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पाल में भीषण बाढ़ से मची तबाही के बाद हिमाचल प्रदेश सरकार ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। प्रदेश में हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, ताकि नेपाल में फंसे हिमाचल के लोगों और उनके परिजनों को समय पर मदद उपलब्ध करवाई जा सके। जिला प्रशासन को स्थिति पर नजर रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल सरकार की ओर से जिला स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम का मुख्य उद्देश्य नेपाल में मौजूद हिमाचलियों से संबंधित सूचनाओं का संकलन करना और जरूरत पड़ने पर उनके परिजनों तक जानकारी पहुंचाना है।
जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएगा। नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने और कई इलाकों में संपर्क टूटने के कारण लापता लोगों की जानकारी जुटाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। ऐसे में जिला स्तर पर कंट्रोल रूम की व्यवस्था से सूचनाओं के आदान-प्रदान में तेजी आने की उम्मीद है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निदेशक डाॅ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावित क्षेत्रों में फंसे नागरिकों तक राहत एवं बचाव सहायता पहुंचाने और उन्हें सुरक्षित हिमाचल वापस लाने की है।
नेपाल बाढ़ के बाद ऊना का सुखविंद्र लापता, तीन दिन से नहीं मिली खबर
नेपाल में आई बाढ़ की त्रासदी ने मैहतपुर बसदेहड़ा के एक परिवार की चिंता बढ़ा दी है। मैहतपुर बसदेहड़ा के वार्ड-8 निवासी हुसन लाल का छोटा बेटा सुखविंद्र, जो नेपाल के त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में मेकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम करता है, बाढ़ आने के बाद से लापता है। परिवार की ओर से लगातार संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन सुखविंद्र से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा। इससे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। हुसन लाल ने बताया कि उनका बेटा पहले भूटान में नौकरी करता था। इसी कंपनी ने बाद में उसे नेपाल भेज दिया था। सुखविंद्र तीन महीने की छुट्टी लेकर घर आया था और 15 अगस्त को ही ड्यूटी के लिए नेपाल वापस गया था।
सुखविंद्र का पौने दो साल का बेटा
इसके कुछ दिन बाद नेपाल में बाढ़ की भयावह खबर सामने आई। परिवार ने जब बेटे से संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका फोन नहीं लगा। इसके बाद से परिवार लगातार उसकी खबर मिलने का इंतजार कर रहा है। हुसन लाल ने बताया कि उनका एक भतीजा भी काठमांडू में है, जिससे संपर्क हो रहा है। उनका बड़ा बेटा, जो दुबई में रहता है, वह भी सुखविंद्र की तलाश में काठमांडू पहुंच गया है। वहां वह अपने स्तर पर भाई की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा है लेकिन अभी तक सुखविंद्र का कोई पता नहीं चल पाया है। सुखविंद्र शादीशुदा है और उसका करीब पौने दो साल का बेटा भी है। परिवार को लगातार इस बात की चिंता सता रही है कि आखिर सुखविंद्र इस समय कहां है और किस स्थिति में है।
नेताओं से मिली मदद की उम्मीद
हुसन लाल ने बताया कि अभी तक प्रशासन ने परिवार से संपर्क नहीं किया है। हालांकि, भाजपा और कांग्रेस के कुछ नेताओं से उन्होंने बात की है। नेताओं ने सुखविंद्र की फोटो और त्रिशूली हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट से संबंधित जानकारी परिवार से मांगी है ताकि प्रदेश सरकार के माध्यम से नेपाल में संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर उसकी तलाश करवाई जा सके। चिंतित पिता हुसन लाल ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से उनके बेटे की तलाश के लिए नेपाल सरकार और संबंधित एजेंसियों से तत्काल संपर्क करने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि परिवार को किसी तरह की अफवाह नहीं बल्कि अपने बेटे की सुरक्षित होने की खबर का इंतजार है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि सुखविंद्र की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।
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