बरेली जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के नीले बेड पर बैठा करीब 2-3 साल का मासूम लगातार चीख-चीखकर रो रहा था। उसकी आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे और वह अपनी तोतली जुबान में बार-बार ‘मम्मी-मम्मी’ पुकार रहा था। पास में दूध-बिस्किट का डिब्बा रखा था, लेकिन बच्चे का रोना बंद नहीं हो रहा था। अस्पताल में मौजूद लोग उसे ढांढस बंधाते हुए कहते रहे, “आ रही हैं, मम्मी आ रही हैं तेरी, अभी बुलाया है…”, लेकिन मां का कहीं कोई पता नहीं था। अस्पताल स्टाफ बना सहारा, पहनाए नए कपड़े
मासूम को इस हाल में देखकर इमरजेंसी में तैनात नर्सिंग स्टाफ स्वाति ने तुरंत उसे दूध और बिस्किट खिलाया। इसके बाद डॉक्टर मोहम्मद अदनान को सूचना दी गई। नर्सिंग ऑफिसर संजीव कुमार और अन्य स्टाफ ने आगे आकर बच्चे के पुराने और मैले कपड़े उतारे और उसे प्यार से दुलारते हुए नए टी-शर्ट और कपड़े पहनाए। नया कपड़ा पहनते ही बच्चे का रोना थमा और उसके चेहरे पर राहत दिखी। एक बच्चे को साथ ले गई, दूसरे को बेसहारा छोड़ा
बरेली के कोतवाली क्षेत्र के सरन अस्पताल के पास से करीब 30 वर्षीय अज्ञात महिला को उसके दो बच्चों के साथ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार होते ही महिला एक बच्चे को अपने साथ लेकर चुपचाप निकल गई, जबकि दूसरे बच्चे को लावारिस हालत में बेड पर ही छोड़ गई। सुबह करीब 6 बजे से ही बच्चा भूख और प्यास से तड़प रहा था। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, परिजनों की तलाश जारी
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जानकारी तुरंत कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि फरार महिला का सुराग लगाया जा सके। इसके साथ ही पुलिस बच्चे के असली परिजनों की तलाश में भी जुट गई है।
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बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों को बोलकर उत्तर बताने या किसी भी तरह नकल कराने की कोशिश अब परीक्षा केंद्रों पर भारी पड़ सकती है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड सितंबर में होने वाली परीक्षाओं के दौरान ऑडियो-वीडियो आधारित लाइव सीसीटीवी मॉनिटरिंग का ट्रायल करेगा। परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि परीक्षा कक्ष में होने वाली हर गतिविधि पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
इसके लिए बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने सभी परीक्षा केंद्र संचालकों से 5 सितंबर तक सीसीटीवी कैमरों और अन्य व्यवस्थाओं का पूरा ब्योरा ऑनलाइन गूगल फॉर्म के माध्यम से मांगा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा कक्ष में लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों का एंगल ऐसा होना चाहिए, जिससे पूरा परीक्षा हॉल और परीक्षार्थियों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे। कैमरे की नजर से कोई हिस्सा छूटना नहीं चाहिए। साथ ही परीक्षार्थियों की बैठक व्यवस्था बोर्ड के निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और उनके बीच पर्याप्त दूरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टेट ओपन स्कूल (एसओएस) समेत सभी परीक्षा केंद्रों के पर्यवेक्षकों और निरीक्षकों को परीक्षा ड्यूटी में पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीसीटीवी व्यवस्था, बैठक व्यवस्था या निगरानी में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित केंद्र के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गूगल फॉर्म भरने या सीसीटीवी व्यवस्था से संबंधित जानकारी देने में तकनीकी परेशानी होने पर परीक्षा केंद्र बोर्ड से संपर्क कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मार्च, 2026 में आयोजित हुई परीक्षाओं के दौरान कांगड़ा जिला के एक स्कूल में एक अध्यापक की ओर से परीक्षा में बोल कर छात्रों को बहुविकल्पीय प्रश्नों के के उत्तरों से अवगत करवाया जा रहा था। इस पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा बोर्ड ने वीडियो के साथ ऑडियो को भी रिकार्ड करने की व्यवस्था शुरू करने की बात कही थी। इस पर अब अमलीजामा पहनाते हुए शिक्षा बोर्ड सितंबर में होने वाली परीक्षाओं के दौरान ट्रायल के आधार पर ऑडियो और वीडियो से लाइव निगरानी करेगा, ताकि नकल को रोका जा सके।
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मेरठ में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार को कोतवाली थाने में एक फेसबुक आईडी से विभिन्न तिथियों पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित होने की शिकायत मिली थी। आरोप है कि इस आईडी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के विरुद्ध अभद्र टिप्पणियां की गईं और महिलाओं के प्रति भी अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के आदेश पर आरोपी की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी रोहित शर्मा उर्फ चुन्नु को गिरफ्तार कर लिया। वह बागवाली गली, थाना कोतवाली का निवासी है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के संबंध में आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। इस गिरफ्तारी अभियान में सब इंस्पेक्टर अशोक कुमार, सब इंस्पेक्टर नाजिल और कांस्टेबल पवन कुमार शामिल थे।
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने राजकीय और निजी बहुतकनीकी संस्थानों में खाली सीटों पर प्रवेश के लिए सेंट्रलाइज्ड ऑफलाइन स्पॉट काउंसलिंग राउंड दो की तिथियां जारी कर दी हैं। यह प्रक्रिया राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सुंदरनगर में होगी। इंजीनियरिंग डिप्लोमा के दूसरे वर्ष में लेटरल एंट्री (लीट) के माध्यम से प्रवेश के लिए स्पॉट काउंसलिंग 31 अगस्त को होगी।
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इसमें लीट स्कोर और नॉन-लीट (12वीं/आईटीआई) स्कोर के आधार पर पात्र अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे। तीन वर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमा के प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए पैट और नॉन-पैट अभ्यर्थियों की स्पॉट काउंसलिंग एक सितंबर 2026 को होगी। नॉन-पैट अभ्यर्थियों का चयन दसवीं कक्षा के अंकों के आधार पर किया जाएगा। विभाग ने अभ्यर्थियों को सभी मूल प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के साथ सुबह 11:30 बजे से पहले राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सुंदरनगर परिसर में पहुंचने को कहा है।
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जिन अभ्यर्थियों ने पहले ऑनलाइन काउंसलिंग फीस नहीं भरी है, उन्हें निर्धारित काउंसलिंग फीस के साथ आवेदन फॉर्म जमा करना होगा। नोटिस के अनुसार काउंसलिंग फीस 750 रुपये है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया में निर्धारित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट और तकनीकी शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रवेश संबंधी सूचना देखी जा सकती है।
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सीतापुर के सिधौली में रक्षा बंधन के दिन एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे युवक की मौके पर ही जान चली गई। हादसे में उसकी पत्नी और दो मासूम बच्चे घायल हो गए, जिनका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। मृतक की पहचान संदना थाना क्षेत्र के अनोगी गांव निवासी 32 वर्षीय सतीश कुमार पुत्र जी लाल के रूप में हुई है। शुक्रवार को रक्षा बंधन के अवसर पर सतीश अपनी पत्नी और तीन व पांच साल के दो बच्चों के साथ सिधौली क्षेत्र के कल्याणपुर गांव स्थित अपनी ससुराल गए थे। देर शाम वे बाइक से घर लौट रहे थे। सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर दर्शनपुरवा के पास पहुंचते ही एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन सतीश को कुचलता हुआ आगे निकल गया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। एंबुलेंस की मदद से गंभीर रूप से घायल सतीश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल सतीश की पत्नी और उनके दोनों बच्चों का इलाज गांव के एक निजी अस्पताल में जारी है। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीलीभीत में शुक्रवार रात करीब 8 बजे बाघ ने एक किसान पर हमला कर दिया। हमले में 60 साल के मुंशी प्रसाद की मौत हो गई। वह केले के खेत की रखवाली करने गए थे। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को रामनगर तिराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों को समझाकर रास्ता खुलवाया। मामला पूरनपुर इलाके के शांतिनगर गांव का है। खेत में घात लगाकर बैठा था बाघ शांतिनगर गांव निवासी मुंशी प्रसाद रात करीब 8 बजे केले के खेत की रखवाली करने गए थे। इसी दौरान खेत में पहले से घात लगाए बाघ ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। देर तक घर नहीं लौटने पर परिजन उन्हें तलाशते हुए खेत पहुंचे। वहां उनका शव मिला। वन विभाग पर लापरवाही का आरोप घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में काफी समय से बाघ और तेंदुओं की आवाजाही हो रही है। इसकी जानकारी वन विभाग को कई बार दी गई थी। इसके बाद भी निगरानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। शव रखकर सड़क पर प्रदर्शन वन विभाग की टीम के समय पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने रामनगर तिराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। ग्रामीण पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और गांव में वन्यजीवों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने संभाली स्थिति सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सीओ पूरनपुर विधि भूषण मौर्य ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और जाम खुलवाया।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र की कान्हा श्याम रेजीडेंसी में बिजली और कथित बकाया को लेकर चल रहा विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सोसायटी निवासी मुदित कुमार ने सचिव श्रेयस जायसवाल पर घर में घुसकर रुपए मांगने, भय दिखाकर 20 हजार लेने और शेष रकम न देने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर श्रेयस जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 76 लाख रुपए के कथित बकाया को लेकर चल रहा विवाद
मुदित कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोसायटी सचिव की ओर से बिजली और कथित बकाये को लेकर उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि बिना स्पष्ट और प्रमाणित लेखा-जोखा उपलब्ध कराए करीब 76 लाख रुपए का कथित बकाया बताया गया। इसी विवाद के बीच उनके आवास की बिजली आपूर्ति भी बाधित कर दी गई। रात में घर पहुंचे सचिव, रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, 25 अगस्त की रात करीब 7:30 बजे श्रेयस जायसवाल उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने घर के अंदर आकर 15 लाख रुपये देने की बात कही और कहा कि रुपये देने पर बिजली बहाल करा देंगे। बातचीत के दौरान पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। मुदित ने असमर्थता जताते हुए अगले दिन बैंक से अधिकतम तीन लाख रुपये की व्यवस्था करने की बात कही। भय दिखाकर 20 हजार रुपये लेने का आरोप
तहरीर के मुताबिक, तत्काल रुपये देने के दबाव के चलते मुदित ने अपने पास मौजूद 20 हजार रुपये नकद श्रेयस जायसवाल को दे दिए। आरोप है कि इसके बाद शेष 2.80 लाख रुपये अगले दिन हर हाल में देने को कहा गया। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। सीसीटीवी फुटेज से जांच में मिलेगी मदद
मुदित ने पुलिस को बताया कि श्रेयस जायसवाल के घर में आने और वहां मौजूद रहने की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। पीड़ित के मुताबिक घटना के बाद वह और उनका परिवार भयभीत है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
कल्याणपुर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर श्रेयस जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
प्रतापगढ़ में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे रक्षाबंधन पर मायके जा रही महिला और उसके पति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा देहात कोतवाली क्षेत्र के भूपियामऊ के पास हुआ। दोनों बाइक से रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान मनवर-संगम एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। भाई को राखी बांधने जा रही थी महिला मृतकों की पहचान रानीगंज अजगरा निवासी रामकृष्ण यादव (45) और उनकी पत्नी इंद्रावती यादव (43) के रूप में हुई है। रामकृष्ण अपनी पत्नी को बाइक से धारूपुर स्थित मायके ले जा रहे थे। इंद्रावती को अपने भाई संजय यादव को राखी बांधनी थी। बाइक समेत 100 मीटर तक घसीटती गई ट्रेन बताया गया कि भूपियामऊ के पास ओवरब्रिज के नीचे पति-पत्नी रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान ट्रेन आ गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए। ट्रेन बाइक समेत दंपती को करीब 100 मीटर तक घसीटती ले गई। हादसे के बाद ट्रेन करीब 20 मिनट तक मौके पर रुकी रही। परिजन मौके पर पहुंचे हादसे की जानकारी मिलते ही इंद्रावती के भाई संजय यादव और दामाद शिव बहादुर यादव समेत परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिया। दो बेटियों का पिता था रामकृष्ण रामकृष्ण के परिवार में दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी की शादी तय हो चुकी थी। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। रक्षाबंधन के दिन हुए हादसे से पूरे परिवार में शोक का माहौल है।
कमिश्नर आफिस के सामने (कचहरी बस स्टैंड के पास) की 38 दुकानों पर नगर निगम बुलडोजर नहीं चलाएगा। इस फैसले से इन दुकानदारों को राहत मिली है। सीएम ग्रिड योजना के तहत यह सड़क चौड़ी करने के चलते इन दुकानों के अस्तित्व पर संकट आ गया था। जिसके बाद दुकानदारों ने दुकानें न तोड़ने की मांग की थी। यहां ये दुकानदार 31 सालों से कारोबार कर रहे हैं और इसी के सहारे इनका परिवार चलता है।
दुकानों के साथ ही यहां कुछ आवास भी आवंटित हैं, उन आवासों के आवंटियों को भी राहत मिल गई है। आरएसएस से जुड़े विश्व संवाद केंद्र का आफिस भी यहीं है। कई दिनों तक इसको लेकर मंथन के बाद यह निर्णय लिया गया है कि यहां दुकानों को नहीं तोड़ा जाएगा। नगर आयुक्त अजय जैन ने कहा है कि सड़क का निर्माण उपलब्ध राइट आफ वे के आधार पर किया जाएगा। इन दुकानों के पहले बने नाले को ही मजबूत बनाया जाएगा। दूसरी पटरी पर यानी कमिश्नर आफिस के सामने नाला बनाया जाएगा। नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा को निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा गया है। इसके लिए चयनित की गई फर्म को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को इस बात के निर्देश दिए गए हैं कि मौके का निरीक्षण कर सड़क के निर्माण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए। सीएम ग्रिड के तहत और भी सड़कों का हो रहा निर्माण
सीएम ग्रिड के तहत और भी सड़कों का निर्माण हो रहा है। करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से सीएम ग्रिड फेज-02 के तहत स्मार्ट सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना में शास्त्री चौक से छात्रसंघ चौराहा वाया आंबेडकर चौक होते हुए एश्प्रा तिराहा, एश्प्रा तिराहा से हरिओमनगर और हरिओमनगर तिराहा से कचहरी चौराहा वाया टाउनहाल तक का मार्ग शामिल है। नगर निगम के अनुसार अब तक करीब 17 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर सेंट एंड्रयूज कालेज की दीवार भी बाधक बन रही है। उसे भी शिफ्ट किया जा सकता है। इसी के साथ इंदिरा बाल विहार से हरिओम तिराहा की ओर जाने वाले मार्ग पर नजूल भूमि की दीवार और आर्बिट की ओर से कराए जा रहे निर्माण की दीवार को भी शिफ्ट कराया जाएगा। इन मार्गों पर जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए जलकल विभाग को पाइपलाइन को जल्द सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
चंदौली के सकलडीहा में मूसलाधार बारिश के चार दिन बाद भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। तहसील से लेकर सीओ कार्यालय और कई शिक्षण संस्थान पानी में डूबे हुए हैं। इस गंभीर स्थिति के कारण कस्बे की बिजली आपूर्ति पर भी संकट मंडरा रहा है। कस्बे में सीओ कार्यालय मार्ग, इंटर कॉलेज मार्ग, अनुसूचित छात्रावास, पीजी कॉलेज और तहसील मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हैं। सकलडीहा पीजी कॉलेज और इंटर कॉलेज के खेल के मैदान भी पानी से लबालब भरे हुए हैं, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बारिश का पानी घरों और खेतों में घुसने से ग्रामीणों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग पानी निकालने के लिए इंजन और टुल्लू पंप का इस्तेमाल कर रहे हैं। कस्बे के दोनों बिजली उपकेंद्रों के स्विच यार्ड में भी पानी भर गया है, जिससे बिजली कर्मचारी पानी में होकर काम करने को मजबूर हैं। बिजली कर्मचारियों के अनुसार, यदि पानी का स्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। एसडीओ सियाराम यादव ने भी बताया कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने पर बिजली आपूर्ति का संचालन संभव नहीं हो पाएगा। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लाटिंग करने वालों ने बेशकीमती जमीन पर बड़े नालों और बहाव क्षेत्रों को पाटकर छोटी सीवर पाइप डाल दी हैं। इसी कारण बरसात का पानी तेजी से नहीं निकल पा रहा है, जिससे आसपास के घरों और दुकानों में पानी घुस गया है। सकलडीहा इंटर कॉलेज के खेल मैदान में जलभराव की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के गृह कस्बे होने के बावजूद तहसील और ब्लॉक प्रशासन की उदासीनता से लोगों में भारी आक्रोश है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।