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सीएम योगी रविवार को चित्रकूट आएंगे:ब**़ पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, राहत सामग्री बांटेंगे; रामघाट-रैन बसेरा में कार्यक्रम
चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार 6 सितंबर को धर्मनगरी चित्रकूट के दौरे पर आएंगे। उनका कार्यक्रम दोपहर करीब 12 बजे शुरू होगा और करीब डेढ़ घंटे चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री हाल ही में मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत करेंगे और जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रामघाट समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का लेंगे जायजा मुख्यमंत्री सबसे पहले बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देख सकते हैं। उनका मुख्य कार्यक्रम रामघाट, रैन बसेरा और रामायण मेला परिसर में प्रस्तावित है। इन स्थानों पर बाढ़ के दौरान हुए नुकसान और मौजूदा हालात की जानकारी ली जाएगी। बाढ़ में डूब गए थे घर, दुकान और धार्मिक स्थल पिछले दिनों मंदाकिनी नदी में आई तेज बाढ़ से चित्रकूट में कई इलाकों में पानी भर गया था। रामघाट समेत कई स्थान जलमग्न हो गए थे। बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों तक पहुंच गया था। पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों के सामने जनजीवन सामान्य करने की चुनौती बनी हुई है। कई स्थानों पर घरों और दुकानों में जमा मिट्टी और कीचड़ की सफाई का काम जारी है। बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर सुनेंगे समस्याएं मुख्यमंत्री रामघाट और अन्य कार्यक्रम स्थलों पर बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत करेंगे। इस दौरान उनकी समस्याओं और नुकसान की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में जुटा प्रशासन मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। दौरे के दौरान बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा और प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर अधिकारियों के साथ चर्चा भी हो सकती है। तैयारियों में जुटे अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है। -
2017 से पहले ठेके पर होती थी नकल, शक की निगाहों से देखे जाते थे शिक्षक… गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, सपा पर किया बड़ा ह**ा
उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. हालांकि तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन सूबे में राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हई है. समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच एक बार फिर से सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सपा सैफई महोत्सव का पैसा अगर शिक्षा पर खर्च करती तो लाखों बच्चों का भविष्य बनता. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी को शक की निगाहों से देखा जाता था, राज्य में ठेके पर नकल होती थी.

दरअसल गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में शिक्षक दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस दौरान उन्होंने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 मेधावी शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने माध्यमिक शिक्षा में जर्जर भवनों के लिए 1500 करोड़ से अधिक की राशि दी.
‘तो बच्चों का भविष्य सुधर जाता…’
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जितने में बर्मिंघम से रथ मंगवाते थे, जितना पैसा आप सैफई महोत्सव में खर्च करते थे, उतने में तो शिक्षा व्यवस्था ही बदल जाती. बच्चों का भविष्य सुधर जाता. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सवाल खड़ा कर सकते हैं.
‘यूपी का परिवर्तन पूरा देश देख रहा’
सीएम योगी ने कहा कि बर्मिंघम की बग्घी मंगाकर जन्मदिन मनाने के बजाय अगर समाजवादी पार्टी शिक्षा पर खर्च करती तो बच्चों का भविष्य संवरता. उन्होंने कहा कि जो लोग कर नहीं सके, वही आज सवाल खड़े कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का मॉडल और परिवर्तन आज पूरा देश देख रहा है.
‘2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी’
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी. बदनाम शिक्षा व्यवस्था होती थी. पहचान का संकट हमारे युवाओं के सामने आता था. उन्होंने कहा कि यूपी को शक की नजरों से देखा जाता था. भारत में सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य कटघरे में खड़ा होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा ‘आपने पिछले 9 , साढ़े 9 साल में बदलते हुए उत्तर प्रदेश को देखा है. इसमें से कोई भी शिक्षक ऐसा नहीं होगा जिसने 9 साल पहले और 9 साल के अंदर बदलते हुए उत्तर प्रदेश को नहीं देखा होगा. उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश पहले था अब वो नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगता था लेकिन अब ऐसा नहीं है.
‘पूरे राज्य में धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाई गई’
सीएम योगी ने कहा कि कल जन्माष्टमी थी, जिसका आयोजन पूरे राज्य में हुआ. प्रदेश में सभी 1586 थानों में सभी मंदिरों में सभी 75 जनपदों, सभी जेलों , मोहल्ले, हर घर और हर गांव में धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाई गई. लेकिन कहीं भी दंगे नहीं हुए, कहीं भी कर्फ्यू का नाम नहीं सुना गया. उन्होंने कहा कि पहले उत्सव के पहले उपद्रव होता था.
‘अब उत्सव के दौरान उपद्रव नहीं होता’
सीएम ने कहा कि अराजकता के माहौल में क्या स्कूल और कॉलेज चल सकते थे. उन्होंने कहा कि पहले कानून व्यवस्था का बुरा हाल था. कोई सुरक्षा ही नहीं थी, लेकिन अब सब कुछ बदल गया है. पिछले साल में सुरक्षा का संकट नहीं है. अब उत्सव के पहले कोई उपद्रव नहीं कर सकता.
‘युवाओं के सामने पहचान का संकट था’
उन्होंने कहा कि 2017 के पहले ठेके पर नकल होती थी. शिक्षा व्यवस्था बदनाम थी, युवाओं के सामने पहचान का संकट था. यूपी पर सवाल खड़े किए जाते थे और भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य कटघरे में खड़ा होता था. उन्होंने कहा कि अब हालात पूरी तरह से बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जिस उत्तर प्रदेश में लोग आना नहीं चाहते थे. यूपी का कोई युवा और कोई शिक्षक यूपी के बाहर जाता था तो उसे संशय और शक की निगाहों से देखा जाता था, वहीं 2017 के बाद अगर आप कहीं जाते होंगे अगर आपने कह दिया कि यूपी से हैं उत्तर प्रदेश से है तो सामने वाला व्यक्ति आपको सम्मान देने के तरीके से आपका अभिवादन करने को उत्सुक दिखाई देता है. सीएम ने कहा कि यह इसलिए हुआ क्योंकि इस परिवर्तन के वाहक आप हैं.
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देवरिया में साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार:बैंक खातों में मंगवाते थे ठगी की रकम, तीन मोबाइल और थार बरामद
देवरिया में ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत बनकटा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन और एक थार गाड़ी बरामद की है। आरोपियों को शनिवार दोपहर 2:20 बजे सोहनपुर बाइपास से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी साइबर अपराध के लिए अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाते थे। इसके बदले खाताधारकों को कुछ पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने बताया कि यह पूरा लेनदेन ऑनलाइन होता था, जिससे ठगी की रकम को इधर-उधर किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सिवान जिले के नौतन थाना क्षेत्र के रहने वाले इरशाद अंसारी (30), मुकेश कुमार यादव (24) और राजकुमार सिंह (35) के रूप में हुई है। इरशाद ठाकुर के रामपुर का, मुकेश गंधर्पा का और राजकुमार रामगढ़ का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और एक थार गाड़ी (BR 29BE 8059) बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल और गाड़ी का इस्तेमाल साइबर ठगी के कामों में किया जाता था। बनकटा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। -
हिमाचल: लाहौल के 50 किलोमीटर हिस्से से गुजरेगी सामरिक महत्व की बिलासपुर-मनाली-लेह रेल लाइन
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंचीन अधिकृत तिब्बत से लगती देश की सीमाओं तक कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए प्रस्तावित बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन हिमालयी क्षेत्र में देश की सामरिक क्षमता को नई मजबूती दे सकती है। 489 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में दर्जनों सुरंगों के निर्माण का प्रस्ताव है। अनुमान के अनुसार करीब 270 किलोमीटर रेललाइन सुरंगों के भीतर से गुजरेगी, यानी परियोजना का लगभग 55 फीसदी हिस्सा भूमिगत होगा। रेल लाइन लाहौल के करीब 50 किलोमीटर के हिस्से से गुजरेगी। प्रस्तावित रेल लाइन में कई लंबी सुरंगों और पुलों का निर्माण किया जाना है।
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संभल में सपा ने बंद प्राथमिक विद्यालयों पर प्रदर्शन किया:जिलाध्यक्ष और इंस्पेक्टर में बहस; भाजपा सरकार पर 26 हजार स्कूल बंद करने का आरोप
संभल में शिक्षक दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने शनिवार दोपहर 1 बजे भाजपा सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने प्रदेश में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ। बंद स्कूलों के बाहर मनाया शिक्षक दिवस चंदौसी तहसील के आटा और खजरा खाकम गांवों में बंद पड़े स्कूलों के बाहर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब सभी बच्चों को अच्छी और सुलभ शिक्षा मिले और बंद किए गए विद्यालय दोबारा खोले जाएं। सपा का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। पार्टी ने इन विद्यालयों को दोबारा खोलने की मांग उठाई।
जिलाध्यक्ष की इंस्पेक्टर से हुई बहस प्रदर्शन के दौरान सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी की बहजोई इंस्पेक्टर राजीव से बहस हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, सपा कार्यकर्ता स्कूलों के बाहर प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे। कुछ देर के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति भी बनी।
स्कूल खोलने और शिक्षकों की भर्ती की मांग सपा नेताओं ने सरकार से बंद किए गए विद्यालयों को दोबारा खोलने, शिक्षकों की भर्ती करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी शिक्षा के मुद्दे पर सरकार से लगातार सवाल करती रहेगी।
सपा जिलाध्यक्ष बोले- सरकार चाहती है लोग अनपढ़ रहें सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा कि वे मर्ज किए गए स्कूलों पर शिक्षक दिवस मनाने पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को खराब कर दिया है। अंसारी ने आरोप लगाया कि सरकार की तानाशाही के चलते पुलिस लगाकर लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है, ताकि वे स्कूलों में बच्चों की संख्या और उनके भविष्य की जानकारी न ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग अनपढ़ रहें, ताकि वे सवाल न कर सकें। -
हिमाचल प्रदेश: आधार से जोड़ी जाएंगी 72 सरकारी योजनाएं और सेवाएं, लागू होगा नया सिस्टम
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंहिमाचल प्रदेश के नागरिकों और सरकारी कर्मचारियों को अब हिम एक्सेस और हिम परिवार पोर्टल पर पंजीकरण व लॉगिन के दौरान आधार आधारित प्रमाणीकरण की सुविधा मिलेगी। इससे एक ओर जहां फर्जी पहचान और डुप्लीकेट पंजीकरण पर अंकुश लगेगा, वहीं दूसरी ओर पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाना भी आसान होगा। सरकारी सेवाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। सरकार के पोर्टलों पर उपलब्ध 72 विभिन्न सेवाओं को इस प्रणाली के तहत लाया गया है। डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार ने दोनों प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधार प्रमाणीकरण लागू करने का फैसला लिया है।
यह व्यवस्था भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद लागू की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आधार आधारित सत्यापन से उपयोगकर्ताओं की पहचान अधिक सटीक तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे सरकारी रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बढ़ेगी और विभिन्न योजनाओं में अपात्र या फर्जी लाभार्थियों की पहचान करना आसान होगा। आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा। इसका उपयोग केवल पहचान सत्यापन और सेवाओं के प्रभावी वितरण के उद्देश्य से किया जाएगा। जिन नागरिकों के पास आधार संख्या है, वे इसकी मदद से अपनी पहचान प्रमाणित कर सकेंगे।
एक क्लिक में सत्यापित होगी पहचान
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार पहचान संबंधी दस्तावेज जमा नहीं कराने पड़ेंगे। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से उनकी पहचान डिजिटल रूप से सत्यापित हो सकेगी, जिससे सेवा वितरण की प्रक्रिया तेज और सरल बनेगी।
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देवरों ने भाभी को पीटा, हथौड़े से किया ह**ा:घ**ल महिला ड्रिप लगाकर समाधान दिवस में पहुंची, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप
एटा जिले के बारथर गांव की एक घायल महिला शनिवार दोपहर तहसील दिवस में आयोजित समाधान दिवस में ड्रिप और यूरिन बैग लगाकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची। उसके परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों ने महिला को तुरंत कुर्सी पर बैठाया और उसकी पूरी समस्या सुनी। तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय और उपजिलाधिकारी श्वेता सिंह ने पुलिस को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, कोतवाली देहात थाना पुलिस ने महिला और उसके परिजनों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस का कहना है कि मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, किरण नाम की इस महिला को उसके देवरों ने जमीनी विवाद के चलते मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। परिजनों ने बताया कि हमला छेनी और हथौड़े से किया गया था। घटना 31 अगस्त की है। घायल किरण को पहले एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर कर दिया था। तब से लेकर अब तक उसका इलाज आगरा में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, संजीव कुमार पुत्र राजवीर की लिखित शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें लालू प्रसाद पुत्र राजवीर और रोहित पुत्र राजवीर शामिल हैं। महिला के परिजन अवधेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार के लोगों के साथ हिस्सा बंटवारे का विवाद था। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जबकि वे थाने भी गए थे। मामले पर थाना प्रभारी कोतवाली देहात के के लोधी ने शनिवार की देर शाम साढ़े पांच बजे पुलिस का पक्ष रखते हुए जानकारी देते हुए बताया कि महिला को उसके ही देवरों पीटा लिखित शिकायत के आधार पर एफ आई आर दर्ज की जा चुकी है। महिला का उपचार आगरा में चल रहा था महिला अपने परिजनों और अधिवक्ताओं के साथ समाधान दिवस में पहुंची थी जहां उसने आरोप प्रत्यारोप लगाए है।अधिकारियों द्वारा बेहतर इलाज के लिए भेजा गया अस्पताल ना जाकर वह सीधे घर चली गई।आरोप निराधार है कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। -
विनोद तावड़े के PDA वाले तंज पर सपा का पलटवार, VT का फुल फॉर्म बताकर घेरा
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सियासी जुबानी जंग तेज हो गई है. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और यूपी के नवनियुक्त प्रभारी विनोद तावड़े ने PDA की नई व्याख्या करते हुए इसे पराया धन अपना बताया. तावड़े के बयान के कुछ ही देर बाद समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर पलटवार किया.

सपा ने विनोद तावड़े का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान का एक पुराना वीडियो पोस्ट करते हुए उन पर निशाना साधा. सपा ने पोस्ट में लिखा कि V.T. की फुल फॉर्म है: V=वसूली, T=तंत्र और आगे आरोप लगाया कि भाजपा के इनर सर्कल में तावड़े को इसी नाम से जाना जाता है. सपा ने तावड़े के PDA पर दिए बयान को लेकर सवाल उठाते हुए लिखा कि यूपी आकर वह PDA पर ज्ञान बांट रहे हैं, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि क्या रामधन वसूली करने यूपी आए हैं?
विनोद तावड़े ने साधा था निशाना
दरअसल, शनिवार को विनोद तावड़े अपने दो दिवसीय दौरे पर पहली बार लखनऊ पहुंचे. पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने संगठन को चुनावी मोड में आने का संदेश दिया और समाजवादी पार्टी के PDA पर तीखा हमला बोला. तावड़े ने सपा के PDA की नई व्याख्या करते हुए इसे पराया धन अपना बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सपा के PDA के नारे को नाकाम करेंगे. साथ ही उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगा और फिर सरकार बनाएगा.
PDA बनाम वसूली तंत्र की सियासत
तावड़े के लखनऊ दौरे के पहले ही दिन सामने आए इन बयानों ने यूपी की चुनावी राजनीति में PDA बनाम भाजपा के जवाबी नैरेटिव की लड़ाई को और तेज कर दिया है. अखिलेश यादव की राजनीति में PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक गठजोड़ को महत्वपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक आधार माना जाता है. भाजपा लगातार इस नैरेटिव को चुनौती देने की कोशिश कर रही है. अब तावड़े ने PDA की नई राजनीतिक व्याख्या कर सपा पर हमला बोला है.
2027 की लड़ाई का एक नया सियासी मोर्चा
जवाब में सपा ने तावड़े के पुराने महाराष्ट्र वाले वीडियो को हथियार बनाकर उनके खिलाफ वसूली तंत्र का आरोप उछाल दिया है. यानी तावड़े के यूपी प्रभारी के तौर पर पहले ही दौरे में भाजपा और सपा के बीच 2027 की चुनावी लड़ाई का एक नया सियासी मोर्चा खुलता दिखाई दे रहा है.
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सीपीआरआई शिमला: हाईटेक तकनीक से तैयार आलू बीज देगा बदलते मौसम में भी भरपूर उत्पादन
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंकेंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) शिमला ने आलू की खेती को जलवायु जोखिमों से बचाने के लिए टिशू कल्चर की मदद से आलू बीज तैयार करने की हाईटेक तकनीक इजाद की है। इस तकनीक से तैयार आलू बीज बदलते मौसम, बढ़ते तापमान और अनियमित बारिश के बावजूद बेहतर फसल तैयार करने में सक्षम है। इस तकनीक का मकसद कम समय में रोग मुक्त और गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री किसानों को उपलब्ध कराना है। सीपीआरआई के वैज्ञानिक प्रयासों से देश में आलू की उत्पादकता बढ़ी है। सीपीआरआई की ओर से आलू बीज उत्पादन के लिए इस्तेमाल की जा रही हाईटेक तकनीक से आलू उत्पादन की दर शुरुआती दशकों के 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर से बढ़कर वर्तमान में 35 से 40 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है। पारंपरिक बीज उत्पादन में मिट्टी जनित और वायरल रोगों का खतरा बना रहता है। पछेती झुलसा, वायरस और आलू सिस्ट नेमाटोड जैसी समस्याएं बीज की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों को प्रभावित करती हैं।
सीपीआरआई ने नियंत्रित प्रयोगशाला वातावरण में टिशू कल्चर के माध्यम से वायरस-मुक्त रोपण सामग्री तैयार की है। रैपिड मल्टीप्लिकेशन के जरिये कम समय में स्वस्थ सूक्ष्म कंद और जनक बीज बनाए जा रहे हैं। इससे पारंपरिक उत्पादन चक्र पर निर्भरता कम हुई है। किसानों को शुद्ध और रोग मुक्त बीज उपलब्ध कराने की क्षमता बढ़ी है। सीपीआरआई की रणनीति केवल रोग मुक्त बीज तक सीमित नहीं है। टिशू कल्चर से तैयार बीज को गर्मी, सूखे और जल तनाव सहन करने वाली नई किस्मों से जोड़ा जा रहा है। जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के अनुरूप किस्में विकसित करने के लिए संस्थान स्पीड ब्रीडिंग तकनीक का उपयोग कर रहा है। इसके जरिये एक वर्ष में तीन से चार जेनरेशन तैयार की जा सकती हैं। आलू की खेती में मौसम और रोग प्रबंधन को जोड़ने के लिए सीपीआरआई ने इंडो ब्लाइट कास्ट पूर्वानुमान मॉडल विकसित किया है। इसका इस्तेमाल पछेती झुलसा बीमारी के प्रबंधन में होता है। मौसम की परिस्थितियों के आधार पर रोग के जोखिम का पूर्वानुमान मिलने से किसान समय पर छिड़काव कर सकते हैं।
टिशू कल्चर-एरोपोनिक्स से आलू बीज उत्पादन को नई रफ्तार
टिशू कल्चर और एरोपोनिक्स तकनीक के तालमेल से आलू के रोगमुक्त और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को नई गति मिल रही है। टिशू कल्चर तकनीक में प्रयोगशाला के रोगाणुहीन वातावरण में मेरिस्टेम से वायरस-मुक्त छोटे पौधे तैयार किए जाते हैं। इसके बाद इन्हें बिना मिट्टी वाले एरोपोनिक्स ग्रीनहाउस में विकसित किया जाता है। यहां पौधों की जड़ों को हवा में लटकाकर पोषक तत्वों की फुहार दी जाती है, जिससे मिनी ट्यूबर तैयार होते हैं। पारंपरिक मिट्टी की खेती में एक पौधे से करीब 8 से 10 कंद मिलते हैं, जबकि एरोपोनिक्स से 40 से 60 मिनी ट्यूबर तक प्राप्त किए जा सकते हैं। इससे बीज उत्पादन की क्षमता कई गुना बढ़ती है।
आलू बीज उत्पादन के लिए सीपीआरआई हाईटेक तकनीक पर काम कर रहा है। इस तकनीक से आलू बीज की गुणवत्ता में बेहतरीन सुधार हुआ है, जिसके फलस्वरूप आलू उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है।– डाॅ. ब्रजेश सिंह, निदेशक, सीपीआरआई
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मऊ-आजमगढ़ रेलखंड का DRM ने किया निरीक्षण:स्टेशनों पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया
मऊ में वाराणसी मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने शनिवार शाम 4 बजे अधिकारियों के साथ मऊ-आजमगढ़ रेलखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग स्टेशनों और रेलवे फाटकों पर सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और रखरखाव के कामों का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए। मुहम्मदाबाद स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। DRM ने पुराने पैनल को प्रतीक्षालय कक्ष में शिफ्ट करने और खुले केबल को जमीन के अंदर डालने के निर्देश दिए। उन्होंने दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और शेड की व्यवस्था करने के साथ ही स्टेशन परिसर में साफ-सफाई पर खास ध्यान देने को भी कहा। इसके बाद खुरहट स्टेशन का भी निरीक्षण किया गया। यहां पैनल रूम, रिले रूम, प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर की व्यवस्थाएं देखी गईं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी व्यवस्थाएं रेलवे के तय मानकों के हिसाब से होनी चाहिए। सुरक्षा मानकों का हो पालन DRM ने मऊ-खुरहट के बीच रेलवे फाटक संख्या 3Spl और 6C का भी सुरक्षा निरीक्षण किया। उन्होंने बूम लॉकिंग, हाइट गेज, बैटरी और रिले रूम समेत कई सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। दोनों फाटकों पर तैनात गेटमैन राजकिशोर यादव और सूरज यादव से सुरक्षा से जुड़ी जानकारी लेकर उनके ज्ञान को भी परखा। मंडल रेल प्रबंधक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव पक्का किया जाए। उन्होंने यात्री सुविधाओं में लगातार सुधार करने और रेलवे संचालन में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने पर भी जोर दिया। इस निरीक्षण के दौरान कई बड़े अधिकारी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ पर्यवेक्षक भी मौजूद थे।