सोसायटी सचिव पर रंगदारी मांगने का आरोप, मुकदमा दर्ज:कानपुर में घर में घुसकर 20 हजार रुपये लेने और जान से मारने की धमकी

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कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र की कान्हा श्याम रेजीडेंसी में बिजली और कथित बकाया को लेकर चल रहा विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। सोसायटी निवासी मुदित कुमार ने सचिव श्रेयस जायसवाल पर घर में घुसकर रुपए मांगने, भय दिखाकर 20 हजार लेने और शेष रकम न देने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर श्रेयस जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 76 लाख रुपए के कथित बकाया को लेकर चल रहा विवाद
मुदित कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोसायटी सचिव की ओर से बिजली और कथित बकाये को लेकर उन्हें और उनके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि बिना स्पष्ट और प्रमाणित लेखा-जोखा उपलब्ध कराए करीब 76 लाख रुपए का कथित बकाया बताया गया। इसी विवाद के बीच उनके आवास की बिजली आपूर्ति भी बाधित कर दी गई। रात में घर पहुंचे सचिव, रुपये मांगने का आरोप
पीड़ित के अनुसार, 25 अगस्त की रात करीब 7:30 बजे श्रेयस जायसवाल उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने घर के अंदर आकर 15 लाख रुपये देने की बात कही और कहा कि रुपये देने पर बिजली बहाल करा देंगे। बातचीत के दौरान पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया। मुदित ने असमर्थता जताते हुए अगले दिन बैंक से अधिकतम तीन लाख रुपये की व्यवस्था करने की बात कही। भय दिखाकर 20 हजार रुपये लेने का आरोप
तहरीर के मुताबिक, तत्काल रुपये देने के दबाव के चलते मुदित ने अपने पास मौजूद 20 हजार रुपये नकद श्रेयस जायसवाल को दे दिए। आरोप है कि इसके बाद शेष 2.80 लाख रुपये अगले दिन हर हाल में देने को कहा गया। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। सीसीटीवी फुटेज से जांच में मिलेगी मदद
मुदित ने पुलिस को बताया कि श्रेयस जायसवाल के घर में आने और वहां मौजूद रहने की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। पीड़ित के मुताबिक घटना के बाद वह और उनका परिवार भयभीत है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
कल्याणपुर पुलिस ने पीड़ित की तहरीर के आधार पर श्रेयस जायसवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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