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  • सामर्थ्य, स्वाभिमान और सशक्तीकरण…योगी सरकार की ‘मातृशक्ति सम्मान यात्रा’ के मायने

    भारतीय चिंतन ने हमेशा नारी को शक्ति के रूप में देखा है, कमजोरी के तौर पर नहीं. स्वामी विवेकानंद का प्रसिद्ध कथन है कि जिस राष्ट्र में नारी की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं. समाज की प्रगति का मार्गदर्शक सिद्धांत भी यही है और राष्ट्र की समृद्धि भी तभी संभव है, जब उसकी आधी आबादी को स्वावलंबन की दिशा देने के साथ ही सम्मान भी दिया जाए. उत्तर प्रदेश के सामाजिक उत्थान के मूल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच भी यही है कि मातृशक्ति को सशक्त बनाया जाए और लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना इसी की एक कड़ी है.

    लखनऊ में बुधवार को जब मुख्यमंत्री योगी ने इस योजना का का शुभारंभ किया तो यह एक तरह से अपने न्यायप्रिय शासन, करुणा और अपने संकल्प के लिए जानी जाने वाली देवी अहिल्याबाई होलकर को नमन था. योगी सरकार ने 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की माताओं-बहनों को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा देकर देवी अहिल्याबाई को समाज की वरिष्ठ और बुजुर्ग महिलाओं के सम्मान का प्रतीक बना दिया है.

    मातृशक्ति सम्मान की यात्रा के और भी पड़ाव

    योगी सरकार की मातृशक्ति सम्मान की यात्रा के और भी पड़ाव हैं. रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व के अवसर पर, 27 से 29 अगस्त तक, माताएं-बहनें अपने सहयात्री के साथ निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी. योगी सरकार महिलाओं को रक्षाबंधन पर यह सुविधा पहले से देती रही है तो इसके पीछे इस पर्व के प्रति उसका सम्मान भाव है. रक्षाबंधन का धागा भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है. सरकार ने उसी धागे में सुरक्षा और सुविधा को पिरो दिया है.

    कल्पना कीजिए उस वृद्धा का चेहरा, जो वर्षों से किसी पर्व पर अपने भाई के घर इसलिए नहीं जा पाती थी क्योंकि किराया एक बोझ था. अब वही यात्रा उसके लिए स्वाभिमान के साथ संभव है. यह नीति केवल बस के टिकट की छूट नहीं देती, यह बुजुर्ग महिलाओं को यह अहसास कराती है कि राज्य उनकी गरिमा का भागीदार है.

    महिलाओं के साथ सेल्फी

    मातृशक्ति योजना के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब महिलाओं को स्मार्ट कार्ड, बैग, साड़ी और मिठाई भेंट की, तो यह दृश्य आत्मीय था. यह वह भारतीय संस्कार है, जहां देने वाला झुककर देता है और पाने वाला सम्मानित होकर लेता है. विशेष बसों को हरी झंडी दिखाकर, खुद बस में चढ़कर महिलाओं के साथ सेल्फी लेते मुख्यमंत्री की छवि इस बात का प्रमाण है कि यह योजना फाइलों में नहीं, जमीन पर जीवंत है. नेतृत्व जब जनता के बीच जाकर उसकी खुशी में शामिल होता है, तभी शासन और समाज के बीच की दूरी सचमुच मिटती है.

    50 हजार बेटियों को दी जाएगी स्कूटी

    इसी क्रम में सीएम योगी की यह घोषणा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्होंने कहा कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी दी जाएगी. यह योजना केवल एक वाहन देने की बात नहीं है, यह बेटियों की स्वतंत्र गतिशीलता, उनकी शिक्षा तक निर्बाध पहुंच और उनके आत्मविश्वास की कहानी है. जो बेटी कभी दूर के कॉलेज जाने से इसलिए हिचकती थी क्योंकि रास्ता सुरक्षित नहीं लगता था या साधन उपलब्ध नहीं था, अब वह अपनी स्कूटी पर सवार होकर अपने सपनों की दिशा में निकल सकेगी. शिक्षा से आत्मनिर्भरता तक की यह दूरी, यह योजना पाटने का प्रयास करती है.

    सम्मान की सच्ची कसौटी यह है कि हम नारी को कितना अवसर, कितनी सुरक्षा और कितनी स्वतंत्रता प्रदान करते हैं. बिना सामर्थ्य के सम्मान खोखला रह जाता है. जब स्त्री आर्थिक रूप से सक्षम होती है, उसका सम्मान स्वाभाविक रूप से सुदृढ़ होता है, क्योंकि निर्भरता सम्मान को कमजोर करती है और स्वावलंबन उसे मजबूत करता है.

    महिलाओं में चेतना जागृत करने का प्रयास

    योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से ही महिलाओं में यह चेतना जागृत करने का प्रयास किया है कि वे सक्षम हैं. इसी का परिणाम है कि महिलाएं अब चूल्हे से चेक तक, चेक से कारोबार तक और कारोबार से टेक्नोलॉजी तक में भागीदारी निभा रही हैं. यह यात्रा उस दिन से शुरू होती है जब एक महिला पहली बार बैंक खाता खुलवाती है, आगे बढ़ती है जब वह स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपना छोटा व्यवसाय शुरू करती है और समाज के सामने आदर्श बनती है.

    डिजिटल भुगतान करती, ऑनलाइन मार्केटिंग सीखती और तकनीक की भाषा बोलती महिला इस यात्रा का हिस्सा है. उत्तर प्रदेश, जहां लगभग साढ़े 12 करोड़ की जनसंख्या आधी आबादी यानी महिलाओं की है, का स्वरूप अब बदला हुआ है और इसे स्पष्ट देखा जा सकता है.

    सुविधा, सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यात्रा

    सुविधा, सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व की यह यात्रा हमारे मनीषियों के दर्शन को आत्मसात करती है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानववाद यह कहता है कि परिवार और समाज की समग्र उन्नति तभी संभव है जब उसकी हर इकाई, विशेषकर नारी, सशक्त और आत्मनिर्भर हो. हमें स्मरण रखना होगा कि सशक्तीकरण केवल आर्थिक सहायता से नहीं आता, वह गरिमा और अवसर के सम्मिलन से जन्म लेता है.

    स्वरोजगार की योजनाओं से खुला समृद्धि का द्वार

    जब एक वृद्ध महिला बिना किसी आर्थिक बोझ के अपने परिवार से मिलने जा सकती है, जब एक युवा बेटी अपने कॉलेज तक खुद की सवारी पर पहुंच सकती है, तब यह केवल सुविधा नहीं, स्वाभिमान की पुनर्स्थापना है. भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, लक्ष्मी और सरस्वती का प्रतिरूप माना गया है, मतलब शक्ति, समृद्धि और ज्ञान की त्रिवेणी. यह योजनाएं उसी त्रिवेणी को यथार्थ के धरातल पर उतारने का प्रयास हैं. बस यात्रा से बुजुर्ग महिला को शक्ति मिलती है, स्कूटी से बेटी को ज्ञान तक पहुंचने का साधन मिलता है, और स्वरोजगार की योजनाओं से समृद्धि का द्वार खुलता है.

    सुधा मोदी, समाजसेविका और उद्यमी

  • Aaj Ka Mausam: रक्षाबंधन पर दिल्ली में बारिश…. UP-बिहार से लेकर बंगाल तक बरसेंगे बादल, जानें हिमाचल-उत्तराखंड का हाल

    Aaj Ka Mausam: देशभर में इन दिनों मॉनसून के प्रभाव से मूसलाधार बारिश हो रही है. कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वात्तर और दक्षिण के राज्यों में बादल जमकर बरस रहे हैं. पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश का दौर जारी है. इसी बीच मौसम विभाग ने रक्षाबंधन पर भी राज्यों में बारिश की संभावना जताई है. कुछ राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट भी है.

    देश की राजधानी दिल्ली रक्षाबंधन के दिन भीगेगी. दिल्ली में आज आसमान में आमतौर पर बादलों का डेरा जमा रह सकता है और मध्यम बरसात देखने को मिल सकती है. आज राज्य का अधिकतम 35 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रह रह सकता है. कल यानी 29 अगस्त से मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में बारिश की संभावना नहीं है. 29 अगस्त से 02 सितंबर तक दिल्ली में बारिश नहीं होगी.

    पूर्वी यूपी में पड़ सकती हैं बौछारें

    उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी तेज बारिश का सिलसिला जारी है, लेकिन रक्षाबंधन के दिन लोगों को बारिश से राहत मिल सकती है. विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम है. हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. पश्चिमी यूपी की तुलना में पूर्वांचल में बारिश की गतिविधियां ज्यादा दिख सकती हैं.

    बिहार-झाऱखंड में आंधी-बारिश

    बिहार में रक्षाबंधन के दिन मौसम के तेवर सख्त रहने वाले हैं. आज राज्य के 20 जिलों में बारिश का ऑरेंज और बाकी 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. राज्य में तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है. मौसम विभाग ने त्योहार के दिन आज झारखंड के कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई है. इस दौरान 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है.

    इन राज्यों में भी अलर्ट

    राजस्थान के झुंझुनू, टोंक, बारां, बूंदी, दौसा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बाड़मेर, अलवर, झालावाड़, जैसलमेर, करौली, उदयपुर, सवाई माधोपुर, बारां और जयपुर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है. मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है. पंजाब के कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. हरियाणा के नौ जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, केरल अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है.

    पहाड़ों पर कैसा रहेगा मौसम?

    उत्तराखंड के बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल,उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल, ऋषिकेश और रुद्र प्रयाग में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू, शिमला, किन्नौर, सोलन और मंडी में भारी बारिश हो सकती है. जम्मू कश्मीर के कई जिलों में आज भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है.

  • Ankit Baliyan Murder Case: कबड्डी का खिलाड़ी कैसे बना सिंगर? ऐसे चमका था अंकित बालियान का सितारा, 20 से ज्यादा गाने थे पाइपलाइन में

    Haryanvi Singer Ankit Baliyan: उत्तर प्रदेश के शामली के बंतीखेड़ा गांव से निकलकर हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाले की 26 अगस्त की शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई. कभी कबड्डी के मैदान पर अपना भविष्य तलाशने वाले अंकित ने चोट के बाद खेल छोड़कर फिटनेस और फिर संगीत की दुनिया में कदम रखा था. कुछ ही वर्षों में वह सिंगर के साथ एक्टर, गीतकार, कंपोजर और म्यूजिक प्रोड्यूसर के तौर पर पहचान बनाने लगे थे. परिवार के मुताबिक, उनके 20 से ज्यादा नए गानों पर काम चल रहा था और वह बॉलीवुड में कदम रखने की तैयारी में थे.

    अंकित ने अपने करियर की शुरुआत संगीत से नहीं, बल्कि कबड्डी से की थी. करीब 2013-14 तक वह प्रदेश स्तर पर कबड्डी खेलते रहे. दिल्ली, भोपाल समेत कई शहरों में आयोजित प्रतियोगिताओं में उन्होंने हिस्सा लिया. इसी दौरान पैर में गंभीर चोट और फ्रैक्चर के बाद उनका खेल करियर रुक गया. इसके बाद उन्होंने जिम और फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया. इसी दौरान संगीत के प्रति उनका रुझान बढ़ा और करीब 2022 में उन्होंने हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में सक्रिय रूप से काम शुरू किया.

    सिंगिंग से प्रोडक्शन तक बनाई पहचान

    अंकित ने जल्द ही अपनी अलग पहचान बना ली. वह गायन के साथ एक्टिंग, गीत लेखन, कंपोजिंग और म्यूजिक प्रोडक्शन में भी सक्रिय रहे. मासूम शर्मा समेत कई चर्चित कलाकारों के साथ उन्होंने प्रोजेक्ट किए. एक खटोला जेल के भीतर, भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान, 112 NE, जाट जाटनी, मोदी बरगा रुतबा, गोली के बारूद, सिस्टम और अगला जनम जाट जैसे गानों से उन्हें पहचान मिली. उनके कई गानों को YouTube पर लाखों और करोड़ों व्यूज मिले.

    बॉलीवुड और राजनीति में जाने की थी तैयारी

    अंकित के परिवार के अनुसार वह आने वाले समय में बॉलीवुड में भी काम करने की तैयारी कर रहे थे. कुछ कलाकारों के साथ बातचीत चलने की बात सामने आई थी. इसके अलावा वह राजनीति में भी कदम रखने की योजना बना रहे थे और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी में थे. हत्या के वक्त भी उनके 20 से अधिक नए गानों पर काम चल रहा था.

    जिम से निकलते ही बरसाई गोलियां

    26 अगस्त की शाम अंकित शामली के आर्यपुरी इलाके में स्थित जिम से बाहर निकले थे. इसी दौरान हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. हत्या के बाद मामले में अलग-अलग दावों ने जांच को और पेचीदा कर दिया है. एक कथित सोशल मीडिया वीडियो में भूपेंद्र ढींगरा नाम के शख्स ने खुद जिम में हुए विवाद का दावा करते हुए हत्या करवाने की बात कही. इससे पहले गोगी गैंग से जुड़े भोलू शाहपुरिया की ओर से भी हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था. इन दावों की पुलिस जांच कर रही है.

    तीन जिलों की पुलिस और STF जांच में जुटी

    हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर पुलिस की कई टीमें दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दबिश दे रही हैं. मामले के खुलासे के लिए उत्तर प्रदेश STF को भी जांच में लगाया गया है. पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या अन्य किसी वजह समेत सभी संभावित एंगल की जांच कर रही है.

    पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार

    अंकित का अंतिम संस्कार देर शाम उनके पैतृक गांव में गमगीन माहौल में किया गया. पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, सपा विधायक पंकज मलिक समेत कई जनप्रतिनिधि अंतिम संस्कार में पहुंचे. परिजन आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करे, अन्यथा वे खुद कार्रवाई करने को मजबूर होंगे. पुलिस ने फिलहाल जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर फोकस किया है.

  • Ankit Baliyan Murder case: 4 शूटर, 12 राउंड फायरिंग… CCTV में कैद अंकित बालियान के कातिल, 30 सेकंड में गोलियां बरसाकर पैदल भागे

    Ankit Baliyan CCTV Footage: उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर की हत्या से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आया है. फुटेज में हमलावर अंकित की गाड़ी को घेरकर उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते नजर आ रहे हैं. गोलीबारी के बाद आरोपी हथियार हवा में लहराते हुए पैदल ही मौके से निकल जाते हैं. फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास अफरा-तफरी मच गई. जिम के अंदर मौजूद लोग बाहर आए, लेकिन हमलावरों के सामने किसी ने तत्काल अंकित के पास जाने की हिम्मत नहीं की.

    CCTV फुटेज में दिखाई देता है कि अंकित पर हमला बेहद कम समय में किया गया. हमलावरों ने जिम के बाहर उनकी गाड़ी को घेरकर गोलियां चलाईं और इसके बाद हथियार लेकर पैदल ही वहां से निकल गए. फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. जिम के अंदर मौजूद लोग भी गोली चलने की आवाज सुनकर बाहर आए. हालांकि, सामने हथियार लिए हमलावरों को देखकर लोग दूरी बनाए रहे. हमलावरों के मौके से निकल जाने के बाद ही लोग अंकित की तरफ बढ़े.

    जमीन पर खून से लथपथ मिले अंकित

    हमलावरों के जाने के बाद स्थानीय लोग अंकित के पास पहुंचे. CCTV में वह जमीन पर खून से लथपथ नजर आते हैं. लोगों ने उन्हें संभालने और मदद पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. इस वारदात ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया.

    पुलिस की शुरुआती जांच में चार शूटरों के शामिल होने की बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने करीब 12 राउंड फायरिंग की. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शूटर हरियाणा की तरफ से आए थे या किसी दूसरे रास्ते से शामली पहुंचे थे और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए.

    हत्याकांड की जांच में CCTV फुटेज को अहम कड़ी माना जा रहा है. पुलिस अलग-अलग स्थानों पर लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों के आने और भागने का पूरा रूट पता लगाया जा सके. इसके साथ ही तकनीकी इनपुट और संदिग्धों की लोकेशन को भी जांच से जोड़ा जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में संदिग्धों की लोकेशन मिलने के बाद STF और शामली पुलिस की SWAT टीम भी सक्रिय है. टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.

    सोशल मीडिया के दावों की भी जांच

    अंकित की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं. इनमें अलग-अलग लोगों की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने के दावे किए जा रहे हैं. गोगी गैंग की ओर से भी जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया है. हालांकि पुलिस इन सभी दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है.

    जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो और पोस्ट का आपस में कनेक्शन तलाश रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कौन सा दावा वास्तविक है और कौन पुलिस को गुमराह करने के लिए किया गया है.

    फिलहाल CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और सोशल मीडिया पर सामने आए दावों के आधार पर पुलिस हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी की दिशा में आगे बढ़ रही है. अब जांच का अहम सवाल यही है कि CCTV में दिखाई दे रहे चार हमलावरों तक पुलिस कब तक पहुंचती है.

  • UP से नेपाल बॉर्डर तक पहुंचना होगा आसान, चलेंगी 2 एक्सप्रेस और 2 पैसेंजर ट्रेनें, जानें रूट और टाइमिंग

    Bahraich Nepal Train Service: इस महीने की 31 तारीख को उत्तर प्रदेश के बहराइट से नेपाल बॉर्डर तक ट्रेन चलेगी. इसी के साथ नेपाल के लिए ट्रेनों का इंतजार समाप्त हो जाएगा. 31 अगस्त को सांसद डॉक्टर आनंद गोंड बरराइच से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रावाना करेंगे. वहीं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव विस्तारित इस रेल कनेक्टीविटी का शुभारंभ वर्चुअली करेंगे. शुरुआत में इस रूट पर चार ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है.

    इन चार ट्रनों में दो एक्सप्रेस और दो पैसेंजर ट्रेनें हैं. ट्रेनों की ये सुविधा इस जिले के रहवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि नेपाल में रहने वाले लोगों के लिए भी लाभदायक सिद्ध होगी. सांसद आनंद गोंड ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बहराइच के लोगोंं को ये सौगात दी है. उनकी इस सौगात से बहराइच की रेल कनेक्टिविटी को नया विस्तार मिला है.

    सांसद आनंद गोंड ने क्या बताया?

    सांसद ने बताया कि बहराइच-नेपालगंज रोड रेल खंड आमान परिवर्तन और विद्युतीकरण का काम पूरा हो चुका है. नवनिर्मित रेलवे स्टेशन नेपालगंज रोड, बाबागंज, नानपारा, मटेरा, रिसिया और बहराइच से 31 अगस्त से ट्रेनें चलनी शुरू हो जाएंगी. ब्रॉडगेज के बाद चार प्रमुख ट्रेनें प्रस्वावित और स्वीकृत की गई हैं.

    क्या रहेगी ट्रेनों की टाइमिंग?

    14214 डाउन नेपालगंज रोड-वारणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह चार बजे नेपालगंज रोड से रवाना होगी. ये ट्रेन दोपहर में 01 बजकर 35 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी. वापसी में 14213 अप वाराणसी से दोपहर दो बजे चलेगी और रात के 11 बजे नेपालगंज रोड पहुंचेगी. इसी तरह 15131 और 15132 नेपालगंज रोड-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस और गोंडा से नेपालगंज रोड के लिए दो मेमू/ पैसेंजर ट्रेनें संचालित की जाएंगी.

    गाड़ी संख्या 7510975110 और 7511175112 सुबह पांच बजे और दोपहर 12.30 बजे से संचालित होगी. सांसद आनंद गोंड ने कहा कि इससे बहराइच से वाराणसी, गोंडा की सीधी कनेक्टीविटी होगी. साथ ही जिले के विकास को और अधिक गति मिलेगी.

  • जालौन के इस गांव में रक्षाबंधन पर मातम: कुएं में डूब रहा था छोटा भाई, बचाने कूदा बड़ा भाई; दोनों की मौत

    जालौन के कैलिया थाना क्षेत्र के करियावली गांव में शुक्रवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया. खेत में बने करीब 60 फीट गहरे कुएं में डूबने से दो भाइयों की मौत हो गई. दोनों भाई कुएं में लगी मोटर निकालने के लिए उतरे थे. पहले छोटा भाई गहरे पानी में डूबने लगा. उसे बचाने के लिए बड़ा भाई भी कुएं में उतर गया, लेकिन दोनों पानी में समा गए. हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में मातम छा गया.

    करियावली गांव निवासी फूल सिंह कुशवाहा (65) और उनके छोटे भाई राम लखन कुशवाहा (55) का गांव के किनारे खेत है. खेत में सिंचाई के लिए करीब 60 फीट गहरा कुआं बना हुआ है. कुएं में पानी खींचने के लिए मोटर लगी थी.

    पिछले दिनों हुई बारिश के कारण कुएं में पानी का स्तर काफी बढ़ गया था. पानी बढ़ने से मोटर डूबने लगी थी. शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे दोनों भाई मोटर निकालने के लिए कुएं के पास पहुंचे.

    रस्सी के सहारे कुएं में उतरा था छोटा भाई

    जानकारी के मुताबिक, रक्षाबंधन के दिन राम लखन कुशवाहा मोटर निकालने के लिए रस्सी के सहारे कुएं में उतरे. वह मोटर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक गहरे पानी में डूबने लगे.

    छोटे भाई को मुश्किल में देखकर फूल सिंह उन्हें बचाने के लिए कुएं में उतर गए. हालांकि, कुएं में पानी अधिक गहरा होने के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं सके. देखते ही देखते दोनों भाई पानी में डूब गए.

    ग्रामीणों की भीड़ जुटी, पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची

    हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते कुएं के पास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई. ग्रामीणों ने दोनों भाइयों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया और पुलिस को सूचना दी.

    सूचना मिलने पर कैलिया थानाध्यक्ष अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. डायल-112 और फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया. बचाव दल ने ग्रामीणों की मदद से कुएं में उतरकर दोनों भाइयों की तलाश शुरू की.

    काफी प्रयास के बाद दोनों के शवों को कुएं से बाहर निकाला जा सका. हादसे के बाद मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था.

    पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए दोनों शव

    पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में घटना दुर्घटनावश हुई है. मौके पर किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है.

    एक ही परिवार के दो भाइयों की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर है. रक्षाबंधन के दिन हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं. ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच गहरा लगाव था और खेत से जुड़े काम वे अक्सर साथ मिलकर करते थे.

  • हरदोई में मकान के अंदर मिला हैंड ग्रेनेड…लोगों में फैली दहशत; गांव पहुंची पुलिस

    Hardoi Hand Grenade Found: उत्तर प्रदेश के हरदोई के हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के जोधनपुरवा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक घर के अंदर पॉलीथिन में लिपटा संदिग्ध हैंड ग्रेनेड मिला. इसकी सूचना पुलिस को दी गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. हैंड ग्रेनेड गांव के रहने वाले सतीश के घर के अंदर मिला. विस्फोटक को देखते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई.

    हैरानी की बात यह रही कि कुछ लोग खतरे से अनजान होकर हैंड ग्रेनेड को देखने और उसके आसपास जुटने लगे. जानकारी के अनुसार, रात में किसी अज्ञात व्यक्ति ने पॉलीथिन सतीश के घर के अंदर फेंकी थी, जिसे सामान्य सामान समझकर बाहर कर दिया गया था. सुबह पैकेट खुलने पर अंदर खतरनाक वस्तु देखकर परिवार के होश उड़ गए. फिर पुलिस को इसकी सूचना दी गई. इसके बाद डायल-112 पुलिस करीब 10 मिनट में मौके पर पहुंची.

    सीओ प्रवीण कुमार यादव ने क्या बताया?

    इसके बाद इलाके को सुरक्षित करने की कार्रवाई शुरू की गई. वहीं पुलिस ने ग्रामीणों को संदिग्ध वस्तु से दूर रहने की हिदायत दी और मामले की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को सूचना दी. सीओ प्रवीण कुमार यादव ने बताया कि डायल-112 पुलिस को गांव में हैंड ग्रेनेड मिलने की सूचना मिली थी. इसके बाद बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर हैंड ग्रेनेड की जांच और उसे निष्क्रिय करने की कार्रवाई में जुटा है.

    हैंड ग्रेनेड घर के अंदर कैसे पहुंचा और इसे किसने फेंका?

    प्रवीण कुमार यादव ने प्रवीण कुमार यादव ने कहा कि ये बड़ा सवाल है कि आखिर यह हैंड ग्रेनेड घर के अंदर कैसे पहुंचा और इसे किसने फेंका? पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. ग्रामीणों के आरोपों और पुरानी रंजिश के एंगल की भी जांच की जा रही है. फिलहाल फायर ब्रिगेड को भी घटना की जानकारी दे दी गई है और उनकी टीम हरपालपुर कोतवाली पहुंच गई है, जहां हैंड ग्रेनेड को रखा गया है.

  • कहीं बस पिलर से टकराई, कहीं डंपर से भिड़ी… रक्षाबंधन के दिन UP अलग-अलग सड़क हादसों में 5 की मौत

    Lucknow News: रक्षाबंधन के त्योहार पर जब भाई-बहन एक-दूसरे से मिलने के लिए घरों से निकल रहे थे, उसी दौरान उत्तर प्रदेश में कई सड़क हादसों ने खुशियों को मातम में बदल दिया. आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बस हादसे में चालक और एक महिला यात्री की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए. वहीं बुलंदशहर में रोडवेज बस डंपर से टकरा गई, जिसमें एक बच्ची समेत दो लोगों की मौत और करीब 20 यात्रियों के घायल हो गए. मुरादाबाद में मायके राखी बांधने जा रही महिला की कंटेनर की चपेट में आने से मौत हो गई. इस तरह इन हादसों में कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए.

    आजमगढ़: पिकअप को बचाने में पिलर से टकराई रोडवेज बस

    आजमगढ़ में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर गुरुवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हुआ. लखनऊ से बलिया जा रही बेल्थरा रोड डिपो की रोडवेज बस पिकअप वाहन को बचाने के प्रयास में एक्सप्रेसवे किनारे बने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पिलर से टकरा गई. बताया गया कि हादसा एक्सप्रेसवे पर स्टोन नंबर 191 के पास हुआ. बस लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए बलिया जा रही थी. इसी दौरान आगे चल रहे पिकअप वाहन की गति अचानक अनियंत्रित हो गई. पिकअप को बचाने की कोशिश में बस चालक ने बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन बस अनियंत्रित होकर पिलर से जा टकराई. टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

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    चालक और महिला यात्री की मौत, कई यात्री घायल

    हादसे की सूचना मिलने के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस टीम और पवई थाना पुलिस मौके पर पहुंची. राहतकर्मियों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया. हादसे में बस चालक और एक महिला यात्री की मौत हो गई. करीब दो दर्जन यात्री घायल हो गए. इनमें कुछ घायलों की हालत गंभीर है. गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया.

    मुरादाबाद: भाइयों को राखी बांधने जा रही महिला की मौत

    मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र में रक्षाबंधन के दिन एक महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई. बिजनौर जिले के मंडावर थाना क्षेत्र के भीकनपुर गांव की रहने वाली पूनम त्यागी अपने पति बिरजू त्यागी के साथ बाइक से मुरादाबाद स्थित मायके जा रही थीं. डींगरपुर-पाकबड़ा मार्ग पर एक एलपी कंटेनर वाहन की चपेट में आने से पूनम की मौत हो गई, जबकि उनके पति घायल हो गए. हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. पूनम अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए मायके जा रही थीं.

    परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

    हादसे के बाद मृतका के भाइयों रिंकू त्यागी और विजय त्यागी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. परिजनों का आरोप है कि घटनास्थल पुलिस चौकी से कुछ दूरी पर था, इसके बावजूद आरोपी वाहन और चालक को पकड़ने में तत्काल कार्रवाई नहीं की गई. परिजनों का यह भी आरोप है कि उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. उनका कहना है कि उन्होंने कुछ समय रुकने का अनुरोध किया था, लेकिन पुलिस ने उनकी बात नहीं मानी. परिजनों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने और आरोपी वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

    बुलंदशहर: डंपर से टकराई रोडवेज बस

    बुलंदशहर में भी रक्षाबंधन से पहले NH-34 पर बड़ा हादसा हुआ. खुर्जा क्षेत्र में बधरई कट के पास एक रोडवेज बस आगे चल रहे डंपर से टकरा गई. हादसा रात करीब 11:30 बजे हुआ. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे में 7 वर्षीय राधिका और 35 वर्षीय बबली की मौत हो गई. बताया गया कि बबली ने इलाज के दौरान दम तोड़ा. करीब 20 यात्री घायल हो गए. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. घायलों को आसपास के अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया.

    त्योहार से पहले कई परिवारों में पसरा मातम

    रक्षाबंधन के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घर और रिश्तेदारों के यहां जाने के लिए सफर कर रहे थे. ऐसे में सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं. पुलिस और प्रशासन की ओर से सभी मामलों में हादसों के कारणों की जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी के आधार पर अलग-अलग कारण सामने आए हैं, लेकिन दुर्घटनाओं की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.

    (इनपुट- शारिक सिद्दीकी-मुरादाबाद/अवनीश उपाध्याय-आजमगढ़/सुमित शर्मा- बुलंदशहर)

  • Firozabad News: बाबा नीम करौली की जन्मस्थली पर संपत्ति विवाद, 6 पोतियां पहुंचीं DM के पास; ट्रस्ट बोला- सब कानूनी

    Baba Neem Karoli: देश-दुनिया में करोड़ों श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक पहचान रखने वाले बाबा नीम करौली महाराज की जन्मस्थली को लेकर विवाद सामने आया है. उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसील के अकबरपुर गांव स्थित बाबा की पैतृक संपत्ति के अधिकार और प्रबंधन को लेकर परिवार और ट्रस्ट आमने-सामने हैं. बाबा नीम करौली महाराज के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा को प्रार्थना पत्र देकर पैतृक मकान, मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों के अधिकार की जांच कराने की मांग की है.

    परिवार ने श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट पर संपत्ति के प्रबंधन और संचालन में दखल का आरोप लगाया है. वहीं, ट्रस्ट ने परिवार के आरोपों को गलत बताया है. ट्रस्ट का कहना है कि बाबा का घर, मंदिर और डाक बंगला कानूनी प्रक्रिया के तहत ट्रस्ट को दिया गया है. ऐसे में अब प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

    6 पोतियों ने उठाया संपत्ति के अधिकार का सवाल

    बाबा नीम करौली महाराज के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत हैं. इन सभी ने प्रशासन के सामने पैतृक संपत्ति के अधिकार से जुड़ा मामला उठाया है. परिवार का कहना है कि अकबरपुर गांव में स्थित बाबा के पैतृक मकान और उससे जुड़ी संपत्तियों को ट्रस्ट को दान किए जाने का कोई स्पष्ट आधार उनके संज्ञान में नहीं है.

    इसके बावजूद ट्रस्ट से जुड़े लोगों द्वारा वहां बने मकान और पूजा स्थलों का संचालन किया जा रहा है. परिजनों ने मांग की है कि राजस्व अभिलेखों, संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि संपत्ति का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और ट्रस्ट को वहां संचालन का अधिकार किस आधार पर मिला.

    DM ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई

    परिवार की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है. कमेटी की अध्यक्षता एडीएम (न्यायिक) अरविंद द्विवेदी करेंगे. कमेटी में एसडीएम टूंडला दिव्या सिंह और जिला पर्यटन अधिकारी विशाल श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया है. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि जांच के दौरान मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुना जाएगा. कमेटी राजस्व रिकॉर्ड, स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, ट्रस्ट से संबंधित कागजात और संपत्ति के हस्तांतरण से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी. दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

    परिवार ने प्रशासन की निगरानी में प्रबंधन का सुझाव दिया

    परिवार की ओर से जन्मस्थली के प्रबंधन को लेकर भी प्रशासन के सामने सुझाव रखा गया है. भावना रावत के पति मनोज रावत भी मुंबई से फिरोजाबाद पहुंचे और जिलाधिकारी के सामने परिवार का पक्ष रखा. परिवार का कहना है कि बाबा नीम करौली की जन्मस्थली धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है. यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु आते हैं और आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है. ऐसे में परिवार ने सुझाव दिया है कि जन्मस्थली के संरक्षण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और संपत्ति के प्रबंधन के लिए प्रशासन की निगरानी में पारदर्शी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए.

    14 अगस्त को अकबरपुर पहुंचा था परिवार

    परिजनों के अनुसार, छहों बहनें अपनी मां की पुण्यतिथि के अवसर पर 14 अगस्त को अकबरपुर पहुंची थीं. इसी दौरान उन्होंने पैतृक संपत्ति और उससे जुड़े अधिकारों को लेकर जानकारी जुटाई. इसके बाद परिवार की ओर से इस मामले को प्रशासन के सामने रखने का फैसला किया गया. 21 अगस्त को परिवार ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर संपत्ति के अधिकार और प्रबंधन की जांच की मांग की. परिवार का कहना है कि वह दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना चाहता है.

    ट्रस्ट ने परिवार के आरोपों को बताया गलत

    दूसरी ओर, श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट ने परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल का कहना है कि बाबा का घर, मंदिर और डाक बंगला कानूनी तौर पर ट्रस्ट को दिया गया है. ट्रस्ट का कहना है कि वह लंबे समय से इन स्थानों की देखरेख कर रहा है. वहां धार्मिक गतिविधियों का संचालन किया जाता है. ट्रस्ट के अनुसार, इन संपत्तियों का निजी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है.

    ट्रस्ट के मुताबिक, बाबा नीम करौली की पत्नी रामबेटी ने वर्ष 1996 में श्री ठाकुर हनुमानजी ट्रस्ट का गठन किया था. वर्तमान में ट्रस्ट में 18 सदस्य बताए गए हैं. बाबा की बेटी गिरजा भटेले को ट्रस्ट का अध्यक्ष बताया गया है. ट्रस्ट का कहना है कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और कानूनी स्थिति जांच के दौरान सामने रखी जा सकती है.

    कौन थे बाबा नीम करौली महाराज?

    बाबा नीम करौरी महाराज को देश और विदेश में एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक संत के रूप में जाना जाता है. उनका वास्तविक नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा बताया जाता है. परिवार के अनुसार, उनका जन्म करीब वर्ष 1900 में फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में हुआ था. बाबा के परिवार में दो पुत्र बताए जाते हैं. इनमें बड़े पुत्र अनेग सिंह शर्मा और छोटे पुत्र धर्म नारायण शर्मा थे. वहीं एक पुत्री गिरजा भाटेले (गिरजा शर्मा) हैं. अनेग सिंह शर्मा के एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियां हैं. धर्म नारायण शर्मा वन विभाग में रेंजर थे.

    अकबरपुर स्थित पैतृक मकान को बाबा की जन्मस्थली और उनके शुरुआती जीवन से जुड़ा स्थान माना जाता है. परिवार के अनुसार, मकान में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली भी बनी हुई है. मकान के कुछ हिस्सों में पुजारियों के रहने की व्यवस्था होने की बात भी सामने आई है.

    कैंची धाम से जुड़ी है बाबा की पहचान

    बाबा नीम करौली महाराज की सबसे ज्यादा पहचान उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम से जुड़ी है. कैंची धाम आज देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है. बताया जाता है कि बाबा ने 1960 के दशक में कैंची में आश्रम की स्थापना की थी. इसके बाद कैंची धाम उनकी आध्यात्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन गया.

    यही वजह है कि अकबरपुर को बाबा की जन्मस्थली और कैंची धाम को उनकी प्रमुख कर्मभूमि के रूप में देखा जाता है. अकबरपुर की पैतृक संपत्ति को लेकर सामने आया विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह बाबा के शुरुआती जीवन और उनकी विरासत से जुड़ा हुआ है.

    संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे

    फिलहाल इस मामले में परिवार और ट्रस्ट के दावे अलग-अलग हैं. परिवार का कहना है कि पैतृक मकान और उससे जुड़ी संपत्ति को ट्रस्ट को दिए जाने का स्पष्ट आधार उनके सामने नहीं है. वहीं ट्रस्ट का दावा है कि घर, मंदिर और डाक बंगला कानूनी तौर पर ट्रस्ट को दिया गया है. ऐसे में संपत्ति के वास्तविक अधिकार का फैसला मौजूदा दावों के आधार पर नहीं, बल्कि संबंधित दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही हो सकेगा.

  • राखी की थाली लेकर निकली यशी, अचानक धंस गया आंगन… 22 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर मौत

    Kanpur News: रक्षाबंधन के त्योहार पर कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में दर्दनाक हादसा हो गया. यहां घर के आंगन में अचानक जमीन धंसने से यशी सविता (18) करीब 20 से 22 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी. हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई. कई घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद यशी को बाहर निकाला गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

    पूजा की थाली लेकर निकली थी यशी

    परिजनों के मुताबिक, रक्षाबंधन के दिन घर में त्योहार की तैयारियां चल रही थीं. यशी पूजा की थाली लेकर घर से बाहर आंगन की तरफ निकली थी. बताया जा रहा है कि वह बाथरूम से निकलकर अपने माता-पिता को बुलाने जा रही थी. इसी दौरान अचानक आंगन की जमीन धंस गई. देखते ही देखते यशी मिट्टी के साथ गहरे गड्ढे में समा गई. घटना के बाद परिवार के लोगों ने शोर मचाया. यशी को बचाने के लिए आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए.

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    करीब 20 से 22 फीट गहरा था गड्ढा

    हादसे की सूचना मिलते ही महाराजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड की टीम को भी बुलाया गया. शुरुआत में ग्रामीणों ने अपने स्तर पर युवती को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन गड्ढा काफी गहरा होने के कारण रेस्क्यू में मुश्किल आई. बाद में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. टीमों ने बेहद सावधानी के साथ गड्ढे के आसपास खुदाई की, ताकि मिट्टी दोबारा न धंसे और युवती तक सुरक्षित पहुंचा जा सके.

    22 फीट तक खुदाई के बाद निकाली गई यशी

    रेस्क्यू टीमों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद करीब 22 फीट तक खुदाई की. इसके बाद यशी को गड्ढे से बाहर निकाला गया. उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. यशी की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. रक्षाबंधन के दिन हुए इस हादसे से पूरे गांव में मातम पसर गया.

    3 साल पहले कराई गई थी बोरिंग

    परिजनों ने बताया कि करीब तीन साल पहले घर के आंगन में बोरवेल के लिए बोरिंग कराई गई थी. वहां काम सफल नहीं हुआ तो बाद में घर के बाहर दूसरी जगह बोरिंग कराई गई. परिवार को आशंका है कि पुराने बोरिंग वाले हिस्से की जमीन अंदर से कमजोर हो गई थी. हाल में हुई तेज बारिश के बाद मिट्टी और कमजोर हुई और अचानक जमीन धंस गई. हालांकि, जमीन धंसने की सही वजह अभी स्पष्ट नहीं है. इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.

    बहन ने बताया कैसे हुआ हादसा?

    यशी की बहन रुचि ने बताया कि यशी मम्मी-पापा को बुलाने के लिए पूजा की थाली लेकर घर से निकली थी. इसी दौरान आंगन की मिट्टी अचानक धंस गई और यशी गड्ढे में गिर गई. घटना के बाद परिवार के लोगों ने मदद के लिए आवाज लगाई. शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए. देखते ही देखते घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई.

    रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं

    रक्षाबंधन के त्योहार पर जहां घर में खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं. यशी की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पुलिस और प्रशासन की टीम हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है. शुरुआती तौर पर पुराने बोरिंग और बारिश के कारण जमीन कमजोर होने की आशंका जताई जा रही है. हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी.