वाराणसी में 6 दिन बाद फिर बढ़ने लगी गंगा:सुबह से आसमान में बादल छाए, सितंबर के पहले सप्ताह में फिर एक्टिव होगा मानसून

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गंगा के जलस्तर में लगातार छह दिनों तक आई गिरावट के बाद शनिवार से एक बार फिर धीमी गति से बढ़ाव शुरू हो गया है। हालांकि अभी जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी कम है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में शनिवार को गंगा का जलस्तर 68.02 मीटर दर्ज किया गया। पानी करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। आयोग के अनुसार अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। घाटों पर अब भी सामान्य नहीं हुई स्थिति गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद वाराणसी के घाटों की दिनचर्या अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। बाढ़ के कारण घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी, कीचड़ और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती का आयोजन भी सामान्य स्थान के बजाय गंगा आरती प्रबंधन समिति के कार्यालय की छत से किया जा रहा है। घाटों से पानी उतरने के बाद सफाई और व्यवस्था बहाल करने की चुनौती भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घटने के बाद घाटों और आसपास के क्षेत्रों में जमा गाद व कचरे की वजह से आवाजाही प्रभावित है। दूसरी ओर वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी गंदगी और बदबू बड़ी समस्या बनी हुई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जमा कचरे और गाद से दुर्गंध फैल रही है। सुबह 29 डिग्री तापमान, 89 फीसदी रही नमी वाराणसी में शनिवार सुबह तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी का स्तर 89 फीसदी दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 31 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। 31 अगस्त से फिर घने बादल, सितंबर में मानसून होगा सक्रिय मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा – 31 अगस्त से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में फिर घने बादल छाने के आसार हैं। इसके बाद 1 से 4 सितंबर के बीच मानसून का एक और दौर सक्रिय हो सकता है। खासतौर पर 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और गंगा के जलस्तर पर दोबारा असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 सितंबर से एक बार फिर बारिश शुरू होने का अनुमान है। लगातार बारिश के इन दौरों के बीच गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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