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  • भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर का बयान:गाजियाबाद में कहा- जिन्होंने तीज के गाने गा लिए वह काफिर हो गईं, मतलब हिंदू हो गईं

    गाजियाबाद की लोनी सीट से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। आज शुक्रवार को भाजपा विधायक ने फिर बयान दिया है। अपने बयान में कहा कि उन्होंने राखी बांधी हैं, लेकिन बांधी हैं। हमारे यहां भी एक नेता ने ऐसा ही किया। तीज के त्योहार पर ऐसा ही किया है। जिन्होंने तीज के गाने गा लिए, वह काफिर हो गईं। यानी वह हिंदू हो गईं। यह बयान उन्होंने उन मुस्लिम बहनों के लिए दिया है जिनकी अखिलेश यादव ने घर वापसी कराई है। जयंत के बयान पर निशाना भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा- अखिलेश यादव ने एक अच्छा काम किया है, लेकिन उन्होंने सही काम किया है। जहां उनकी गलत बात हैं हम विरोध करते हैं। उन्होंने गलत कहा कि हमने चवन्नी का रुपया बना दिया। उन्हें यह पता होना चाहिए कि उनकी 47 सींट थी जयंत चौधरी ने 100 सीट पार कराईं। चौधरी चरण सिंह नहीं होते तो एक इंच जमीन भी किसानों के पास नहीं होती। सारी जमीन जमींदारों पर होती। उन्होंने किसानों के मसीहा के बल पर काम किया। चौधरी अजीत सिं को सीएम बनाकर भेज दिया था वीपी सिंह ने। लेकिन मुलायम सिंह यादव ने गुंडो के बल पर उनका अपहरण कराया। अजीत सिंह को मारने की साजिश की मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया। जयंत चौधरी का अपमान किया नंद किशोर गुर्जर ने कहा- अजीत सिंह के बेटे जयंत चौधरी का अब अपमान किया है। वह पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं, यह देश का किसान और मजदूर बर्दाश्त नहीं करेगा। बाबा साहेब अंबेडकर को भूमाफिया कहेंगे। कांशीराम का नाम बदलेंगे। ब्रहमदत्त द्विवेदी ने बहन जी को मार ही दिया था। कभी गुर्जर जात की महिलाओं के लिए कहेंगे। कभी पुजारी से पूजा कराएंगे। कभी कथाकारों के बाहने से ब्राहमणों का अपमान करेंगे। नीरज मिश्रा के हत्याकांड को कन्नौज में कोई भूला नहीं है। उत्तर प्रदेश का ब्राहमण भूला नहीं है, गर्दन काटकर मंगवाई गई थी, ऐसा जघन्य अपराध किया था। बूथ कैप्चरिंग का काम करते थे आज वोट चोरी की बात करते हैं। यह उत्तर प्रदेश देख रहा हैं। फिर भी मैं बधाई देता हूं कि उन्होंने मुस्लिम बहनों और उन परिवारों की घर वापसी कराई है।
  • बागपत में रक्षाबंधन पर पुलिस की पैदल गश्त:बागपत में त्योहार को लेकर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा जांची

    रक्षाबंधन पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए बागपत पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। त्योहार के मद्देनजर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) बागपत ने पुलिस बल के साथ कस्बा बागपत में पैदल गश्त की। पुलिस टीम ने मुख्य चौराहों, बाजारों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। गश्त के दौरान, पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। उन्हें संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के लिए कहा गया। पुलिस अधिकारियों ने आमजन से भी बातचीत की और रक्षाबंधन पर्व को लेकर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। लोगों से अपील की गई कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इस पैदल गश्त का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्वक त्योहार मनाने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
  • रक्षाबंधन पर निकली छड़ी शोभायात्रा:सिसाना में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

    बागपत के सिसाना गांव में रक्षाबंधन पर्व पर छड़ी शोभायात्रा निकाली गई। गांव स्थित गोगाजी मंदिर से आयोजित इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शोभायात्रा का आयोजन गोगाजी मंदिर से किया गया। पुजारी अर्जुन मिश्रा और हरमाया पंडित की देखरेख में ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ। शोभायात्रा गोगाजी मंदिर से शुरू होकर गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इस दौरान श्रद्धालु धार्मिक भावनाओं के साथ यात्रा में शामिल रहे। गांव के अलग-अलग स्थानों पर लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। शोभायात्रा में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं सहित सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने आस्था और श्रद्धा के साथ छड़ी शोभायात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। गांव के विभिन्न मार्गों का भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा वापस गोगाजी मंदिर पहुंची, जहां धार्मिक कार्यक्रम का समापन हुआ। इस आयोजन को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर आयोजित इस शोभायात्रा ने गांव के धार्मिक और सामाजिक वातावरण को जीवंत बना दिया। श्रद्धालुओं ने गोगाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता ने यह संदेश दिया कि धार्मिक पर्व और परंपराएं आज भी लोगों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
  • MGUG में मुख्यमंत्री ने किया भाई बहन पौधरोपण का शुभारंभ:बच्चों के साथ सेल्फी ली; बरगद का पौधा लगाया

    महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (MGUG) के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भाई बहन पौधरोपण’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रक्षाबंधन के अवसर पर वन विभाग की ओर से इसका आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने परिसर में बरगद (वटवृक्ष) का पौधा रोपित किया। उन्होंने पौधे और पास में मौजूद बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। सीएम ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
    इस अवसर पर मौलश्री सहित 101 अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के पौधों का रोपण किया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पौधों को रक्षासूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प भी लिया। पौधरोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी सहयोग किया। केवल डिग्री तक सीमित न रहे शिक्षा की यात्रा
    पौधरोपण के बाद आडिटोरियम में आयोजित स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिक्षा की यात्रा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य ऐसे सक्षम युवा तैयार करना है जो अपने ज्ञान और कौशल से अवसर पैदा कर सकें। अवसर को रोजगार में और रोजगार को प्रगति में बदल सकें।
    विद्यार्थी केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, रियल वर्ल्ड की समस्याओं को समझने और उसके समाधान निकालने के लिए एक माध्यम बनें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ऐसी हो जो क्लासरूम के ज्ञान को समाज की जरूरतों और इंडस्ट्री की आवश्यकता से जोड़ सके। विद्यार्थी खुद में जॉब क्रिएटर के साथ-साथ इनोवेटर, इंटरप्रेन्योर बनने की क्षमता भी पैदा कर सकें। आज की शिक्षा व्यवस्था एजुकेशन से स्किल, स्किल से कैपेबिलिटी, कैपेबिलिटी से अपॉर्चुनिटी, अपॉर्चुनिटी से इनोवेशन, इनोवेशन से इंटरप्रेन्योरशिप, इंटरप्रेन्योरशिप से एंप्लॉयमेंट, एंप्लॉयमेंट से इकोनॉमिक ग्रोथ की यात्रा होनी चाहिए। और, हमें इसे आगे बढ़ाना होगा।
  • लखनऊ में 139 साल पुराना दंगल:200 पहलवानों ने लिया हिस्सा , विजेता को मिलेंगे ₹51 हजार नकद

    लखनऊ में रक्षाबंधन पर 139 साल से दंगल हो रहा है। इस दो दिवसीय आयोजन में देशभर के पहलवान जोर-अजमाइश करने आते हैं। कैंट स्थित हरिशचंद्र इंटर कॉलेज के ग्राउंड में अखाड़ा बनाया जाता है। अखिल भारतीय मस्ता पहलवान गुरुजी श्रीरामचंद्र स्मारक इसका आयोजन करा रहा है। यहां के दंगल में लड़ने वाले पहलवान नेशनल लेवल के गेम्स तक अपनी बाजुओं का दम दिखाने पहुंचे। आयोजकों का कहना है कि संसाधनों का अभाव है, अन्यथा आज भी यहां से टैलेंट निकलें। रक्षाबंधन के दिन शाम 6:00 बजे शुरू हुई कुश्ती रात्रि 8:00 बजे तक चली। पहले दिन यूपी के अलग अलग हिस्सों से पहलवानों ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पटखनी दिया। दो दिनों तो चलने वाली कुश्ती में विजेता को को 51 हजार रुपए नकद इनाम दिया जाएगा। कई राज्यों के पहलवान हुए शामिल दंगल प्रबंधक विकास चंद्र यादव ने बताया कि इस दंगल में 200 पहलवान जोर अजमाइश कर रहे हैं । इसमें यूपी के विभिन्न जनपदों के साथ अलावा दिल्ली के गुरु हनुमान अखाड़ा और छत्रसाल स्टेडियम के कुश्ती प्रशिक्षु, हरियाणा के मनका अखाड़ा और पंजाब के दुष्यंत अखाड़े के पहलवानों दो-दो हाथ करने आए हैं। विकास यादव ने बताया कि हर वर्ष रक्षाबंधन पर्व पर इसका आयोजन होता है। तमाम पहलवानों को इस कुश्ती का शिद्दत से इंतजार रहता है। ‘मेडल आने से खिलाड़ियों को मिलता है हौसला’ दंगल में आए 71 वर्षीय सियाराम ने बताया कि 1984 से लगातार इसमें शामिल हो रहे हैं। 20 सालों तक लगातार इसी मैदान में उन्होंने दंगल लड़ा। कुश्ती का खेल आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल आने के बाद खिलाड़ियों में और अधिक जोश बढ़ता है। यह हिंदुस्तान का पारंपरिक खेल है जिसे और बढ़ावा देने की जरूरत है। जब अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में मेडल आता है तो इससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ता है और देश को एक नई पहचान मिलती है।
  • रक्षाबंधन पर ट्रेनों में भीड़:प्रयागराज से दिल्ली की ट्रेनों में वेटिंग, कई ट्रेने रिग्रेट

    रक्षाबंधन के अवसर पर प्रयागराज आने‑जाने वाली ट्रेनों में भीड़ का दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार को प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रही। प्रयागराज और दिल्ली रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग के साथ ही रिग्रेट की स्थिति है। वहीं रक्षाबंधन के सफर के दौरान कई यात्री आरक्षित टिकट होने के बावजूद स्लीपर और एसी कोचों में घुस गए। महानंदा एक्सप्रेस के एस‑1 कोच में आरक्षित सीट पर कब्जे की शिकायत यात्रियों ने रेलमंत्री को एक्स के माध्यम से की। आरक्षित सीट पर अन्य यात्रियों बैठे थे। वहीं उज्जैन से आ रही ट्रेन में एसी कोच में बिना टिकट और बिना आरक्षण के यात्रियों के प्रवेश से लोगों को असुविधा हुई। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि तात्कालिक व्यवस्था के बावजूद यात्रियों का दबाव कम नहीं हुआ और असल परीक्षा रविवार को होगी। क्योंकि 30 अगस्त को वापसी की ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ की उम्मीद है। प्रयागराज से दिल्ली जा रही दोनों वंदे भारत में 225 से अधिक सीटों पर वेटिंग है, जबकि राजधानी एक्सप्रेस में अब नो‑रूम हो चुका है। हमसफर में 145 और प्रयागराज एक्सप्रेस में 184 वेटिंग रेजर्वेशन दर्ज हैं। शिवगंगा, पुरुषोत्तम, नंदनकानन, पूर्वा, महाबोधि, पुरी, सीमांचल, नॉर्थ ईस्ट और ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनों में भी सीटें उपलब्ध नहीं हैं। मुंबई रूट की कई ट्रेनों में भी इसी तरह की कटी हुई स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, गोरखपुर वंदे भारत में शुक्रवार रात तक करीब 350 सीटें खाली थीं, जिससे कुछ राहत मिली। भीड़ और वेटिंग सूची देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की यात्रा सुगम बनाने के लिए विभिन्न रूटों पर 12 विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है। अधिकारियों ने यात्रियों से समय पर स्टेशन पहुंचने, आरक्षण की पर्चियां साथ रखने और अनुशासित व्यवहार बनाए रखने की अपील की है, ताकि आने वाले दिनों में व्यवस्था बनी रहे और यात्रियों को कम परेशानी हो।
  • हरदोई में गर्रा नदी में डूबने से जीजा की मौत:साले ने कूदकर बाहर निकाला, अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र में गर्रा नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार शाम भौराजपुर गांव में हुई। मृतक की पहचान शाहजहांपुर जनपद के अल्लाहगंज थाना क्षेत्र के लालपुर खजूरवा गांव निवासी 30 वर्षीय मनीष पुत्र हीरालाल के रूप में हुई है। मनीष रक्षाबंधन के पर्व पर अपनी ससुराल आया था। परिजनों के अनुसार, मनीष अपने साले आनंद के साथ शौच के लिए नदी किनारे गए थे। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे पानी में गिरकर डूबने लगे। अपने जीजा को डूबता देख आनंद ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर उन्हें बाहर निकाला। मनीष को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सांडी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मनीष की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। जानकारी के मुताबिक, मनीष की शादी लगभग चार साल पहले भौराजपुर निवासी फूलचंद की बेटी से हुई थी। उनके दो बेटियां हैं। घटना की सूचना मिलने पर सांडी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पंचनामा की कार्यवाही पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रभारी निरीक्षक पुष्पराज कुशवाहा ने इस घटना की पुष्टि की है।
  • वाराणसी में राखी देकर लौट रहे भाई की मौत:शिवपुर में रिंग रोड पर सांड़ से टकराई बाइक, दो बहनें करती रहीं इंतजार

    वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र के दांदूपुर में रिंग रोड फेज एक पर रक्षाबंधन के दिन सड़क हादसे में 28 वर्षीय संदीप कुमार की मौत हो गई। वे अपनी पत्नी के मामा के घर राखी पहुंचाकर लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक एक आवारा सांड़ से टकरा गई। शिवपुर थाना क्षेत्र के लोढ़ान गांव निवासी संदीप कुमार पुत्र अंगनू शुक्रवार दोपहर राजातालाब स्थित अपनी पत्नी के मामा के घर राखी पहुंचाने गए थे। शाम लगभग 4:30 बजे जब वे बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान दांदूपुर रिंग रोड पर अचानक एक आवारा सांड़ सामने आ गया। टक्कर में संदीप सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और सांड़ मौके से भाग गया। हादसे के बाद संदीप के मुंह और नाक से खून बहने लगा। दुर्घटनास्थल पर काफी रक्तस्राव हुआ और सड़क पर खून फैल गया। हादसे के बाद वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और राहगीरों ने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायल संदीप को पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर गांव पहुंचते ही त्योहार का माहौल मातम में बदल गया। घर पर संदीप की बहनें स्वाति और मुस्कान कलाई पर रक्षासूत्र बांधने के लिए थाली सजाकर भाई का इंतजार कर रही थीं। अचानक मिली मौत की खबर ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। संदीप परिवार में दो भाइयों में बड़े थे। उनकी असामयिक मृत्यु से पत्नी काजल, मां संजू देवी और दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
  • मिर्जापुर में रक्षाबंधन पर ब्रह्माकुमारीज ने बांधा रक्षा सूत्र:डीएम, डीआईजी समेत जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बांधी राखी

    मिर्जापुर में रक्षाबंधन पर्व पर ब्रह्माकुमारीज के प्रभु उपहार भवन, शुक्लहा में समारोह आयोजित किया गया। सेवा केंद्र प्रभारी बीके बिंदु ने उपस्थित लोगों को रक्षा सूत्र बांधा और पर्व का आध्यात्मिक महत्व बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसी बुराइयों से स्वयं को बचाने का संकल्प लेने का पर्व है। समारोह के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को रक्षा सूत्र बांधा। जिलाधिकारी ने बहनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद विंध्याचल मंडल की डीआईजी पूनम को भी रक्षा सूत्र बांधा गया। डीआईजी ने ब्रह्माकुमारीज केंद्र आने की इच्छा जताई। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को भी रक्षा सूत्र
    अपर आयुक्त प्रशासन राज कुमार द्विवेदी, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के राज्य मंत्री सोहनलाल श्रीमाली, विधायक रत्नाकर मिश्र और रमाशंकर पटेल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को रक्षा सूत्र बांधा गया। केंद्र पर पहुंचे लोगों को भी राखी बांधकर ईश्वरीय संदेश दिया गया। रक्तदाताओं का सेवा भाव सम्मानित
    विश्व बंधुत्व रक्तदान महाअभियान में योगदान देने वाले रक्तदाताओं को भी रक्षा सूत्र बांधा गया। ब्रह्माकुमारीज बहनों ने उनके निस्वार्थ सेवा भाव का सम्मान किया। इस दौरान समाज में सेवा, सद्भाव और भाईचारे की भावना मजबूत करने का संदेश दिया गया। 116 साल की माता गुलाम उपाध्याय ने बंधवाया रक्षा सूत्र
    कार्यक्रम में संकठा घाट निवासी 116 वर्षीय माता गुलाम उपाध्याय विशेष आकर्षण रहीं। वह स्वयं ब्रह्माकुमारीज केंद्र पहुंचीं और बहनों से रक्षा सूत्र बंधवाया। इस उम्र में भी उनका उत्साह देखकर मौजूद लोग प्रेरित हुए। उनकी रक्षा सूत्र बंधवाने की विशेष इच्छा थी। बुराइयों से दूर रहकर श्रेष्ठ समाज बनाने का संदेश
    बीके बिंदु ने कहा कि रक्षाबंधन समाज के सभी वर्गों को प्रेम, स्नेह और भाईचारे के सूत्र में जोड़ने का पर्व है। ब्रह्माकुमारीज का उद्देश्य समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर कर पवित्रता, सद्भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास से ही श्रेष्ठ समाज का निर्माण संभव है।
  • नोएडा का पहला स्काईवॉक आज से खुला, रक्षाबंधन पर शहरवासियों को मिला बड़ा तोहफा; Aqua और Blue Line मेट्रो जुड़ी

    Noida News: नोएडा में लंबे इंतजार के बाद पहला स्काईवॉक आज से यात्रियों के लिए खोल दिया गया है. रक्षाबंधन के मौके पर नोएडावासियों को यह बड़ी सौगात मिली है. करीब 400 मीटर लंबा और L-Shape में बना यह स्काईवॉक सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को आपस में जोड़ता है. इसके जरिए Aqua Line और Blue Line मेट्रो कॉरिडोर के बीच यात्रियों को आने-जाने में आसानी होगी.

    पूरी तरह एयर-कंडीशंड है स्काईवॉक

    नया स्काईवॉक यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसे पूरी तरह एयर-कंडीशंड बनाया गया है, जिससे गर्मी और उमस के दौरान भी यात्रियों को राहत मिलेगी. पैदल चलने की दूरी कम करने के लिए स्काईवॉक में ट्रैवलटर भी लगाए गए हैं. इसके अलावा यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे और फायर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं. इससे मेट्रो यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिल सकेगा.

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    सेक्टर-52 स्टेशन की बाधा भी हटाई गई

    स्काईवॉक के निर्माण के दौरान सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के प्रवेश मार्ग में एक बीम बाधा बन रही थी. इस बीम को हटाया गया है, ताकि यात्रियों के लिए स्टेशन में आने-जाने का रास्ता सुगम हो सके. वहीं सेक्टर-51 स्टेशन की तरफ भी निर्माण के दौरान कई तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं. इन्हीं वजहों से स्काईवॉक के डिजाइन में कई बार बदलाव करना पड़ा.

    मार्च 2023 में शुरू हुआ था निर्माण

    इस स्काईवॉक का निर्माण मार्च 2023 में शुरू किया गया था और इसे करीब एक साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. हालांकि, कई कारणों से परियोजना में लगातार देरी होती गई. अलाइनमेंट में बदलाव और NGT की निर्माण संबंधी पाबंदियों के कारण काम प्रभावित हुआ. खुदाई के दौरान अंडरग्राउंड मेट्रो केबल मिलने के बाद भी डिजाइन में बदलाव करना पड़ा. शुरुआत में स्काईवॉक को सिंगल पिलर पर बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में दो कॉलम वाले सपोर्ट सिस्टम को अपनाया गया.

    लागत भी बढ़ी

    तकनीकी बदलाव और निर्माण में हुई देरी का असर परियोजना की लागत पर भी पड़ा. शुरुआत में स्काईवॉक की अनुमानित लागत करीब 25 करोड़ रुपए थी, जो बढ़कर लगभग 33 करोड़ रुपए हो गई. सेक्टर-51 स्टेशन के प्रवेश मार्ग में बीम आने के बाद स्काईवॉक के डिजाइन में एक बार फिर बदलाव किया गया और इसके हिस्से को आगे बढ़ाया गया.

    अब धूप-बारिश में नहीं चलना पड़ेगा

    स्काईवॉक बनने से पहले सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों के बीच यात्रियों के लिए अस्थायी कवर्ड वॉकवे की व्यवस्था थी. निर्माण शुरू होने के बाद इसे हटा दिया गया था. इसके बाद रोजाना हजारों यात्रियों को धूप, बारिश और गर्मी के बीच खुले रास्ते से दोनों स्टेशनों के बीच जाना पड़ता था.

    अब एयर-कंडीशंड स्काईवॉक शुरू होने से यात्रियों को मौसम की परेशानी से राहत मिलेगी. साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा पर निर्भरता कम होगी. भीड़भाड़ वाले संकरे रास्तों और दुकानों के बीच से गुजरने की परेशानी भी कम होने की उम्मीद है. इस स्काईवॉक के शुरू होने से Aqua और Blue Line के बीच मेट्रो बदलने वाले यात्रियों का सफर पहले की तुलना में ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा.