श्रावस्ती में भिनगा-बहराइच फोरलेन पर शनिवार को एक सड़क हादसा हो गया। शनिवार को 4:00 बजे जानकारी मिली की एक बाइक सवार को बचाने के चक्कर में दूसरी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। इस हादसे में बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिनगा ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे घायल का इलाज चल रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भिनगा कोतवाली क्षेत्र के आनंदीपुरवा गांव के रहने वाले 35 वर्षीय ओम प्रकाश विश्वकर्मा शनिवार को अपने गांव के रामफल यादव के साथ भिनगा किसी काम से आए थे। काम खत्म होने के बाद दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। कलेक्ट्रेट गेट के पास भिनगा-बहराइच फोरलेन पर अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। उसे बचाने की कोशिश में ओम प्रकाश बाइक से नियंत्रण खो बैठे। वहीं बाइक सड़क किनारे बने डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान ओम प्रकाश और रामफल दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस को सूचना मिली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को जिला अस्पताल भिनगा पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद ओम प्रकाश विश्वकर्मा को मृत घोषित कर दिया। रामफल यादव का इलाज शुरू कर दिया गया है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों की सूचना पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जरूरी कार्रवाई पूरी की और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ओम प्रकाश की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में मातम छा गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। अचानक हुए इस हादसे से परिजन गहरे सदमे में हैं। वे घटना के बारे में ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस हादसे से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
औरैया में शनिवार को मां की मौत के बाद 7 बेटियों ने बारी-बारी से अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। शमशान घाट पहुंचने पर अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हुई। इसी बीच जब मुखाग्नि देने की बात आई तो सब लोग सोच में पड़ गए कि चिता को आग कौन लगाएगा? चर्चा के बाद सबसे छोटी बेटी ने फैसला लिया कि वह मां की चिता को मुखाग्नि देगी, किसी पुरुष रिश्तेदार का सहारा क्यों लें। बड़ी बहनों ने भी छोटी बहन के फैसले का समर्थन किया। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे छोटी बेटी ने मां की चिता को आग लगाई। मामला दिबियापुर इलाके का है। अब जानिए पूरा मामला… पिता के निधन के बाद मां ने अकेले पाला दुर्गा नगर निवासी कृष्ण देवी (59) के पति रामकिशोर सविता फौज में थे। रिटायर होने के कुछ साल पहले उनका निधन हो गया था। उस समय सामाजिक रीति-रिवाजों के कारण रामकिशोर के अंतिम संस्कार में परिवार के भतीजे की मदद ली गई थी। क्योंकि रामकिशोर के कोई बेटा नहीं था। पति की मौत के बाद कृष्ण देवी ने अकेले ही अपनी 7 बेटियों की परवरिश की। बेटियों के लिए मां ही उनका सहारा और मार्गदर्शक थीं। कृष्णा देवी काफी समय से बीमार चल रही थीं। उनकी बेटियां मिलकर इलाज और घर का खर्च चला रही थीं। छोटी बेटी सोनी सविता (25) मायके में रहकर मां की देखभाल कर रही थी। उनके पति आगरा में प्राइवेट नौकरी करते हैं। मां की अर्थी को सातों बहनों ने दिया कंधा शनिवार सुबह कृष्ण देवी का निधन हो गया। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान मुखाग्नि देने की चर्चा हुई। गांववालों और परिवार में किसी पुरुष रिश्तेदारों से यह जिम्मेदारी निभाने की बात चली। इसी बीच कृष्ण देवी की सबसे छोटी बेटी सोनी सविता ने सबको टोक दिया। कहा- जब मां ने हमें बेटों की तरह पाला। वह कहती थीं, तुम सब बहने मेरे लिए बेटे ही हो। हमने भी कभी उन्हें बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी। उनके अंतिम संस्कार के लिए किसी और का सहारा क्यों लिया जाए। बेटी ने पूरे रीति-रिवाज के साथ मां को मुखाग्नि दी सामाजिक रीति-रिवाजों को दरकिनार करते हुए कृष्ण देवी की 7 बेटियों ने मां की अर्थी को बारी-बारी से कंधा दिया। गांव वालों और परिवार के लोगों ने भी उनकी मदद की। पार्थिव शरीर को लेकर सभी लोग दिबियापुर के मुक्तिधाम पहुंचे। मुक्तिधाम में कृष्ण देवी की सबसे छोटी बेटी सोनी ने पूरे रीति-रिवाज के साथ मां को मुखाग्नि दी। बेटियों ने दिया जिम्मेदारी निभाने का संदेश सातों बेटियों के इस फैसले ने समाज में बेटियों की भूमिका को लेकर एक संदेश दिया। गांववालों के मुताबिक, मां ने जीवनभर बेटियों को आत्मनिर्भर बनाया। उनके लिए हर मुश्किल में खड़ी रहीं। बेटियों ने भी अंतिम समय में मां के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई। —————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- ‘चंपत राय बेदाग-निष्कलंक, उनका भोलापन मुसीबत बना’:उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की; महासचिव बनने के बाद गोविंद देव गिरि का पहला इंटरव्यू
‘चंपत राय बेदाग और निष्कलंक हैं। यह मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं। उनका भोलापन उनके लिए मुसीबत बन गया। उन्होंने सब पर विश्वास करके गलती की। लोगों की पहचान करने में उनसे चूक हुई।’ ‘ट्रस्ट के दायित्व निभाने में कुछ कमियां रही हैं। अगर कोई कमी नहीं होती तो चोरी कैसे हो सकती थी? जहां कमी रही है, वहां सुधार किया जाएगा। चोरी करने वालों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।’ ये बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने कहीं। जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले दैनिक भास्कर से बात की। पढ़ें पूरी खबर
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने कमान अपने हाथ में ले ली है. शनिवार को प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह लखनऊ में BJP के प्रदेश कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव पर हमला बोला.
यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में BJP दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि NDA कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और पंकज चौधरी के मार्गदर्शन में जीत हासिल करेंगे.
यूपी बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े ने कहा कि NDA अगले पांच वर्षों तक राज्य की जनता के प्रति समर्पित रहेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि SP का ‘PDA’ विफल हो जाएगा. साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव के PDA की व्याख्या पराया धन अपना के रूप में की. तावड़े ने स्पष्ट किया कि पार्टी पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी के विकास कार्यों और नीतियों के आधार पर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में उतरेगी और बड़ी जीत दर्ज करेगी.
कई जगहों से हटाए गए स्वागत के होर्डिंग
इससे पहले उत्तर प्रदेश के लिए पार्टी के प्रभारी विनोद तावड़े ने सख्त निर्देश दिए थे कि उनके स्वागत के लिए अलग-अलग जगहों पर ट्रैफिक न रोका जाए और बड़े होर्डिंग न लगाए जाएं. नतीजतन, कई जगहों से होर्डिंग हटा दिए गए. बीजेपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और यूपी प्रभारी तावड़े दोपहर करीब 1:45 बजे पार्टी ऑफिस पहुंचे. पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले मीडिया से बातचीत की. इसके बाद पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक शुरू की.
तावड़े, मुख्यमंत्री योगी से करेंगे मुलाकात
उनके स्वागत के लिए बीजेपी ऑफिस में स्टेट प्रेसिडेंट पंकज चौधरी, को-इंचार्ज जगदीश ईश्वर पटेल, स्टेट मीडिया कन्वीनर मनीष दीक्षित, स्टेट सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज यतींद्र शर्मा, चीफ स्पोक्सपर्सन दिनेश चौहान, को-इंचार्ज हिमांशु दुबे और स्टेट स्पोक्सपर्सन हीरो बाजपेयी, मनीष शुक्ला और आलोक अवस्थी मौजूद थे. माना जा रहा है कि तावड़े बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात करेंगे.
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार सुबह 11 बजे मरीज के तीमारदारों और डॉक्टर के बीच विवाद हो गया। यह विवाद मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गया, जिससे इमरजेंसी में हंगामा मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभाला। जानकारी के अनुसार, एक मरीज का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ था। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे इंजेक्शन और दवा देने की बात कही। इसी दौरान मरीज को भर्ती करने और इंजेक्शन लगाने को लेकर डॉक्टर और तीमारदारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कुछ तीमारदारों ने डॉक्टर के साथ बदतमीजी की और उनका कॉलर पकड़ लिया। इसके बाद गाली-गलौज होने लगी। तीमारदारों पर कुछ बाहरी युवकों को बुलाने का भी आरोप है, जिसके बाद डॉक्टर के साथ मारपीट की गई। इस मारपीट और हंगामे में कई लोगों को चोटें आने की खबर है। इमरजेंसी में तोड़फोड़ किए जाने का भी आरोप है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से एक बुलेट मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर कोतवाली भेज दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में इमरजेंसी के हालात सामान्य किए गए। पुलिस के अनुसार, मामले में दोनों पक्षों से शिकायत मिली है। आरोपों और घटना के दौरान हुई तोड़फोड़ की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और सबूतों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में शनिवार को एक क्रेशर प्लांट में मशीन का भारी हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने मलबे के नीचे करीब चार मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई है। हालांकि, देर शाम तक पुलिस और प्रशासन ने किसी मजदूर के दबे होने या मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। पिंटू सिंह पटेल के क्रेशर प्लांट में हुआ हादसा हादसा पिंटू सिंह पटेल के क्रेशर प्लांट में हुआ। बताया गया कि प्लांट में मशीन का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस-प्रशासन को सूचना दी।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हादसे के समय प्लांट में कितने मजदूर मौजूद थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि करीब चार मजदूर मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। प्लांट मालिक के मौजूद नहीं होने से जानकारी जुटाना चुनौती बताया जा रहा है कि हादसे के समय प्लांट मालिक या कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। ऐसे में पुलिस के सामने हादसे की परिस्थितियों और प्लांट में मौजूद मजदूरों की संख्या की जानकारी जुटाना चुनौती बना हुआ है। पुलिस ने घटनास्थल से जुड़े लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सीओ गायत्री यादव ने किया घटनास्थल का निरीक्षण घटना की जांच पुलिस और एसडीएम स्तर से की जा रही है। सीओ गायत्री यादव भी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी ली। अधिकारियों ने हादसे से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल, प्रशासन की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मशीन का भारी हिस्सा किन परिस्थितियों में गिरा और हादसे के समय प्लांट में कितने मजदूर मौजूद थे। पुलिस ने किसी मजदूर की मौत या मलबे में दबे होने की पुष्टि नहीं की है।
हरदोई में सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद एक युवती ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर लव मैरिज की। शादी के सिर्फ दो साल बाद ही युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार देर शाम करीब 7 बजे उसका शव कमरे में साड़ी के पल्लू से फंदे पर लटका मिला। शनिवार के दोपहर 3 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जानकारी के अनुसार, शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुर कल्लू गांव निवासी शिवम राजपूत की मुलाकात अयोध्या (फैजाबाद) जिले के कनकपुर जगरौली निवासी नीतू यादव (22) से सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। ऑनलाइन चैटिंग से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन अलग जाति के होने के कारण दोनों परिवारों में इस रिश्ते को लेकर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद करीब दो साल पहले शिवम और नीतू ने परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर फैजाबाद में लव मैरिज कर ली। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था। शुक्रवार शाम को नीतू की सास रामपोथी किसी काम से उसे ढूंढते हुए उसके कमरे में पहुंचीं। कमरे का दृश्य देखते ही वे चीख पड़ीं। नीतू ने कमरे के अंदर साड़ी के पल्लू से फंदा बनाकर फांसी लगा ली थी। सास की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। शिवम ने बताया कि घटना की जानकारी होते ही उसने तुरंत नीतू के भाई अर्जुन को फोन करके पूरी जानकारी दी। शिवम का कहना है कि उनके बीच सब कुछ ठीक चल रहा था और कभी कोई विवाद या लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर के रायगंज खुरमपुर में इस अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना की और भक्ति गीत गाए। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के पावन पर्व पर धूमधाम से श्री कृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। सभी ने मिलकर इस पर्व का आनंद लिया और एक-दूसरे को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को बुलडोजर से ढहाए जाने को लेकर नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भड़क गए। शनिवार को दिल्ली रोड स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा कि रात करीब 12 बजे उनकी अधिकारियों से बात हुई थी। अफसरों ने भरोसा दिया था कि मस्जिद नहीं गिराई जाएगी। लेकिन, तड़के वहां बुलडोजर चला दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश में कब्जा हटाने की बात थी, तो पूरा धार्मिक ढांचा क्यों गिराया गया। चंद्रशेखर ने प्रशासन की कार्रवाई को न्यायपालिका और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया। उन्होंने कहा कि अपील की अवधि पूरी होने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई। सवाल है कि क्या शासन-प्रशासन खुद ही कोर्ट बनकर अंतिम फैसला लेने लगा है। चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा- अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। बोले- क्या शासन-प्रशासन खुद कोर्ट बनना चाहता है? चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कब्जा हटाना अलग कार्रवाई है और किसी पूरे धार्मिक ढांचे को गिरा देना अलग बात। उनके मुताबिक मस्जिद मामले में अपील की अवधि भी पूरी नहीं हुई थी। ऐसे में कार्रवाई जल्दबाजी में की गई। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऊपरी अदालतों के फैसले और अपील की व्यवस्था मौजूद है तो क्या प्रशासन खुद ही अंतिम फैसला लेने लगा है? उन्होंने कहा, “क्या आप शासन-प्रशासन हायर ज्यूडिशियरी से ऊपर हो गए हैं? क्या आप न्यायपालिका से ऊपर हो गए हैं? या आप खुद में कोर्ट बनना चाहते हैं?” चंद्रशेखर ने कहा कि संवेदनशील धार्मिक मामलों में सरकार और प्रशासन को बेहद सावधानी से व्यवहार करना चाहिए। रात में अफवाहों को बताया था गलत, सुबह खुद कार्रवाई देखी सांसद ने कहा कि रात में जनप्रतिनिधियों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता से उन्हें मस्जिद गिराए जाने की आशंका की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं होने का भरोसा दिलाया तो उन्होंने खुद लाइव आकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। लेकिन सुबह मस्जिद पर बुलडोजर चलने की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि इस तरह आश्वासन देकर सुबह कार्रवाई करना सही प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है। चंद्रशेखर ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से जनप्रतिनिधियों के फोन उठाने और उन्हें जवाब देने की बात कही गई है, लेकिन सहारनपुर में उन्हें अधिकारियों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है। बोले- धार्मिक स्थलों पर राजनीति ठीक नहीं, “सब याद रखा जाएगा” चंद्रशेखर ने कहा कि सहारनपुर में मंदिर, गुरुद्वारे और चर्च समेत अलग-अलग धार्मिक आस्थाओं के केंद्र हैं। किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए धार्मिक आस्था और अधिकारों के सम्मान की बात कही। उन्होंने कहा कि “सिर्फ राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक स्थलों पर हमला करना अच्छा नहीं है।” चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उन्होंने जो लिखा कि “सब याद रखा जाएगा”, उसका मतलब है कि ऐसी घटनाओं को लोग भूलेंगे नहीं। भाजपा नेताओं के बयान में रोटी, रोजगार और महंगाई पर बात क्यों नहीं? प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंद्रशेखर ने भाजपा और प्रदेश सरकार की राजनीति पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के बयान रोजगार, महंगाई, रोटी-कपड़ा-मकान जैसे मुद्दों पर कम और हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर ज्यादा होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान के न्याय सिद्धांत पर इस तरह का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने विकास के मोर्चे पर पर्याप्त काम किया होता तो उसे इस तरह के मुद्दों की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही उन्होंने पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि जनता सब देख रही है। कानूनी लड़ाई के बाद आंदोलन की भी चेतावनी आजाद समाज पार्टी के अगले कदम पर चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी और अदालत में मामला मजबूती से रखेगी। साथ ही अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को एक जगह तक सीमित मानकर चुप नहीं बैठा जा सकता। अगर आज इस पर आवाज नहीं उठाई गई तो कल किसी दूसरे जिले में ऐसी कार्रवाई हो सकती है। चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी कोशिश पहली बार में ही सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करने की होगी। “जनता घबराएगी नहीं, वोट की चोट से जवाब देगी” चंद्रशेखर ने कहा कि धार्मिक स्थलों और कानून से जुड़े विवादों पर जनता को डरने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक ऐसी कार्रवाइयों से जनता का मनोबल कमजोर होने के बजाय और बढ़ेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता इन मुद्दों का जवाब चुनाव में देगी। उन्होंने कहा, “जनता घबराएगी नहीं, जनता का और मनोबल बढ़ेगा और वह आपको वोट की चोट से जवाब देगी।”
मथुरा। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को भूतेश्वर अखाड़े में विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन हुआ। दंगल में मथुरा के साथ दिल्ली, हरियाणा, नोएडा, मध्य प्रदेश और नेपाल से आए पहलवानों ने जोर आजमाइश की। दिनभर चले मुकाबले देर रात करीब 12 बजे तक जारी रहे। कुश्ती देखने के लिए अखाड़े में बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और पहलवानों के समर्थक पहुंचे। एक के बाद एक हुए रोमांचक मुकाबले दंगल में पहलवानों के बीच लगातार मुकाबले हुए। खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वियों को चित करने के लिए अलग-अलग दांव-पेंच आजमाए। कई मुकाबलों में पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। दंगल की सबसे चर्चित ₹17 हजार की कुश्ती कृष्णानगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार सिंह ने शुरू कराई। उन्होंने दोनों पहलवानों के हाथ मिलवाकर मुकाबले की शुरुआत की। निर्धारित समय तक नहीं निकला फैसला ₹17 हजार की कुश्ती में दोनों पहलवानों ने काफी देर तक एक-दूसरे को चुनौती दी। दोनों ने कई दांव लगाए, लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी पहलवान निर्णायक बढ़त नहीं बना सका। अंत में मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। चौकी प्रभारी बोले- मल्लयुद्ध हमारी पुरानी परंपरा दंगल के दौरान कृष्णानगर चौकी प्रभारी संजीव कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ अखाड़े में मौजूद रहे। उन्होंने पहलवानों का उत्साह बढ़ाया और कहा कि मल्लयुद्ध हमारी प्राचीन खेल परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने युवाओं से पारंपरिक कुश्ती से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया। पुलिस की निगरानी में शांतिपूर्ण संपन्न हुआ दंगल आयोजकों के मुताबिक, हर साल की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर दंगल का आयोजन किया गया। देर रात तक चले कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की निगरानी में दंगल शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। स्थानीय लोगों ने पारंपरिक कुश्ती को बढ़ावा देने और पहलवानों का उत्साह बढ़ाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की।
गोंडा के खोड़ारे थाना क्षेत्र के साबरपुर गांव में बेटे पर चाकू से हमला करने वाला पिता चार दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी नसरुल्लाह ने बुधवार देर रात अपने 22 वर्षीय बेटे तनवीर पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वारदात के बाद से वह फरार है। तनवीर का पिछले चार दिनों से लखनऊ के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें और सर्विलांस टीम लगाई गई हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नसरुल्लाह एक महिला से शादी करना चाहता था। तनवीर अपने पिता के इस फैसले का विरोध कर रहा था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान नसरुल्लाह ने तनवीर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तनवीर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ट्रेन पकड़कर फरार हुआ, गाड़ी स्टेशन पर छोड़ी वारदात के बाद नसरुल्लाह बभनान रेलवे स्टेशन पहुंचा। उसने अपनी चार पहिया गाड़ी स्टेशन पर खड़ी की और ट्रेन पकड़कर फरार हो गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गया था। उसने बेटे का मोबाइल फोन भी रास्ते में कहीं फेंक दिया, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करने में पुलिस को परेशानी हो रही है। रिश्तेदारों और परिचितों के ठिकानों पर छापेमारी खोड़ारे थाना पुलिस आरोपी की तलाश में उसके रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। पुलिस की तीन टीमें पिछले चार दिनों से गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हैं। आरोपी के मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने के कारण सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन पता करने में भी दिक्कत आ रही है। खोड़ारे थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि आरोपी ट्रेन से फरार हुआ है और मोबाइल फोन साथ नहीं ले गया था। पुलिस की तीन टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। सर्विलांस टीम की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। घायल तनवीर का लखनऊ के अस्पताल में इलाज जारी है।