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  • पहुंज नदी में उतरा युवक तेज बहाव में बहा:जालौन में 38 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग; NDRF चला रही सर्च ऑपरेशन

    जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के सलैया बुजुर्ग गांव में पहुंज नदी में डूबे 28 वर्षीय हरिशंकर कौरव का 38 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। गुरुवार शाम करीब छह बजे नदी में नहाने उतरा हरिशंकर तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया था। घटना के बाद से पुलिस, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण उसकी तलाश में जुटे हैं। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन संभाल लिया है। टीम नदी में लगातार सर्च अभियान चला रही है, लेकिन बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के कारण तलाशी में मुश्किलें आ रही हैं। पुलिस को आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या दूसरे स्थान पर फंस गया हो। घटना के बाद से हरिशंकर के परिजन परेशान हैं और नदी किनारे उसकी तलाश का इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ एनडीआरएफ की टीम संभावित स्थानों पर लगातार सर्च कर रही है। बहाव के साथ युवक के आगे निकलने की आशंका को देखते हुए नदी में आगे की ओर जाल भी लगाया गया है। रोकने के बावजूद नदी में उतर गया था युवक सलैया बुजुर्ग निवासी पहलवान सिंह का 28 वर्षीय बेटा हरिशंकर गुरुवार शाम करीब छह बजे गांव की ओर से पहुंज नदी के पुल के पास पहुंचा था। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, उस समय वह नशे की हालत में था। हरिशंकर ने नदी में नहाने के लिए कपड़े उतारे और तौलिया पेड़ पर रख दिया। मौके पर मौजूद कविता धीमर और राघवेंद्र कौरव ने उसे नदी में उतरने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद वह नदी में चला गया। कुछ ही देर बाद तेज बहाव की चपेट में आने से वह डूब गया और फिर दिखाई नहीं दिया। स्थानीय गोताखोरों ने देर शाम तक की तलाश घटना की सूचना मिलते ही कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू कराया। गुरुवार देर शाम तक संभावित स्थानों पर तलाश की गई, लेकिन हरिशंकर का कोई पता नहीं चला। इसके बाद एनडीआरएफ को सूचना दी गई। शुक्रवार से एनडीआरएफ की टीम भी लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव से रेस्क्यू में दिक्कत कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू टीम को तलाशी अभियान में काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि आशंका है कि युवक बहाव में आगे जाकर किसी झाड़ी या अन्य स्थान पर फंस गया हो। इसी संभावना को देखते हुए नदी के आगे की ओर जाल भी लगाया गया है, ताकि बहाव के साथ आने वाले किसी संभावित स्थान पर उसकी तलाश की जा सके। घटना को 38 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन हरिशंकर का कोई सुराग नहीं मिला है। इससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है। पुलिस, एनडीआरएफ, स्थानीय गोताखोर और ग्रामीण मिलकर नदी के संभावित हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच अब सभी की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन के नतीजे पर टिकी है।
  • अग्निवीर भर्ती में 945 अभ्यर्थियों ने पास की दौड़:सहारनपुर में मुजफ्फरनगर की जानसठ और शामली की कैराना, शामली व ऊन तहसील के अभ्यर्थियों ने लिया हिस्सा; 1170 अभ्यर्थी पहुंचे

    सहारनपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में चल रही अग्निवीर भर्ती रैली में शनिवार को मुजफ्फरनगर जिले की जानसठ तहसील और शामली जिले की कैराना, शामली व ऊन तहसील के अभ्यर्थियों ने दमखम दिखाया। भर्ती प्रक्रिया के लिए कुल 1,260 अभ्यर्थियों को बुलाया गया था, जिनमें से 1,170 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। भर्ती प्रक्रिया के तहत सबसे पहले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद उन्हें शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए मैदान में उतारा गया। दौड़ में युवाओं ने अग्निवीर बनने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। रनिंग परीक्षा में 945 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों का आगे का फिजिकल टेस्ट जारी है। इसमें विभिन्न शारीरिक मानकों पर अभ्यर्थियों की क्षमता परखी जा रही है। चेस्ट नंबर के बाद मैदान में उतरे अभ्यर्थी भर्ती स्थल पर अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत चेस्ट नंबर दिए गए। दस्तावेज सत्यापन के बाद उन्हें दौड़ के लिए मैदान में प्रवेश दिया गया। दौड़ में सफल अभ्यर्थियों को आगे की शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल किया जा रहा है। भर्ती स्थल पर सेना के अधिकारी और कर्मचारी पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। 30 अगस्त को गौतमबुद्धनगर और मेरठ की बारी अग्निवीर भर्ती के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 अगस्त को गौतमबुद्धनगर जिले की दादरी, गौतमबुद्धनगर और जेवर तहसील तथा मेरठ तहसील के अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होंगे। इसके बाद 31 अगस्त को मेरठ जिले की सरधना और मवाना तहसील के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। एक सितंबर को सहारनपुर जिले की बेहट, सहारनपुर, नकुड़, देवबंद और रामपुर मनिहारान तहसीलों के अभ्यर्थियों की बारी आएगी। सहारनपुर में चल रही इस भर्ती रैली में मेरठ सेना भर्ती कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 13 जिलों के सीईई में सफल अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता, शारीरिक माप, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल सहित निर्धारित चरणों से अभ्यर्थियों को गुजरना है।
  • रक्षाबंधन पर सोनभद्र में नहीं मिली मुफ्त बस सुविधा:सरकारी घोषणा के बावजूद महिलाओं को निजी वाहनों से करना पड़ा सफर

    सोनभद्र के नौगढ़ क्षेत्र में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को सरकारी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिल सकी। सरकार द्वारा मुफ्त यात्रा की घोषणा के बावजूद, वनांचल क्षेत्र नौगढ़ में सरकारी बसों का संचालन न होने के कारण महिलाओं को भाइयों के घर पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। इससे उनमें काफी नाराजगी देखी गई। बता दे कि रक्षाबंधन के दिन सुबह बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए घरों से निकलीं। हालांकि, नौगढ़ क्षेत्र में सरकारी बस सेवा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बसों के इंतजार में महिलाएं और उनके परिजन काफी देर तक परेशान रहे, जिसके बाद मजबूरी में कई लोगों को निजी वाहनों से सफर करना पड़ा। चंद्रावती, सुमन देवी और संगीता सहित कई अन्य महिलाओं ने बताया कि सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की घोषणा की थी, लेकिन वनांचल क्षेत्र में यह योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर भी परिवहन सुविधा न मिलने से सरकार की घोषणा पर सवाल उठ रहे हैं। महिलाओं ने नौगढ़ क्षेत्र में नियमित रोडवेज बसों के संचालन की मांग की है। इस संबंध में एआरएम सूबेदार सिंह ने जानकारी दी कि सभी गाड़ियां चलाई गई थीं। उन्होंने बताया कि यदि किसी कारणवश नौगढ़ में बसें नहीं पहुंची हैं, तो इसकी जांच करा कर करवाई की जाऐगी।
  • फिरोजाबाद में युवती की संदिग्ध मौत का राज खुला:जबरन संबंध बनाने के बाद हत्या का आरोप, मोबाइल और दवा बरामद, आरोपी गिरफ्तार

    फिरोजाबाद गुरुग्राम में नौकरी करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर नितिन उर्फ राहुल की युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और उसकी मौत में संलिप्तता सामने आई है। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई है। मृतका के पिता ने 27 अगस्त को शिकोहाबाद थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी गुरुग्राम में नौकरी करती थी। 26 अगस्त की रात उसने फोन पर परिवार को राहुल के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके अगले ही दिन परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अचानक हुई मौत की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए राहुल समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान शिकोहाबाद पुलिस को मुखबिर से नितिन उर्फ राहुल के बारे में सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात टीम ने छीछामई नहर पुल के पास घेराबंदी कर नितिन उर्फ राहुल पुत्र गंगा सिंह उर्फ सीताराम, निवासी खटवामई, थाना नगला खंगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के साथ-साथ मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए जाने के तथ्य मिले। इसके बाद दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) की बढ़ोतरी की गई। आरोपी का फोन और यौन उत्तेजक दवा की गोलियां बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से युवती का नीले रंग का वीवो मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा आरोपी का काले रंग का सैमसंग मोबाइल फोन और यौन उत्तेजक दवा की दो गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान को जांच का हिस्सा बना रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि युवती की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और आरोपी की भूमिका किस तरह की रही। पूछताछ में पुलिस के अनुसार एक अन्य युवक अभिषेक पुत्र प्रमोद कुमार, निवासी सलेमपुर कर्खा, थाना नगला खंगर का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। युवती की सहेली की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस का कहना है कि मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में अभिषेक की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही मृतका की सहेली की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती किन परिस्थितियों में राहुल के संपर्क में थी और उसकी मौत से पहले तथा बाद में कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। गिरफ्तार नितिन उर्फ राहुल को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, ऋषभदेव भारद्वाज, फैशल खान और कांस्टेबल राजीव भाटी की टीम शामिल रही। अब पुलिस की जांच का फोकस युवती की मौत की पूरी कड़ी जोड़ने, दूसरे युवक की भूमिका स्पष्ट करने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।
  • बलिया में 9 अखाड़ों ने निकाला महावीरी झंडा जुलूस:हाथी-घोड़े, ऊंट और अखाड़ों के करतब; 1911 से चली आ रही परंपरा

    बलिया नगर में शुक्रवार को ऐतिहासिक महावीरी झंडा जुलूस धूमधाम और उत्साह के साथ निकाला गया। नौ अखाड़ों के जुलूस में हाथी, घोड़े, ऊंट, आकर्षक झांकियां, पारंपरिक नृत्य और डीजे आकर्षण का केंद्र रहे। अखाड़ों के खिलाड़ियों ने शौर्य और युद्धकला के हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए शहर ही नहीं, ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जुलूस जैसे-जैसे नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ा, पूरा शहर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंजता रहा। जुलूस मार्ग पर जगह-जगह हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन-अर्चन किया गया। विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियों ने भी लोगों का ध्यान खींचा। देर रात तक जुलूस देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों की भीड़ जमा रही। आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सभी अखाड़ों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। भीड़ बढ़ने पर पुलिसकर्मियों को यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर भ्रमण के बाद जुलूस देर रात करीब एक बजे संपन्न हुआ। 10 तस्वीरों में देखिए महावीरी झंडा जुलूस… 1911 से चली आ रही परंपरा भक्तों के अनुसार, बलिया में महावीरी झंडा जुलूस की शुरुआत वर्ष 1911 में हुई थी। इसके बाद हर वर्ष यह आयोजन होता रहा और समय के साथ इसका स्वरूप भी भव्य होता गया। इस बार नगर कमेटी, जगदीशपुर विजयीपुर, चमन सिंह बाग, टाउनहॉल, गुदरी बाजार सहित कुल नौ अखाड़ों ने जुलूस में भाग लिया। सभी अखाड़े अपने निर्धारित स्थानों से निकले और नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए आगे बढ़े। जुलूस में शामिल अखाड़ों के खिलाड़ियों ने तलवारबाजी, लाठी और अन्य पारंपरिक शौर्य कलाओं का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों के एक से बढ़कर एक करतब देखकर दर्शक रोमांचित नजर आए। जुलूस में हाथी, घोड़े और ऊंट भी शामिल रहे। इसके अलावा हनुमान समेत विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। जगह-जगह लोगों ने झांकियों और हनुमान की प्रतिमाओं का पूजन किया। हनुमान मंदिर से निकला नगर कमेटी का जुलूस नगर कमेटी का जुलूस सबसे पहले हनुमान मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद रवाना हुआ। इसके बाद जुलूस बालेश्वर मंदिर और चंद्रशेखर पार्क होते हुए काली मंदिर पहुंचा। मालगोदाम पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मिड्ढी के अखाड़े का मिलान हुआ। इसके बाद सभी अखाड़े अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ते रहे। रात एक बजे विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरकर हुआ समापन सभी अखाड़े देर रात विशुनीपुर मस्जिद के पास से गुजरे। इसके बाद नगर भ्रमण पूरा करते हुए करीब रात एक बजे महावीरी झंडा जुलूस का समापन हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार सक्रिय रहे। बड़ी संख्या में उमड़ी भीड़ के बीच पुलिस ने धैर्यपूर्वक भीड़ और यातायात व्यवस्था संभाली।
  • वाराणसी में 6 दिन बाद फिर बढ़ने लगी गंगा:सुबह से आसमान में बादल छाए, सितंबर के पहले सप्ताह में फिर एक्टिव होगा मानसून

    गंगा के जलस्तर में लगातार छह दिनों तक आई गिरावट के बाद शनिवार से एक बार फिर धीमी गति से बढ़ाव शुरू हो गया है। हालांकि अभी जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी कम है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार वाराणसी में शनिवार को गंगा का जलस्तर 68.02 मीटर दर्ज किया गया। पानी करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। आयोग के अनुसार अगले 24 घंटे तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। घाटों पर अब भी सामान्य नहीं हुई स्थिति गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद वाराणसी के घाटों की दिनचर्या अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। बाढ़ के कारण घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी, कीचड़ और गंदगी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली प्रसिद्ध गंगा आरती का आयोजन भी सामान्य स्थान के बजाय गंगा आरती प्रबंधन समिति के कार्यालय की छत से किया जा रहा है। घाटों से पानी उतरने के बाद सफाई और व्यवस्था बहाल करने की चुनौती भी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी घटने के बाद घाटों और आसपास के क्षेत्रों में जमा गाद व कचरे की वजह से आवाजाही प्रभावित है। दूसरी ओर वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए भी गंदगी और बदबू बड़ी समस्या बनी हुई है। बाढ़ का पानी उतरने के बाद जमा कचरे और गाद से दुर्गंध फैल रही है। सुबह 29 डिग्री तापमान, 89 फीसदी रही नमी वाराणसी में शनिवार सुबह तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी का स्तर 89 फीसदी दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल 31 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बादलों की आवाजाही के साथ रुक-रुककर बारिश होने के आसार हैं। 31 अगस्त से फिर घने बादल, सितंबर में मानसून होगा सक्रिय मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने कहा – 31 अगस्त से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में फिर घने बादल छाने के आसार हैं। इसके बाद 1 से 4 सितंबर के बीच मानसून का एक और दौर सक्रिय हो सकता है। खासतौर पर 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे निचले इलाकों में जलभराव और गंगा के जलस्तर पर दोबारा असर पड़ने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 सितंबर से एक बार फिर बारिश शुरू होने का अनुमान है। लगातार बारिश के इन दौरों के बीच गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
  • ग्रीनपार्क में काशी रुद्रास की 67 रन से धमाकेदार जीत:करन शर्मा ने 51 गेंदों पर ठोका तूफानी शतक; नोएडा 150 पर ऑलआउट

    यूपी टी-20 लीग के 23वें मुकाबले में काशी रुद्रास ने नोएडा सुपर किंग्स को 67 रन से हरा दिया। टीम ने शानदार बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी के दम पर यह जीत दर्ज की। कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीनपार्क स्टेडियम में शुक्रवार को खेले गए मुकाबले में काशी के कप्तान करन शर्मा ने तूफानी शतक लगाया। नोएडा सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। काशी के सलामी बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात हुई और नोएडा के गेंदबाज दबाव में नजर आए। ओपनर्स का गदर, करन-अभिषेक ने पहले विकेट के लिए जोड़े 102 रन पहले बल्लेबाजी करने उतरी काशी रुद्रास की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। ओपनर अभिषेक गोस्वामी और कप्तान करन शर्मा ने नोएडा के गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए पहले विकेट के लिए महज 102 रनों की शतकीय साझेदारी की। अभिषेक गोस्वामी ने 34 गेंदों पर 11 चौकों की मदद से 63 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनके आउट होने के बाद भी कप्तान करन शर्मा का बल्ला थमा नहीं और उन्होंने 200 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। 200 की स्ट्राइक रेट से करन शर्मा की ‘सेंचुरी’, काशी ने बनाए 217 रन काशी के कप्तान करन शर्मा ने कप्तानी पारी खेलते हुए 51 गेंदों पर 102 रन ठोके। अपनी इस शतकीय पारी में उन्होंने 12 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। करन के इस शतक की बदौलत काशी रुद्राक्ष ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 217 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। यूपी टी-20 लीग 2026 में करन शर्मा का बल्ला जमकर बोल रहा है। उन्होंने अब तक खेले 9 मैचों में 37.25 की औसत और 146.80 के स्ट्राइक रेट से 298 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। इस दौरान उनके बल्ले से 22 छक्के और 18 चौके निकले हैं। 150 रन पर सिमटी नोएडा, काशी के गेंदबाजों का चला जादू 218 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी नोएडा सुपर किंग्स की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। काशी रुद्राक्ष के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए नोएडा के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नोएडा की ओर से मोहम्मद कौशिक ने 42 रन (29 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) और शोएब रशीद सिद्दीकी ने 30 रन (18 गेंद, 2 चौके, 3 छक्के) बनाकर थोड़ा संघर्ष दिखाया, लेकिन बाकी के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। विजय यादव और ऋषभ राजपूत की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी नोएडा टीम 18.4 ओवर में 150 रनों पर ऑलआउट हो गई और काशी रुद्राक्ष ने 67 रनों से बड़ी जीत अपने नाम कर ली।
  • अंकित हत्याकांड के 2 दिन बाद खुला जिम:60 की जगह सिर्फ 3 पहुंचे; बिना म्यूजिक हुआ वर्कआउट, CCTV में 2 घंटे रेकी के संकेत

    शामली के आर्यपुरी नाला पटरी इलाके में 26 अगस्त की शाम हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के बाद अब भी दहशत का माहौल है। श्री बालाजी जिम से वर्कआउट करने के बाद जैसे ही अंकित बाहर निकले, चार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुछ ही सेकेंड में हमलावर मौके से निकल गए और अंकित सड़क किनारे नाली के पास पड़े मिले। वारदात के बाद सामने आए CCTV फुटेज में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। एक फुटेज में अंकित जिम से बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं। इसके तुरंत बाद हमलावर उन्हें घेरकर गोलियां चलाते नजर आते हैं। दूसरे फुटेज में चारों आरोपी पैदल भागते दिखाई दे रहे हैं। जिम के अंदर मौजूद लोगों के मुताबिक, पहले गोलियों की आवाज सुनकर उन्हें लगा कि बाहर बाइक सवार पटाखे चला रहे हैं। जब बाहर निकलकर देखा तो फायरिंग हो रही थी। हमलावर तमंचे लहराते हुए भाग निकले। इसके बाद लोग बाहर पहुंचे तो अंकित दीवार के पास नाली में पड़े थे और उनके शरीर में कोई हरकत नहीं हो रही थी। दो दिन बाद जिम खुला, 60 की जगह सिर्फ 3 लोग पहुंचे अंकित की हत्या के बाद जिम और आसपास की ज्यादातर दुकानें बंद हो गई थीं। दो दिन तक बंद रहने के बाद शुक्रवार, 28 अगस्त को श्री बालाजी जिम दोबारा खोला गया, लेकिन सामान्य दिनों वाली रौनक गायब थी। जिम संचालक रविकांत शर्मा के मुताबिक, एक शिफ्ट में करीब 60 युवक-युवतियां वर्कआउट के लिए आते थे। शुक्रवार को सिर्फ तीन लोग जिम पहुंचे। अंदर न म्यूजिक बजा और न पहले जैसी चहल-पहल रही। हर चेहरे पर अंकित की हत्या का डर और दुख नजर आया। रविकांत खुद अंकित के पर्सनल ट्रेनर थे। उन्होंने बताया कि अंकित काफी शांत स्वभाव के थे। जिम में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे और अपना पूरा ध्यान एक्सरसाइज पर रखते थे। कोई सेल्फी लेने के लिए कहता तो मुस्कुराकर फोटो खिंचवा लेते, फिर दोबारा वर्कआउट में लग जाते। अंकित को लेग, चेस्ट और शोल्डर की एक्सरसाइज सबसे ज्यादा पसंद थी। हत्या वाले दिन भी उन्होंने जिम में शोल्डर की एक्सरसाइज की थी। वर्कआउट पूरा करने के बाद वह बाहर निकले और कुछ ही देर बाद उनकी हत्या कर दी गई। बाइक 2 घंटे खड़ी रही, हमलावर घूमते रहे वारदात के बाद सामने आए CCTV फुटेज और दुकानदारों के बयानों से पुलिस की जांच अब रेकी की आशंका की तरफ भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, श्री बालाजी कन्फेक्शनरी के सामने हमलावरों की बाइक करीब दो घंटे तक खड़ी रही। बाइक के पास पीले रंग का गमछा और हेलमेट भी रखा गया था। दुकानदारों का दावा है कि हमलावर काफी देर तक आसपास घूमते रहे और अंकित के जिम से बाहर निकलने का इंतजार करते रहे। तीसरे CCTV फुटेज में भी चारों युवकों के वारदात से पहले इलाके में घूमने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अंकित पहले गांव के कुछ साथियों के साथ जिम आते थे, लेकिन घटना से करीब तीन दिन पहले वह अकेले कार से आने लगे थे। इसी वजह से लोगों को शक है कि हमलावरों ने पहले से उनकी दिनचर्या पर नजर रखी और उनके आने-जाने का समय पता किया। हालांकि, पुलिस ने अभी तक रेकी की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वारदात में इस्तेमाल हथियारों को लेकर भी इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग हथियारों को विदेशी बता रहे हैं, लेकिन इसकी भी पुलिस स्तर से पुष्टि होना बाकी है।

    पिता का 4 दिन का अल्टीमेटम अंकित के पिता सत्यवीर सिंह ने पुलिस-प्रशासन को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि अगर चार दिन में हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पांचवें दिन वह और उनके लोग खुद आगे बढ़ेंगे। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। सत्यवीर सिंह ने खुद को जाट बताते हुए अपने फौजी साथियों के साथ मिलकर आरोपियों का ‘इलाज’ करने की बात कही। उन्होंने पुलिस से हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। हत्या की जिम्मेदारी गोगी गैंग द्वारा लिए जाने की चर्चा को उन्होंने बकवास बताया।
    इधर, हत्याकांड की जांच के लिए गठित SIT शुक्रवार को सत्यवीर सिंह को घटनास्थल पर लेकर पहुंची। टीम ने घटनास्थल पर वारदात का पूरा क्रम समझने की कोशिश की। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई और घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ की गई। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर कब इलाके में पहुंचे, कितनी देर तक रुके और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए। मामले पर राष्ट्रीय लोक दल के सुप्रीमो जयंत सिंह ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराध में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना सभ्य समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने जाति और क्षेत्र से ऊपर उठकर अंकित के परिवार को न्याय दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध में मृतक की जाति तलाशना और इसे किसी जातीय आक्रोश से जोड़ना संवेदनहीनता है। अंकित बालियान के परिवार को न्याय मिलना किसी जाति, गोत्र या क्षेत्र का मुद्दा नहीं, बल्कि हर न्यायप्रिय व्यक्ति का विषय है। फिलहाल शामली के बीचोंबीच हुई इस हत्या ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है। एक तरफ CCTV फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां सामने आ रही हैं, दूसरी तरफ परिवार गिरफ्तारी के लिए समय सीमा तय कर चुका है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और SIT की कार्रवाई पर है कि चार हमलावर कौन थे, उन्होंने अंकित को क्यों निशाना बनाया और क्या हत्या से पहले वास्तव में रेकी की गई थी।

  • देवरिया में खाली घरों में चोरी करने वाले 4 गिरफ्तार:ई-रिक्शा से रेकी कर वारदात को देते थे अंजाम, नेपाल में बेचते थे सोना

    देवरिया पुलिस ने खाली घरों में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शुक्रवार की रात आठ बजे चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से चोरी का सोना, नकदी और वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा बरामद किया गया है। आरोपी ई-रिक्शा से रेकी कर रात में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे और चोरी के सोने को नेपाल में गलाकर बेचते थे। कोतवाली पुलिस ने 27 अगस्त की देर शाम चीनी मिल ग्राउंड के पास ई-रिक्शा सवार चार युवकों को पकड़ा। इनकी पहचान जितेंद्र निषाद (26), जयहिंद निषाद (19), शुभम विश्वकर्मा उर्फ बंजरगी (22) और नितेश गोड़ उर्फ गोलू (21) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 6.020 ग्राम और 3.420 ग्राम वजन के सोने के दो टुकड़े, 9,540 रुपये नकद और लोहे का संबल बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने 19 अगस्त को उमानगर में एक मकान में चोरी करने की बात स्वीकार की। इस मामले में अनिल कुमार राय की तहरीर पर कोतवाली थाने में पहले ही मुकदमा दर्ज है।
    पुलिस के अनुसार, यह गिरोह ई-रिक्शा से घूमकर ऐसे घरों की तलाश करता था, जहां रात के समय कोई मौजूद नहीं होता था। खाली मकानों को चिह्नित करने के बाद, वे मौका देखकर रात में ताला तोड़कर चोरी करते थे। चोरी की नकदी आपस में बांट ली जाती थी, जबकि सोने के जेवरात को गलाकर नेपाल में बेचा जाता था। आरोपियों ने कुछ दिन पहले कैलाशपुरी में भी चोरी करने की बात स्वीकार की है। बरामद सोने के टुकड़ों और नकदी के संबंध में पुलिस आगे की जांच कर रही है। कोतवाली पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
  • मुरादाबाद में पुल टूटा, महिला की मौत-बेटा लापता:रक्षाबंधन पर पति और 3 बच्चों के साथ बाइक से मायके गई थी, लौटते समय हादसा

    मुरादाबाद में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे गांगन नदी पर बना लकड़ी का अस्थाई पुल अचानक टूट गया। इससे बाइक सवार दंपती और उनके तीन बच्चे गाड़ी समेत नदी में जा गिरे। वहां से गुजर रहे लोगों ने देखा तो फौरन मदद के लिए दौड़े। उन्होंने पिता और दो बच्चों को तो बचा लिया, जबकि महिला और उसका एक बच्चा तेज बहाव में बह गए। फौरन पुलिस और गोताखोरों को सूचना दी गई। सूचना मिलने के थोड़ी देर के अंदर ही वे मौके पर पहुंचे गए। करीब दो घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। तब जाकर महिला का शव बरामद हुआ। जबकि उसका तीसरा बेटा अभी लापता है। उसकी तलाश की जा रही है। घटना मझोला थाना क्षेत्र के मलकद्दा स्थित चट्टा पुल की है। पहले 3 तस्वीरें देखिए… तीन लकड़ियां टूटीं और नदी में जा गिरी बाइक छजलैट के महमूदपुर निवासी मजदूर अनिल रक्षाबंधन पर पत्नी किरन और बच्चों के साथ कुंदरकी के नानपुर गांव स्थित ससुराल गया था। राखी बंधवाने के बाद परिवार को लेकर बाइक से लौट रहा था। जैसे ही बाइक मलकद्दा स्थित चट्टा पुल पुल पर पहुंची, अचानक पुल की तीन लकड़ियां टूट गईं। बाइक अनियंत्रित हुई और पूरा परिवार गांगन नदी में जा गिरा। पिता और दो बच्चों को लोगों ने बचाया उन्होंने जोर से शोर मचाया। चीख पुकार सुनकर राहगीर उनकी मदद के लिए दौड़े। इसी बीच किसी ने फोन करके पुलिस और गोतोखोरों को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही फौरन पुलिस मलकद्दा गांव से गोताखोरों को लेकर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से अनिल और उनके दो बच्चों के शव को नदी से बाहर निकाल लिया गया। वहीं किरन और उनका तीसरा बच्चा प्रियांशु तेज बहाव में बह गए। दो घंटे बाद मिला महिला का शव अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हुई। गोताखोरों ने टॉर्च की रोशनी में करीब दो घंटे तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। इसके बाद किरन को नदी से बाहर निकाला गया। उन्हें जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रियांशु की तलाश अभी जारी है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया है। नदी में तेज बहाव और अंधेरे के बीच बच्चे की तलाश की जा रही है। ये खबर भी पढ़ें- अंकित हत्याकांड- पिता बोले- बेटा फौजी बनना चाहता था:सरकारें जो कहती हैं, अब करके दिखाएं; हत्यारों का एनकाउंटर हो ‘योगीजी कहते हैं कि अपराधी एक चौराहे से भागेंगे, तो दूसरे पर ढेर कर दिए जाएंगे…। लखनऊ में बैठकर बातें करने से कुछ नहीं होगा। जो कहते हैं, वो यहां करके दिखाइए। अगर प्रशासन अपनी बातों पर खरा नहीं उतरा, तो 5वें दिन हम बॉडी निकाल लेंगे, चाहे जो हो जाए। मेरा बेटा मेरी तरह फौजी बनना चाहता था। वो सपना पूरा नहीं हुआ, तो वीडियो बनाने लगा। मुझे उस पर गर्व है।’ यह दर्द और गुस्सा है अंकित बालियान के पिता सतबीर बालियान का। शामली में बुधवार (26 अगस्त) को हरियाणवी सिंगर अंकित की जिम से निकलते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमने अंकित के पूरे परिवार से बात की। पूरी खबर पढ़ें