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लखनऊ में नाले में गिरे 3 बच्चे, 1 की म*त:तीनों खेल रहे थे, 2 बड़े बच्चे निकलकर बाहर आए; तीसरे की डेडबॉडी मिली
चिनहट की अशरफ विहार कॉलोनी में खेलते समय तीन बच्चे नाले में गिर गए। इसमें से दो बच्चे थोड़े बड़े थे जो निकलकर बाहर आ गए, लेकिन तीसरा 5 साल का बच्चा डूब गया। सुरक्षित बचे लड़कों ने घर जाकर घटना की सूचना दी। इसके बाद लोग वहां पहुंचे तो छोटा बच्चा डूब चुका था। लोगों ने बच्चे को बाहर निकाला। उसकी सांसें थम चुकी थीं। उसे चिनहट सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लोहिया संस्थान की मोर्चरी में ले जाया गया, जहां पंचनामा कराया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है… -
ताने सुने, समझाया… पर हैवान बन गए ससुराल वाले, बरेली में शादी के 5 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध म*त
Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तजुआ गांव में शादी के महज पांच महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मृतका का शव घर के टीनशेड में फंदे पर लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही रोते-बिलखते पहुंचे मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर कम दहेज के लिए बेटी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और उसकी हत्या कर शव लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है.

बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव अहमदाबाद निवासी किसान राम सिंह ने अपनी बेटी संगीता की शादी 22 अप्रैल 2026 को भोजीपुरा के तजुआ निवासी धारा सिंह के साथ की थी.
मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल वाले संगीता को कम दहेज लाने के ताने देने लगे थे और उसके साथ मारपीट की जाती थी. संगीता ने कई बार फोन पर मायके वालों को इस बात की जानकारी दी थी. इसके बाद पिता राम सिंह ने खुद बेटी के घर जाकर ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन प्रताड़ना का दौर थमा नहीं.
टीनशेड में फंदे पर लटका मिला शव
संगीता की मौत की सूचना पाकर जब मायके वाले आनन-फानन में तजुआ गांव पहुंचे, तो बेटी का शव घर की टीनशेड में कुंडे से लटका हुआ था. यह नजारा देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई. मायके पक्ष की सूचना पर डायल 112 और धौंराटांडा चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक पवन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.
पति और ससुर हिरासत में, 5 लोगों पर FIR दर्ज
मृतका के पिता राम सिंह की लिखित तहरीर पर भोजीपुरा पुलिस ने नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. इसमें मृतका के पति धारा सिंह, ससुर जगदीश सिंह, ननद सुदामा, रजनी (पत्नी संतोष कुमार) और संतोष कुमार (निवासी करमपुर चौधरी, थाना इज्जतनगर) शामिल हैं. इनके खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना से जुड़ी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.
सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि मृतका के पति धारा सिंह और ससुर जगदीश सिंह को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
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हिमाचल: शिक्षा के सितारों को सलाम, 32 शिक्षकों को मिला राज्य स्तरीय पुरस्कार, जानें उपलब्धियां
पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल करने की ओर बढ़ रहे हिमाचल में कई शिक्षक सरकारी ड्यूटी से आगे बढ़कर शिक्षा की लौ जला रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों में ये शिक्षक मिसाल पेश कर रहे हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कोई अपनी पगार खर्च रहा है, तो कोई स्कूल में पढ़ाने के बाद भी बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहा है। किसी ने पढ़ाने के साथ-साथ देश के लिए खिलाड़ी तराशे हैं, किसी ने डिजिटल लर्निंग और नवाचार में उदाहरण पेश किए हैं। ऐसे ही शिक्षकों को शनिवार को शिक्षक दिवस पर शिमला के लोकभवन में भव्य राज्य स्तरीय समारोह में राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने राज्य शिक्षक पुरस्कार और विशेष सम्मान से अलंकृत किया। इस दाैरान स्कूल, कॉलेज, तकनीकी शिक्षा क्षेत्र से जुड़े 32 शिक्षक, संकाय सदस्य और प्रशिक्षक राज्य स्तर पर सम्मानित किए गए। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, एमसी शिमला मेयर सुरेंद्र चाैहान सहित शिक्षा सचिव राकेश कंवर, दोनों निदेशालयों के निदेशक व अन्य गणमान्य लोग माैजूद रहे।

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5500 करोड़ चंदे पर संजय सिंह ने उठाए सवाल:सांसद बोले- छह दलों ने सिर्फ 15 उम्मीदवार उतारे, फिर इतनी बड़ी रकम कहां से आई
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने गुजरात की छह राजनीतिक पार्टियों को लेकर 5500 करोड़ रुपये के चंदे का दावा किया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने, राम मंदिर ट्रस्ट में नियुक्तियों और 68,500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया।
छह पार्टियों को 5500 करोड़ चंदे का दावा
संजय सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2023-24 में गुजरात में पंजीकृत छह राजनीतिक दलों को कुल करीब 5500 करोड़ रुपये का चंदा मिला। उन्होंने इन दलों के नाम आम जनमत पार्टी, सत्यवादी रक्षक पार्टी, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी, भारतीय नेशनल जनता दल और गरीब कल्याण पार्टी बताए।
आप सांसद का कहना था कि इन छह दलों ने कुल मिलाकर सिर्फ 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे, इसके बावजूद उन्हें इतनी बड़ी रकम चंदे के रूप में मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां भाजपा की ‘डमी पार्टियां’ हैं और इनके जरिए काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
सहारनपुर की घटना को बताया चुनावी ध्रुवीकरण
सहारनपुर में 1911 की पुरानी मस्जिद गिराए जाने के मामले पर भी संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन कमजोर होती देखकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। उनका दावा था कि हिंदू-मुसलमान के बीच विवाद खड़ा कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम और वक्फ से जुड़े कानूनी प्रावधानों के खिलाफ बताया।
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर भी लगाए आरोप
संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट में हाल की नियुक्तियों को लेकर भी भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में दलित समाज के प्रतिनिधित्व को कम किया गया है और कुछ विवादित लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर मंदिर से जुड़े मामलों में राजनीतिक नियंत्रण रखने का आरोप लगाया।
68,500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया
आप सांसद ने 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी आरक्षण का उचित लाभ नहीं दिया गया और पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देशों के बावजूद अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ आम आदमी पार्टी खड़ी है और इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा।
9 सितंबर को होगी आप की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक
संजय सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 9 सितंबर को लखनऊ में होगी। बैठक में प्रदेश के जिलाध्यक्ष, सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसमें 2027 के विधानसभा चुनाव और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। -
आ***ी मामलों में फंसा देंगे… नोएडा में कारोबारी को 26 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, ठगे 1.45 करोड़
Noida Cyber Fraud News: नोएडा में साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर यहां के सेक्टर 78 निवासी 63 वर्षीय कारोबारी मनोज अग्रवाल से 1.45 करोड़ की ठगी कर ली. ठगों ने मनोज को आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फसाने का डर दिखाया. इसके बाद उन्हें करीब 26 दिन तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा और किसी से भी संपर्क नहीं करने दिया.

गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में मनोज से कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. मामले में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है. पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 को मनोज अग्रवाल के व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति ने कॉल किया. उसने अपना नाम रंजीत कुमार बताते हुए खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया.
कारोबारी को दी गई गिरफ्तारी की धमकी
फोन करने वाले आरोपी ने कारोबारी को एक आपराधिक मामले में शामिल होने की बात कही और गिरफ्तारी की धमकी दी. इसके बाद ठगों ने कतिथ तौर पर यूपी एसटीएफ और एनआईए के अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करते हुए कारोबारी पर दबाव बढ़ाया और उन्हें बताया कि उनका नाम आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में सामने आया है.
उनको वीडियो कॉल पर रहने और किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने के लिए कहा गया. शिकायतकर्ता के अनुसार, उनको यह धमकी दी गई कि यदि उन्होंने आरोपियों की बात नहीं मानी तो उनके बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. इसके बाद ठगी का सिलसिला 27 जुलाई से 31 अगस्त तक चलता रहा.
प्रक्रिया पर हुआ कारोबारी को शक
इस दौरान अलग-अलग तारीखों में कारोबारी से रकम ट्रांसफर कराई गई. 7 अगस्त को 95.5 लाख 11 अगस्त को 20.20 लाख और 31 अगस्त को 20 लाख तथा 10 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए. इस तरह कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपये ठगों के बताए गए खातों में पहुच गए. लगातार रकम की मांग और पूरी प्रक्रिया को लेकर कारोबारी को शक हुआ.
इसके बाद मनोज को अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ. फिर ठगों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया. तब उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. इस पूरे मामले में नोएडा की डीसीपी साइबर सेल सशैव्या गोयल ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है. पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है. बैंक अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है.
ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही
ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस सीबीआई, ईडी या कोई अन्य जांच एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से बताकर किसी को अरेस्ट नहीं करती. इसलिए अगर कोई आपको केस में फसाने, गिरफ्तारी करने या परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो कॉल काट दें और पुलिस को इसकी जानकारी दें.
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संभल में पेशाब करते पिकअप चालक को कंटेनर ने रौंदा:कौशांबी के ड्राइवर की म*त, 25 मीटर तक घसीटा, सिर-धड़ अलग हुए
संभल के गंगा एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। सीतापुर से मेरठ जा रहे पिकअप चालक को लघुशंका के दौरान तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। टक्कर के बाद कंटेनर चालक को करीब 25 मीटर तक घसीटता ले गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। टोल प्लाजा से आगे गाड़ी रोककर कर रहा था लघुशंका हादसा संभल तहसील के कैलादेवी थाना क्षेत्र के खिरनी मोहिद्दीनपुर गांव के पास हुआ। बताया गया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा से कुछ आगे पिकअप चालक ने गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की और लघुशंका करने लगा। इस दौरान परिचालक गाड़ी के अंदर ही बैठा था। इसी बीच तेज रफ्तार कंटेनर ने चालक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक काफी दूर तक घसीटता चला गया। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों के पहुंचने पर हुई मृतक की पहचान मृतक की पहचान 35 वर्षीय चंचल पुत्र नंदकिशोर के रूप में हुई। वह कौशांबी के पश्चिम शरीरा क्षेत्र के मंझनपुर का रहने वाला था। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। शाम करीब 4:30 बजे परिजनों के पहुंचने के बाद शव की पहचान हो सकी। पिकअप के परिचालक की पहचान जीतू सिंह पुत्र इंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है। वह आगरा के गढ़ी रानी का निवासी है। पिकअप में चावल लदा था और वह सीतापुर से मेरठ जा रही थी। पिकअप पर ‘सत साहेब निशुल्क सत्संग सेवा हेतु’ लिखा हुआ था। कंटेनर चालक मौके से फरार थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। मृतक के परिजनों को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। -
शिमला: चूड़धार यात्रा पर गई युवती की पहाड़ी से गिरकर म*त, पैर फिसलने से हुआ ह***ा
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंचूड़धार यात्रा पर गई एक 27 वर्षीय युवती की पहाड़ी से गिरने के कारण मौत हो गई। यह हादसा यात्रा के रास्ते पर मंडाहलाणी के पास हुआ। मृतक युवती की पहचान प्रेशिता मेहता पुत्री शैलेंद्र मेहता, निवासी गांव चायल डूबलू जिला शिमला के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रेशिता मेहता शनिवार सुबह अपने दो अन्य साथियों के साथ चूड़धार की ओर जा रही थीं। मंडाहलाणी से कुछ आगे पहुंचने पर अचानक उनका पैर फिसल गया। वह पहाड़ी से नीचे जा गिरी।
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ट्रेन से च**ी हुआ 3.20 लाख रुपये का बैग मिला:फतेहपुर जीआरपी ने लावारिस हालत में खोजा, यात्री को कैश व जरूरी दस्तावेज वापस मिले
फतेहपुर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने इंटरसिटी एक्सप्रेस से चोरी हुए 3.20 लाख रुपये नकद और जरूरी कागजातों से भरा एक बैग बरामद किया है। यह बैग लावारिस हालत में मिला था, जिसे बाद में यात्री को सौंप दिया गया। कानपुर के बाबुपुरवा निवासी महमूद अहमद 4 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 22441 इंटरसिटी एक्सप्रेस से प्रयागराज से कानपुर जा रहे थे। फतेहपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के चलने के महज 5 मिनट के भीतर उनका बैग चोरी हो गया था। इस बैग में लगभग 3.50 लाख रुपये नकद और अन्य जरूरी सामान थे। इस घटना के संबंध में जीआरपी थाना फतेहपुर में अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उप-निरीक्षक अरविंद कुमार को मामले की जांच सौंपी गई थी। डीएसपी कानपुर जीआरपी सूर्यमणि उपाध्यक्ष ने शनिवार शाम 5 बजे इस बारे में जानकारी दी।
प्रयागराज कंट्रोल रूम से मिली सूचना के बाद थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में जीआरपी और आरपीएफ पोस्ट फतेहपुर (प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह) की संयुक्त टीम ने स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफार्मों पर गहन तलाशी अभियान चलाया। जांच करते हुए पुलिस टीम पश्चिमी छोर यार्ड की ओर पहुंची। वहां रेलवे पटरी के किनारे एक काले रंग का हैंडबैग लावारिस हालत में पड़ा मिला। आसपास पूछताछ करने के बाद जब किसी ने उस बैग पर अपना दावा नहीं किया, तो पुलिस ने शिकायतकर्ता महमूद अहमद को फोन कर मौके पर स्टेशन पर बुलाया। शिकायतकर्ता की मौजूदगी में जब बैग खोलकर जांच की गई, तो उसमें 3,20,000 रुपये नकद (जिसमें 500 रुपये के 618 नोट और 100 रुपये के 110 नोट शामिल थे), पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, नीले रंग की लुंगी और पीले रंग का गमछा बरामद हुआ। महमूद अहमद ने सामान की पहचान कर अपने होने की पुष्टि की। पुलिस ने बरामद सामान को सील कर मालखाना हेड कांस्टेबल कमलेश वर्मा को सौंप दिया है। -
सहारनपुर की मस्जिद पर लागू होता है प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट… इकरा हसन बोलीं- हमें हाई कोर्ट भी जाने का वक्त नहीं दिया गया
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को प्रशासन ने अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया. मस्जिद पर हुए बुलडोजर एक्शन पर सूबे की सियासत गरमा गई है. विपक्षी दलों ने इसको लेकर योगी सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है. वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद ने इकरा हसन ने भी इस मुद्दे को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और कोर्ट जाने की बात कही है.

कैराना सांसद इकरा हसन ने कहा कि वो सहारनपुर में मस्जिद ढहने के मामले में कोर्ट जाएगी. उन्होंने कहा कि हमें तानाशाही के तहत हाउस अरेस्ट किया गया है. उन्होंने संविधान का गला घोंटने की बात कही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई मोहलत नहीं दी गई, जबकि टेररिस्ट को मोहलत दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सहारनपुर की मस्जिद पर प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू होता है. उन्होंने कहा कि हमें हाई कोर्ट भी जाने का वक्त नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि इसकी माफी नहीं होगी.
‘संविधान का गला घोंटा जा रहा है…’
इकरा हसन ने कहा कि ये 1947 से पहले की बनी हुई है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को दर किनार करते हुए वहां पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि संविधान का गला घोंटा जा रहा है और नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि वो इस मामले को लेकर लोग कोर्ट जाएंगी. उन्होंने कहा कि अगर सभी निर्णय केवल सरकार की मनमर्जी से लिए जाएंगे, तो कानून व्यवस्था या न्यायिक प्रणाली की कोई जरूरत ही नहीं रह जाएगी.
‘इसकी कोई माफी नहीं…’
सपा सांसद ने कहा ‘यह बेहद शर्मनाक घटना है. यह इतना गंभीर पाप है कि उन्हें निश्चित रूप से इसका दंड भुगतना पड़ेगा. कोई माफी नहीं होगी. हम इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे यह हमारा अधिकार है’. सांसद ने कहा कि जिस तरीके से उन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि लोकतंत्र की हत्या कैसे की गई है. उन्होंने कहा कि इस देश और इस राज्य में हमारे संविधान और कानून के शासन को पूरी तरह से कमजोर किया जा रहा है.
‘तो अदालतों को बंद कर देना चाहिए…’
उन्होंने कहा कि हर जगह ‘त्वरित न्याय’ को अपनाया जा रहा है. अगर इसी तरह से शासन चलना है, तो अदालतों को बंद कर देना ही बेहतर होगा, अगर सभी फैसले केवल सरकार की मनमर्जी से लिए जाएंगे, तो कानून-व्यवस्था या न्यायिक प्रणाली की कोई आवश्यकता ही नहीं रह जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विध्वंस राजनीतिक रूप से प्रेरित था और इसका उद्देश्य एक विशेष समुदाय को चोट पहुंचाना था.
इकरा हसन को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट
दरअसल जनपद शामली के कैराना कैराना से सांसद इकरा हसन सहारनपुर में हुए मस्जिद प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मिलने और बातचीत करने के लिए अपने आवास से निकल रही थीं. तभी उन्हें पुलिस ने रोक लिया और जाने नहीं दिया. लिस अधिकारियों ने उन्हें कहा- मैडम आप नहीं जा सकती.
इस पर इकरा हसन ने पुलिस से वजह पूछी. इस दौरान सपा सांसद और पुलिस के बीच आधी रात बीच सड़क पर कुछ देर तक बहस भी होती रहीं. जिसका वीडियो भी सामने आया है. इस दौरान उनके साथ उनकी मां और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी वहीं मौजूद थीं.सुबह यह खबर सामने आई कि इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है.
कार्रवाई की जानकारी के बाद सांसद इकरा हसन शनिवार को सहारनपुर जाने वाली थीं. उनका मकसद मौके के हालात का जायजा लेना और अधिकारियों से मुलाकात करना था. लेकिन उनके सहारनपुर रवाना होने से पहले ही पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई. रात से ही पुलिस की तैनाती रही और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई.
AIMIM का अखिलेश पर हमला
इधर सहारनपुर में मस्जिद गिराने को लेकर AIMIM ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान ने मस्जिद को गिराने के लिए अखिलेश को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दो दिन पहले सहारनपुर गए थे उसके बाद मस्जिद गिर गई. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख ने सरकार से फिक्सिंग की हुई है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वो मुस्लिम वोट से जीत हैं और मुस्लिमों के साथ ही खड़े नहीं हैं.
मायावती ने की निंदा
वहीं इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष मायावती का भी बयान सामने आया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को गिराए जाने की निंदा कर योगी सरकार पर निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने कानून कानून का शासन लागू करने का आह्वान किया.
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मायावती ने कहा ‘जिला सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आए दिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है वह ठीक नहीं है. सरकार को ऐसे निगेटिव हालात से बचने के लिये इस पर तुरंत रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय जरूर करने चाहिए. वैसे भी एक संवैधानिक सेक्युलर सरकार द्वारा सभी धर्मों के मानने वालों एवं उनके धार्मिक स्थलों आदि का एक समान आदर-सम्मान व उनकी सुरक्षा करने का उत्तरदायित्व बनता है.
1. ज़िला सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आएदिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है वह ठीक नहीं है तथा सरकार को ऐसे निगेटिव हालात से बचने के लिये इस पर तुरन्त रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय ज़रूर करने चाहिये।
2.— Mayawati (@Mayawati) September 5, 2026
मायावती ने की अपील
मायावती ने कहा कि इस्लाम मजहब में मस्जिदें हर दिन इबादत बल्कि दिन में कई बार जमात के साथ नमाज पढ़ने का मुख्य व अभिन्न अंग हैं, जिसको ध्यान में रखकर व भारतीय परम्परा के अनुसार सम्मान देना देश व व्यापक जनहित में जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बिना नियम-कानून का समुचित अनुपालन किए हुए किसी भी अभियुक्त का मकान ध्वस्त करके उसके पूरे परिवार को सामूहिक तौर पर सज़ा देकर बेघर बार कर देने की कार्रवाईयों से भी लोग काफी विचलित हैं. ऐसे में बीएसपी सरकार की तरह का क़ानून द्वारा कानून का राज का व्यवहार जरूरी है. मायावती ने कहा ‘अतः केवल सरकार ही नहीं बल्कि माननीय न्यायालय भी इस ओर समुचित ध्यान दें तो यह उचित होगा. लेकिन ऐसे हालात में सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण भी ज़रूर बना कर रखें, पार्टी की यह भी अपील है’.
मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिटी मजिस्ट्रेट ने पिछले महीने मस्जिद को अवैध मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय का रुख किया था. कोर्ट ने पहले सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगाई थी. हालांकि, शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से किया गया दावा खारिज कर दिया गया. इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई की.
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राजनीति: जयराम ठाकुर बोले- कुर्सी बचाने में जुटे हैं सुक्खू, प्रदेश चलाने का विजन नहीं
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंपूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका एकमात्र एजेंडा अपनी कुर्सी बचाना रह गया है। सुंदरनगर में पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के जिला स्तरीय सम्मेलन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चार साल से गिरते-पड़ते चल रही है और मुख्यमंत्री जनहित के बजाय सरकार बचाने में व्यस्त हैं। प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित हैं और सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है। मंडी सहित कई क्षेत्रों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं, जबकि तीखे मोड़ों पर सुरक्षा इंतजाम और पैरापिट तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की लाइफलाइन मानी जाने वाली सड़कें अब हादसों का कारण बन रही हैं।