
जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया बुजुर्ग गांव में पहुंज नदी में डूबे 28 वर्षीय हरिशंकर कौरव का 38 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। गुरुवार शाम करीब छह बजे नदी में नहाने उतरा हरिशंकर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया था। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हैं। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन संभाल लिया है। टीम नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण तलाशी में मुश्किलें आ रही हैं। पुलिस को आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या दूसरे स्थान पर फंस गया हो। घटना के बाद से हरिशंकर के परिजन परेशान हैं और नदी किनारे उसकी तलाश का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ एनडीआरएफ की टीम संभावित स्थानों पर लगातार सर्च कर रही है। बहाव के साथ युवक के आगे निकलने की आशंका को देखते हुए नदी में आगे की ओर जाल भी लगाया गया है। रोकने के बावजूद नदी में उतर गया था युवक सलैया बुजुर्ग निवासी पहलवान सिंह का 28 वर्षीय बेटा हरिशंकर गुरुवार शाम करीब छह बजे गांव की ओर से पहुंज नदी के पुल के पास पहुंचा था। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, उस समय वह नशे की हालत में था। हरिशंकर ने नदी में नहाने के लिए कपड़े उतारे और तौलिया पेड़ पर रख दिया। मौके पर मौजूद कविता धीमर और राघवेंद्र कौरव ने उसे नदी में उतरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद वह नदी में चला गया। कुछ ही देर बाद तेज बहाव की चपेट में आने से वह डूब गया और फिर दिखाई नहीं दिया। स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक की तलाश घटना की सूचना मिलते ही कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू कराया। गुरुवार देर शाम तक संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन हरिशंकर का कोई पता नहीं चला। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम भी लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से रेस्क्यू में दिक्कत कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या अन्य स्थान पर फंस गया हो। इसी संभावना को देखते हुए नदी के आगे की ओर जाल भी लगाया गया है, ताकि बहाव के साथ आने वाले किसी संभावित स्थान पर उसकी तलाश की जा सके। घटना को 38 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हरिशंकर का कोई सुराग नहीं मिला है। इससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण मिलकर नदी के संभावित हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच अब सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन के नतीजे पर टिकी है।
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