
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने स्पेशल शिक्षक पात्रता परीक्षा (Special TET) में शिक्षामित्रों को शामिल करने की मांग की है। संघ ने शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के जरिए भेजा। इसमें चेतावनी दी गई है कि अगर 15 सितंबर तक शासनादेश में बदलाव कर प्रशिक्षित शिक्षामित्रों को शामिल नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करेंगे। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के महामंत्री सुनील तिवारी और अध्यक्ष वसीम अहमद ने बताया कि शिक्षामित्र पिछले 26 सालों से परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। वे जनगणना, बालगणना, चुनाव ड्यूटी, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी और दूसरे राष्ट्रीय कामों को भी पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब परिषदीय स्कूलों के दूसरे अध्यापकों, विशेष शिक्षकों, संविदा और डेलीवेजेज पर काम करने वाले स्पेशल एजुकेटर्स को स्पेशल टीईटी में शामिल किया गया है, तो प्रशिक्षित शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना सही नहीं है। संघ ने 2 सितंबर 2026 को जारी शासनादेश में बदलाव की मांग की है। इसमें कहा गया है कि स्नातक और बीटीसी की योग्यता रखने वाले सेवारत शिक्षामित्रों को भी स्पेशल टीईटी परीक्षा में शामिल किया जाए। नेताओं ने फिर चेतावनी दी कि अगर 15 सितंबर तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया, तो शिक्षामित्र अपने हक के लिए आंदोलन करेंगे।
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