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  • हिमाचल में बादल फटने से मची त***ी: फ्लैश फ्लड से 4 हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान; लोगों में मची अफरा तफरी 

    हिमाचल में बादल फटने से मची तबाही: फ्लैश फ्लड से 4 हाइड्रो प्रोजेक्ट को नुकसान; लोगों में मची अफरा तफरी 

    रामपुर बुशहर के काशापाट क्षेत्र में नोगली खड्ड में फ्लैश फ्लड

    रामपुर बुशहर (शिमला)। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाता नजर आया है। शिमला जिले के रामपुर बुशहर के काशापाट क्षेत्र में शुक्रवार रात बादल फटने के बाद नोगली खड्ड अचानक उफान पर आ गई। देखते ही देखते खड्ड में इतना तेज फ्लैश फ्लड आया कि आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। पानी के साथ भारी मात्रा में गाद, मलबा और गंदा पानी नीचे की ओर आया, जिसकी चपेट में क्षेत्र में संचालित कई हाइड्रो पावर परियोजनाएं आ गईं।

    काशापाट क्षेत्र के सगेती कंडे में बादल फटने के बाद बारिश का पानी बेहद तेजी से नोगली खड्ड में पहुंचा। स्थानीय लोगों के अनुसार रात में खड्ड की तरफ से पानी और मलबे के तेज बहाव की डरावनी आवाजें सुनाई दे रही थीं। अंधेरे में अचानक आए इस सैलाब ने लोगों को सहमा दिया। कई लोग पूरी रात स्थिति पर नजर बनाए रहे। काशापाट पंचायत के प्रधान प्यासू मल के अनुसार चोटी की तरफ बादल फटने के बाद खड्ड में भारी मात्रा में पानी और मलबा आया।

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    नोगली खड्ड में अचानक आए फ्लैश फ्लड का सीधा असर क्षेत्र की जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ा है। पानी में भारी मात्रा में गाद और मलबा आने के कारण परियोजनाओं में विद्युत उत्पादन रोकना पड़ा। प्रभावित परियोजनाओं में कुंदन ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड राजपुरा (9.9 मेगावाट), साईं इलेक्ट्रिक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (4.5 मेगावाट), जीसी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (5 मेगावाट) और ग्रीको जोगणी (16 मेगावाट) शामिल हैं। 

    फ्लैश फ्लड की सूचना मिलते ही परियोजना प्रबंधन और प्रशासन हरकत में आ गए। नोगली खड्ड के किनारे रह रहे परियोजना के मजदूरों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया। कुंदन ग्रीन एनर्जी के परियोजना प्रमुख विनोद के अनुसार शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे प्रशासन की ओर से खड्ड में भारी फ्लैश फ्लड आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही मजदूरों को वहां से हटाया गया। समय रहते की गई इस कार्रवाई से किसी बड़ी जनहानि को टाल दिया गया।

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    काशापाट में बादल फटने के बाद आई बाढ़ का असर गंगदारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट पर भी पड़ा है। परियोजना की इंटेक संरचना को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
    प्लांट इंचार्ज धीरज वर्मा के अनुसार बाढ़ के तेज बहाव से इंटेक के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम राफ्ट के साथ बॉटम कन्वेयंस चैनल क्षतिग्रस्त हुआ है। चैनल के तल में भी काफी कटाव हुआ है। पानी का बहाव इतना शक्तिशाली था कि कुछ क्रेट्स तक बह गए। बाढ़ के बाद परियोजना स्थल पर बड़ी मात्रा में मलबा जमा हो गया है। अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

    बादल फटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने स्थानीय लोगों को भी डरा दिया। पहाड़ी इलाकों में रात के समय अचानक बढ़ता जलस्तर और मलबे का तेज बहाव किसी बड़े खतरे की आशंका पैदा कर देता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, खड्ड और नालों के किनारे जाने से पूरी तरह बचें। खासकर बारिश के दौरान पानी का स्तर देखने या वीडियो बनाने के लिए खड्ड के नजदीक जाना जानलेवा साबित हो सकता है।

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    मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश को अब तक भारी आर्थिक और मानवीय नुकसान झेलना पड़ा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार मानसून के दौरान प्रदेश में करीब 1,237 करोड़ रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंच चुका है, जबकि 267 लोगों की जान जा चुकी है। 

  • जरूरत की खबर- पेनकिलर खाने से खराब हुई किडनी:डॉक्टर से जानें इसके साइड इफेक्ट्स, कब पेनकिलर लेना सही, बिना दवा दर्द कैसे कम करें

    मध्य प्रदेश के इंदौर में रहने वाले 31 वर्षीय नंदराम को बुखार और हाथ-पैर में दर्द था। पेन रिलीफ के लिए उन्होंने मेडिकल स्टोर से खरीदकर पेनकिलर खाना शुरू कर दिया। दवा खाने पर कुछ समय के लिए आराम मिलता, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा दर्द होने लगता। वे हर बार पेनकिलर ले लेते। धीरे-धीरे यह उनकी आदत बन गई। एक महीने में उन्होंने करीब 13 बार पेनकिलर खा ली। कुछ समय बाद उन्हें पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। जांच में पता चला कि उनकी दोनों किडनियां खराब हो चुकी हैं। करीब एक साल तक डायलिसिस के बाद उनकी मां ने अपनी किडनी देकर उन्हें नई जिंदगी दी। अक्सर लोग सुरक्षित दवा समझकर बिना डॉक्टरी सलाह के पेनकिलर खा लेते हैं, जबकि जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक खाने पर यह दवा किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में पेनकिलर के हेल्थ रिस्क पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. अजय नायर, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- पेनकिलर क्या है? जवाब- पेनकिलर ऐसी दवाएं हैं, जो दर्द से राहत दिलाती हैं और उसे कंट्रोल करने में मदद करती हैं। कुछ पेनकिलर्स सूजन को कम करने में भी मदद करती हैं। इन्हें मुख्य रूप से दो कैटेगरी में बांटा जाता है- डॉक्टर जरूरत के अनुसार इसे लेने की सलाह देते हैं। सवाल- किन हेल्थ कंडीशंस में डॉक्टर पेनकिलर देते हैं? जवाब- डॉक्टर दर्द की वजह और गंभीरता के आधार पर पेनकिलर देते हैं, जैसेकि- सवाल- बतौर मेडिसिन पेनकिलर के क्या फायदे हैं? जवाब- पेनकिलर दवाएं दर्द के लक्षणों को कम करके मरीज को राहत देती हैं। इसके फायदे ऐसे समझिए- सवाल- पेनकिलर के साइड इफेक्ट या नुकसान क्या हैं? जवाब- ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में जुलाई, 2021 में एक स्टडी पब्लिश हुई। इसके मुताबिक, लंबे समय तक पेनकिलर लेने से लिवर और किडनी डैमेज का रिस्क होता है। इससे हार्ट डिजीज का रिस्क भी बढ़ता है। बार-बार या जरूरत से ज्यादा पेनकिलर खाने के सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन समस्याओं में लोग अक्सर बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेते हैं? जवाब- बहुत से लोग मामूली या बार-बार होने वाली तकलीफों में खुद ही मेडिकल स्टोर से पेनकिलर खरीदकर खा लेते हैं। ग्राफिक में समस्याओं की लिस्ट देखिए- सवाल- पेनकिलर का किडनी पर क्या असर होता है? इंदौर में सिर्फ 13 दिन पेनकिलर लेने से व्यक्ति की किडनी क्यों डैमेज हो गई? जवाब- कुछ पेनकिलर, खासकर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs), किडनी में ब्लड फ्लो कम कर सकती हैं। इससे किडनी की कार्यक्षमता अचानक प्रभावित होती है। हालांकि, सिर्फ 13 दिन दवा लेने से किडनी डैमेज होना काफी रेयर है। इस मामले में पेनकिलर की मात्रा, प्रकार, डिहाइड्रेशन, पहले से मौजूद हेल्थ कंडीशन और अन्य कारणों की भी भूमिका हो सकती है। सवाल- पेनकिलर्स सिर्फ किडनी को डैमेज करती हैं या शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचाती हैं? जवाब- पेनकिलर्स का जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इस्तेमाल किडनी के अलावा शरीर के दूसरे अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। डिटेल ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पेनकिलर से होने वाला किडनी डैमेज स्थायी होता है? जवाब- डॉक्टर अजय नायर बताते हैं कि अगर समय रहते दवा बंद कर इलाज शुरू हो जाए तो किडनी की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है। कुछ मामलों में किडनी डैमेज स्थायी भी हो सकता है। सवाल- क्या कभी-कभार पेनकिलर लेने से भी किडनी डैमेज हो सकती है? जवाब- आमतौर पर स्वस्थ व्यक्ति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार कभी-कभार पेनकिलर लेने से किडनी डैमेज का रिस्क नहीं होता है। हालांकि, कुछ लोगों में कम समय में भी किडनी पर बुरा असर हो सकता है। सवाल- किन लोगों के लिए पेनकिलर लेना ज्यादा रिस्की है? जवाब- डॉक्टर की सलाह के बिना पेनकिलर लेना हर किसी के लिए रिस्की है। लेकिन कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट का जोखिम ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- पेनकिलर लेने के बाद कौन-से लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए? जवाब- पेनकिलर लेने के बाद कुछ असामान्य या गंभीर लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज न करें। ग्राफिक में ऐसे लक्षण देखिए- सवाल- किन दवाओं के साथ पेनकिलर लेना ज्यादा रिस्की हो सकता है? जवाब- कुछ दवाओं के साथ पेनकिलर लेने पर साइड इफेक्ट और किडनी डैमेज का रिस्क बढ़ता है। हालांकि कौन-सी दवाएं साथ में सुरक्षित हैं, यह पेनकिलर के प्रकार और व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन पर निर्भर करता है। ग्राफिक में इंटरैक्ट करने वाली दवाएं देखिए- सवाल- पेनकिलर्स लेने का सही तरीका क्या है? जवाब- पेनकिलर्स डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लें। जरूरत के मुताबिक, कम डोज और कम-से-कम समय के लिए इस्तेमाल करना बेहतर है। सवाल- जिन सामान्य स्थितियों में लोग थोड़ा भी दर्द सहने के बजाय तुरंत पेनकिलर लेते हैं, उनमें दर्द से राहत पाने का दूसरा सेफ तरीका क्या है? जवाब- हल्के और सामान्य दर्द में हर बार पेनकिलर लेने की जरूरत नहीं होती। दर्द की वजह के अनुसार कुछ दूसरे उपाय भी राहत दे सकते हैं, जैसेकि- **************** ग्राफिक्स- अजीत सिंह ……………………. ये खबर भी पढ़ें…. जरूरत की खबर- OMAD डाइट से घटाया 38 किलो वजन:क्या ये सेफ है, इसे कैसे फॉलो करें, क्या सावधानी रखें, डाइटीशियन से जानें सबकुछ हाल ही में कंटेंट क्रिएटर जेफिन ने अपनी वेट लॉस जर्नी के बारे में बताया। उन्होंने एक साल में 38 किलो वजन कम किया। इसके लिए उन्होंने OMAD (वन मील अ डे) डाइट अपनाई। इसमें पूरे दिन में सिर्फ एक मील खाई जाती है। यह तेजी से वेट लॉस का पॉपुलर तरीका है। पूरी खबर पढ़ें…
  • BCCI अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम में गैप चाहता है:SENA टूर से पहले आराम-प्रैक्टिस का समय, 22-23 सितंबर को दुबई में वर्कशॉप

    BCCI अगले फ्यूचर टूर प्रोग्राम में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त आराम और विदेशी परिस्थितियों में ढलने का समय चाहता है। खासतौर पर SENA देशों (साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के टूर से पहले खिलाड़ियों को प्रैक्टिस और फ्रेंडली मैच के लिए समय देने की योजना है। BCCI अपने FTP मैनेजर्स को इसी के अनुसार अगले FTP की योजना बनाने के निर्देश देगा। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने गुरुवार को भारतीय टीम की रिव्यू मीटिंग के बाद यह जानकारी दी। 22-23 सितंबर को दुबई में होगी FTP वर्कशॉप 2027 से 2031 के इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल पर चर्चा के लिए 22 और 23 सितंबर को दुबई में वर्कशॉप होगी। इसमें सभी क्रिकेट बोर्ड की ऑपरेशंस टीमें हिस्सा लेंगी। BCCI भी अपनी टीम भेजेगा। वर्कशॉप में टॉप-8 एसोसिएट देशों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। सैकिया ने कहा, हमारे सामने चुनौती यह है कि साल में बहुत ज्यादा मैच हो रहे हैं। इसलिए अगले FTP में हम कुछ बदलाव और उपाय करेंगे। हमने अपने FTP से जुड़े लोगों को निर्देश दिया है कि ऐसा शेड्यूल तैयार किया जाए, जिसमें खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम मिले। SENA देशों में किसी बड़ी सीरीज से पहले उन्हें वहां की परिस्थितियों में ढलने का समय या फ्रेंडली मैच भी मिलें।” BCCI के FTP मैनेजर्स को मौजूदा बाइलैटरल सीरीज और ICC टूर्नामेंट्स के बीच शेड्यूल में खाली जगह बनानी होगी। हालांकि, अगले कुछ सालों में भारत का कार्यक्रम पहले से ही काफी व्यस्त है। 2028 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरे भारत 2028 की शुरुआत में इंग्लैंड की मेजबानी करेगा। दोनों टीमों के बीच पांच टेस्ट खेले जाएंगे। इसी साल के अंत में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। इसके बाद रिटर्न सीरीज होंगी। भारत के 2029 में इंग्लैंड दौरे और 2031 में ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी का कार्यक्रम बनाया गया है। FTP में ICC टूर्नामेंट और WTC की भी व्यस्तता 2027-31 के FTP के दौरान कई बड़े ICC टूर्नामेंट भी होंगे। 2028 का टी-20 वर्ल्ड कप ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड, 2029 की चैंपियंस ट्रॉफी भारत और 2030 का टी-20 वर्ल्ड कप इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और आयरलैंड में होगा। 2031 का वनडे वर्ल्ड कप भारत और बांग्लादेश में खेला जाएगा। इसके अलावा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के मुकाबले भी होंगे। भारत को इसके लिए साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज का दौरा करना पड़ सकता है, जबकि श्रीलंका और एक अन्य टीम की मेजबानी संभावित है। इन सभी शेड्यूल के बीच खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त गैप बनाना BCCI के लिए बड़ी चुनौती होगी। बाइलैटरल सीरीज की जगह मल्टीलेटरल क्रिकेट पर जोर क्रिकबज के मुताबिक, अगले इंटरनेशनल कैलेंडर में मल्टीलेटरल मैचों की संख्या बढ़ सकती है।ट्राई सीरीज लगभग चलन से बाहर हो चुके हैं। हालांकि, पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। फिलहाल नामीबिया में मेजबान टीम, साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के बीच टी-20 ट्राई सीरीज खेली जा रही है। 2019 वर्ल्ड कप के बाद से अब तक सिर्फ एक वनडे ट्राई सीरीज हुई है। इसमें न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और पाकिस्तान शामिल थे। यह सीरीज 2025 चैंपियंस ट्रॉफी से पहले खेली गई थी। भारत ने 2011 के बाद चार ट्राई सीरीज खेलीं भारत ने 2011 वर्ल्ड कप के बाद से चार ट्राई सीरीज खेली हैं। 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी। 2013 में वेस्टइंडीज में हुई सीरीज में श्रीलंका तीसरी टीम थी, जबकि 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया में हुई ट्राई सीरीज में इंग्लैंड शामिल था। भारत की सबसे हालिया ट्राई सीरीज 2018 की निदहास ट्रॉफी थी, जिसमें बांग्लादेश और श्रीलंका शामिल थे। फाइनल में दिनेश कार्तिक ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। पहली तीन सीरीज वनडे थीं, जबकि निदहास ट्रॉफी टी-20 टूर्नामेंट थी।
  • हिमाचल की मंजरी को राष्ट्रपति ने नेशनल टीचर अवॉर्ड से किया सम्मानित; 31 टीचरों को मिला स्टेट टीचर अवॉर्ड

    शिक्षकों ने आरोप लगाया कि शॉर्टलिस्ट की सूची में नाम नहीं होने के बावजूद बाद में वीरेंद्र चौहान का नाम शिक्षक पुरस्कार की सूची में शामिल किया गया। उन्होंने राज्यपाल से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
  • सोलन युवक ह*******ड: सबूत जुटाने पहुंची टीम को करना पड़ा महिलाओं के गुस्से का सामना

    सोलन युवक हत्याकांड: सबूत जुटाने पहुंची टीम को करना पड़ा महिलाओं के गुस्से का सामना
  • मंडी में नलवाड़ मेला 17 सितंबर से:प्रशासन ने तैयारी तेज की, 13 से प्लॉटों का आवंटन, पुराने रेट पर ही मिलेगी जमीन

    मंडी में जिला स्तरीय नलवाड़ मेला ख्योड़ इस बार 17 से 24 सितंबर तक सायर पर्व के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर शनिवार को एसडीएम कार्यालय बासा में एक बैठक हुई। बैठक में मेले की व्यवस्थाओं और अलग-अलग कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। एसडीएम गोहर देवी सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तहसीलदार वीना ठाकुर, बासा पंचायत प्रधान गायत्री देवी, उपप्रधान धीरज शर्मा के साथ पंचायत प्रतिनिधि और कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए। प्लॉटों का आवंटन 13 सितंबर से बैठक में तय किया गया कि मेले के लिए प्लॉटों का आवंटन 13 सितंबर से शुरू होगा। खास बात यह है कि इस बार प्लॉटों के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पिछले साल की तरह 10×10 फुट का प्लॉट 6500 रुपए में ही मिलेगा। मेले में खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ रात में सांस्कृतिक संध्याएं होंगी। दिन के कार्यक्रमों में रस्साकशी समेत कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। युवाओं और आम लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक भी खास रहेंगे। आपस में तालमेल बैठाएं अधिकारी : एसडीएम मेले के सफल आयोजन के लिए वन, बिजली, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य, बागवानी, पशुपालन, खाद्य एवं आपूर्ति, ब्लॉक कार्यालय, होमगार्ड और जिला लोक संपर्क विभाग से मदद ली जाएगी। इसके अलावा आसपास की पंचायतों और स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई। बैठक में एसडीएम ने पीने का पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात, कानून-व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं को ठीक रखने पर खास जोर दिया गया। सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ जिम्मेदारी निभाने को कहा गया। बासा पंचायत प्रधान गायत्री देवी ने कहा कि ख्योड़ नलवाड़ मेला क्षेत्र की लोक संस्कृति, परंपरा और भाईचारे की पहचान है। पंचायत की ओर से मेले को सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
  • मथुरा में हुआ कुश्ती दंगल:देर रात तक चला मुकाबला, दिल्ली-हरियाणा से नेपाल तक के पहलवान पहुंचे

    मथुरा। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को भूतेश्वर अखाड़े में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ। दंगल में मथुरा के साथ दिल्ली, हरियाणा, नोएडा, मध्य प्रदेश और नेपाल से आए पहलवानों ने जोर आजमाइश की। दिनभर चले मुकाबले देर रात करीब 12 बजे तक जारी रहे। कुश्ती देखने के लिए अखाड़े में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और पहलवानों के समर्थक पहुंचे। एक के बाद एक हुए रोमांचक मुकाबले दंगल में पहलवानों के बीच लगातार मुकाबले हुए। खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वियों को चित करने के लिए अलग-अलग दांव-पेंच आजमाए। कई मुकाबलों में पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। दंगल की सबसे चर्चित ₹17 हजार की कुश्ती कृष्णानगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने शुरू कराई। उन्होंने दोनों पहलवानों के हाथ मिलवाकर मुकाबले की शुरुआत की। निर्धारित समय तक नहीं निकला फैसला ₹17 हजार की कुश्ती में दोनों पहलवानों ने काफी देर तक एक-दूसरे को चुनौती दी। दोनों ने कई दांव लगाए, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी पहलवान निर्णायक बढ़त नहीं बना सका। अंत में मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। चौकी प्रभारी बोले- मल्लयुद्ध हमारी पुरानी परंपरा दंगल के दौरान कृष्णानगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ अखाड़े में मौजूद रहे। उन्होंने पहलवानों का उत्साह बढ़ाया और कहा कि मल्लयुद्ध हमारी प्राचीन खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से पारंपरिक कुश्ती से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया। पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ दंगल आयोजकों के मुताबिक, हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर दंगल का आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की निगरानी में दंगल शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने और पहलवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की।
  • बेटे पर चाकू से हमला कर पिता फरार:गोंडा में शादी का विरोध करने पर वारदात, 4 दिन से लखनऊ में भर्ती बेटे का इलाज जारी

    गोंडा के खोड़ारे थाना क्षेत्र के साबरपुर गांव में बेटे पर चाकू से हमला करने वाला पिता चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी नसरुल्लाह ने बुधवार देर रात अपने 22 वर्षीय बेटे तनवीर पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वारदात के बाद से वह फरार है। तनवीर का पिछले चार दिनों से लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें और सर्विलांस टीम लगाई गई हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नसरुल्लाह एक महिला से शादी करना चाहता था। तनवीर अपने पिता के इस फैसले का विरोध कर रहा था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान नसरुल्लाह ने तनवीर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तनवीर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ट्रेन पकड़कर फरार हुआ, गाड़ी स्टेशन पर छोड़ी वारदात के बाद नसरुल्लाह बभनान रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसने अपनी चार पहिया गाड़ी स्टेशन पर खड़ी की और ट्रेन पकड़कर फरार हो गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गया था। उसने बेटे का मोबाइल फोन भी रास्ते में कहीं फेंक दिया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को परेशानी हो रही है। रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों पर छापेमारी खोड़ारे थाना पुलिस आरोपी की तलाश में उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस की तीन टीमें पिछले चार दिनों से गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। आरोपी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने के कारण सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन पता करने में भी दिक्कत आ रही है। खोड़ारे थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि आरोपी ट्रेन से फरार हुआ है और मोबाइल फोन साथ नहीं ले गया था। पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। सर्विलांस टीम की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। घायल तनवीर का लखनऊ के अस्पताल में इलाज जारी है।
  • कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले:डेढ़ महीने सोचता रहा ऐसा कैसे हुआ; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा

    भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी कप्तानी छिनने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा- ‘मैं करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है।’ पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने कहा- मैंने सोचा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को संभालूंगा।’ अजित अगरकर की अगुआई वाली सिलेक्शन कमेटी ने टी-20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर नए कप्तान बने। यहां तक आयरलैंड और इंग्लैंड की टीम में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनके खराब फॉर्म को इसकी वजह बताया। सूर्या बोले- खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा। समझने की कोशिश की कि वे उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा- ‘जब मेरा नाम टीम में नहीं था, तब मैं मुस्कुराया। मैच के दौरान जब भी दबाव की स्थिति आई, मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा।’ सूर्या ने खुद को मिले मौकों के लिए शुक्रिया भी कहा। सूर्या बोले- फोन पर सिलेक्टर्स ने कहा आप टीम में नहीं होंगे सूर्या ने कहा कि टीम के ऐलान से तीन दिन पहले सिलेक्शन कमेटी ने मुझसे बात की थी। मुझे बताया गया था, ‘इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में मेरा नाम नहीं होगा। अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि इसमें मेरी गलती नहीं थी।’ इस पर सूर्या ने सिलेक्टर्स से कहा- ‘जो फैसला लिया गया, वह निश्चित ही टीम के लिए बेहतर होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया। कोई समस्या नहीं है। मैं खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि सही समय है, तब बुला लीजिए।’ वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार बाहर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हारे और दो मैचों का नतीजा नहीं निकला। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। रोहित के बाद सूर्या को कप्तानी मिली थी वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। —————————————- सूर्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
  • तेज धमाका और गड्ढे में समाई 3 मंजिला इमारत… प्रयागराज के स्वामी नारायण मंदिर में बड़ा हादसा, टली जनहानि

    Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में देर रात एक खौफनाक हादसा सामने आया है. यहाँ प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर परिसर का तीन मंजिला हिस्सा अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर मंदिर के पीछे खोदे गए एक गहरे गड्ढे में जा गिरा. घटना रात करीब 11 बजे की है. तेज आवाज के साथ हुए इस हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास रहने वाले लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए.

    गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त ढहे हुए हिस्से में कोई भी श्रद्धालु या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ी जनहानि टल गई. मिली जानकारी के अनुसार, स्वामी नारायण मंदिर के ठीक पीछे पिछले करीब तीन से चार महीनों से निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए काफी बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा गया था. हाल के दिनों में हुई लगातार बारिश के कारण इस गड्ढे में पानी भर गया था, जिसकी वजह से निर्माण कार्य फिलहाल बंद था.

    आशंका जताई जा रही है कि गहरे गड्ढे और बारिश के पानी के भराव के कारण मंदिर की इमारत की नींव के नीचे से मिट्टी खिसक गई और नींव बेहद कमजोर हो गई. इसके चलते देर रात अचानक इमारत का तीन मंजिला हिस्सा दबाव सहन नहीं कर सका और सीधे उसी गड्ढे में समा गया.

    धर्मशाला के रूप में होता था इस्तेमाल, दक्षिण भारत से आते हैं श्रद्धालु

    मंदिर के सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह ने बताया कि स्वामी नारायण मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक होती है. हादसे में ढहे तीन मंजिला हिस्से का उपयोग धर्मशाला के रूप में किया जा रहा था, जहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम की व्यवस्था होती थी. जिस समय इमारत गिरी, उस समय कमरों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे सभी सुरक्षित बच गए.

    सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य पर उठे गंभीर सवाल

    हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया. इस घटना के बाद मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसे की मुख्य वजह क्या थी और क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.