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भारत ने पाकिस्तान की 6 बैटर्स को पवेलियन भेजा:दीप्ति ने फातिमा को जीरो पर आउट किया; श्री चरणी को 3 विकेट
भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान के 6 बैटर्स को पवेलियन भेज दिया है। दुबई में चल रहे इस मैच में 9.1 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 35/6 है। 10वें ओवर की पहली बॉल पर दीप्ति शर्मा ने पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना को आउट किया। सना अपना खाता भी नहीं खोल सकीं। इससे पहले प्रेमा रावत ने सदफ शमास को कैच किया। श्री चरणी ने 3 विकेट झटके। शेफाली वर्मा को भी एक विकेट मिला। भारत-पाकिस्तान की कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया टॉस के समय भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। भारतीय कप्तान ने 14 जून को खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं करने की नीति देखी जा रही है। मेंस एशिया कप से शुरू हुई नो-हैंडशेक पॉलिसी भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानियों से नो-हैंडशेक पॉलिसी पिछले साल मेंस एशिया कप से शुरू हुई थी। जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। हरमनप्रीत बतौर कप्तान 150वां मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर 150वें मैच में कप्तानी कर रही हैं। वे टी-20 इंटरनेशनल में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। -
शिक्षामित्रों ने स्पेशल टीईटी में शामिल करने की मांग की:15 सितंबर तक मांग पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग की है। संघ ने शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के जरिए भेजा। इसमें चेतावनी दी गई है कि अगर 15 सितंबर तक शासनादेश में बदलाव कर प्रशिक्षित शिक्षामित्रों को शामिल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के महामंत्री सुनील तिवारी और अध्यक्ष वसीम अहमद ने बताया कि शिक्षामित्र पिछले 26 सालों से परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। वे जनगणना, बालगणना, चुनाव ड्यूटी, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और दूसरे राष्ट्रीय कामों को भी पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब परिषदीय स्कूलों के दूसरे अध्यापकों, विशेष शिक्षकों, संविदा और डेलीवेजेज पर काम करने वाले स्पेशल एजुकेटर्स को स्पेशल टीईटी में शामिल किया गया है, तो प्रशिक्षित शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना सही नहीं है। संघ ने 2 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश में बदलाव की मांग की है। इसमें कहा गया है कि स्नातक और बीटीसी की योग्यता रखने वाले सेवारत शिक्षामित्रों को भी स्पेशल टीईटी परीक्षा में शामिल किया जाए। नेताओं ने फिर चेतावनी दी कि अगर 15 सितंबर तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया, तो शिक्षामित्र अपने हक के लिए आंदोलन करेंगे। -
देवरिया समाधान दिवस में 13 कानूनगो गैरहाजिर:डीएम ने एक दिन का वेतन काटने के दिए निर्देश, 42 शिकायतों में 9 का मौके पर निस्तारण
देवरिया में शनिवार को सदर में समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता डीएम मधुसूदन हुल्गी ने की। एसपी अभिजीत आर. शंकर भी मौजूद रहे। दोपहर 3 बजे तक अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान 13 कानूनगो समय पर नहीं पहुंचे। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। 42 शिकायतें पहुंचीं, 9 का मौके पर निस्तारण समाधान दिवस में कुल 42 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें राजस्व विभाग की 24, पुलिस की 7, विकास विभाग की 2 और अन्य विभागों की 9 शिकायतें शामिल रहीं। अधिकारियों ने मौके पर ही 9 मामलों का निस्तारण कर दिया। बाकी शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा में निस्तारण के निर्देश दिए गए। बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाएं फरियादी डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। हर शिकायत की सही स्थिति की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। लंबित मामलों की लगातार समीक्षा कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण किया जाए। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी डीएम ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस से जुड़ी शिकायतों की एसपी ने की समीक्षा एसपी अभिजीत आर. शंकर ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों को सुना और उनकी स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामलों का जल्द निस्तारण करने और शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए। -
भारत ने पाकिस्तान के 4 बैटर्स को पवेलियन भेजा:श्री चरणी ने 3 विकेट झटके, शेफाली ने मुनीबा अली को बोल्ड किया
भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान के 6 बैटर्स को पवेलियन भेज दिया है। दुबई में चल रहे इस मैच में 9.1 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 35/6 है। श्री चरणी ने आयशा जफर (2 रन) को कप्तान हरमनप्रीत कौर के हाथों कैच कराया। उन्होंने पावरप्ले के आखिरी ओवर में गुल फिरोजा (जीरो) और शवाल जुल्फिकार (14 रन) को आउट किया। इससे पहले शेफाली वर्मा ने मुनीबा अली (13 रन) को बोल्ड किया। भारत-पाकिस्तान की कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया टॉस के समय भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। भारतीय कप्तान ने 14 जून को खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं करने की नीति देखी जा रही है। मेंस एशिया कप से शुरू हुई नो-हैंडशेक पॉलिसी भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानियों से नो-हैंडशेक पॉलिसी पिछले साल मेंस एशिया कप से शुरू हुई थी। जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। हरमनप्रीत बतौर कप्तान 150वां मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर 150वें मैच में कप्तानी कर रही हैं। वे टी-20 इंटरनेशनल में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। -
सफाईकर्मी का अ***ण कर मांगी 20 लाख की रंगदारी:बीडीसी चाचा ने रिश्तेदारों संग मिलकर रची साजिश, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज
हरदोई में एक सफाईकर्मी का अपहरण कर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उससे 20 लाख रुपये और एक प्लॉट मांगा। इस वारदात की साजिश का मुख्य आरोपी पीड़ित का बीडीसी चाचा है। पीड़ित की शिकायत और कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह रिपोर्ट शाहाबाद कोतवाली में शनिवार दोपहर 1:31 बजे दर्ज की गई। सैयापुरवा निवासी विकेश कुमार (36) शाहाबाद के फिरोजपुर कला में सफाईकर्मी हैं। दावा है कि 17 जून 2026 की सुबह जब वह ड्यूटी पर निकले, तो ऑटो से उतरते ही उनके चाचा राकेश कुमार (जो बीडीसी और मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स सफाईकर्मी हैं), राकेश के बहनोई राजीव कुमार और राजीव के साले की बेटी रूपा ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि तीनों ने विकेश को बहला-फुसलाकर नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद उसे बेहोश कर एक अज्ञात जगह पर बंधक बना लिया। 344बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने विकेश का मोबाइल छीन लिया और उसके परिवार से संपर्क तोड़ दिया। जब विकेश को होश आया, तो आरोपियों ने उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उन्होंने शहर में एक प्लॉट रूपा के नाम करने और उससे शादी करने का दबाव भी बनाया। मांग पूरी न होने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। 24 जून को विकेश किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर आया। उसने पहले स्थानीय पुलिस और फिर पुलिस अधीक्षक से मदद मांगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। घटना के 48 दिन बाद कोर्ट के दखल से यह मामला दर्ज हुआ। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नशीला पदार्थ देकर असहाय करने, अपहरण कर बंधक बनाने, जबरन रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तीन आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है। -
CM सुक्खू के जिला का हाल: 3 सचिवों संग पंचायत घर में जाम छलका रही थी महिला प्रधान!
CM सुक्खू के जिला का हाल: 3 सचिवों संग पंचायत घर में जाम छलका रही थी महिला प्रधान!

सीएम सुक्खू के गृह जिला की पंचायत से सामने आया मामला, पुलिस कर रही जांच
हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के गृह जिला हमीरपुर में पंचायत कार्यालय से जुड़ा एक मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। विकासखंड सुजानपुर के तहत भेरड़ा पंचायत में अवकाश के दिन पंचायत कार्यालय के भीतर चार लोगों की मौजूदगी और कथित तौर पर शराब के सेवन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर पंचायत प्रधान अनु देवी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
शिकायत में पंचायत कार्यालय के भीतर स्थानीय पंचायत सचिव समेत दो अन्य सचिवों और एक अन्य पंचायत की महिला प्रधान के मौजूद होने तथा शराब का सेवन किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, शराब सेवन के आरोपों की अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है और मौके पर मौजूद चारों लोगों का मेडिकल करवाया गया है।
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मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और पंचायत कार्यालय में छुट्टी के दिन चार लोगों की मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
भेरड़ा पंचायत की प्रधान अनु देवी के अनुसार, उन्हें जानकारी मिली थी कि अवकाश के दिन पंचायत भवन में चार लोग मौजूद हैं। इसके बाद वह कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचीं। वहां लोगों की मौजूदगी को लेकर आपत्ति जताई गई, जिसके बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पंचायत प्रधान की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कार्यालय में मौजूद लोगों ने शराब का सेवन किया था। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और चारों लोगों का मेडिकल परीक्षण करवाया।
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मामले में पुलिस को पंचायत भवन के रेफ्रिजरेटर से बीयर के दो कैन भी मिले हैं। पुलिस ने इन्हें जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। हालांकि, केवल बीयर के कैन बरामद होने से यह साबित नहीं होता कि मौके पर मौजूद चारों लोगों ने ही उनका सेवन किया था। यही कारण है कि पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
हमीरपुर के पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर चारों लोगों का मेडिकल करवाया गया है। पंचायत घर में रखे रेफ्रिजरेटर से बीयर के दो कैन भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बरामद सामग्री को जांच में शामिल किया है और मामले के अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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घटनाक्रम से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला स्थानीय स्तर पर और ज्यादा चर्चा में आ गया है। वीडियो में पंचायत कार्यालय में लोगों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई देने वाली परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में यह भी जांच का विषय है कि आखिर छुट्टी के दिन पंचायत भवन में चारों लोग किस उद्देश्य से मौजूद थे। क्या वहां कोई आधिकारिक काम चल रहा था या निजी तौर पर लोग एकत्रित हुए थे, पुलिस इन तमाम पहलुओं की जांच कर रही है।
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फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी मेडिकल रिपोर्ट मानी जा रही है। शिकायत में शराब सेवन के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, पंचायत प्रधान की शिकायत, मौके से बरामद बीयर के कैन, वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध तथ्यों को आधार बनाकर जांच आगे बढ़ा रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत कार्यालय में मौजूद लोगों ने शराब का सेवन किया था या नहीं।
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भेरड़ा पंचायत का यह मामला अब केवल चार लोगों की मौजूदगी तक सीमित नहीं रह गया है। पंचायत कार्यालय जैसे सार्वजनिक संस्थान में कथित शराब सेवन के आरोप सामने आने से सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली और मर्यादा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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उन्नाव में शिक्षक ने 29वीं बार रक्तदान किया:शिक्षक दिवस पर रक्तदान कर समाजसेवा की मिसाल पेश की
उन्नाव के विकासखंड सुमेरपुर में कार्यरत शिक्षक अक्षय कटियार ने शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को नमन करते हुए ब्लड बैंक में रक्तदान किया। यह उनके जीवन का 29वां रक्तदान था। इस अवसर पर संकल्प सेवा समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संयुक्त मंत्री अक्षय कटियार ने रक्तदान के बाद संदेश देते हुए कहा, “शिक्षक का कार्य केवल नौनिहालों को शिक्षित करना ही नहीं, बल्कि समाज और देश को सही दिशा देना भी है। रक्तदान एक पावन कार्य है जिसका कोई विकल्प नहीं है। रक्तदान करने से किसी के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता, बल्कि हम चार लोगों की जान बचा सकते हैं। युवा पीढ़ी को समय-समय पर रक्तदान करते रहना चाहिए ताकि रक्त की कमी से किसी का जीवन न जाए।” अक्षय कटियार ने संकल्प सेवा समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान को अपना प्रेरणा स्रोत बताते हुए उनका धन्यवाद किया। इस पुनीत कार्य पर संगठन के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय कुमार कनौजिया, जिलाध्यक्ष कृष्ण शंकर मिश्र, महामंत्री दीपक वर्मा पटेल, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, मंत्री संदीप कटियार, उपाध्यक्ष मदन गोपाल, जितेंद्र सिंह चंदेल, अमित शर्मा, पवन पांडे, स्मिता त्रिपाठी, ममता यादव, शैलेंद्र पटेल, नमो नारायण समेत संगठन की पूरी कार्यकारिणी ने अक्षय कटियार को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। गौरतलब है कि संकल्प सेवा समिति अब तक लगभग 283 रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन कर चुकी है, वहीं अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान स्वयं 67 बार रक्तदान कर मिसाल पेश कर चुके हैं। इस अवसर पर श्री चौहान ने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। -
भारत ने पाकिस्तान के 4 बैटर्स को पवेलियन भेजा:श्री चरणी ने 3 विकेट झटके, शेफाली को भी सफलता
भारत ने विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान के 4 बैटर्स को पवेलियन भेज दिया है। दुबई में चल रहे इस मैच में 7.2 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 32/4 है। श्री चरणी ने आयशा जफर (2 रन) को कप्तान हरमनप्रीत कौर के हाथों कैच कराया। उन्होंने पावरप्ले के आखिरी ओवर में गुल फिरोजा (जीरो) और शवाल जुल्फिकार (14 रन) को आउट किया। इससे पहले शेफाली वर्मा ने मुनीबा अली (13 रन) बोल्ड किया। भारत-पाकिस्तान की कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया टॉस के समय भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। भारतीय कप्तान ने 14 जून को खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं करने की नीति देखी जा रही है। मेंस एशिया कप से शुरू हुई नो-हैंडशेक पॉलिसी भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानियों से नो-हैंडशेक पॉलिसी पिछले साल मेंस एशिया कप से शुरू हुई थी। जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। हरमनप्रीत बतौर कप्तान 150वां मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर 150वें मैच में कप्तानी कर रही हैं। वे टी-20 इंटरनेशनल में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं। -
22 घ*व, 400 CCTV और पिस्टल की बरामदगी:4 साल बाद कोर्ट में टूटी पुलिस की केस थ्योरी, फिंगरप्रिंट में मैनिपुलेशन पर सवाल, ल*ट की कहानी भी कठघरे में, दोनों आरोपी बरी
22 घाव… घर में खून से लथपथ महिला… और फिर पिस्टल लूट की कहानी। चार साल पहले अलीगढ़ के चर्चित सुनीता वार्ष्णेय हत्याकांड में पुलिस ने 400 से ज्यादा CCTV कैमरों की पड़ताल, आरोपियों की गिरफ्तारी और पिस्टल समेत अन्य सामान की बरामदगी को केस की मजबूत कड़ी बताया था। लेकिन अदालत में एक-एक कर इन कड़ियों पर सवाल उठते गए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 36 पन्नों के फैसले में अभियोजन के साक्ष्यों को पर्याप्त नहीं माना और आरोपी मनोज कुमार व कैलाश बाबू को बरी कर दिया। मामले में बचाव पक्ष ने न सिर्फ गिरफ्तारी और फिंगरप्रिंट की प्रक्रिया पर सवाल उठाए, बल्कि वारदात के दो दिन बाद पिस्टल लूट में दिखाई गई बरामदगी और उसी पिस्टल को आरोपियों से बरामद किए जाने की कहानी पर भी सवाल खड़े किए।
7 मार्च की शाम… घर में अकेली थीं सुनीता
देहलीगेट थाना क्षेत्र के रामनगर में 7 मार्च 2022 की शाम पेंट कारोबारी बिजेंद्र कुमार की पत्नी सुनीता वार्ष्णेय घर में अकेली थीं। करीब 7:30 बजे बेटा अनिकेत घर पहुंचा तो मुख्य दरवाजा खुला मिला। अंदर सुनीता खून से लथपथ पड़ी थीं। शरीर पर चाकू के कई वार थे। गला दबाने की कोशिश के भी निशान बताए गए। अस्पताल ले जाने के बाद रात करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई। शुरुआती तहरीर में दो दिन पहले घर पर काम करने आए पेंटरों पर शक जताया गया था। इसके बाद पुलिस जांच की दिशा बदल गई।
पुलिस की कहानी- लूट के लिए हत्या और पिस्टल ले गए आरोपी
पुलिस ने विवेचना करते हुए एक पेंट कंपनी के सेल्स एग्जीक्यूटिव मनोज कुमार निवासी सिद्धार्थ नगर चूहरपुर बन्नादेवी और उसके साथी कैलाश बाबू निवासी नई बस्ती बन्नादेवी को आरोपी बताते हुए 13 मार्च को गिरफ्तार दिखाया। पुलिस का दावा था कि मनोज ने पेंट कारोबारी द्वारा की गई बेइज्जती का बदला लेने व खुद पर हुए कर्ज को निपटाने के लिए लूट की नीयत से सुनीता पर हमला किया और घर से लाइसेंसी पिस्टल व नकदी ले गए। यहीं से बचाव पक्ष ने पुलिस की कहानी की टाइमलाइन पर सवाल खड़ा किया।
घटना के दो दिन बाद ही पिस्टल लूट दिखाई गई, फिर आरोपियों से बरामद कैसे?
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित ने अदालत में पुलिस की उस कहानी पर सवाल उठाया, जिसमें वारदात के बाद पिस्टल लूटे जाने और बाद में उसी पिस्टल को आरोपियों से बरामद दिखाने की बात थी। बचाव पक्ष का तर्क था कि घटना के दो दिन बाद पिस्टल की लूट दिखाए जाने की प्रक्रिया और बाद में आरोपियों के कब्जे से उसकी बरामदगी की कहानी में महत्वपूर्ण विरोधाभास हैं। सवाल यह उठा कि यदि पिस्टल की लूट और उसकी बरामदगी पुलिस की कहानी का अहम आधार थी, तो उसकी कस्टडी, लूट की सूचना, बरामदगी की परिस्थितियों और आरोपियों से उसके जुड़ाव को अभियोजन किस तरह निर्विवाद रूप से साबित करता है। अदालत में इस बरामदगी को आरोपियों को हत्या से जोड़ने वाली निर्णायक कड़ी के तौर पर स्थापित नहीं किया जा सका।
पुलिस ने कहा था- मसूदाबाद से पकड़े, वहीं से बरामदगी
पुलिस का दावा था कि दोनों आरोपियों को मसूदाबाद बस स्टैंड के पास गिरफ्तार किया गया और उनके कब्जे से पिस्टल, नकदी, कैंची, रस्सी और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। लेकिन बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की जगह और समय पर भी सवाल उठाया। बचाव पक्ष ने साबित किया कि मनोज को मैनपुरी के कुरावली से और कैलाश बाबू को गाजियाबाद की दुकान से पुलिस ले गई थी। यानी गिरफ्तारी की जगह से लेकर बरामदगी तक पुलिस की कहानी को बचाव पक्ष ने अदालत में चुनौती दी।
फिंगरप्रिंट में मैनिपुलेशन का सवाल
केस में फिंगरप्रिंट को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल किया गया। लेकिन बचाव पक्ष ने इसकी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए फिंगरप्रिंट में मैनिपुलेशन साबित किया। इससे आरोपियों को घटनास्थल से जोड़ने वाले वैज्ञानिक साक्ष्य की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। हत्या जैसे गंभीर मामले में जब केस मुख्य रूप से परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका हो, तो ऐसी कड़ी का कमजोर होना अभियोजन के लिए बड़ा झटका बना।
400 CCTV खंगाले, लेकिन चेहरे की पहचान नहीं हो सकी
पुलिस ने दावा किया था कि 400 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंचा गया।
लेकिन अदालत में फुटेज की गुणवत्ता और पहचान को लेकर सवाल सामने आए। फुटेज में अंधेरा था और संदिग्धों के चेहरे मास्क से ढके थे। ऐसे में केवल CCTV के आधार पर आरोपियों की पहचान निर्णायक रूप से साबित नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के तर्क पर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की प्रमाणिकता को लेकर भी अभियोजन को कानूनी कसौटी का सामना करना पड़ा।
‘मनोज मुझे मत मारो’ वाला बयान भी सवालों में
बेटे अनिकेत ने अदालत में कहा कि अस्पताल ले जाते समय उसकी मां ने कथित तौर पर ‘मनोज मुझे मत मारो’ कहा था। बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि यह बात शुरुआती FIR और पुलिस के प्रारंभिक बयानों में दर्ज क्यों नहीं थी। इसके अलावा घटना के बाद आरोपी मनोज के अंतिम संस्कार और उठावनी में शामिल होने की बात भी सामने आई।
अभियोजन इन परिस्थितियों को आरोपी के खिलाफ निर्णायक रूप से स्थापित नहीं कर सका।
शुरुआती शक वाले पेंटरों की जांच भी बनी सवाल
परिजनों ने शुरुआती तहरीर में दो दिन पहले घर पर आए पेंटरों पर शक जताया था। लेकिन पुलिस यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि उन पेंटरों की जांच किस स्तर तक हुई और उन्हें संदेह से बाहर करने का ठोस आधार क्या था।
कोर्ट-परिस्थितियों की पूरी कड़ी नहीं बनी अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के सिद्धांतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि ऐसे मामले में साक्ष्यों की पूरी श्रृंखला स्थापित होनी चाहिए। इस केस में मोटिव, CCTV पहचान, फिंगरप्रिंट, गिरफ्तारी, पिस्टल की बरामदगी, कथित बयान और अन्य परिस्थितियों को जोड़कर अभियोजन आरोपियों का अपराध संदेह से परे साबित नहीं कर सका।
चार साल बाद पुलिस के ‘खुलासे’ का कोर्ट में उलटफेर
2022 में पुलिस ने जिस मामले को तेजी से सुलझाने और आरोपियों को पकड़ने का दावा किया था, उसमें चार साल बाद अदालत ने दोनों को बरी कर दिया। हत्या हुई थी, सुनीता की जान गई थी और वारदात बेहद गंभीर थी, लेकिन अदालत के सामने सवाल यह था कि क्या अभियोजन ने मनोज और कैलाश को ही हत्यारा साबित करने वाली हर कड़ी विश्वसनीय तरीके से जोड़ दी है?
अदालत का निष्कर्ष अभियोजन के पक्ष में नहीं गया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर दीक्षित के अनुसार नतीजा पुलिस का 2022 का खुलासा कोर्ट में साक्ष्यों की कसौटी पर टिक नहीं सका और दोनों आरोपी बरी कर दिए गए। -
भारत ने पावरप्ले में पाकिस्तान के 3 विकेट झटके:श्री चरणी ने 2 बैटर्स को आउट किया, शेफाली को भी विकेट
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। दुबई में शनिवार को विमेंस एशिया कप में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ टॉस जीता और बैटिंग चुनी। 6 ओवर के बाद पाकिस्तान का स्कोर 29/3 है। मुनीबा अली (13 रन) शेफाली वर्मा ने बोल्ड किया। छठे ओवर में श्री चरणी ने गुल फिरोजा और शवाल जुल्फिकार को आउट किया। भारतीय कप्तान ने 14 जून को खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारतीय और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक नहीं करने की नीति देखी जा रही है। मेंस एशिया कप से शुरू हुई नो-हैंडशेक पॉलिसी भारतीय खिलाड़ियों की पाकिस्तानियों से नो-हैंडशेक पॉलिसी पिछले साल मेंस एशिया कप से शुरू हुई थी। जब सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया था। हरमनप्रीत बतौर कप्तान 150वां मैच खेल रहीं हरमनप्रीत कौर 150वें मैच में कप्तानी कर रही हैं। वे टी-20 इंटरनेशनल में यह मुकाम हासिल करने वाली पहली महिला क्रिकेटर हैं।