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  • ‘कानों पर जू नहीं रेंगती?’: ‘मेरे से ज्यादा अच्छी एक्टिंग तो आप लोग करते हैं’, कंगना ने अफसरों को लगाई फटकार

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    हिमाचल प्रदेश के मंडी से सांसद कंगना रणाैत जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में अधिकारियों पर जमकर बरसीं। सांसद निधि और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और स्वीकृत राशि खर्च नहीं  होने पर उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि फालतू के जुमले और स्पष्टीकरण नहीं, धरातल पर काम चाहिए। कंगना ने कहा कि बैठकों में बार-बार वही बातें दोहराई जा रही हैं, लेकिन जमीन पर काम नजर नहीं आ रहा। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उन्हें एक दिन के लिए प्रशासनिक काम संभालने का मौका मिले तो सभी लंबित फाइलों का निपटारा कर देंगी।


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    स्वीकृत राशि का आधा हिस्सा भी खर्च नहीं हो पाया: कंगना

    कंगना ने कहा कि केंद्र सरकार से मंडी संसदीय क्षेत्र के लिए करीब 11 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, लेकिन इसका आधा हिस्सा भी खर्च नहीं हो पाया। मार्च-अप्रैल की समीक्षा में 5.50 करोड़ रुपये में से महज 50 से 60 लाख रुपये ही खर्च हुए थे। उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर दिशा बैठक में एक जैसी स्थिति सामने आ रही है। हम एक ही जगह खड़े हैं और सर्किल में घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया में भी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं और पूरे देश में मजाक बन रहा है। अधिकारियों पर तंज कसते हुए सांसद ने कहा कि उनसे अच्छी एक्टिंग तो बैठक में बैठे अधिकारी कर लेते हैं।

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    विकास कार्य लटकाने वाले विभागों को भी आड़े हाथों लिया

    सांसद ने भू-अधिग्रहण, परमिशन और एनओसी के नाम पर विकास कार्य लटकाने वाले विभागों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्य के लिए पैसा लिया गया है तो काम शुरू होना चाहिए अन्यथा राशि वापस की जाए। जिन लोगों ने सरकारी पैसा लेने के बावजूद जमीन या अनुमति की समस्या के कारण काम शुरू नहीं किया है, उनसे राशि तत्काल वापस लेने के निर्देश दिए। उन्होंने फर्जी तरीके से सरकारी पैसा लेने वालों पर जुर्माना लगाने और उन्हें सांसद निधि के कार्यों से हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट करने को कहा। कंगना ने कहा कि किसी काम को एक-दो महीने या सालभर तक अटकाए रखना स्वीकार्य नहीं है। कार्य शुरू करने के लिए एक सप्ताह का समय पर्याप्त है।

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    बीडीओ को खड़ा कर पूछा – वेतन किस बात का?

    सांसद ने खंड विकास अधिकारियों और संबंधित स्टाफ को खड़ा कर जवाबदेही तय की। उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि वेतन लेने के बावजूद काम जमीन पर क्यों नहीं दिखाई दे रहा। कंगना ने कहा कि दो साल के कार्यों में औसतन 50 प्रतिशत प्रगति होना गंभीर स्थिति है। उन्होंने अब प्रत्येक अधिकारी की क्षेत्रवार और प्रतिशतवार प्रगति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें 60, 40 और 20 प्रतिशत तक काम करने वाले अधिकारियों की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार होगी। खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों के नाम रिकॉर्ड में दर्ज कर रिपोर्ट सीधे केंद्र सरकार को भेजने की बात कही। देखें वीडियो…

     

    बैठक में पहुंचे सिर्फ तीन विधायक

    बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों से स्कूलों में बच्चों की लगातार घटती संख्या को लेकर भी सवाल किए गए। सांसद ने केंद्र सरकार की योजनाओं के संचालन के दौरान स्कूलों में बच्चों की संख्या में कमी या बढ़ोतरी का तुलनात्मक डाटा अगली बैठक में पेश करने के निर्देश दिए।  दिशा समिति की बैठक में भाजपा के बल्ह विधायक इंद्र सिंह गांधी, द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर और सरकाघाट विधायक दलीप ठाकुर ही मौजूद रहे। अन्य विधायकों के बैठक में न पहुंचने पर सांसद कंगना रणौत नाराज नजर आईं। उन्होंने कहा कि विधायक अपनी राजनीति में व्यस्त हैं और उन्हें लोगों की चिंता नहीं है। उन्होंने जनहित के कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।

    कंगना बोलीं- कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया

    भाजपा सांसद एवं फिल्म अभिनेत्री कंगना रणाैत ने एक बार फिर प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला बोला है। मंडी में दिशा कमेटी की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कंगना ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने प्रदेश का बेड़ा गर्क करके रख दिया है। उनके पास लोग प्रदेश सरकार की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। सरकार और अधिकारियों में कोई तालमेल नहीं और दोनों ही पूरी तरह से फेल हो गए हैं। प्रदेश सरकार केंद्र के खिलाफ साजिशें रचने का काम कर रही है। केंद्र की योजनाओं को यहां सही ढंग से अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है। जो कुछ योजनाएं चल रही हैं उनपर कांग्रेसी अपने नाम के फट्टे लगा रहे हैं। कंगना ने कहा कि अगर श्रेय ही चाहिए तो विकास कार्यों पर अड़ंगा मत लगाइए।  कंगना ने कहा कि दिशा कमेटी की बैठकों से कांग्रेसी विधायक नदारद रह रहे हैं। बहुत सी छोटी-छोटी बातों का विधायकों को ही पता होता है। यदि वे आकर नहीं बताएंगे तो फिर बात नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार और इसके विधायकों को सिर्फ घटिया राजिनीति आती है और वे वही कर रहे हैं।


    स्थानीय विधायकों पर जनहित के कार्यों में रुचि न लेने का आरोप लगाया

    बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कंगना ने कहा कि करीब 75 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना समेत कई परियोजनाओं में अड़चनें आ रही हैं। उन्होंने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और स्थानीय विधायकों पर जनहित के कार्यों में रुचि न लेने और शिलान्यास की राजनीति करने का आरोप लगाया। कंगना ने प्रशासनिक स्तर पर बाबू संस्कृति और सुस्ती को केंद्रीय योजनाओं के प्रभावित होने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों और बुनियादी सुविधाओं का काम भी अपेक्षित गति से नहीं हो पाया है। सांसद ने चेतावनी दी कि अगली दिशा बैठक से पहले जमीन पर बदलाव दिखाई देना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर लापरवाह अधिकारियों की रिपोर्ट केंद्र सरकार के समक्ष रखी जाएगी।

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  • प्रयागराज के भरद्वाजपुरम में वाटर एटीएम शुरू:200 घरों को रोज मिलेगा 20 लीटर शुद्ध पानी, मेयर ने जनता को समर्पित किया

    प्रयागराज में शहरवासियों को साफ और शुद्ध पीने का पानी देने के लिए नगर निगम ने एक और पहल की है। वार्ड नंबर 69 भरद्वाजपुरम के संजय नगर, अल्लापुर बस्ती में नगर निगम ने एक वाटर एटीएम लगाया है। शनिवार को मेयर गणेश केसरवानी ने इसका उद्घाटन किया। उन्होंने वाटर एटीएम को जनता को समर्पित करते हुए नियमित और अच्छी गुणवत्ता वाला पानी देने के निर्देश दिए। इस वाटर एटीएम से इलाके के करीब 200 घरों को हर दिन 20 लीटर शुद्ध पानी मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को पीने के साफ पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उनकी परेशानी कम होगी। उद्घाटन के दौरान मेयर ने कहा कि साफ पीने का पानी हर नागरिक की बुनियादी जरूरत है। नगर निगम कोशिश कर रहा है कि शहर के हर इलाके में लोगों को जरूरी सुविधाएं आसानी से मिलें। इसी कड़ी में अलग-अलग क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है और नई सुविधाएं भी दी जा रही हैं। मेयर ने अधिकारियों को वाटर एटीएम के सही रखरखाव और संचालन पर खास ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि नागरिकों को लगातार और अच्छी गुणवत्ता वाला पानी मिले, इसके लिए व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए। नगर निगम के अनुसार, शहर में पीने के पानी के साथ-साथ जल निकासी, साफ-सफाई, लाइट व्यवस्था, सड़क और दूसरी जनसुविधाओं से जुड़े कामों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। वाटर एटीएम जैसी सुविधाओं से उन इलाकों के लोगों को खास राहत मिलेगी, जहां शुद्ध पीने के पानी की ज्यादा जरूरत है। कार्यक्रम में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा, अपर नगर आयुक्त राजीव शुक्ला, जलकल विभाग के अधिकारी, क्षेत्रीय पार्षद और स्थानीय नागरिक मौजूद थे। वाटर एटीएम शुरू होने से इलाके के लोगों में भी खुशी दिखी। स्थानीय लोगों ने साफ पीने के पानी की सुविधा देने के लिए नगर निगम और महापौर का आभार जताया।
  • हिमाचल हाईकोर्ट का फैसला: नियमितीकरण के बाद पूरी अनुबंध सेवा होगी मान्य, तीन माह में बकाया वित्तीय लाभ

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    हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों के हित में अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि कर्मचारियों की नियुक्ति भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत विज्ञापन जारी कर, पूरी चयन प्रक्रिया अपनाकर और स्वीकृत पदों पर की गई है, तो नियमितीकरण के बाद उनकी पूरी अनुबंध अवधि को सेवा लाभों के लिए गिना जाएगा। इसमें वरिष्ठता, सालाना वेतन वृद्धि, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और पेंशन संबंधी लाभ शामिल हैं। न्यायमूर्ति जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के तहत हुई थी ऐसे में अनुबंध अवधि को सेवा लाभों से अलग नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता समय रहते न्यायालय की शरण में आए थे, इसलिए उन्हें प्रारंभिक नियुक्ति की तारीख से देय सभी वित्तीय लाभ दिए जाएं।


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    अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि आदेश की प्रति मिलने के तीन महीने के भीतर कर्मचारियों के बकाया वित्तीय लाभ का भुगतान किया जाए। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर बकाया राशि पर भुगतान की तारीख तक छह प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। यह फैसला मनोज कुमार, अजय कुमार और भूपेंद्र पाल की ओर से दायर विभिन्न याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई के दौरान सुनाया गया। याचिकाकर्ताओं ने वर्ष 2010 में जारी विज्ञापन के आधार पर भाषा अध्यापक, टीजीटी (मेडिकल) और ड्रॉइंग मास्टर के पदों के लिए आवेदन किया था। उन्होंने भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत आयोजित लिखित परीक्षा और साक्षात्कार की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की थी। इसके बावजूद सरकार ने उन्हें तत्काल नियमित नियुक्ति देने के बजाय वर्ष 2012 में 13,500 रुपये के निश्चित वेतन पर अनुबंध आधार पर नियुक्त किया। बाद में उनकी सेवाएं नियमित कर दी गईं, लेकिन अनुबंध अवधि को वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभों में शामिल नहीं किया गया। इसी को याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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    बिना परमिट-फिटनेस वाहन चलाना बीमा शर्तों का मूलभूत उल्लंघन : हाईकोर्ट

     प्रदेश हाईकोर्ट ने मोटर वाहन दुर्घटना दावों से जुड़े एक मामले में स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी परिवहन (कमर्शियल) वाहन बिना वैध रूट परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट के सार्वजनिक स्थान पर चलाया जाता है, तो यह बीमा पॉलिसी की शर्तों का मूलभूत उल्लंघन माना जाएगा। अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में इंश्योरेंस कंपनी को सीधे तौर पर उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, बल्कि मुआवजे की असली देनदारी वाहन मालिक की होगी। न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की अदालत ने ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की ओर से दायर एक अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए पे एंड रिकवर (भुगतान और वसूली) के सिद्धांत के तहत यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि पीड़ितों के हितों की रक्षा के लिए इंश्योरेंस कंपनी पहले क्लेम की राशि का भुगतान करेगी और बाद में बिना कोई नया मुकदमा दायर किए, सीधे निष्पादन अदालत के जरिए वाहन मालिक से पूरी राशि वसूल कर सकेगी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आरटीओ कुल्लू के रिकॉर्ड से यह तथ्य सामने आया कि दुर्घटनाग्रस्त टाटा सूमो एक कमर्शियल मैक्सी कैब के रूप में पंजीकृत थी। इस वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट 6 जुलाई 2005 को ही खत्म हो चुका था और इसका रूट परमिट भी 7 अगस्त 2008 तक ही वैध था। इसके बावजूद,साल 2013 में बिना किसी दस्तावेज के इस गाड़ी को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। अदालत ने कहा कि कोई भी मालिक यात्रियों, पैदल चलने वालों और आम जनता की जान-माल को जोखिम में डालकर ऐसे वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दे सकता।

     

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  • महिला सिपाही से अश्लील इशारे, कार में बैठने का दबाव:अलीगढ़ में शराबी ने बोतल फेंकी, पति ने विरोध किया तो गाली देकर भागा, पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच

    बन्नादेवी थाना क्षेत्र में तीन साल की बेटी के साथ घूम रही महिला सिपाही से कार सवार युवक द्वारा कथित तौर पर अश्लील इशारे करने और उसे कार में बैठने के लिए पैसे ऑफर करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के विरोध करने पर युवक ने शराब की बोतल गुस्से में फेंक दी और दोबारा कार घुमाकर महिला के सामने आ गया। पति ने विरोध किया तो उसके साथ भी गाली-गलौज की। घटना 2 सितंबर की रात करीब 9 बजे की बताई गई है। मामले में बन्नादेवी पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    पति ने शिकायत में क्या बताया
    महिला सिपाही के पति ने बन्नादेवी थाने में दी शिकायत में बताया कि वह जिला पुलिस में कार्यरत अपनी पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ घर के बाहर जीटी रोड पर घूम रहे थे। इसी दौरान UP 81 DX 5999 नंबर की सफेद कार वहां आकर रुकी। शिकायत के मुताबिक, कार में बैठा व्यक्ति शराब पी रहा था। उसने महिला को आवाज देकर कथित तौर पर अश्लील इशारे करना शुरू कर दिया और पैसे का लालच देकर कार में बैठने के लिए कहा। महिला सिपाही ने उसकी बात को नजरअंदाज कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज होकर युवक ने शराब की बोतल गुस्से में फेंक दी और कार को दोबारा घुमाकर महिला के पास ले आया। इसके बाद कार का गेट खोलकर फिर से कथित तौर पर अश्लील इशारे करने लगा।
    पति ने टोका तो बोला- ‘गाड़ी में बैठो, पैसे दूंगा’
    शिकायत में बताया कि जब उसने युवक को ऐसा करने से रोका तो उसने उसके साथ भी अभद्रता की। आरोप है कि युवक ने उसे गाड़ी में बैठकर बात करने और पैसे देने की बात कही। विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए वहां से चला गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीओ द्वितीय धनंजय के अनुसार पुलिस कार नंबर और शिकायत में बताए गए घटनाक्रम के आधार पर आरोपी की पहचान और घटना की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि विवेचना के बाद ही होगी।
  • हिमाचल: परिवार ने खो दी 27 साल की बेटी, चूड़धार यात्रा पर गई थी – 300 मीटर गहरी खाई में गिरी

    हिमाचल: परिवार ने खो दी 27 साल की बेटी, चूड़धार यात्रा पर गई थी – 300 मीटर गहरी खाई में गिरी

    दो साथियों के साथ चूड़धार यात्रा पर गई थी युवती, रास्ते में पैर फिसलने से खाई में गिरी

    शिमला। हिमाचल प्रदेश के एक परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब धार्मिक यात्रा पर निकली उनकी 27 वर्षीय बेटी की एक दर्दनाक हादसे में जान चली गई। चूड़धार की यात्रा पर अपने दो साथियों के साथ निकली प्रेषिता मेहता को शायद इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस यात्रा पर वह श्रद्धा और आस्था के साथ निकली है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित हो जाएगी।

    जानकारी के अनुसार प्रेषिता मेहता पुत्री शैलेंद्र मेहता, निवासी गांव चायल डूबलू, जिला शिमला, शनिवार सुबह चूड़धार की ओर रवाना हुई थीं। उनके साथ एक युवक और एक अन्य युवती भी यात्रा कर रहे थे। बताया जा रहा है कि तीनों यात्रा मार्ग पर आगे बढ़ रहे थे। मंडाहलाणी से कुछ आगे पहुंचने के बाद रास्ते में अचानक प्रेषिता का पैर फिसल गया। पहाड़ी क्षेत्र का कठिन और ढलानदार रास्ता होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सकीं और गहरी खाई में जा गिरीं। कुछ ही पलों में खुशियों और धार्मिक यात्रा का माहौल चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गया।

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    हादसा इतना गंभीर था कि प्रेषिता करीब 300 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरीं। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों और उनके साथियों ने किसी तरह उन्हें खाई से बाहर निकालने का प्रयास किया। घायल अवस्था में उन्हें उपचार के लिए नागरिक अस्पताल चौपाल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रेषिता की मौत की खबर सामने आते ही यात्रा मार्ग पर मौजूद लोगों में भी शोक की लहर दौड़ गई।

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    जिस बेटी के सुरक्षित लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उसके बजाय अस्पताल से उसकी मौत की खबर पहुंची। हादसे की सूचना पुलिस और परिजनों को दी गई। बेटी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में मातम पसर गया। जिस प्रेषिता के साथ परिवार ने भविष्य के अनगिनत सपने संजोए थे, उसकी अचानक हुई मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और इसके कारणों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार हादसा रास्ते में अचानक पैर फिसलने के कारण हुआ। पुलिस घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

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    चूड़धार क्षेत्र की यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ कठिन पहाड़ी रास्तों से भी जुड़ी है। ऐसे मार्गों पर कई स्थानों पर ढलान, संकरे रास्ते और गहरी खाइयां होती हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए बेहद सतर्क रहना जरूरी है। प्रेषिता के साथ हुआ हादसा एक बार फिर यह सवाल भी खड़ा करता है कि कठिन पहाड़ी यात्रा मार्गों पर सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी और प्रभावी इंतजाम कितने जरूरी हैं।

  • मिर्जापुर के क्रेशर प्लांट में ब*****टिंग के दौरान ह***ा, 4 मजदूरों की म*त

    Mirzapur stone plant accident: उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित एसएस रंजन स्टोन प्लांट में शनिवार को भीषण हादसा हो गया. ब्लास्टिंग के दौरान हुए कंपन के चलते क्रेशर प्लांट का ऑफिस और उससे जुड़े अन्य निर्माण अचानक भरभराकर गिर गए. इस दौरान वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए. हादसे के बाद प्लांट में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

    हादसे की जानकारी मिलते ही प्लांट के संचालक और कर्मचारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया. इसके बाद सभी को इलाज के लिए वाराणसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया.

    मृतकों की पहचान सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवा गांव निवासी लाल बहादुर, अशोक, राकेश और दुर्योधन के रूप में बताई गई है. चारों मजदूर रोज की तरह प्लांट में काम कर रहे थे. इसी दौरान ब्लास्टिंग हुई और कंपन के चलते प्लांट का एक हिस्सा अचानक ढह गया. देखते ही देखते चारों मजदूर मलबे के नीचे दब गए.

    मौके पर पहुंचे एसडीएम समेत कई अधिकारी

    घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. चुनार एसडीएम अनेग सिंह, तहसीलदार इवेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी मो. फहीम और अहरौरा थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से हादसे की जानकारी ली और प्लांट संचालक से भी पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की.

    प्रशासन को आशंका थी कि कहीं कोई अन्य मजदूर भी मलबे में न दबा हो. इसके बाद जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से पूरे मलबे को हटाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. राहत एवं बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए.

    दोषियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई

    चुनार एसडीएम अनेग सिंह के मुताबिक, हादसे में चार मजदूरों की दबकर मौत हुई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ब्लास्टिंग के कंपन के कारण हादसा हुआ. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.

    अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है, वहीं घटना ने क्रेशर प्लांटों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • वीडियो: सांसद कंगना रणाैत ने विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों को लगाई फटकार

    वीडियो: सांसद कंगना रणाैत ने विकास कार्यों में देरी पर अधिकारियों को लगाई फटकार
  • आगरा नगर निगम ने बल्केश्वर में चलाया अतिक्रमण पर ड**ा:सामान हटवाकर फुटपाथ कराया खाली, जुर्माना भी वसूला

    आगरा के बल्केश्वर रोड पर सड़क किनारे पटरी और फुटपाथ पर सामान रखकर कब्जा करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने शनिवार को अभियान चलाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर फुटपाथ और सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और अन्य अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा रहा। नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण करने वालों से जुर्माना भी वसूला। अतिक्रमण की मिली शिकायत
    नगर निगम को बल्केश्वर रोड पर सड़क किनारे और फुटपाथ पर सामान रखकर अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके चलते शनिवार को क्षेत्रीय एसएफआई के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखते ही कई दुकानदार अपना सामान समेटने लगे। इसके बावजूद जिन स्थानों पर फुटपाथ और पटरी पर सामान रखकर रास्ता बाधित किया गया था, वहां टीम ने कार्रवाई करते हुए सामान हटवाया और फुटपाथ को खाली कराया। नगर निगम की कार्रवाई के दौरान सड़क और फुटपाथ पर रखे सामान को हटवाने के साथ ही अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि फुटपाथ पैदल राहगीरों के आवागमन के लिए है। इस पर दुकानों का सामान रखकर रास्ता रोकने से लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे जाम के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। टीम ने जुर्माना भी वसूला
    अभियान के दौरान नगर निगम टीम ने अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हजारों रुपये का जुर्माना भी वसूला। टीम की कार्रवाई से कुछ समय के लिए बाजार में अफरातफरी की स्थिति बनी रही। कार्रवाई समाप्त होने के बाद फुटपाथ काफी हद तक अतिक्रमण मुक्त नजर आया। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर के प्रमुख मार्गों और बाजारों में सड़क की पटरियों व फुटपाथों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना लगाने के साथ अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। नगर आयुक्त ने दी चेतावनी नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने कहा है, शहर में सड़क, पटरी और फुटपाथ पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फुटपाथ पैदल यात्रियों के लिए हैं, इसलिए इन पर सामान रखकर रास्ता बाधित करने वालों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान चलाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसकी भी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
  • वीडियो: मनाली में पहली बार होगा पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप, सोलंगनाला में 5 से 8 अक्तूबर तक होगा आयोजन

    वीडियो: मनाली में पहली बार होगा पैराग्लाइडिंग प्री-वर्ल्ड कप, सोलंगनाला में 5 से 8 अक्तूबर तक होगा आयोजन
  • पिता पर ज*****ा ह**ा करने वाला बेटा गिरफ्तार:लोहे की पाइप से ह**ा करके किया था, 24 घंटे में पुलिस ने भेजा जेल

    गोंडा कोतवाली देहात क्षेत्र में मामूली विवाद के बाद एक बेटे ने अपने पिता पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया। घटना शुक्रवार शाम करीब 8 बजे टेपरा दुल्लापुर तरहर गांव में हुई। हमले में पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने आरोपी बेटे को 24 घंटे के भीतर शनिवार शाम करीब 6 बजे गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल लोहे का पाइप भी बरामद किया गया है। घर में रखे लोहे के पाइप से किया हमला टेपरा दुल्लापुर तरहर गांव निवासी काशीराम यादव पर उनके बेटे श्यामू यादव ने 4 सितंबर की शाम हमला किया था। बताया गया कि मामूली विवाद के बाद श्यामू ने घर में रखे लोहे के पाइप (फुकनी) से पिता के सिर पर कई वार कर दिए। इससे काशीराम गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने घायल काशीराम को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। उनका इलाज गोंडा मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। बेनीपुरवा चौराहे से आरोपी गिरफ्तार काशीराम यादव की शिकायत पर कोतवाली देहात पुलिस ने श्यामू यादव के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बेनीपुरवा चौराहे के पास भागने की कोशिश कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल लोहे का पाइप भी बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी श्यामू यादव को गोंडा न्यायालय में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। देहात कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने बताया कि आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। घायल काशीराम यादव का गोंडा मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।