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  • राष्ट्रपति ने हिमाचल की मंजरी को नेशनल टीचर अवॉर्ड दिया:गवर्नर ने 31 टीचरों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से नवाजा; वीरेंद्र चौहान के चयन पर बवाल

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर सीबीएसई स्कूल की प्रिंसिपल मंजरी महाजन को शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। मंजरी महाजन ने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, नई तकनीक से पढ़ाई और सभी बच्चों की भागीदारी के लिए काम किया हैं। इसके अलावा स्कूल में कचरे का बेहतर प्रबंधन, कचरे का सेग्रीगेशन, प्लास्टिक कलेक्शन और उसे पंचायत में जमा करवाने के साथ साथ प्लास्टिक फ्री कैंपस बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके आधार पर उनका चयन नेशनल टीचर अवॉर्ड के लिए किया गया। गवर्नर ने स्टेट टीचर अवार्ड से नवाजे 31 शिक्षक वहीं, हिमाचल के गवर्नर कविंद्र गुप्ता ने 31 शिक्षकों को ‘स्टेट टीचर अवॉर्ड’ से नवाजा। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे।स्कूल शिक्षा विभाग के 21 शिक्षकों, उच्च शिक्षा विभाग के 5 टीचर एवं प्रिंसिपल तथा टेक्नीकल एजुकेशन के 5 अध्यापकों को यह पुरस्कार दिया गया। एजुकेशन सेक्रेटरी राकेश कंवर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने और विद्यार्थियों की पढ़ाई में विशेष रुचि दिखाने वाले शिक्षकों का इस अवार्ड के लिए चयन किया गया है। चयन के वक्त सभी मापदंडो का ध्यान रखा गया है। विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी: राज्यपाल इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत और विकसित भारत की नींव के रूप में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं है। इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, शोध और चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक के दौर में शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीक शिक्षण प्रक्रिया में मदद कर सकती है, लेकिन शिक्षक से मिलने वाली प्रेरणा, मार्गदर्शन, स्नेह और संस्कार की जगह नहीं ले सकती। वीरेंद्र चौहान के अवॉर्ड पर सवाल वहीं शिक्षा विभाग के दावों पर कुछ टीचरों ने सवाल उठाए। खासकर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शिमला के प्रिंसिपल वीरेंद्र चौहान के चयन पर सवाल उठाए गए।गवर्नर को लिखे पत्र में दावा किया गया कि वीरेंद्र चौहान का नाम 29 अगस्त 2025 को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों की लिस्ट में नहीं था। इसके बावजूद उनका नाम बाद में टीचर अवॉर्ड वाली लिस्ट में शामिल किया गया। 11 टीचरों द्वारा गवर्नर को लिखे पत्र में इसकी जांच की मांग की गई है। चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने के आरोप शिक्षकों ने राज्यपाल को भेजे पत्र में चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, निर्धारित पात्रता और श्रेणीवार मानदंडों का समान रूप से पालन नहीं होने की बात कही है। उन्होंने पूरे चयन रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी आपत्ति किसी चयनित शिक्षक के खिलाफ नहीं है, बल्कि चयन प्रक्रिया, पात्रता और निर्धारित मानदंडों के समान रूप से लागू होने को लेकर है। दूसरे राज्य शिक्षक पुरस्कार पर भी सवाल टीचरों ने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार पहले राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षक को दोबारा यह पुरस्कार देने की पात्रता नहीं है। इसके बावजूद JBT सृष्टि शर्मा को दूसरी बार राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जाने का दावा किया गया है। शिक्षकों ने इस मामले में संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि ऐसा हुआ है तो पात्रता की शर्त किस आधार पर लागू की गई। टीचर डे अवार्ड के PHOTOS…
  • 17 दिन से लापता युवक का नर कंकाल मिला:कपड़ों और चप्पल से परिजनों ने की पहचान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    सीतापुर में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे खेतों की ओर गए ग्रामीणों को कब्रिस्तान के दक्षिण दिशा में नर कंकाल पड़ा मिला। कंकाल मिलने की सूचना फैलते ही गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कंकाल को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। मामला हरगांव थाना क्षेत्र के कोरैय्या गांव का है। 17 दिन से लापता था युवक पुलिस की पूछताछ में पता चला कि कोरैय्या गांव निवासी किशोरी उर्फ गोलू (26) करीब 17 दिन से लापता था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की थी। कोई जानकारी नहीं मिलने पर गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। नर कंकाल मिलने की सूचना पर किशोरी के परिजन मौके पर पहुंचे। कपड़ों और चप्पल से हुई पहचान परिजनों ने घटनास्थल पर मिले कपड़ों और चप्पल के आधार पर कंकाल की पहचान किशोरी उर्फ गोलू के रूप में की। पहचान होने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसका शव कब्रिस्तान के पास कैसे पहुंचा, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र कराए। इसके बाद नर कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। थाना प्रभारी आनंद नारायण त्रिपाठी ने बताया कि नर कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। लापता होने से कंकाल मिलने तक की जांच फिलहाल परिजनों की ओर से किसी व्यक्ति पर हत्या या अन्य आरोप नहीं लगाया गया है। पुलिस युवक के लापता होने से लेकर नर कंकाल मिलने तक की परिस्थितियों की जांच कर रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ अन्य पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है।
  • कैग रिपोर्ट में खुलासा: हिमाचल में मनरेगा के फंड से बना दिए 180 पंचवटी पार्क, 15.75 करोड़ खर्चे

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    हिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत विकास कार्यों के लिए उपलब्ध केंद्रीय धन के इस्तेमाल में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य में मनरेगा की राशि का इस्तेमाल पंचवटी योजना के तहत पार्क बनाने में किया गया। 180 स्थानों पर बनाए गए इन पार्कों पर कुल 15.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें से 4.41 करोड़ रुपये के खर्च को कैग ने अमान्य करार दिया है।


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    मनरेगा अधिनियम में योजना के तहत कराए जा सकने वाले कार्यों की सूची निर्धारित है। पंचवटी पार्क इस स्वीकृत सूची में शामिल नहीं थे। प्रदेश में इनका निर्माण मनरेगा के तहत कराया गया। इसके लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय से पूर्व अनुमति व किसी तरह की छूट भी नहीं ली गई। रिपोर्ट में केंद्रीय योजना की राशि को राज्य सरकार की अपनी प्राथमिकता वाली योजना पर खर्च किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। पंचवटी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था।

    इसके तहत पार्कों में वॉक-वे, बैठने की व्यवस्था, ओपन जिम और हरित क्षेत्र विकसित किए जाने थे। औषधीय पौधों के रोपण की भी व्यवस्था की गई। योजना की मंशा जनहित से जुड़ी होने के बावजूद इसके लिए केंद्रीय मनरेगा फंड के इस्तेमाल की प्रक्रिया पर कैग ने आपत्ति जताई है। ऑडिट में यह भी सवाल उठाया गया है कि जब कार्य मनरेगा की स्वीकृत सूची में शामिल नहीं थे तो जिला और राज्य स्तर पर इनके लिए धनराशि जारी करने की अनुमति कैसे दी गई। इससे विभागीय स्तर पर वित्तीय निगरानी और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।

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  • हिमाचल के आढ़ती अडानी और कॉर्पोरेट घरानों पर भड़के:बहिष्कार की अपील; MLA राठौर बोले- मार्केटिंग बोर्ड मूक दर्शन न बने, उचित मूल्य दिलाए

    हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के बीच आढ़तियों ने अडानी समेत दूसरे कॉर्पोरेट घरानों के बहिष्कार की अपील की है, क्योंकि प्राइवेट कंपनियों ने ओपन मार्केट में अच्छे रेट के बावजूद कम रेट खोले हैं। खासकर छोटे सेब के दाम काफी गिराए गए हैं। आढ़तियों के मुताबिक, निजी कंपनियां सेब के बाजार को गिराने की साजिश रच रही हैं। इस बीच ठियोग के विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने भी छोटे सेब के कम रेट पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बागवान पहले ही मौसम, अधिक लागत और कम उत्पादन की मार झेल रहे हैं। ऐसे में उनकी मजबूरी का फायदा उठाना उचित नहीं है। उन्होंने चेताया कि बागवानों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। राठौर ने हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड केवल दर्शक बनकर नहीं रह सकता। उसे बागवानों के हितों की रक्षा के लिए खरीद और विपणन व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मंडियों में ₹110 बिक रहा पितू सेब, निजी कंपनियां ₹60 रुपए खरीद रही: हरीश वहीं हिमाचल आढ़त एसोसिएशन के चेयरमैन हरीश ठाकुर ने कहा कि पराला मंडी में इन दिनों 105 रुपए से 170 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सेब बिक रहा है, जबकि निजी घराने 40 रुपए से 115 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में ‘पितू’ (सबसे छोटे आकार का) सेब 100 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। इसके विपरीत निजी कंपनियों ने पितू सेब का शुरुआती रेट लगभग 60 रुपए रखा है। प्राइवेट कंपनियों को भी गड्ढ में सेब खरीदने के लिए बाध्य करें सरकार: प्रताप हिमाचल आढ़त एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रताप चौहान ने कहा कि हर साल निजी कंपनियों के रेट ओपन करते ही ओपन मार्केट गिर जाती है। इसकी बड़ी वजह प्राइवेट कंपनियों द्वारा ‘ए’ ग्रेड सेब खरीद लिया जाना है, जबकि बाकी सारा सेब रिजेक्ट करके मंडियों को भेज दिया जाता है। इससे हर साल सेब की मार्केट गिरती है। इसे देखते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार प्राइवेट कंपनियों को भी गड्ढ (सभी साइज का सेब एक रेट पर बेचना) में सेब खरीदने के लिए बाध्य करे, जिस प्रकार आढ़तियों को किया जाता है। ओपन मार्केट में औसत रेट, कंपनियां अलग-अलग ग्रेड में खरीद रहीं हरीश ठाकुर ने कहा कि मंडियों में बागवानों को अलग-अलग साइज का सेब औसत रेट यानी ‘गड्ड’ में बिकता है। बागवानों को पूरे लॉट का बेहतर औसत मूल्य मिलता है। वहीं, निजी कंपनियां अलग-अलग आकार और ग्रेड के सेब की अलग-अलग कीमत तय कर खरीदती हैं। इससे बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी वजह से सेब का बाजार गिरता है। निजी कंपनियों के खिलाफ आढ़ती लामबद्ध हरीश ठाकुर ने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन ने इसी मसले पर एक मीटिंग भी कर ली है। इसमें सभी आढ़तियों ने निजी कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इससे आढ़तियों नहीं, बल्कि बागवानों का फायदा होगा और आने वाले सालों में भी सेब का बाजार इनकी साजिश से नहीं गिर सकेगा।
  • कन्नौज में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सम्मानित:जीआईसी उमर्दा में किया गया सम्मान, शिक्षामित्र भी पहली बार शामिल हुए

    कन्नौज के माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे टीचरों के साथ ही इस बार शिक्षामित्र और अनुदेशक का भी सम्मान किया गया। ये सम्मान उन्हें माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर जीआईसी उमर्दा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सम्मान पाकर शिक्षामित्र ने खुशी का इजहार किया। टीचर्स-डे पर शनिवार दोपहर उमर्दा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 11 टीचर माध्यमिक के और 3 टीचर बेसिक शिक्षा विभाग के शामिल हैं। इसके अलावा कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय युसुफपुर भगवान की शिक्षामित्र अनीता देवी, उच्चतर प्राथमिक विद्यालय जसौली के अनुदेशक शैलेन्द्र कुमार राणा और हसेरन के विशेष शिक्षक संजीव कुमार को भी सम्मानित किया गया। उन्हें ये सम्मान विभाग की ओर से पहली बार दिया गया। शिक्षामित्र अनीता देवी ने सम्मान पाकर खुशी का इजहार किया। हालांकि यहां मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत और डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को पहुंचना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। ऐसे में डीआईओएस पप्पू सरोज ने शिक्षकों को सम्मानित किया। इन शिक्षकों का हुआ सम्मान- राजकीय हाईस्कूल रामखेड़ा के प्रधानाध्यापक हर्ष दीपांकर तिवारी, भारतीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज सिकंदरपुर के प्रवक्ता डॉ. केके झा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज फतेहपुर जसोदा के प्रवक्ता सस्मित कुमार द्विवेदी, राजकीय इंटर कॉलेज उमर्दा की सहायक अध्यापक मंजू वर्मा, गोमती देवी इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापक स्नेहलता, राजकीय हाईस्कूल गुगरापुर सहायक अध्यापक रश्मि राठौर, राजकीय अभिनव विद्यालय गंगधरापुर के अध्यापक देवऋषि मिश्रा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज बिरौली के व्यायाम शिक्षक कोषांक यादव, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज फतेहपुर जसोदा के व्यायाम शिक्षक आकाश गुप्ता, राजकीय इंटर कॉलेज उमर्दा के सहायक अध्यापक देवेश गुप्ता, श्याम लाल खंडेलवाल इंटर कॉलेज विशुनगढ़ के अध्यापक अनुज कुमार द्विवेदी शामिल हैं। इसके अलावा उच्चतर प्राथमिक विद्यालय हैबतपुर कटरा की अध्यापक स्नेहलता द्विवेदी, कम्पोजिट विद्यालय फतेहपुर जसोदा के सहायक अध्यापक पंकज त्रिवेदी और प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर की प्रधानाध्यापक पूजा पांडेय को भी सम्मानित किया गया।
  • ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा…’ सपा ने शुरू किया ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान, 26 हजार स्कूल खोलने का ऐलान

    शिक्षक दिवस पर समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों को लेकर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार को प्रदेशभर में ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान चलाया गया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बंद स्कूलों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर उन्हें दोबारा खोलने की मांग उठाई.

    सपा ने अभियान के लिए बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा का नारा दिया. पार्टी का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं. सपा का आरोप है कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है.

    ने कहा कि अभियान का मकसद शिक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत को सामने लाना है. उन्होंने कहा कि शिक्षा शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना पैदा करती है. यही चेतना भेदभाव के खिलाफ लड़ाई, बराबरी और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करती है.

    नरही में बंद स्कूल के बाहर प्रदर्शन

    लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के नरही में बंद प्राथमिक विद्यालय को लेकर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्कूल को दोबारा शुरू करने की मांग की और प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए.

    सपा नेताओं ने कहा कि इन स्कूलों में आसपास के गरीब और निम्न आय वर्ग के बच्चे पढ़ते थे. स्कूल बंद होने के बाद बच्चों को दूर स्थित विद्यालयों में जाना पड़ रहा है. पार्टी ने इस मुद्दे को शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा.

    सरकार बनी तो पहली कैबिनेट में स्कूल खोलने का दावा

    पाठशाला पुकारे अभियान के जरिए सपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं. पार्टी ने दावा किया कि सत्ता में आने के 24 घंटे के भीतर बंद किए गए सभी 26 हजार स्कूलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

    सपा ने कहा कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में बंद प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोलने का फैसला लिया जाएगा. पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले.

    शिक्षा के मुद्दे से PDA की सियासत साधने की कोशिश

    सपा का यह अभियान सिर्फ बंद स्कूलों को दोबारा खोलने की मांग तक सीमित नहीं है. पार्टी इसे PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की शिक्षा और सामाजिक न्याय के बड़े मुद्दे से जोड़ रही है. सपा का संदेश है कि सरकारी स्कूल मजबूत होंगे तो वंचित तबके के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और सामाजिक बराबरी की लड़ाई को मजबूती मिलेगी.

    शिक्षक दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था को घेरने की सपा की रणनीति का आधार बन सकता है. आने वाले दिनों में स्कूल, शिक्षा और PDA के मुद्दे पर सपा सरकार के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर सकती है.

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  • बल्क ड्रग पार्क: बनेंगे 81 प्लॉट, अक्तूबर से उद्योगों को होगा आवंटन, 21 फीट चौड़ी होगी सड़क

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    ऊना में विकसित हो रहे बल्क ड्रग पार्क में फार्मा उद्योगों के लिए 81 प्लॉट तैयार किए गए हैं। इनके आवंटन की प्रक्रिया अक्तूबर से शुरू हो जाएगी। पार्क में बाहरी राज्यों के उद्योगपतियों को भी निवेश का अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर से पहले चरण में उत्पादन शुरू हो जाए, मार्च, 2027 तक सभी यूनिटें उत्पादन करना शुरू कर दें। इससे हिमाचल में फार्मा उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदेश के बाहर भी कच्चे माल की सप्लाई का रास्ता खुलेगा। बल्क ड्रग पार्क 11,240 बीघा में बन रहा है। पार्क में प्लॉटों के आसपास बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रत्येक प्लॉट के इर्द-गिर्द 21 फीट चौड़ी सड़क होगी, जिससे उद्योगों तक वाहनों की आवाजाही सुगम रहे। इसके अलावा हर प्लॉट में पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे उद्योगों को माल ढुलाई, कच्चे माल की आवाजाही और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी। सरकार की योजना बल्क ड्रग पार्क को फार्मा उद्योगों के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है।

    यहां दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल तैयार किया जाएगा। इससे प्रदेश के फार्मा उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध होने की उम्मीद है। वर्तमान में कई उद्योगों को कच्चे माल के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। पार्क में तैयार होने वाला फार्मा कच्चा माल केवल हिमाचल तक सीमित नहीं रहेगा। इसे दूसरे राज्यों में भी सप्लाई किया जाएगा। इससे प्रदेश के उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे और हिमाचल की फार्मा इंडस्ट्री को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने का अवसर मिलेगा। अक्तूबर से प्लॉट आवंटन शुरू होने के बाद उद्योगों की स्थापना का काम गति पकड़ने की उम्मीद है।

    सरकार की ओर से पहले चरण का उत्पादन दिसंबर से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पार्क में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के माध्यम से सरकार फार्मा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और दवा उद्योग के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बाहरी राज्यों के उद्योगपतियों के निवेश से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। हिमाचल के उद्योगपतियों को भी इसका फायदा होगा। उत्पादन की क्षमता को देखते हुए प्लॉट आवंटित होंगे। 

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  • हिमाचल में कंगना रनोट बोलीं-लोग मुझे निठल्ला कह रहे:अफसरों को फटकारा- बैठक में खानापूर्ति के लिए न आएं, फैसलों पर काम भी करें

    हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने शनिवार को अधिकारियों को जमकर फटकारा। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर कंगना ने कहा- यह एक मजाक बनकर रह गया है। उन्होंने बैठक में सभी BDO को खड़ा कर कहा कि मैं नेशनल मीडिया में इस बारे में कुछ बोल नहीं पा रही हूं। लोग रील बना रहे हैं। मुझे निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने कहा- सांसद का काम फंड देना है, उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा। इन्हें लागू करना जरूरी है। 11 करोड़ रुपए में से अभी आधी राशि का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। आप लोग यहां केवल सैलरी उठाने आ जाते हैं। पढ़िए बैठक में और क्या बोलीं कंगना… हमने अब तक क्या किया, टाइम वेस्ट क्यों
    कंगना ने कहा, ‘मीटिंग में जो भी बातें होती हैं, उन पर हमने अब तक क्या किया है। उसकी प्रोग्रेस भी होनी चाहिए। क्यों टाइम वेस्ट किया जा रहा है? कोई फॉर्मेलिटी है क्या ये? पिछली बार जो कहा था, इस बार भी वही कह रहे हैं। मैं ये पैटर्न हर चीज में, हर डिपार्टमेंट में देख रही हूं। पिछली बार मैंने कहा था आप लोगों से कि जो हम बात करते हैं, वो आगे बढ़नी चाहिए। हम वहीं रुककर नहीं रह सकते।’ इसे लागू कर रहे या सिर्फ सजेशन दे रहे
    कंगना ने कहा- ऐसा लगता है कि हम संकट की ओर जा रहे हैं। आप लोगों को किसी भी विषय पर मेरा सजेशन चाहिए? आपको इसे लागू करना होगा, ताकि हम अगले चरण पर जा सकें और यह देख सकें कि इसे लागू करने के बाद हमारे सामने क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। क्या हम सिर्फ सजेशन दे रहे हैं, जिनमें केवल आइडिया हैं और कोई प्रेक्टिकेलिटी और ग्राउंड नहीं है? हम ये कैसे एक्सेप्ट करेंगे? हम ये कैसे पता लगाएंगे, जब तक हम अगले चरण पर नहीं बढ़ते। पूरे देश की नजर मंडी पर, सभी BDO खड़े हो जाएं
    कंगना ने कहा- पूरे देश की नजर मंडी पार्लियामेंट की परफॉर्मेंस पर है। हमें इतनी मीडिया रिपोर्ट आती हैं। ये सारे डिपार्टमेंट में जो घोटाला चलता है, एक के बाद एक…यह स्वीकार्य नहीं है। पूरे देश में हम मजाक बनकर रह गए हैं। बीडीओ कौन-कौन है? सभी खड़े हो जाएं। जो भी एमपी लैड की पुअर परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार है, सभी खड़े हो। मुझे निठल्ली कह रहे, क्या जवाब दूं
    कंगना ने कहा- सारे देश में ये खबर चल रही है कि कंगना ने 11 करोड़ दिए हैं और काम एक भी नहीं हुआ। इतनी निठल्ली है, इतनी निकृष्ट है। क्या बोलूं मैं वहां मीडिया के सामने कि यहां पर ये सिर्फ तनख्वाह खाने के लिए आते हैं? हमारे प्रदेश के लोगों के बारे में क्या बोलूं मैं? कुछ लोग फंड पर कुंडली मारकर बैठे
    कंगना ने कहा- एक सांसद का काम होता है पैसे देना। मार्च-अप्रैल तक 11 करोड़ में से सिर्फ बहुत कम खर्च हुआ। पूरे क्षेत्र में एक करोड़ भी यूज नहीं हुआ था दो सालों में। मिनिस्ट्री से मुझे इतने सारे लेटर भेजने पड़े। क्या उनको कोई और काम नहीं है क्या? हर दिन मेरे पीए, हर दिन मैं… हम लोग मिनिस्ट्री के ऑफिस में बैठे रहते थे। कई लोगों ने फंड लिए हुए हैं, काम शुरू नहीं कर रहे हैं। कई लोग फंड पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। उनके पास लैंड नहीं है, उनके पास परमिशन नहीं हैं, झूठे MOUs पर साइन कराकर भेजे हुए हैं। तो आप लोगों का दायित्व बनता है कि उनको कहें कि अपना ये मनी रिटर्न करें। कुछ लोगों ने काम खत्म किया लेकिन दिख नहीं रहा
    कंगना ने पूछा- आप लोगों ने किसे फोन किए? कुछ-कुछ लोगों ने काम खत्म किया हुआ है, फिर भी उनके अकाउंट में रुपए बचे हुए हैं। वर्क रिफ्लेक्ट नहीं हो रहा। और जिन लोगों ने पैसा यूज किया है, काम करवाया है, उन लोगों को अपलोड ही नहीं करना आता। मंडी सांसद बोलीं- कितनी ट्रेनिंग दिलवाई हम लोगों ने। यह कैसा व्यवहार है? आप क्यों रोक रहे हैं? हम बैठक क्यों कर रहे हैं? ये… क्यों कर रहे हैं आप लोग मीटिंग अगर आप लोगों को ये काम पुश करना ही नहीं है? देखिए, मीटिंग से जुड़े कुछ PHOTOS… ————— – BJP सांसद कंगना रनोट के 5 विवादित बयान:सार्वजनिक माफी और सफाई देनी पड़ी, अब ‘गटरछाप’ वाले बयान पर दिया स्पष्टीकरण विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाली मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट को गटर जनरेशन और गटरछाप वाले बयान पर सफाई देनी पड़ी है। यह पहला मौका नहीं, जब कंगना को सार्वजनिक तौर पर माफी या फिर सफाई देनी पड़ी हो। सांसद किसान आंदोलन, जावेद अख्तर से कानूनी विवाद और महिंदर कौर मामले में खेद जता चुकी है। पूरी खबर पढ़ें…
  • महिला की म*त के मामले में जांच समिति गठित:सोनभद्र में परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप, डीएम ने लिया संज्ञान

    सोनभद्र में राबर्ट्सगंज के कम्हारी स्थित जीवनदीप हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संज्ञान लिया है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना 2 सितंबर की देर शाम की बताई जा रही है। खैराही, थाना करमा निवासी 27 वर्षीय रविता पत्नी संजय की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। वहीं, नवजात बच्चे को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजा गया था। मामले सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लिया।
    डीएम के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पंजीयन निजी चिकित्सालय, सोनभद्र डॉ. गुलाब शंकर, जिला संयुक्त चिकित्सालय की गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका सिंह और एनेस्थेटिक डॉ. राजेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। जांच समिति को मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपनी होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
  • ऊना में SIU ने 10 ग्राम चिट्टा पकड़ा:शिव मंदिर के पास से तस्कर गिरफ्तार; इलेक्ट्रॉनिक मशीन भी मिली

    ऊना जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई की है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ( SIU) ऊना ने कोटलाखुर्द में शिव मंदिर के पास से एक युवक को 10 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा है। आरोपी की पहचान कोटलाखुर्द निवासी राजिंदर शर्मा के रूप में हुई है। सदर थाना ऊना में उसके खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शुक्रवार देर शाम SIU ऊना को गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद SIU की टीम ने शिव मंदिर कोटलाखुर्द के पास एक युवक के बैग की तलाशी ली। तलाशी में बैग से 10 ग्राम चिट्टा और एक इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन मिली। पुलिस ने आरोपी राजिंदर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पुलिस थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह चिट्टा कहां से लाया था। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नशा तस्करी के सभी लिंक खंगाल रही है। तस्करों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान: एसपी एसपी ने यह भी कहा कि ऊना पुलिस नशा माफिया और अवैध तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की अवैध बिक्री या तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। युवाओं को नशे की लत में धकेलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए पुलिस का अभियान जारी रहेगा।