बड़ा बदलाव: हिमाचल में बैंकिंग-जीआईएस पढ़ेंगे विद्यार्थी, 155 सीबीएसई स्कूलों में नए स्किल विषय

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हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में कौशल शिक्षा (स्किल एजुकेशन) के स्वरूप में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य के 155 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाए जा रहे कई व्यावसायिक ट्रेड अब बदले जाएंगे। शिक्षा विभाग ने कौशल विषयों और व्यावसायिक प्रशिक्षकों के युक्तिकरण का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत पुराने और कम प्रासंगिक हो चुके कुछ ट्रेडों को सीबीएसई के मौजूदा स्किल एजुकेशन फ्रेमवर्क में उपलब्ध नए और रोजगारोन्मुख विषयों से जोड़ा जाएगा। इस प्रस्ताव को राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा कार्यालय की ओर से सरकार को भेजा गया है।

पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे ट्रेड स्कूलों में संचालित हो रहे थे, जो सीबीएसई के वर्तमान कौशल शिक्षा ढांचे में शामिल नहीं हैं या जिनकी उपयोगिता सीमित हो चुकी है। ऐसे में विभाग ने उन्हें आधुनिक और अधिक रोजगारपरक विषयों से बदलने की रणनीति तैयार की है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बैंकिंग, पोषण, जियोस्पेशियल तकनीक और इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार और उच्च शिक्षा के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे विषयों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

युक्तिकरण प्रस्ताव में सबसे बड़ा सवाल निजी सुरक्षा (प्राइवेट सिक्योरिटी) ट्रेड को लेकर है। यह ट्रेड वर्तमान में कई स्कूलों में संचालित हो रहा है, लेकिन सीबीएसई के मौजूदा स्किल एजुकेशन फ्रेमवर्क में इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी कारण राज्य स्तर पर सीबीएसई मुख्यालय नई दिल्ली से स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभाग ने आग्रह किया है कि इस ट्रेड को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि पहले से इस विषय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परीक्षा, मूल्यांकन, प्रमाणन या आगे की पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सीबीएसई से जवाब मिलने के बाद ही इस ट्रेड के भविष्य पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

चार पुराने ट्रेडों की जगह आएंगे नए विषय

प्रस्ताव के अनुसार चार प्रमुख ट्रेडों को नए कौशल विषयों से प्रतिस्थापित किया जाएगा। इसमें बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा) के तहत संचालित माइक्रोफाइनेंस एग्जीक्यूटिव, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट और बिजनेस फैसिलिटेटर ट्रेड को अब बैंकिंग सेल्स एग्जीक्यूटिव (बैंकिंग प्रोडक्ट्स) से जोड़ा जाएगा। फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में संचालित जैम, जेली एवं केचप तकनीशियन तथा सोया उत्पाद प्रोसेसर ट्रेड की जगह फूड, न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स असिस्टेंट डाइटिशियन विषय प्रस्तावित किया गया है। प्लंबिंग सेक्टर के असिस्टेंट प्लंबर जनरल और प्लंबर जनरल ट्रेड को हटाकर जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी जीआईएस ऑपरेटर लाने की तैयारी है, जो डिजिटल मैपिंग और भू-स्थानिक तकनीक से जुड़ा आधुनिक क्षेत्र है। इसी तरह टेलीकॉम सेक्टर के ऑप्टिकल फाइबर स्प्लाइसर और टेलीकॉम तकनीशियन (आईओटी डिवाइस एवं सिस्टम) ट्रेड की जगह इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी फील्ड तकनीशियन विषय प्रस्तावित किया गया है।

प्रशिक्षकों के तबादले नहीं, स्कूलों में ही होगा समायोजन

सरकार फिलहाल व्यावसायिक प्रशिक्षकों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में भेजने के पक्ष में नहीं है। इसके बजाय सीबीएसई स्कूलों के भीतर ही उनके अनुभव और योग्यता के अनुसार नए कौशल विषयों से जोड़ा जाएगा। इससे प्रशिक्षकों की सेवाओं का बेहतर उपयोग हो सकेगा और स्कूलों में वर्षों से विकसित कौशल शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित नहीं होगी। साथ ही विद्यार्थियों को बीच सत्र में विषय परिवर्तन या प्रशिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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