Blog

  • ऊना के श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:बालजी महाराज ने किया ठाकुर जी अभिषेक; डिप्टी CM भी हुए शामिल

    हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के कोटलाकलां स्थित श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी पर्व पर वृंदावन जैसा माहौल था। शुक्रवार रात को यहां हजारों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। सभी ने पहले मंदिर में माथा टेका और फिर राष्ट्रीय संत बालजी महाराज से आशीर्वाद लिया। रात में राष्ट्रीय संत बालजी महाराज की मौजूदगी में मंत्रों के साथ ठाकुर जी की प्रतिमा का पंचामृत से अभिषेक किया गया। हिमाचल के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने भी ठाकुर जी का अभिषेक किया। वह देर रात दिल्ली से सीधे श्रीराधा-कृष्ण मंदिर पहुंचे थे। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने राष्ट्रीय संत बालजी महाराज से आशीर्वाद भी लिया। कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मंदिर परिसर में ‘हरे कृष्णा राधे कृष्णा’ और ‘नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष गूंजते रहे। कृष्ण भजनों पर जमकर नाचे श्रद्धालु जम्मू से आए प्रसिद्ध भजन गायक बुआ दित्ता ने कृष्ण भजनों से श्रद्धालुओं को खूब खुश किया। यह कार्यक्रम देर रात तक चला। कृष्ण भजनों पर श्रद्धालु जमकर नाचे। ठाकुर जी के अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा गया। इससे पहले वृंदावन से आए कलाकारों ने रासलीला में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की सुंदर प्रस्तुति दी। डिप्टी सीएम बोले- जनसेवा आध्यात्मिक शक्ति देता है डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि बालजी महाराज का उन पर और जनता पर पूरा आशीर्वाद है। उन्होंने यह भी कहा कि बालजी महाराज आम लोगों को भगवान से जोड़ने का बड़ा काम कर रहे हैं। उनका आशीर्वाद उन्हें जनसेवा में अधिक समर्पण और उत्साह के साथ काम करने की आध्यात्मिक शक्ति देता है। मुकेश अग्निहोत्री ने संकीर्तन का आनंद लिया और कार्यक्रम में आए लोगों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
  • सोमनाथ भारती की अर्जी पर सुनवाई टली:अब 19 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, यूपी अस्पतालों को लेकर की थी टिप्पणी

    सुल्तानपुर कोर्ट में दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती की डिस्चार्ज अर्जी पर शनिवार 4:30 बजे बहस नहीं हो पाई। अभियोजन पक्ष ने अर्जी पर आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने अब इस अर्जी पर बहस के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। पूर्व मंत्री के वकील रुद्र प्रताप सिंह मदन ने कुछ समय पहले यह डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की थी। यह मामला 10 जनवरी 2021 का है, जब अमेठी के जगदीशपुर के हरपालपुर गांव निवासी शोभनाथ साहू ने सोमनाथ भारती के खिलाफ जगदीशपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। साहू ने आरोप लगाया था कि 9 जनवरी 2021 को जगदीशपुर के रामलीला मैदान में सोमनाथ भारती ने यूपी के अस्पतालों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि, “यूपी के अस्पतालों में कुत्ते के बच्चे पैदा होते हैं।” इस टिप्पणी के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अधिवक्ता रूद्र प्रताप सिंह मदन ने बताया कि आज न्यायालय की व्यस्तता के चलते बहस नहीं हो सकी है।
  • कंगना ने बैठक में खड़े कर दिए अधिकारी, जमकर लगाई क्लास; बोली- आप तो मुझसे भी अच्छी एक्टिंग करते हो

    कंगना ने बैठक में खड़े कर दिए अधिकारी, जमकर लगाई क्लास; बोली- आप तो मुझसे भी अच्छी एक्टिंग करते हो

    कंगना ने बैठक में खड़े कर दिए अधिकारी, बोली सिर्फ सैलरी लेने मत आइए

    मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों पर जमकर बरसीं। विकास कार्यों के लिए जारी राशि का समय पर उपयोग न होने और पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से सांसद का पारा चढ़ गया।

    बैठक के दौरान कंगना रनौत के तेवर इतने सख्त नजर आए कि उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि बैठकें सिर्फ कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए न की जाएं। अगर हर बैठक में वही सुझाव और वही जवाब दोहराए जाते रहें और जमीन पर काम नजर न आए तो ऐसी बैठकों का कोई मतलब नहीं है।

    उन्होंने अधिकारियों को यहां तक कह दिया कि “लोग मुझे निठल्ला कहते हैं, लेकिन मैं फंड उपलब्ध करवा रही हूं और आप उसे खर्च तक नहीं कर पा रहे।” सांसद ने अधिकारियों से साफ कहा कि जनता को परिणाम चाहिए, केवल आश्वासन और जुमले नहीं।

    बैठक में अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे जवाबों पर नाराजगी जताते हुए कंगना ने कहा कि हर दिशा बैठक में उन्हें एक जैसे जुमले सुनने को मिल रहे हैं। बार-बार वही समस्याएं सामने आती हैं, वही सुझाव दिए जाते हैं और फिर अगली बैठक में भी वही स्थिति दोहराई जाती है। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि जब पिछली बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे तो उन पर काम क्यों नहीं हुआ। कंगना ने सख्त लहजे में कहा कि “बार-बार वही सुझाव आते हैं, उन पर अमल नहीं होता। आपके कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। आखिर सबका वक्त क्यों बर्बाद किया जा रहा है?”

    यह भी पढ़ें:

    सांसद ने विकास कार्यों के लिए उपलब्ध करवाई गई राशि के उपयोग पर विशेष नाराजगी जताई। बैठक में सामने आया कि पिछले करीब दो वर्षों में जारी लगभग 11 करोड़ रुपये की राशि का अपेक्षित उपयोग नहीं हो पाया। कंगना ने कहा कि सांसद का काम विकास कार्यों के लिए फंड उपलब्ध करवाना है, जबकि उस राशि को निर्धारित कार्यों पर खर्च करवाने और काम पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि अगर पैसा उपलब्ध होने के बावजूद काम शुरू नहीं होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय करनी होगी।

    बैठक में कंगना ने अधिकारियों को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जनता के बीच उनकी छवि को लेकर सवाल उठाए जाते हैं और लोग उन्हें काम नहीं करने वाला बताते हैं, जबकि वह अपनी तरफ से पूरी क्षमता के साथ विकास कार्यों के लिए प्रयास कर रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “लोग मुझे निठल्ला कहते हैं, लेकिन आप यहां सिर्फ सैलरी लेने आ जाते हैं। कंगना ने स्पष्ट किया कि सांसद द्वारा उपलब्ध करवाए गए फंड का इस्तेमाल न होना केवल विभाग की समस्या नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर जनता के विकास पर पड़ता है।

    यह भी पढ़ें : 

    सांसद ने उन लोगों और एजेंसियों पर भी नाराजगी जताई, जिन्होंने विकास कार्यों के लिए राशि तो ले ली लेकिन काम आगे नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने पैसा लेने के बाद काम शुरू नहीं किया है, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए और जुर्माना लगाया जाना चाहिए। उनके अनुसार करीब 30 से 40 फीसदी राशि ऐसे डिफॉल्टरों के पास फंसी हुई है। कंगना ने अधिकारियों से ऐसे मामलों की अलग सूची तैयार करने और प्रत्येक मामले में कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।

    बैठक में कथित तौर पर फर्जी एनओसी और अनुमतियों से जुड़े मामलों पर भी सांसद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को केवल कागजों में आगे बढ़ाने की बजाय वास्तविक रूप से जमीन पर उतारना होगा। भू-अधिग्रहण, विभिन्न अनुमतियों और एनओसी के कारण अटके कार्यों की अलग-अलग सूची बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक लंबित कार्य के लिए समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार करने को कहा गया। इससे यह स्पष्ट होना चाहिए कि कौन सा काम किस अधिकारी या विभाग के स्तर पर और किस कारण से लंबित है।

    यह भी पढ़ें : 

    बैठक के दौरान कंगना के तेवर उस समय और तल्ख हो गए जब उन्होंने जिम्मेदारी तय करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन लोगों के जिम्मे संबंधित विकास कार्य हैं, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। सांसद ने अधिकारियों को संकेत दिया कि अब केवल यह बताना पर्याप्त नहीं होगा कि राशि वापस करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जब तक पैसा सरकारी खाते में वापस नहीं आता, तब तक काम को अधूरा ही माना जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी।

    बैठक में फंड के इस्तेमाल और लगातार लंबित कामों पर नाराज कंगना ने अंग्रेजी में “इट बिकम ए ब्लडी जोक” कहकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना था कि स्थिति ऐसी हो गई है कि वह राष्ट्रीय मीडिया में भी इस मुद्दे को लेकर खुलकर बात नहीं कर पा रही हैं। कंगना ने कहा कि केंद्र और सांसद स्तर से राशि उपलब्ध करवाने के बावजूद यदि उसे समय पर विकास कार्यों में नहीं लगाया जाता तो इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है।

    यह भी पढ़ें : 

    दिशा बैठक के बाद कंगना ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की योजनाओं को हिमाचल में अपेक्षित तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार और अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की शिकायतें उनके पास लगातार पहुंच रही हैं।

    कंगना ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की योजनाओं और विकास कार्यों का श्रेय लेने की कोशिश की जाती है, लेकिन यदि विकास कार्यों में बाधाएं हैं तो उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

    कंगना ने दिशा कमेटी की बैठकों में कांग्रेस विधायकों की कथित गैरमौजूदगी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर की कई समस्याओं की जानकारी विधायकों को होती है और यदि वे बैठकों में शामिल होकर अपनी बात नहीं रखेंगे तो कई समस्याओं का समाधान मुश्किल होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के मुद्दों पर राजनीति करने की बजाय सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना चाहिए।

    दिशा बैठक में कंगना का पूरा फोकस एक ही बात पर रहा—फंड उपलब्ध होने के बाद विकास कार्य जमीन पर क्यों नहीं दिख रहे? उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आने वाली बैठकों में केवल पुरानी रिपोर्ट दोहराने से काम नहीं चलेगा। हर लंबित योजना की स्थिति, खर्च हुई राशि, बची राशि, देरी का कारण और उसे पूरा करने की समयसीमा स्पष्ट करनी होगी।

  • सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से बवाल, ओवैसी ने कहा- इसका खामियाजा भुगतान होगा, अखिलेश ने भी उठाए सवाल

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कचहरी परिसर की मस्जिद के एक हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद इसे लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है. 16 जुलाई, 2026 को, सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट ने स्ट्रक्चर को गैर-कानूनी घोषित किया और इसे गिराने का ऑर्डर जारी किया था. इसके बाद, मस्जिद कमेटी ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपील की, जिसने 2 सितंबर को उसकी अपील खारिज कर दी, जिससे मस्जिद गिराने का रास्ता साफ हो गया और शनिवार को मस्जिद को गिरा दिया गया.

    गिराने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे लोग सनातनी कभी नहीं हो सकते जो दूसरे धर्मों का सम्मान न करते हों, जो दूसरे की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हों. एक सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता. हमने तो यही सनातन में सीखा है.

    अखिलेश बोले- ये सनातनी नहीं हो सकते

    उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम यही बताता है कि पूरा विश्व एक परिवार है. सच्चा सनातनी सौहर्द पसंद लोग हैं. सौहार्द सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि ये इसलिए हो रहा है, क्योंकि भगवान प्रभु श्री राम के धन में चोरी करते हुए ये लोग पकड़े गए. चढ़ावे की चोरी में ये लोग पकड़े गए. SIT बनाकर जेल भेजने वाली बात से इनका सब कुछ छिन गया. जनता जान गई है कि ये किस तरह के लोग हैं इसलिए वे इसे सांप्रदायिक एंगल दे रहे हैं.

    उन्होंने कहा कि क्या हाई कोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था? क्या अपील के लिए वे लोग सुप्रीम कोर्ट में नहीं जा सकते थे? अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर ये काम किया है जिससे अगली कोर्ट में उन्हें न्याय ना मिल जाए.

    ओवैसी ने पूछा- क्या यूपी में Rule of Law खत्म?

    सहारनपुर में मस्जिद पर कार्यवाही को लेकर AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आखिर इतना जल्दी क्या थी? हाईकोर्ट में अपनी बात रखते. सुबह 5 बजे नाकाबंदी कर मस्जिद गिरा दिया गया. उन्होंने कहा कि योगी सरकार ये मामला ऊपरी अदालत में नहीं ले जाने देना चाहती थी. बीजेपी और योगी असवैंधानिक हरकतें कर रहे हैं. हमारी इबादतगाहों को आप तोड़ रहे हैं. क्या यूपी में रूल आफ ला खत्म हो गया है?

    उन्होंने कहा कि मस्जिदों को देखते ही इनके दिल और दिमाग में दर्द शुरू हो जाता है. ये नफरत की बेहतरीन मिसाल है . यूपी में सिर्फ टी-फैक्टर चल रहा है . आज संविधान के टुकड़े करने की कोशिश की गई. हम चुनाव में इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे.

    शिया धर्म गुरु यासूब अब्बास ने कहा कि DM साहब आपने जिस संविधान की शपथ ली है.वही संविधान ये कहता है कि आजादी से पहले बने हर धर्मस्थल का वजूद बरकरार रक्खा जायेगा. फिर कैसे आपने मस्जिद गिरा दी है.

    उन्होंने कहा कि योगी पिछले 10 साल मे कोई ऐसा काम नहीं किया है, जिसके बल पर चुनाव में जा सके. इसलिए हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति के बल पर चुनाव जीतना चाहते हैं, लेकिन ऐसा होगा नहीं. इस बार जनता राहुल गांधी के साथ है.

    शहाबुद्दीन रजवी ने पुनर्निर्माण की मांग की

    ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सरकार से मस्जिद को दोबारा बनाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मस्जिद पर बुलडोजर चलाया जाना बेहद अफसोस की बात है.

    मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद दुख हुआ कि सहारनपुर कचहरी की मस्जिद का आधा हिस्सा बुलडोजर से गिरा दिया गया. उनका कहना है कि यह मस्जिद ब्रिटिश शासन के समय की है और वर्ष 1910 में इसकी नींव रखी गई थी. तब से लेकर वर्ष 2026 तक यह जगह मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल होती रही है.

    उन्होंने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े पुराने दस्तावेज मौजूद हैं और मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने कार्रवाई से पहले प्रशासनिक अधिकारियों के सामने दस्तावेज भी पेश किए थे. मौलाना का आरोप है कि अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को लेने से इनकार कर दिया और उन्हें नजरअंदाज करते हुए मस्जिद के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया.

    इनपुटः ब्यूरो रिपोर्ट, टीवी9 भारतवर्ष

    –

  • कांगड़ा में सड़क ह***ा: देर रात धार्मिक समारोह से लाैट रहे युवकों की बाइक खाई में गिरी, तीन की माैत

    खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

    या
    वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में तीन युवकों की सड़क हादसे में माैत हो गई है। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र की दरिणी पंचायत के झुनेना गांव के तीन युवाओं की बाइक भलेड़ पावर हाउस के समीप देर रात खाई में गिर गई। हादसे में तीनों युवकों की माैत हो गई। मृतकों की पहचान अशोक कुमार, प्रिंस और पवन कुमार के रूप में हुई है। हादसे से क्षेत्र में शोक की लहर है।


    विज्ञापन

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों शुक्रवार रात क्षेत्र में एक धार्मिक आयोजन और यात्रा में भाग लेकर घर लौट रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही उप मुख्य सचेतक एवं विधायक केवल सिंह पठानिया सिविल अस्पताल शाहपुर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया। उन्होंने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

    विज्ञापन

    विधायक ने धर्मशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दूरभाष पर बात कर पोस्टमार्टम संबंधी प्रक्रिया तथा शवों को धर्मशाला ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करवाई। इस दौरान नगर पंचायत शाहपुर के उपाध्यक्ष राजीव पटियाल, पार्षद अभिषेक माथुर, पूर्व पार्षद शुभम ठाकुर सहित अन्य स्थानीय लोगों ने भी परिजनों से संवेदना व्यक्त की।

    रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android , iOS और अपने मोबाइल पे|
    Get all in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more .

  • हमीरपुर की बिझड़ी BDC के रमेश शर्मा अध्यक्ष बने:BJP के राजेश को एक वोट से हराया; कांग्रेस समर्थित पवन उपाध्यक्ष नियुक्त

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के बिझड़ी विकास खंड कार्यालय में ब्लॉक समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव हुए। इसमें भाजपा समर्थित रमेश शर्मा अध्यक्ष और कांग्रेस समर्थित पवन शर्मा उपाध्यक्ष चुने गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा समर्थित रमेश शर्मा ने भाजपा के ही राजेश कुमार मांगा को एक वोट से हराया। इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग हुई, जिससे भाजपा उपाध्यक्ष पद का चुनाव हार गई। चुनाव में पूर्व विधायक बलदेव शर्मा का प्रभाव दिखा। रमेश शर्मा के बीडीसी अध्यक्ष बनते ही बलदेव शर्मा अपने समर्थकों के साथ विकास खंड कार्यालय पहुंचे और उनका स्वागत किया। बलदेव शर्मा ने कहा कि यह चुनाव पार्टी के सिंबल पर नहीं लड़ा जाता। उन्होंने रमेश शर्मा के पक्ष में वोट करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। मैं संगठन से जुड़ा व्यक्ति:बलदेव शर्मा बलदेव शर्मा ने कहा कि वह संगठन से जुड़े व्यक्ति हैं। बड़सर की जनता ने उन्हें 3 बार जिताया और 3 बार हराया भी है, जिसमें शायद उनकी कोई कमी रही होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह 16 साल की उम्र से भाजपा की सेवा कर रहे हैं और दल बदलू नहीं हैं। उन्होंने प्रेम कुमार धूमल को अपना सर्वोपरि नेता बताया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, अनुराग सिंह ठाकुर और पूर्व विधायक बलदेव शर्मा के समर्थन में नारे लगाए। सुक्खू और उनकी जनहित नीतियों की जीत: पवन शर्मा बीडीसी उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस समर्थित पवन शर्मा की जीत पर बड़सर कांग्रेस के सुभाष ढटवालिया ने कहा कि यह मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और उनकी जनहित नीतियों की जीत है। उन्होंने दोनों पदाधिकारियों को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। पूर्व विधायक मनजीत सिंह डोगरा ने कहा कि यह जीत कांग्रेस के सामूहिक प्रयासों से संभव हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सुभाष ढटवालिया के समर्थन में भी नारे लगाए।
  • आगरा करणी सेना के उपाध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री को बोला-च*र:मंच से माइक छीना,ब्राह्मण बनाम क्षत्रिय में बंटा सत्याग्रह

    आगरा शहीद स्मारक पर चल रहे सवर्ण समाज के सत्याग्रह में शनिवार को जमकर हंगामा हो गया। मंच से ही नेताओं में तकरार शुरू हो गई और आंदोलन दो धड़ों में बंटता नजर आया। करणी सेना के उपाध्यक्ष ने मोर्चा खोल दिया। इस दौरान वे एक बार नहीं बलकि बार बार योगेंद्र उपाध्याय को चोर कहते हुए नजर आए। सवर्ण समाज का सत्याग्रह दोपहर होते-होते बिखरता नजर आया। अब मैदान खाली दिखने लगा है। एक युवक ने कहा-नेता बनने चले थे, लेकिन चार लोग भी नहीं जुटा पाए। अब पढ़े पूरा मामला… दरअसल, 5 सितंबर को UGC रोलबैक और आरक्षण में बदलाव को लेकर सत्याग्रह चल रहा था। इसी दौरान ब्राह्मण नेता पवन समाधिया ने मंच से कहा कि पुलिस-प्रशासन का कोई भी अधिकारी किसी अन्य व्यक्ति से बात न करे। इस आंदोलन का नेतृत्व 5 लोग कर रहे हैं, और उन्होंने जिन 5 लोगों के नाम लिए, वो सभी ब्राह्मण समाज से थे। इससे पहले क्षत्रिय समाज से आने वाली विधायक रानी पक्षालिका को लेकर भी मंच से टिप्पणी हुई थी, जिससे क्षत्रिय समाज के लोग पहले से नाराज थे। इसी बात को लेकर आगरा करणी सेना के उपाध्यक्ष राजीव चौहान ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दक्षिण विधानसभा के विधायक और कैबिनेट उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का नाम लेते हुए मंच से कहा- योगेंद्र उपाध्याय चोर है। यहां मंच से रानी पक्षालिका का नाम क्यों ले रहे है। वो हमारी नेता है, जब किसी नाम नहीं लिया जा रहा तो उनका क्यों। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विधायक रानी पक्षालिका को लेकर टिप्पणी हुई, तब भी क्षत्रिय समाज चुप रहा। लेकिन अब जब आंदोलन में सभी समाज शामिल हैं, तो केवल ब्राह्मण नेताओं के नाम क्यों लिए जा रहे हैं। “अपने नेता योगेंद्र उपाध्याय का नाम इस मंच से क्यों नहीं लिया जा रहा, वह तो चोर है। इसके बाद मंच पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ब्राह्मण नेताओं ने उनसे माइक लेने की कोशिश की। इस घटना से नाराज होकर क्षत्रिय महासभा के लोग सत्याग्रह छोड़कर चले गए, जिससे पूरा आंदोलन बिखरता दिखा।
  • हिमाचल : काम के लिए निकला व्यक्ति नहीं लौटा घर, तीन दिन बाद गोशाला में मिली देह- पसरा मातम

    3 सितंबर को गांव में ही एक गोशाला के बरामदे में बलदेव दत्त का शव मिला। शव मिलने की सूचना से गांव में सनसनी फैल गई। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
  • श्रावस्ती में डिवाइडर से टकराकर एक युवक की म*त:बाइक सवार को बचाने में अनियंत्रित हुई, साथी घ**ल; घर लौट रहे थे

    श्रावस्ती में भिनगा-बहराइच फोरलेन पर शनिवार को एक सड़क हादसा हो गया। शनिवार को 4:00 बजे जानकारी मिली की एक बाइक सवार को बचाने के चक्कर में दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। इस हादसे में बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिनगा ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे घायल का इलाज चल रहा है।
    स्थानीय लोगों के मुताबिक दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भिनगा कोतवाली क्षेत्र के आनंदीपुरवा गांव के रहने वाले 35 वर्षीय ओम प्रकाश विश्वकर्मा शनिवार को अपने गांव के रामफल यादव के साथ भिनगा किसी काम से आए थे। काम खत्म होने के बाद दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। कलेक्ट्रेट गेट के पास भिनगा-बहराइच फोरलेन पर अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। उसे बचाने की कोशिश में ओम प्रकाश बाइक से नियंत्रण खो बैठे। वहीं बाइक सड़क किनारे बने डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान ओम प्रकाश और रामफल दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना मिली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल भिनगा पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद ओम प्रकाश विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। रामफल यादव का इलाज शुरू कर दिया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की सूचना पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जरूरी कार्रवाई पूरी की और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ओम प्रकाश की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुए इस हादसे से परिजन गहरे सदमे में हैं। वे घटना के बारे में ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
  • हिमाचल : 10 साल की किशोरी से निचता मामले में दूसरी गिरफ्तारी, आरोपी की मां पर भी कार्रवाई

    SP सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बच्ची के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए गए हैं। इन बयानों और पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी की मां की कथित भूमिका भी सामने आई।