तेज धमाका और गड्ढे में समाई 3 मंजिला इमारत… प्रयागराज के स्वामी नारायण मंदिर में बड़ा हादसा, टली जनहानि

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Prayagraj News: संगम नगरी प्रयागराज के जॉर्ज टाउन थाना क्षेत्र में देर रात एक खौफनाक हादसा सामने आया है. यहाँ प्रसिद्ध स्वामी नारायण मंदिर परिसर का तीन मंजिला हिस्सा अचानक ताश के पत्तों की तरह भरभराकर मंदिर के पीछे खोदे गए एक गहरे गड्ढे में जा गिरा. घटना रात करीब 11 बजे की है. तेज आवाज के साथ हुए इस हादसे से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आसपास रहने वाले लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए.

गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस वक्त ढहे हुए हिस्से में कोई भी श्रद्धालु या कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिसके चलते एक बड़ी जनहानि टल गई. मिली जानकारी के अनुसार, स्वामी नारायण मंदिर के ठीक पीछे पिछले करीब तीन से चार महीनों से निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके लिए काफी बड़ा और गहरा गड्ढा खोदा गया था. हाल के दिनों में हुई लगातार बारिश के कारण इस गड्ढे में पानी भर गया था, जिसकी वजह से निर्माण कार्य फिलहाल बंद था.

आशंका जताई जा रही है कि गहरे गड्ढे और बारिश के पानी के भराव के कारण मंदिर की इमारत की नींव के नीचे से मिट्टी खिसक गई और नींव बेहद कमजोर हो गई. इसके चलते देर रात अचानक इमारत का तीन मंजिला हिस्सा दबाव सहन नहीं कर सका और सीधे उसी गड्ढे में समा गया.

धर्मशाला के रूप में होता था इस्तेमाल, दक्षिण भारत से आते हैं श्रद्धालु

मंदिर के सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह ने बताया कि स्वामी नारायण मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिनमें दक्षिण भारत से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक होती है. हादसे में ढहे तीन मंजिला हिस्से का उपयोग धर्मशाला के रूप में किया जा रहा था, जहां बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम की व्यवस्था होती थी. जिस समय इमारत गिरी, उस समय कमरों में कोई मौजूद नहीं था, जिससे सभी सुरक्षित बच गए.

सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्य पर उठे गंभीर सवाल

हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया. इस घटना के बाद मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रशासन का कहना है कि मामले की तकनीकी जांच कराई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि हादसे की मुख्य वजह क्या थी और क्या निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.

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