
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बीए सेकेंड ईयर के छात्र कृष्णा शर्मा ने गुरुवार देर रात पीजी के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। 20 वर्षीय कृष्णा जम्मू के मस्तगढ़ का रहने वाला था और एएमयू में फॉरेन लैंग्वेज (फ्रेंच) की पढ़ाई कर रहा था। कमरे से 5 लाइन का सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने खुद को ‘लूजर’ बताते हुए लिखा कि वह कुछ नहीं कर पा रहा है। इसलिए जान दे रहा है। पुलिस के मुताबिक नोट में उसने किसी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। भास्कर से फोन पर बातचीत में जम्मू से कृष्णा की छोटी बहन काव्या ने बताया कि करीब 7-8 महीने पहले जम्मू की ही एक लड़की से भाई की दोस्ती हुई थी। लड़की उम्र में उससे बड़ी थी। वह उससे फोन पर बात करता था। बहन ने आशंका जताई कि गुरुवार रात परिवार से बात करने के बाद उसका उसी लड़की से विवाद हुआ होगा। पुलिस कृष्णा के मोबाइल की कॉल और चैट की जांच कर रही है। रात 9 बजे परिवार से हंसी-खुशी हुई थी बात कृष्णा की बहन ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे परिवार की उससे फोन पर बात हुई थी। बातचीत सामान्य थी और वह हंसी-खुशी बात कर रहा था। परिवार में भी किसी तरह की परेशानी नहीं थी। बहन के मुताबिक कृष्णा पढ़ने-लिखने में होशियार था। उसे भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके भाई के मन में कोई बड़ी परेशानी चल रही है। उसने कहा कि भाई का मोबाइल मिलने के बाद काफी कुछ स्पष्ट हो सकता है। 5 लाइन के नोट में ‘बाबू’ किसके लिए लिखा? पुलिस को कमरे की तलाशी के दौरान पांच लाइन का सुसाइड नोट मिला। इसमें कृष्णा ने मां-पिता और बाबू को संबोधित किया है। नोट में उसने खुद को ‘लूजर’ बताते हुए लिखा- ‘कुछ नहीं कर पा रहा, इसलिए जान दे रहा हूं।’ नोट में ‘बाबू’ शब्द किसके लिए लिखा है, यह अभी सवाल बना हुआ है। अपनी छोटी बहन या फिर किसी महिला मित्र के लिए बाबू लिखा? पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार नोट में किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है। चार दिन पहले ही छुट्टी से लौटा था एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान के अनुसार कृष्णा घटना से करीब चार दिन पहले ही छुट्टी से अलीगढ़ लौटा था। वह कैंपस के बाहर बाबे-सैयद गेट के पास दोदपुर इलाके में पीजी में रहता था। कृष्णा के कमरे में एक अन्य छात्र भी रहता था। उसके रूम पार्टनर के मुताबिक, रात में कृष्णा ने उसे कुछ देर के लिए बाहर जाने को कहा। उसने कपड़े रखने की बात कही थी। डेढ़ बजे लौटा दोस्त तो अंदर से बंद था कमरा रूम पार्टनर के बाहर जाने के बाद कृष्णा कमरे में अकेला था। जब वह करीब डेढ़ बजे वापस आया तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने कई बार आवाज दी और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने जंगले से झांककर देखा तो कृष्णा का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका हुआ था। उसने शोर मचाकर पीजी में रहने वाले अन्य लोगों को बुलाया। सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस और एएमयू की प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, मोबाइल कब्जे में पुलिस ने घटनास्थल की जांच के बाद कमरे को सील कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। कृष्णा का मोबाइल और सुसाइड नोट पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मोबाइल का लॉक खुलवाने की कोशिश कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि घटना से कुछ देर पहले कृष्णा ने फोन पर किसी से बातचीत की थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह किससे बात कर रहा था और बातचीत के बाद क्या हुआ। दोस्तों ने कहा- खुशमिजाज था कृष्णा कृष्णा के साथ पढ़ने वाले और जम्मू के रहने वाले छात्रों ने बताया कि वह पढ़ाई में होशियार और खुशमिजाज था। सामान्य तौर पर वह कक्षा में जाता था और कमरे पर पढ़ाई करता था। दोस्तों के बीच भी वह सामान्य तरीके से रहता था। एक दोस्त के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले ही उसकी कृष्णा से मुलाकात हुई थी। तब उसका व्यवहार सामान्य था। पीजी में रहने वाले अन्य छात्रों ने भी बताया कि कृष्णा को देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वह किसी गंभीर परेशानी से गुजर रहा है। पिता बेटे का शव लेकर जम्मू गए शुक्रवार देर शाम कृष्णा के पिता विक्रांत शर्मा जम्मू से अलीगढ़ पहुंचे। पुलिस ने उनसे बातचीत कर घटना के संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन इकलौते बेटे की मौत से गम में डूबे पिता ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव पिता को सौंप दिया गया। वह बेटे का शव लेकर जम्मू रवाना हो गए। उन्होंने इतना कहा कि वह दोबारा अलीगढ़ आएंगे और बेटे का सामान लेकर जाएंगे। तब बाकी बात करेंगे। पोस्टमार्टम में हैंगिंग यानी फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है। रक्षाबंधन पर घर आने वाला था कृष्णा कृष्णा के पिता जम्मू के पीर मीठा इलाके में पूजा-पाठ का काम करते हैं। परिवार में मां-पिता, दादा और छोटी बहन हैं। कृष्णा इंटर के बाद एएमयू में पढ़ाई के लिए अलीगढ़ आया था। हॉस्टल नहीं मिलने के कारण वह पीजी में रहता था। परिवार के मुताबिक, करीब दो महीने पहले वह एक आयोजन में शामिल होने घर गया था। तब उसने रक्षाबंधन पर घर आने की बात कही थी। लेकिन रक्षाबंधन पर वह घर नहीं पहुंच सका और परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अब मोबाइल और बातचीत से खुलेगा मौत का राज कृष्णा की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सुसाइड नोट में किसी व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। दूसरी तरफ बहन ने लड़की से दोस्ती और संभावित विवाद की आशंका जताई है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह के मुताबिक मोबाइल लॉक है, जिसे खुलवाया जा रहा है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। मोबाइल की कॉल और चैट, सुसाइड नोट और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच के बाद ही आत्महत्या की वजह स्पष्ट हो सकेगी। एएमयू में छात्र आत्महत्याओं पर फिर सवाल कृष्णा की मौत के बाद एएमयू में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर फिर सवाल खड़े हुए हैं। इससे पहले भी विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में कृष्णा की मौत के बाद एक बार फिर छात्र सुरक्षा, काउंसलिंग व्यवस्था और विश्वविद्यालय की संस्थागत जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। …………………………….. ये खबर भी पढ़ें- पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर अचानक बस रोकी, 3 की मौत: रक्षाबंधन मनाने जा रहे थे, ड्राइवर बाथरूम के लिए उतरा, ट्रक ने टक्कर मारी सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बस को ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 3 यात्रियों की मौत हो गई। जबकि 20 यात्री घायल हैं। इनमें 5 गंभीर है। गुरुवार तड़के 5.30 बजे ड्राइवर को पेशाब लगी। उसने एक्सप्रेस-वे पर थोड़ा किनारे करके बस को रोक दिया। नीचे उतरकर चला गया। तभी तेज रफ्तार ट्रक आया और पीछे से बस में घुस गया। पढ़िए पूरी खबर…
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