोतीगंज पुलिस ने किया बरामद, आरोपी संतोष कुमार तिवारी को भेजा जेल

    गोंडा के मोतीगंज पुलिस ने चोरी हुई बोलेरो को महज तीन घंटे में बरामद करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मोतीगंज थाना क्षेत्र के हड़हवा गांव निवासी राम प्रकाश ने शुक्रवार शाम करीब 6 बजे अपनी सफेद रंग की बोलेरो चोरी होने की तहरीर दी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज की मदद से रात करीब 9 बजे वजीरगंज थाना क्षेत्र के जमलापुर बाजार से चोरी हुई बोलेरो बरामद कर ली गई। मौके से आरोपी संतोष कुमार तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया। चोरी के बाद भागते समय बाइक में मारी टक्कर
    बताया जा रहा है कि बोलेरो चोरी करने के बाद आरोपी संतोष कुमार तिवारी उसे लेकर भाग रहा था। इसी दौरान जमलापुर बाजार में उसने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लोग आरोपी की पिटाई करते नजर आ रहे हैं।
    सीसीटीवी फुटेज से मिली आरोपी की लोकेशन
    बोलेरो चोरी की सूचना मिलने के बाद मोतीगंज पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान पुलिस को चोरी की बोलेरो के जमलापुर बाजार की ओर जाने की जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर कार्रवाई की और बोलेरो बरामद करने के साथ आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पहले भी जा चुका है जेल
    सीओ सदर अभिषेक दावाचा ने बताया कि राम प्रकाश ने डायल 112 और मोतीगंज पुलिस को बोलेरो चोरी होने की सूचना दी थी। इसके बाद कहोबा चौकी प्रभारी सुधीर कुमार यादव और मोतीगंज थानाध्यक्ष तेज नारायण गुप्ता को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस को आरोपी के जमलापुर बाजार के पास होने की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ जारी
    पुलिस के अनुसार, संतोष कुमार तिवारी पहले भी एक मामले में जेल जा चुका है। उसके खिलाफ अब तक दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और चोरी की घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
  • महिला एवं बाल विकास अफसर बनकर ठगी:प्रयागराज में वकील दंपती के 2 खातों से 79 हजार पार, सहायता राशि का दिया झांसा

    प्रयागराज में महिला एवं बाल विकास योजना के नाम पर साइबर ठगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता दंपती को निशाना बना लिया। फर्जी अधिकारी बनकर ठग ने उनकी चार महीने की बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सरकारी सहायता राशि स्वीकृत होने का झांसा दिया। इसके बाद गूगल-पे का स्कैनर मंगवाकर खाते से रकम ट्रांसफर कराने के नाम पर दोनों के बैंक खातों से करीब 79 हजार रुपये पार कर दिए। दारागंज के अलोपीबाग में रहते हैं
    मामला दारागंज थाना क्षेत्र के अलोपीबाग स्थित पंजाबी कॉलोनी का है। यहां रहने वाले अधिवक्ता राजेश वोहरा और उनकी पत्नी प्रतिभा वोहरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 अगस्त की शाम करीब चार बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को महिला एवं बाल विकास योजना का अधिकारी बताया। बेटी के नाम पर 12 हजार की सहायता का दिया झांसा
    ठग को दंपती की चार महीने की बेटी और परिवार से जुड़ी कई सही जानकारियां पहले से पता थीं। उसने बताया कि महिला एवं बाल विकास योजना के तहत उनकी बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हुई है। रकम खाते में भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उसने पति-पत्नी दोनों के बैंक खातों की जानकारी ली। इसके बाद ठग ने दोनों से उनके गूगल-पे का स्कैनर व्हाट्सएप पर मंगवा लिया। उसने कहा कि उसके बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी करने पर करीब आधे घंटे में सरकारी सहायता की रकम खाते में पहुंच जाएगी। पैसे आने के बजाय खाते से कटने लगे
    दंपती ने जैसे ही ठग के बताए निर्देशों का पालन किया, उनके खातों में 12 हजार रुपये आने के बजाय रकम कटने लगी। प्रतिभा वोहरा के खाते से 38,519.28 रुपये और राजेश वोहरा के खाते से 40,903.63 रुपये निकल गए। दोनों खातों से कुल 79,422.91 रुपये की ठगी हुई। पुलिस बोली, जांच कराई जा रही
    ट्रांजैक्शन के मैसेज आने के बाद दंपती को साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल दारागंज थाने में शिकायत दी। पुलिस को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और गूगल-पे से हुए ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए हैं। दारागंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि जांच कराई जा रही है।
  • लखनऊ ने वकील ने फंदा लगाकर जान दी:सुसाइड के कारणों का पता लगा रही पुलिस, 50 साल के थे

    लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक वकील ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों द्वारा उन्हें रानी लक्ष्मीबाई संयुक्त चिकित्सालय राजाजीपुरम ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मृतक की पहचान 50 वर्षीय वकील राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो पिंकसिटी बुद्धेश्वर में रहते थे। शुक्रवार की रात करीब 8 बजे उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया था। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। परिजनों के अनुसार, राजेंद्र सिंह ने फांसी लगाई थी। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। सूचना मिलते ही पारा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है। पुलिस के मुताबिक, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।