
एटा जिले के बारथर गांव की एक घायल महिला शनिवार दोपहर तहसील दिवस में आयोजित समाधान दिवस में ड्रिप और यूरिन बैग लगाकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची। उसके परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अधिकारियों ने महिला को तुरंत कुर्सी पर बैठाया और उसकी पूरी समस्या सुनी। तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय और उपजिलाधिकारी श्वेता सिंह ने पुलिस को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, कोतवाली देहात थाना पुलिस ने महिला और उसके परिजनों के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस का कहना है कि मामले में FIR दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, किरण नाम की इस महिला को उसके देवरों ने जमीनी विवाद के चलते मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। परिजनों ने बताया कि हमला छेनी और हथौड़े से किया गया था। घटना 31 अगस्त की है। घायल किरण को पहले एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर कर दिया था। तब से लेकर अब तक उसका इलाज आगरा में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, संजीव कुमार पुत्र राजवीर की लिखित शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इनमें लालू प्रसाद पुत्र राजवीर और रोहित पुत्र राजवीर शामिल हैं। महिला के परिजन अवधेश कुमार ने बताया कि उनके परिवार के लोगों के साथ हिस्सा बंटवारे का विवाद था। उनका आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जबकि वे थाने भी गए थे। मामले पर थाना प्रभारी कोतवाली देहात के के लोधी ने शनिवार की देर शाम साढ़े पांच बजे पुलिस का पक्ष रखते हुए जानकारी देते हुए बताया कि महिला को उसके ही देवरों पीटा लिखित शिकायत के आधार पर एफ आई आर दर्ज की जा चुकी है। महिला का उपचार आगरा में चल रहा था महिला अपने परिजनों और अधिवक्ताओं के साथ समाधान दिवस में पहुंची थी जहां उसने आरोप प्रत्यारोप लगाए है।अधिकारियों द्वारा बेहतर इलाज के लिए भेजा गया अस्पताल ना जाकर वह सीधे घर चली गई।आरोप निराधार है कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।
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