
रक्षाबंधन के अवसर पर प्रयागराज आने‑जाने वाली ट्रेनों में भीड़ का दबाव बढ़ गया है। शुक्रवार को प्रयागराज जंक्शन पर पहुंचने वाली ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ रही। प्रयागराज और दिल्ली रूट की ट्रेनों में लंबी वेटिंग के साथ ही रिग्रेट की स्थिति है। वहीं रक्षाबंधन के सफर के दौरान कई यात्री आरक्षित टिकट होने के बावजूद स्लीपर और एसी कोचों में घुस गए। महानंदा एक्सप्रेस के एस‑1 कोच में आरक्षित सीट पर कब्जे की शिकायत यात्रियों ने रेलमंत्री को एक्स के माध्यम से की। आरक्षित सीट पर अन्य यात्रियों बैठे थे। वहीं उज्जैन से आ रही ट्रेन में एसी कोच में बिना टिकट और बिना आरक्षण के यात्रियों के प्रवेश से लोगों को असुविधा हुई। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि तात्कालिक व्यवस्था के बावजूद यात्रियों का दबाव कम नहीं हुआ और असल परीक्षा रविवार को होगी। क्योंकि 30 अगस्त को वापसी की ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ की उम्मीद है। प्रयागराज से दिल्ली जा रही दोनों वंदे भारत में 225 से अधिक सीटों पर वेटिंग है, जबकि राजधानी एक्सप्रेस में अब नो‑रूम हो चुका है। हमसफर में 145 और प्रयागराज एक्सप्रेस में 184 वेटिंग रेजर्वेशन दर्ज हैं। शिवगंगा, पुरुषोत्तम, नंदनकानन, पूर्वा, महाबोधि, पुरी, सीमांचल, नॉर्थ ईस्ट और ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनों में भी सीटें उपलब्ध नहीं हैं। मुंबई रूट की कई ट्रेनों में भी इसी तरह की कटी हुई स्थिति बनी हुई है। दूसरी ओर, गोरखपुर वंदे भारत में शुक्रवार रात तक करीब 350 सीटें खाली थीं, जिससे कुछ राहत मिली। भीड़ और वेटिंग सूची देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की यात्रा सुगम बनाने के लिए विभिन्न रूटों पर 12 विशेष ट्रेनों का परिचालन किया है। अधिकारियों ने यात्रियों से समय पर स्टेशन पहुंचने, आरक्षण की पर्चियां साथ रखने और अनुशासित व्यवहार बनाए रखने की अपील की है, ताकि आने वाले दिनों में व्यवस्था बनी रहे और यात्रियों को कम परेशानी हो।
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