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  • हिमाचल: मणिमहेश का वो रहस्य, जिसे आज भी नहीं भूले लोग… कैलाश की ओर बढ़ा था गड़रिया, फिर पत्थर बनने की कहानी

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    हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में कई ऐसी जगहें हैं, जहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। चारों तरफ ऊंची चोटियां, सामने बर्फ से ढका पहाड़ और बीच में शांत मणिमहेश झील। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं होती, बल्कि भगवान शिव के दरबार तक पहुंचने जैसा अनुभव होता है।

    मणिमहेश कैलाश को लेकर कई कहानियां स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच सुनने को मिलती हैं। इनमें एक कथा ऐसी भी है, जो बरसों से लोगों की जुबान पर है। कहानी एक गड़रिये की है, जिसने कैलाश की चोटी की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी। कहा जाता है कि इसके बाद जो हुआ, उसे लोग आज भी मणिमहेश की रहस्यमयी मान्यता से जोड़कर देखते हैं।

    आज भी कुछ प्राकृतिक चट्टानों और पहाड़ी आकृतियों को इसी कथा से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, इस कहानी की पुष्टि करने वाला कोई वैज्ञानिक या ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह पीढ़ियों से चली आ रही लोकमान्यता है।

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  • जम्मू-कश्मीर से मणिमहेश यात्रा के लिए पहला जत्था पहुंचा:श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा पर निकले, चंबा में आस्था का अनूठा संगम; कल होगा रवाना

    उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर से शिव भक्तों के जत्थे भरमौर पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में, पहला जत्था आज दोपहर भरमौर के 84 परिसर पहुंचा। यहां पूजा-अर्चना के बाद यह जत्था कल मणिमहेश के लिए रवाना होगा। हर साल सैकड़ों शिव भक्त इस यात्रा में शामिल होने के लिए भरमौर आते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से आए इन श्रद्धालुओं की यात्रा आस्था और भक्ति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है। कई भक्त भरमौर पहुंचने के बाद मणिमहेश डल झील तक का सफर नंगे पांव तय करते हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों, चढ़ाई और मौसम की चुनौतियों के बावजूद, उनके कदम भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ आगे बढ़ते रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को आराध्य मानते हैं और स्वयं को माता पार्वती के वंशज से जोड़कर देखते हैं। इसी आस्था के चलते वे भगवान शिव को अपना जमाई मानते हैं। मान्यता है कि सर्दियों के आगमन से पहले भगवान भोलेनाथ को जम्मू-कश्मीर आने का निमंत्रण देने और उन्हें अपने क्षेत्र में आने का आग्रह करने की धार्मिक परंपरा से भी इस यात्रा को जोड़ा जाता है। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगे जम्मू-कश्मीर से आने वाले श्रद्धालुओं का भरमौर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों के साथ आत्मीय मिलन भी देखने को मिलता है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था श्रद्धालुओं का कहना है कि मणिमहेश यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। कठिन रास्ते की हर चुनौती उनके उत्साह को और बढ़ाती है। जम्मू-कश्मीर से पहुंचे इन शिव भक्तों के जत्थों से भरमौर और मणिमहेश यात्रा क्षेत्र का धार्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया है।
  • कानपुर की 10 बड़ी खबरें, VIDEO में:25 फीट गड्ढे में गिरी लड़की, 7 घंटे बाद मौत; बस में मुफ्त सफर के लिए महिलाओं में धक्का-मुक्की

    कानपुर की आज (शुक्रवार) की 10 बड़ी खबरें…बारिश के बीच घर का आंगन 25 फीट धंसने से उसमें लड़की गिर गई। 7 घंटे फंसी रहने के बाद उसकी मौत हो गई। रक्षाबंधन पर मुफ्त सफर के ऐलान से बस स्टैंड पर महिलाएं बसों में धक्का-मुक्की कर चढ़ सकीं। बोलीं-इससे अच्छा तो पैसे देकर जाते। RTO में छापेमारी के बाद 2 बाबू सस्पेंड किए गए। वाहन बेचने के बहाने लोगों को फंसाने वाला अरेस्ट। जाजमऊ-रामादेवी सर्विसलेन सड़क धंस गई। 5 मीटर लंबा और 4 फीट गहरा गड्ढा होने से वाहन चालकों को परेशानी हुई।क्रैश विमान की जांच करने के लिए डीजीसीए और AAIB की टीम पहुंची। ट्रेनी पायलट का शव देखते ही माता-पिता बदहवास हो गए। ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…।
  • हिमाचल की महिला को जीरकपुर में कार चालक ने उड़ाया, टक्कर से 20 मीटर दूर तक घिसटती गई 

    हिमाचल की महिला को जीरकपुर में कार चालक ने उड़ाया, टक्कर से 20 मीटर दूर तक घिसटती गई 

    दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया, 15 साल की बेटी और 9 साल का है बेटा

    मोहाली/कांगड़ा। चंडीगढ़ से सटे मोहाली के जीरकपुर में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने हिमाचल प्रदेश के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में हिमाचल की रहने वाली महिला देविंदर कौर की दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी बहन के साथ ढकोली इलाके में ढाबा चलाती थीं और पास ही स्थित अपने होटल का काम भी संभालती थीं। देर रात ढाबा बंद करने के बाद वह पैदल होटल की ओर जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला कार के बोनट पर जा गिरीं और हवा में उछलने के बाद सड़क पर आ गिरीं। इसके बाद वह कई पलटियां खाते हुए करीब 20 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गईं। 

    बताया जा रहा है कि देविंदर कौर अपनी बहन प्रीति के साथ जीरकपुर के ढकोली क्षेत्र में ‘पिंड पंजाबी ढाबा’ चलाती थीं। ढाबे के सामने ही एन्क्लेव में उनका ‘पाकीजा होटल’ भी है। 22 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे देविंदर कौर ढाबा बंद करने के बाद पैदल होटल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान सड़क पार करते वक्त एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत महिला की मदद के लिए दौड़े।

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    हादसे से जुड़ा करीब 17 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। वीडियो में हाईवे पर वाहन गुजरते दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक कार तेज गति से आती है और सड़क पर जा रही महिला को जोरदार टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही देविंदर कौर कार के बोनट पर जा गिरती हैं और जोरदार झटके के कारण हवा में उछल जाती हैं। इसके बाद वह सड़क पर गिरती हैं और कई बार पलटियां खाते हुए करीब 20 मीटर तक घिसटती चली जाती हैं। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचते हैं। महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    परिजनों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि देविंदर कौर के शरीर की कई हड्डियां टूट गई थीं। परिवार का आरोप है कि कार काफी तेज रफ्तार में थी और चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। परिजनों ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में चालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। 

    हादसे के बाद कार चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ वाहन की गति, चालक की भूमिका और घटनास्थल से सामने आए वीडियो सहित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    देविंदर कौर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जलाड़ी की रहने वाली थीं। वह मदन सिंह की बेटी थीं। रोजगार के सिलसिले में वह जीरकपुर में रह रही थीं और अपनी बहन के साथ मिलकर ढाबा व होटल का काम संभाल रही थीं। परिवार के अनुसार देविंदर कौर के दो बच्चे हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी मंजोत और 9 वर्षीय बेटा प्रभनूर है। मां की अचानक मौत के बाद दोनों बच्चों समेत पूरा परिवार सदमे में है।

    जिस रात देविंदर कौर रोज की तरह अपना काम खत्म कर होटल की ओर जा रही थीं, शायद परिवार ने भी नहीं सोचा होगा कि कुछ ही देर में उनके पास ऐसी खबर पहुंचेगी जो पूरी जिंदगी का दर्द बन जाएगी। सड़क पर हुई एक तेज टक्कर ने न केवल एक महिला की जान ले ली, बल्कि पीछे परिवार और छोटे बच्चों को गहरे सदमे में छोड़ दिया। अब परिजन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, सामने आए हादसे के वीडियो ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • विमेंस एशिया कप के बारे में सब कुछ:आज से 10वां एडिशन, 8 टीमें लेंगी हिस्सा; भारत-पाकिस्तान मुकाबला 5 सितंबर को

    विमेंस क्रिकेट एशिया कप का 10वां एडिशन आज से दुबई में शुरू होगा। इस बार 8 टीमों के बीच 12 मैच खेले जाएंगे। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है, जबकि भारत 7 खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। टूर्नामेंट का पहला एडिशन 2004 में वनडे फॉर्मेट में खेला गया था। शुरुआती चार एडिशन 50 ओवर के फॉर्मेट में हुए। 2012 से इसे टी-20 फॉर्मेट में बदल दिया गया। इस बार का सबसे बड़ा मुकाबला भारत-पाकिस्तान के बीच 5 सितंबर को होगा। स्टोरी में टूर्नामेंट के बारे में सबकुछ… शुरुआत कब और कैसे हुई? पहली बार 2004 में भारत और श्रीलंका ने ही एशिया कप खेला था। दोनों टीमों के बीच 5 मैचों की वनडे सीरीज हुई और भारत ने सभी पांच मैच जीतकर टाइटल अपने नाम किया। इसके बाद 2005-06, 2006 और 2008 में भी टूर्नामेंट ODI फॉर्मेट में खेला गया। 2012 में पहली बार विमेंस एशिया कप 20-20 ओवर का खेला गया। इसके बाद से सभी एडीशन इसी फॉर्मट में खेले जा रहे हैं। इस बार का फॉर्मेट क्या है? 2026 में 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। दोनों ग्रुप में 4-4 टीमें हैं। हर टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मैच खेलेगी। टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल जीतने वाली टीम 13 सितंबर को फाइनल खेलेगी। भारत के मैच कब-कब होंगे? भारत ग्रुप-A में है। टीम इस स्टेज में तीन मुकाबले खेलेगी। पहला मैच थाईलैंड, दूसरा मैच हॉन्गकॉन्ग, चीन और तीसरा पाकिस्तान से होगा। भारत की टीम कैसी है? 2026 एशिया कप में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर हैं। स्मृति मंधाना उपकप्तान हैं। भारत का स्क्वॉड- हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शेफाली वर्मा, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, जी. कमालिनी, अरुंधति रेड्डी, प्रेमा रावत, राधा यादव, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़ और प्रतिका रावल। पहली बार क्या हो रहा? इंडोनेशिया पहली बार हिस्सा ले रहा है। इसके अलावा टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। किस टीम ने कितने खिताब जीते? भारत ने 7 खिताब जीते हैं। वनडे में 4 और टी-20 में 3 बार। बांग्लादेश और श्रीलंका ने एक-एक बार ट्रॉफी अपने नाम की है। श्रीलंका डिफेंडिंग चैंपियन है। 2024 में टीम ने दांबुला में खेले गए फाइनल में भारत को 8 विकेट से हराया था। विमेंस एशिया कप के टॉप प्लेयर्स
  • CM सुख्खू का विधानसभा में बड़ा ऐलान, महिलाओं के केस रखे जाएंगे गोपनीय जाने पूरी खबर

    CM सुख्खू का विधानसभा में बड़ा ऐलान, महिलाओं के केस रखे जाएंगे गोपनीय जाने पूरी खबर

    शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार महिलाओं का सम्मान करती है। कई बार महिलाएं अपनी परेशानी या उत्पीड़न की बात खुलकर सामने नहीं रख पाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिकायत दर्ज कराने से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाएगा, ताकि महिलाएं आसानी से अपनी बात रख सकें और उनकी पहचान भी सुरक्षित रहे।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल ने बताया कि पिछले तीन साल में सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी दफ्तरों के साथ शिक्षण संस्थानों में महिलाओं के उत्पीड़न के 131 मामले सामने आए हैं। इनमें से 37 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। तीन लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया, एक को कड़ी सजा दी गई, जबकि एक अन्य को निलंबित किया गया।

    मंत्री ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। केंद्र सरकार के ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल के जरिए कामकाजी महिलाएं कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायत गोपनीय तरीके से दर्ज कर सकती हैं। साथ ही शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ऑनलाइन ली जा सकती है।

  • आर प्रज्ञानानंदा ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय:कारूआना को 15-13 से हराया, ₹1.91 करोड़ की प्राइज मनी मिली

    भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने 2026 ग्रैंड चेस टूर (GCT) का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। वे GCT का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। सेंट लुइस में खेले गए फाइनल में प्रज्ञानानंदा ने अमेरिका के ग्रैंडमास्टर फैबियानो कारूआना को 15-13 से हराया। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने 2 लाख डॉलर (लगभग ₹1.91 करोड़) की प्राइज मनी अपने नाम की। 6 पॉइंट पीछे रहने के बाद प्रज्ञानानंदा ने की वापसी फाइनल मुकाबले के आखिरी दिन की शुरुआत में प्रज्ञानानंदा कारूआना से 6 पॉइंट पीछे चल रहे थे। हालांकि, उन्होंने दिन की शुरुआत में ही दोनों रैपिड गेम्स जीतकर अपनी स्थिति मजबूत की और स्कोर में बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद हुए ब्लिट्ज मैचों में दोनों खिलाड़ियों का प्रदर्शन बराबरी का रहा, जिससे प्रज्ञानानंदा ने 2 पॉइंट की बढ़त बनाए रखी और 15-13 के अंतिम स्कोर के साथ पहली बार ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम किया।
    तीसरे नंबर के मैच में वेस्ली सो की जीत तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में अमेरिका के ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो ने जर्मनी के विंसेंट कीमर को 18-12 के अंतर से हराया। रैपिड सेक्शन में दोनों खिलाड़ियों के बीच बराबरी का मुकाबला रहा, लेकिन वेस्ली सो ने लगातार चारों ब्लिट्ज गेम्स जीतकर एक मैच शेष रहते ही जीत तय कर ली।

    2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ी क्वालिफाई इस टूर्नामेंट के फाइनल नतीजों के साथ ही अगले सीजन यानी 2027 ग्रैंड चेस टूर के लिए टॉप 3 खिलाड़ियों ने डायरेक्ट क्वालिफाई कर लिया है। इन 3 खिलाड़ियों में चैंपियन प्रज्ञानानंदा, रनर-अप फैबियानो कारूआना और तीसरे स्थान पर रहने वाले वेस्ली सो शामिल हैं। टूर्नामेंट सिंगल-एलिमिनेशन नॉकआउट फॉर्मेट में खेला गया, जिसमें चार खिलाड़ियों फैबियानो कारूआना, वेस्ली सो, विंसेंट कीमर और प्रज्ञानानंदा ने हिस्सा लिया। 2015 में हुई थी शुरुआत ग्रैंड चेस टूर दुनिया के बड़े शतरंज टूर्नामेंट की एक सीरीज है। इसकी शुरुआत 2015 में हुई थी। इसमें सालभर अलग-अलग शहरों में क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज फॉर्मेट में मुकाबले खेले जाते हैं। खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पॉइंट्स मिलते हैं और सीजन के अंत में इन्हीं पॉइंट्स के आधार पर ग्रैंड चेस टूर फाइनल के लिए खिलाड़ियों का चयन होता है। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भई पढ़ें… इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर स्काई न्यूज को धमकी:पाकिस्तान बोला-ब्रॉडकास्ट न करें पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन (गुरुवार को) विवाद हो गया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व कप्तान और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित न करने को कहा। पूरी खबर…

  • रक्षाबंधन के दिन फेल हुआ HRTC बस का ब्रेक: कई यात्री थे सवार- मची चीख-पुकार

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बस में सवार कई यात्रियों के घायल होने की सूचना है। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में मदद की।
  • सुजानपुर में प्रवासी मजदूर की गिरने से मौत:साथियों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, गोरखपुर से रोजी कमाने आया था

    हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में रोजी-रोटी कमाने आए उत्तर प्रदेश के एक प्रवासी मजदूर की अपने किराए के मकान में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण मजदूर ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। सुजानपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर पिछले कई वर्षों से सुजानपुर और आसपास के इलाकों में दिहाड़ी-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पाल रहा था। बीते दिन वह अपने किराए के मकान में मौजूद था, जहां अचानक पैर फिसलने या अनियंत्रित होने के कारण वह नीचे गिर गया। इस हादसे में उसके सिर पर बेहद गंभीर और जानलेवा चोट लगी। घटना की भनक लगते ही मृतक के अन्य साथी और आसपास के लोग तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। वे लहूलुहान हालत में उसे आनन-फानन में उपचार के लिए सिविल अस्पताल सुजानपुर ले गए। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने गहनता से जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यूपी के गोरखपुर का रहने वाला है युवक सुजानपुर पुलिस ने अस्पताल से मिली सूचना के बाद शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश (UP) के गोरखपुर जिले की चौरीचौरा (चोराचोरी) तहसील के अंतर्गत आते गांव नदुआ ज्ञानपार के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना के संबंध में मृतक के गृह जिले गोरखपुर में उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। सुजानपुर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा। फिलहाल धारा 174 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
  • पुलिस पर तीन बहनों को थाने बैठाने का आरोप:अयोध्या पुलिस ने शिकायत पर कुमारगंज थाने को जांच सौंपी

    अयोध्या पुलिस ने कुमारगंज पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक्स पर मिली एक शिकायत के बाद जांच शुरू की है। शिकायत में उपनिरीक्षक गौरव पांडे पर बिरौली झाम गांव में भूमि विवाद के एक मामले में एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उपनिरीक्षक ने एक प्रभावशाली व्यक्ति के दबाव में दूसरे पक्ष की तीन बहनों को थाने बुलाया और बैठा लिया। इनमें से एक किशोरी की उम्र 16 वर्ष बताई गई है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित उपनिरीक्षक को कथित तौर पर चौकी प्रभारी बनाए जाने का आश्वासन दिया गया था। इसी प्रभाव के चलते पुलिस ने भूमि विवाद में एक पक्ष का समर्थन किया। हालांकि, सोशल मीडिया पर लगे इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। यह शिकायत सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस की कार्रवाई और नाबालिग किशोरी को थाने लाए जाने के आरोप को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायत का संज्ञान लेते हुए अयोध्या पुलिस ने कुमारगंज थाने को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। कुमारगंज थाना प्रभारी सुरेश पटेल ने बताया कि एक्स पर की गई शिकायत पर संज्ञान लिया गया है और मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भूमि विवाद में पुलिस ने किन परिस्थितियों में कार्रवाई की और आरोपों में कितनी सच्चाई है।