सहारनपुर में मस्जिद ढहाए जाने पर भड़के चंद्रशेखर:बोले- रात में अफसरों ने कहा कि गिराएंगे नहीं, सुबह बुलडोजर चला दिया; आंदोलन करेंगे

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सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में करीब 70 साल पुरानी मस्जिद को बुलडोजर से ढहाए जाने को लेकर नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भड़क गए। शनिवार को दिल्ली रोड स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा कि रात करीब 12 बजे उनकी अधिकारियों से बात हुई थी। अफसरों ने भरोसा दिया था कि मस्जिद नहीं गिराई जाएगी। लेकिन, तड़के वहां बुलडोजर चला दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश में कब्जा हटाने की बात थी, तो पूरा धार्मिक ढांचा क्यों गिराया गया। चंद्रशेखर ने प्रशासन की कार्रवाई को न्यायपालिका और संवैधानिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया। उन्होंने कहा कि अपील की अवधि पूरी होने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई। सवाल है कि क्या शासन-प्रशासन खुद ही कोर्ट बनकर अंतिम फैसला लेने लगा है। चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा- अन्याय बर्दाश्त नहीं करेंगे। बोले- क्या शासन-प्रशासन खुद कोर्ट बनना चाहता है? चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कब्जा हटाना अलग कार्रवाई है और किसी पूरे धार्मिक ढांचे को गिरा देना अलग बात। उनके मुताबिक मस्जिद मामले में अपील की अवधि भी पूरी नहीं हुई थी। ऐसे में कार्रवाई जल्दबाजी में की गई। उन्होंने सवाल किया कि अगर ऊपरी अदालतों के फैसले और अपील की व्यवस्था मौजूद है तो क्या प्रशासन खुद ही अंतिम फैसला लेने लगा है? उन्होंने कहा, “क्या आप शासन-प्रशासन हायर ज्यूडिशियरी से ऊपर हो गए हैं? क्या आप न्यायपालिका से ऊपर हो गए हैं? या आप खुद में कोर्ट बनना चाहते हैं?” चंद्रशेखर ने कहा कि संवेदनशील धार्मिक मामलों में सरकार और प्रशासन को बेहद सावधानी से व्यवहार करना चाहिए। रात में अफवाहों को बताया था गलत, सुबह खुद कार्रवाई देखी सांसद ने कहा कि रात में जनप्रतिनिधियों और एक वरिष्ठ अधिवक्ता से उन्हें मस्जिद गिराए जाने की आशंका की जानकारी मिली थी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं होने का भरोसा दिलाया तो उन्होंने खुद लाइव आकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। लेकिन सुबह मस्जिद पर बुलडोजर चलने की जानकारी सामने आई। उन्होंने कहा कि इस तरह आश्वासन देकर सुबह कार्रवाई करना सही प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है। चंद्रशेखर ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से जनप्रतिनिधियों के फोन उठाने और उन्हें जवाब देने की बात कही गई है, लेकिन सहारनपुर में उन्हें अधिकारियों से संपर्क करने में परेशानी हो रही है। बोले- धार्मिक स्थलों पर राजनीति ठीक नहीं, “सब याद रखा जाएगा” चंद्रशेखर ने कहा कि सहारनपुर में मंदिर, गुरुद्वारे और चर्च समेत अलग-अलग धार्मिक आस्थाओं के केंद्र हैं। किसी राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना ठीक नहीं है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए धार्मिक आस्था और अधिकारों के सम्मान की बात कही। उन्होंने कहा कि “सिर्फ राजनीतिक एजेंडे के लिए धार्मिक स्थलों पर हमला करना अच्छा नहीं है।” चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि उन्होंने जो लिखा कि “सब याद रखा जाएगा”, उसका मतलब है कि ऐसी घटनाओं को लोग भूलेंगे नहीं। भाजपा नेताओं के बयान में रोटी, रोजगार और महंगाई पर बात क्यों नहीं? प्रेस कॉन्फ्रेंस में चंद्रशेखर ने भाजपा और प्रदेश सरकार की राजनीति पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के बयान रोजगार, महंगाई, रोटी-कपड़ा-मकान जैसे मुद्दों पर कम और हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर ज्यादा होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संविधान के न्याय सिद्धांत पर इस तरह का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने विकास के मोर्चे पर पर्याप्त काम किया होता तो उसे इस तरह के मुद्दों की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही उन्होंने पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि जनता सब देख रही है। कानूनी लड़ाई के बाद आंदोलन की भी चेतावनी आजाद समाज पार्टी के अगले कदम पर चंद्रशेखर ने कहा कि पार्टी कानूनी रास्ता अपनाएगी और अदालत में मामला मजबूती से रखेगी। साथ ही अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को एक जगह तक सीमित मानकर चुप नहीं बैठा जा सकता। अगर आज इस पर आवाज नहीं उठाई गई तो कल किसी दूसरे जिले में ऐसी कार्रवाई हो सकती है। चंद्रशेखर ने कहा कि उनकी कोशिश पहली बार में ही सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर करने की होगी। “जनता घबराएगी नहीं, वोट की चोट से जवाब देगी” चंद्रशेखर ने कहा कि धार्मिक स्थलों और कानून से जुड़े विवादों पर जनता को डरने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक ऐसी कार्रवाइयों से जनता का मनोबल कमजोर होने के बजाय और बढ़ेगा। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता इन मुद्दों का जवाब चुनाव में देगी। उन्होंने कहा, “जनता घबराएगी नहीं, जनता का और मनोबल बढ़ेगा और वह आपको वोट की चोट से जवाब देगी।”

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