
झांसी से प्रदेश के अलग-अलग शहरों के लिए शुक्रवार को रक्षाबंधन पर 100 रोडवेज बसें चलाई गईं। इनमें 12 हजार से ज्यादा यात्रियों ने मुफ्त सफर किया। हालांकि यात्रियों की संख्या के मुकाबले बसें कम नजर आईं। सबसे ज्यादा भीड़ झांसी-कानपुर रूट पर रही। बसों में जगह नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में महिलाओं को खड़े होकर सफर करना पड़ा। वहीं, कई जगह मुफ्त बस सेवा की जानकारी नहीं होने के कारण महिलाएं प्राइवेट बस ऑपरेटरों से भी नोकझोंक करती नजर आईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रक्षाबंधन पर अपने भाइयों को राखी बांधने जाने वाली बहनों के लिए रोडवेज बसों में 29 अगस्त की रात 12 बजे तक मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की गई है। इस बार महिलाओं के साथ उनके पुरुष सहयात्री को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। गुरुवार को झांसी में मूसलाधार बारिश के चलते बस स्टैंड से महिलाओं की आवाजाही कम रही, लेकिन शुक्रवार को मौसम खुलते ही बड़ी संख्या में बहनें भाइयों के घर जाने के लिए बस स्टैंड पहुंच गईं। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन विभाग के झांसी बस स्टैंड प्रभारी खान फिरोज ने बताया कि शाम 5 बजे तक झांसी से 95 बसों का संचालन किया जा चुका था। देर शाम भी पांच से ज्यादा बसें चलाई गईं। उन्होंने बताया कि इस बार महिलाओं के साथ पुरुष सहयात्री के लिए भी यात्रा मुफ्त होने के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। इसके बावजूद झांसी से लगभग सभी यात्रियों को बस की सुविधा उपलब्ध कराई गई। कानपुर रूट पर सबसे ज्यादा भीड़ रक्षाबंधन पर सबसे ज्यादा भीड़ झांसी-कानपुर रूट की बसों में देखने को मिली। यात्रियों की संख्या को देखते हुए रोडवेज ने इस रूट पर लगातार बसें भेजीं, लेकिन हर बस में क्षमता से ज्यादा यात्री नजर आए। बड़ी संख्या में महिलाएं खड़े होकर सफर करने को मजबूर हुईं। बहनों को समय पर भाइयों तक पहुंचने की जल्दी थी, इसलिए जो बस पहले मिल रही थी, यात्री उसी में सवार हो रहे थे। इन रूट पर चलीं रक्षाबंधन स्पेशल बसें शुक्रवार को झांसी से कानपुर, लखनऊ होते हुए गोरखपुर, ललितपुर, कोंच, गरौठा, बांदा और हमीरपुर के लिए रक्षाबंधन स्पेशल बसें चलाई गईं। इसके अलावा मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भी मुफ्त बस सेवा का लाभ दिया गया।
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