
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (MGUG) के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने गए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘भाई बहन पौधरोपण’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। रक्षाबंधन के अवसर पर वन विभाग की ओर से इसका आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री ने परिसर में बरगद (वटवृक्ष) का पौधा रोपित किया। उन्होंने पौधे और पास में मौजूद बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। सीएम ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर मौलश्री सहित 101 अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के पौधों का रोपण किया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पौधों को रक्षासूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प भी लिया। पौधरोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी सहयोग किया। केवल डिग्री तक सीमित न रहे शिक्षा की यात्रा
पौधरोपण के बाद आडिटोरियम में आयोजित स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिक्षा की यात्रा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य ऐसे सक्षम युवा तैयार करना है जो अपने ज्ञान और कौशल से अवसर पैदा कर सकें। अवसर को रोजगार में और रोजगार को प्रगति में बदल सकें।
विद्यार्थी केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, रियल वर्ल्ड की समस्याओं को समझने और उसके समाधान निकालने के लिए एक माध्यम बनें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ऐसी हो जो क्लासरूम के ज्ञान को समाज की जरूरतों और इंडस्ट्री की आवश्यकता से जोड़ सके। विद्यार्थी खुद में जॉब क्रिएटर के साथ-साथ इनोवेटर, इंटरप्रेन्योर बनने की क्षमता भी पैदा कर सकें। आज की शिक्षा व्यवस्था एजुकेशन से स्किल, स्किल से कैपेबिलिटी, कैपेबिलिटी से अपॉर्चुनिटी, अपॉर्चुनिटी से इनोवेशन, इनोवेशन से इंटरप्रेन्योरशिप, इंटरप्रेन्योरशिप से एंप्लॉयमेंट, एंप्लॉयमेंट से इकोनॉमिक ग्रोथ की यात्रा होनी चाहिए। और, हमें इसे आगे बढ़ाना होगा।
इस अवसर पर मौलश्री सहित 101 अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के पौधों का रोपण किया गया। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने पौधों को रक्षासूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संकल्प भी लिया। पौधरोपण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी सहयोग किया। केवल डिग्री तक सीमित न रहे शिक्षा की यात्रा
पौधरोपण के बाद आडिटोरियम में आयोजित स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी शिक्षा की यात्रा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य ऐसे सक्षम युवा तैयार करना है जो अपने ज्ञान और कौशल से अवसर पैदा कर सकें। अवसर को रोजगार में और रोजगार को प्रगति में बदल सकें।
विद्यार्थी केवल परीक्षा पास करने के लिए नहीं, रियल वर्ल्ड की समस्याओं को समझने और उसके समाधान निकालने के लिए एक माध्यम बनें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ऐसी हो जो क्लासरूम के ज्ञान को समाज की जरूरतों और इंडस्ट्री की आवश्यकता से जोड़ सके। विद्यार्थी खुद में जॉब क्रिएटर के साथ-साथ इनोवेटर, इंटरप्रेन्योर बनने की क्षमता भी पैदा कर सकें। आज की शिक्षा व्यवस्था एजुकेशन से स्किल, स्किल से कैपेबिलिटी, कैपेबिलिटी से अपॉर्चुनिटी, अपॉर्चुनिटी से इनोवेशन, इनोवेशन से इंटरप्रेन्योरशिप, इंटरप्रेन्योरशिप से एंप्लॉयमेंट, एंप्लॉयमेंट से इकोनॉमिक ग्रोथ की यात्रा होनी चाहिए। और, हमें इसे आगे बढ़ाना होगा।
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