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कन्नौज में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशक सम्मानित:जीआईसी उमर्दा में किया गया सम्मान, शिक्षामित्र भी पहली बार शामिल हुए
कन्नौज के माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों में शिक्षण कार्य कर रहे टीचरों के साथ ही इस बार शिक्षामित्र और अनुदेशक का भी सम्मान किया गया। ये सम्मान उन्हें माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर जीआईसी उमर्दा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया। सम्मान पाकर शिक्षामित्र ने खुशी का इजहार किया। टीचर्स-डे पर शनिवार दोपहर उमर्दा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 11 टीचर माध्यमिक के और 3 टीचर बेसिक शिक्षा विभाग के शामिल हैं। इसके अलावा कन्नौज के प्राथमिक विद्यालय युसुफपुर भगवान की शिक्षामित्र अनीता देवी, उच्चतर प्राथमिक विद्यालय जसौली के अनुदेशक शैलेन्द्र कुमार राणा और हसेरन के विशेष शिक्षक संजीव कुमार को भी सम्मानित किया गया। उन्हें ये सम्मान विभाग की ओर से पहली बार दिया गया। शिक्षामित्र अनीता देवी ने सम्मान पाकर खुशी का इजहार किया। हालांकि यहां मुख्य अतिथि के रूप में ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत और डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को पहुंचना था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। ऐसे में डीआईओएस पप्पू सरोज ने शिक्षकों को सम्मानित किया। इन शिक्षकों का हुआ सम्मान- राजकीय हाईस्कूल रामखेड़ा के प्रधानाध्यापक हर्ष दीपांकर तिवारी, भारतीय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज सिकंदरपुर के प्रवक्ता डॉ. केके झा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज फतेहपुर जसोदा के प्रवक्ता सस्मित कुमार द्विवेदी, राजकीय इंटर कॉलेज उमर्दा की सहायक अध्यापक मंजू वर्मा, गोमती देवी इंटर कॉलेज की सहायक अध्यापक स्नेहलता, राजकीय हाईस्कूल गुगरापुर सहायक अध्यापक रश्मि राठौर, राजकीय अभिनव विद्यालय गंगधरापुर के अध्यापक देवऋषि मिश्रा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज बिरौली के व्यायाम शिक्षक कोषांक यादव, पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कालेज फतेहपुर जसोदा के व्यायाम शिक्षक आकाश गुप्ता, राजकीय इंटर कॉलेज उमर्दा के सहायक अध्यापक देवेश गुप्ता, श्याम लाल खंडेलवाल इंटर कॉलेज विशुनगढ़ के अध्यापक अनुज कुमार द्विवेदी शामिल हैं। इसके अलावा उच्चतर प्राथमिक विद्यालय हैबतपुर कटरा की अध्यापक स्नेहलता द्विवेदी, कम्पोजिट विद्यालय फतेहपुर जसोदा के सहायक अध्यापक पंकज त्रिवेदी और प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर की प्रधानाध्यापक पूजा पांडेय को भी सम्मानित किया गया। -
‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा…’ सपा ने शुरू किया ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान, 26 हजार स्कूल खोलने का ऐलान
शिक्षक दिवस पर समाजवादी पार्टी ने प्रदेश के बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों को लेकर योगी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार को प्रदेशभर में ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान चलाया गया. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बंद स्कूलों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर उन्हें दोबारा खोलने की मांग उठाई.

सपा ने अभियान के लिए बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा का नारा दिया. पार्टी का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं. सपा का आरोप है कि इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर पड़ा है.
ने कहा कि अभियान का मकसद शिक्षा को प्राथमिकता देने की जरूरत को सामने लाना है. उन्होंने कहा कि शिक्षा शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना पैदा करती है. यही चेतना भेदभाव के खिलाफ लड़ाई, बराबरी और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करती है.
नरही में बंद स्कूल के बाहर प्रदर्शन
लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के नरही में बंद प्राथमिक विद्यालय को लेकर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्कूल को दोबारा शुरू करने की मांग की और प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए.
सपा नेताओं ने कहा कि इन स्कूलों में आसपास के गरीब और निम्न आय वर्ग के बच्चे पढ़ते थे. स्कूल बंद होने के बाद बच्चों को दूर स्थित विद्यालयों में जाना पड़ रहा है. पार्टी ने इस मुद्दे को शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा.
सरकार बनी तो पहली कैबिनेट में स्कूल खोलने का दावा
पाठशाला पुकारे अभियान के जरिए सपा ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा को अपने राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं. पार्टी ने दावा किया कि सत्ता में आने के 24 घंटे के भीतर बंद किए गए सभी 26 हजार स्कूलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
सपा ने कहा कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में बंद प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोलने का फैसला लिया जाएगा. पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिले.
शिक्षा के मुद्दे से PDA की सियासत साधने की कोशिश
सपा का यह अभियान सिर्फ बंद स्कूलों को दोबारा खोलने की मांग तक सीमित नहीं है. पार्टी इसे PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की शिक्षा और सामाजिक न्याय के बड़े मुद्दे से जोड़ रही है. सपा का संदेश है कि सरकारी स्कूल मजबूत होंगे तो वंचित तबके के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और सामाजिक बराबरी की लड़ाई को मजबूती मिलेगी.
शिक्षक दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था को घेरने की सपा की रणनीति का आधार बन सकता है. आने वाले दिनों में स्कूल, शिक्षा और PDA के मुद्दे पर सपा सरकार के खिलाफ अपना अभियान और तेज कर सकती है.
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महिला की म*त के मामले में जांच समिति गठित:सोनभद्र में परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप, डीएम ने लिया संज्ञान
सोनभद्र में राबर्ट्सगंज के कम्हारी स्थित जीवनदीप हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने संज्ञान लिया है। परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाया है। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। घटना 2 सितंबर की देर शाम की बताई जा रही है। खैराही, थाना करमा निवासी 27 वर्षीय रविता पत्नी संजय की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई थी। वहीं, नवजात बच्चे को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल भेजा गया था। मामले सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने इसका संज्ञान लिया।
डीएम के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पंजीयन निजी चिकित्सालय, सोनभद्र डॉ. गुलाब शंकर, जिला संयुक्त चिकित्सालय की गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका सिंह और एनेस्थेटिक डॉ. राजेश कुमार सिंह को शामिल किया गया है। जांच समिति को मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति को तीन दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपनी होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। -
कानपुर में बंद मकान में युवक का शव मिला:2 दिन से नहीं थी कोई खबर, दोस्त देखने पहुंचा तो अंदर से बंद था दरवाजा
कानपुर के काकादेव के पांडु नगर में शनिवार दोपहर बंद मकान में एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। युवक की दो दिन से कोई खबर नहीं थी। उसका दोस्त सोनू उसे देखने घर पहुंचा था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने पड़ोसियों को सूचना दी और 112 नंबर पर पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही काकादेव थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे पुलिस ने तोड़कर खोला। अंदर युवक का शव मिला। सूचना पर फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने परिजनों को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चार साल पहले की थी शादी, पत्नी छोड़कर चली गई मृतक की पहचान अंकित सविता (27) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास योजना नंबर-3 का रहने वाला था और पांडु नगर में रहकर मजदूरी करता था। परिजनों के मुताबिक, अंकित के पिता नन्हें सविता की कुछ साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिवार में मां सरोज, भाई सूरज और गोलू हैं। परिजनों ने बताया कि अंकित के पड़ोस में रहने वाली सिमरन से करीब पांच साल पहले प्रेम संबंध हुए थे। इसके बाद करीब चार साल पहले दोनों ने शादी कर ली थी। उनकी तीन साल की बेटी मोना भी है। परिजनों का कहना है कि करीब आठ महीने पहले पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से अंकित अक्सर परेशान रहता था। दोस्त घर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला शनिवार दोपहर अंकित का दोस्त सोनू उसे बुलाने के लिए पांडु नगर स्थित घर पहुंचा। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। सोनू ने पड़ोसियों को इसकी जानकारी दी। पड़ोसियों के साथ उसने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण उसे तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई। कमरे में अंकित का शव मिला। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य घटना की जानकारी मिलते ही फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल की जांच कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मृतक के मोबाइल के जरिए उसके भाई को घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल की जांच-पड़ताल पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की स्थिति और अन्य तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। थाना प्रभारी बोले- तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र राम ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जानकारी में पत्नी के चले जाने के बाद युवक के परेशान रहने की बात सामने आई है। थाना प्रभारी के मुताबिक, परिजनों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है और न ही किसी पर कोई आरोप लगाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -
सिद्धार्थनगर में एसएसपी ने कई थानेदार बदले:रामकृष्ण मिश्र को खेसरहा का प्रभार, शशिकांत को सर्विलांस सेल भेजा गया
सिद्धार्थनगर जिले की पुलिस व्यवस्था में शनिवार को बदलाव किया गया। एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन ने कई थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियां दी हैं। इस आदेश के बाद कई थानों में नए प्रभारी निरीक्षक और थानाध्यक्ष तैनात किए गए हैं। आदेश के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक बांसी मृत्युंजय पाठक को उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड में नियुक्ति के लिए ट्रांसफर होने के कारण पुलिस लाइन भेजा गया है। रामकृष्ण मिश्र को पुलिस लाइन से खेसरहा का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं, महेंद्र प्रताप चतुर्वेदी को पुलिस लाइन से बांसी का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। त्रिलोकपुर के प्रभारी निरीक्षक हरे कृष्ण उपाध्याय को एसएसपी का पीआरओ बनाया गया है। उनकी जगह खेसरहा के थाना प्रभारी अनूप कुमार मिश्र को त्रिलोकपुर थाने की जिम्मेदारी दी गई है। अनूप कुमार मिश्र के खेसरहा से हटने के बाद वहां रामकृष्ण मिश्र को तैनात किया गया है। पुलिस की विशेष टीमों में भी बदलाव हुए हैं। उपनिरीक्षक चंद्रकांत पांडेय को एसओजी प्रभारी से ढेबरुवा का थानाध्यक्ष बनाया गया है। शशिकांत को पुलिस लाइन से सर्विलांस सेल का प्रभारी बनाया गया है। थाना स्तर पर हुए फेरबदल में जनार्दन प्रसाद को पुलिस लाइन से पथरा बाजार का थाना प्रभारी और पवन कुमार मौर्य को पुलिस लाइन से चिल्हिया का थाना प्रभारी बनाया गया है। पथरा बाजार के थाना प्रभारी ओम प्रकाश मिश्र को एनपी थेफ्ट टीम का प्रभारी बनाया गया है। एनपी थेफ्ट टीम के प्रभारी संतोष कुमार सिंह को डुमरियागंज थाने भेजा गया है। इसके अलावा, चिल्हिया के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता और ढेबरुआ के प्रभारी निरीक्षक दुर्गा प्रसाद को दूसरे जिले में ट्रांसफर होने के कारण पुलिस लाइन भेजा गया है। एक साथ हुए इस फेरबदल से जिले के कई महत्वपूर्ण थानों की कमान नए अधिकारियों के हाथ में पहुंच गई है। एसएसपी डॉ. अभिषेक महाजन की ओर से किए गए बदलाव के बाद अब नए थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। -
विश्वनाथपुर स्कूल में शिक्षक दिवस आयोजित:बच्चों ने राधाकृष्णन को याद किया, शिक्षकों ने भविष्य की चुनौतियों पर समझाया
गोरखपुर में प्राथमिक विद्यालय विश्वनाथपुर विकासखंड ब्रह्मपुर में शिक्षक दिवस मनाया गया। शिक्षक और छात्र-छात्राओं द्वारा भारत रत्न सर्वपल्ली डॉक्टर राधाकृष्णन की जयंती पर उन्हें याद किया गया। शिक्षकों ने बताया कि भारत के द्वितीय राष्ट्रपति और महान दार्शनिक शिक्षा विद डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हम शिक्षक दिवस के रूप में क्यों मनाते हैं। बच्चों से चर्चा करते हुए विद्यालय के सहायक अध्यापक अभय पाठक ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन ने कहा है कि एक शिक्षक को केवल विद्यार्थियों में तथ्यों को नहीं ठूसना चाहिए, बल्कि उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार भी करना चाहिए। -
गोरखपुर: शर्ट फाड़ी, थप्पड़े मारे… स्कूल में बेटी को मुर्गा बनाने पर पिता ने प्रिंसिपल को पीटा, देर से पहुंची थी छात्रा
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कक्षा 6 की छात्रा की देर से स्कूल पहुंचने पर प्रिंसिपल ने उसे मुर्गा बना दिया. वहीं, जब इसकी जानकारी छात्रा के पिता को हुई तो वह भड़क गए और स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल को थप्पड़ मार दिया. इतना ही नहीं, छात्रा के पिता ने प्रिंसिपल की शार्ट भी फाड़ दी, जिससे स्कूल में हड़कंप मच गया. छात्रा के पिता ने प्रिंसिपल को दुबारा ऐसा करने पर बुरा नतीजा भुगतने की धमकी भी दी. इसके बाद, स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रा के पिता के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है.

जानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला गोला थाना क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खिरकिटा दुबे का है. घटना 1 सितंबर की बताई जा रही है. वहीं, प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार की तकरीर पर 3 सितंबर को गोला थाने में छात्रा के पिता के खिलाफ मारपीट और स्कूल में तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज कराया है.
देर से स्कूल पहंची थी छात्रा
स्कूल के प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार ने पुलिस को दी पाने तहरीर में बताया है कि 1 सितंबर 2026 को छठवीं कक्षा की एक छात्रा सुबह स्कूल देर से पहुंची थी. उन्होंने बताया कि छात्रा अनुशासन में रहे इस लिए उसे कुछ देर के लिए पनिशमेंट देते हुए मुर्गा बना दिया था. स्कूल की छुट्टी के बाद जब छात्रा घर गई तो उसने यह बात अपने पिता से बताई. इसके बाद पिता तुरंत स्कूल पहुंच गए. स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि हम लोग भी स्कूल से घर के लिए निकलने वाले थे.
मुर्गा बनाने पर भड़के छात्रा के पिता
छात्रा के पिता ने छात्रा को पनिशमेंट देने का कारण पूछा, जिसके बाद छात्रा के पिता की प्रिंसिपल से बहस होने लगी. देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया. इसके बाद, उसने स्कूल में तोड़फोड़ भी की, उन्होंने बताया कि वहां मौजूद टीचरों ने बीच बचाव कर के मामला शांत कराया. छात्रा के पिता पेंट पॉलिश का काम करता हैं.
आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
वहीं इस मामले में गोला थानेदार चंद्र प्रकाश पांडे ने बताया कि प्रिंसिपल की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. आरोपी की तलाश की जा रही है. जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी. पीड़ित प्रिंसिपल ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. प्रिंसिपल ने ऐसी घटना आगे भी होने की आशंका जताते हुए पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
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सोमनाथ भारती की अर्जी पर सुनवाई टली:अब 19 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, यूपी अस्पतालों को लेकर की थी टिप्पणी
सुल्तानपुर कोर्ट में दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती की डिस्चार्ज अर्जी पर शनिवार 4:30 बजे बहस नहीं हो पाई। अभियोजन पक्ष ने अर्जी पर आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने अब इस अर्जी पर बहस के लिए 19 सितंबर की तारीख तय की है। पूर्व मंत्री के वकील रुद्र प्रताप सिंह मदन ने कुछ समय पहले यह डिस्चार्ज अर्जी दाखिल की थी। यह मामला 10 जनवरी 2021 का है, जब अमेठी के जगदीशपुर के हरपालपुर गांव निवासी शोभनाथ साहू ने सोमनाथ भारती के खिलाफ जगदीशपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। साहू ने आरोप लगाया था कि 9 जनवरी 2021 को जगदीशपुर के रामलीला मैदान में सोमनाथ भारती ने यूपी के अस्पतालों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि, “यूपी के अस्पतालों में कुत्ते के बच्चे पैदा होते हैं।” इस टिप्पणी के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अधिवक्ता रूद्र प्रताप सिंह मदन ने बताया कि आज न्यायालय की व्यस्तता के चलते बहस नहीं हो सकी है। -
सहारनपुर में मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन से बवाल, ओवैसी ने कहा- इसका खामियाजा भुगतान होगा, अखिलेश ने भी उठाए सवाल
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कचहरी परिसर की मस्जिद के एक हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद इसे लेकर प्रतिक्रिया सामने आई है. 16 जुलाई, 2026 को, सहारनपुर सिटी मजिस्ट्रेट ने स्ट्रक्चर को गैर-कानूनी घोषित किया और इसे गिराने का ऑर्डर जारी किया था. इसके बाद, मस्जिद कमेटी ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अपील की, जिसने 2 सितंबर को उसकी अपील खारिज कर दी, जिससे मस्जिद गिराने का रास्ता साफ हो गया और शनिवार को मस्जिद को गिरा दिया गया.

गिराने पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि वे लोग सनातनी कभी नहीं हो सकते जो दूसरे धर्मों का सम्मान न करते हों, जो दूसरे की आस्था के साथ खिलवाड़ करते हों. एक सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता. हमने तो यही सनातन में सीखा है.
अखिलेश बोले- ये सनातनी नहीं हो सकते
उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम यही बताता है कि पूरा विश्व एक परिवार है. सच्चा सनातनी सौहर्द पसंद लोग हैं. सौहार्द सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि ये इसलिए हो रहा है, क्योंकि भगवान प्रभु श्री राम के धन में चोरी करते हुए ये लोग पकड़े गए. चढ़ावे की चोरी में ये लोग पकड़े गए. SIT बनाकर जेल भेजने वाली बात से इनका सब कुछ छिन गया. जनता जान गई है कि ये किस तरह के लोग हैं इसलिए वे इसे सांप्रदायिक एंगल दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि क्या हाई कोर्ट में न्याय नहीं मिल सकता था? क्या अपील के लिए वे लोग सुप्रीम कोर्ट में नहीं जा सकते थे? अधिकारियों ने सरकार के इशारे पर ये काम किया है जिससे अगली कोर्ट में उन्हें न्याय ना मिल जाए.
ओवैसी ने पूछा- क्या यूपी में Rule of Law खत्म?
सहारनपुर में मस्जिद पर कार्यवाही को लेकर AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आखिर इतना जल्दी क्या थी? हाईकोर्ट में अपनी बात रखते. सुबह 5 बजे नाकाबंदी कर मस्जिद गिरा दिया गया. उन्होंने कहा कि योगी सरकार ये मामला ऊपरी अदालत में नहीं ले जाने देना चाहती थी. बीजेपी और योगी असवैंधानिक हरकतें कर रहे हैं. हमारी इबादतगाहों को आप तोड़ रहे हैं. क्या यूपी में रूल आफ ला खत्म हो गया है?
उन्होंने कहा कि मस्जिदों को देखते ही इनके दिल और दिमाग में दर्द शुरू हो जाता है. ये नफरत की बेहतरीन मिसाल है . यूपी में सिर्फ टी-फैक्टर चल रहा है . आज संविधान के टुकड़े करने की कोशिश की गई. हम चुनाव में इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे.
शिया धर्म गुरु यासूब अब्बास ने कहा कि DM साहब आपने जिस संविधान की शपथ ली है.वही संविधान ये कहता है कि आजादी से पहले बने हर धर्मस्थल का वजूद बरकरार रक्खा जायेगा. फिर कैसे आपने मस्जिद गिरा दी है.
उन्होंने कहा कि योगी पिछले 10 साल मे कोई ऐसा काम नहीं किया है, जिसके बल पर चुनाव में जा सके. इसलिए हिन्दू-मुस्लिम की राजनीति के बल पर चुनाव जीतना चाहते हैं, लेकिन ऐसा होगा नहीं. इस बार जनता राहुल गांधी के साथ है.
शहाबुद्दीन रजवी ने पुनर्निर्माण की मांग की
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए सरकार से मस्जिद को दोबारा बनाए जाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि मस्जिद पर बुलडोजर चलाया जाना बेहद अफसोस की बात है.
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्हें यह जानकर बेहद दुख हुआ कि सहारनपुर कचहरी की मस्जिद का आधा हिस्सा बुलडोजर से गिरा दिया गया. उनका कहना है कि यह मस्जिद ब्रिटिश शासन के समय की है और वर्ष 1910 में इसकी नींव रखी गई थी. तब से लेकर वर्ष 2026 तक यह जगह मस्जिद के तौर पर इस्तेमाल होती रही है.
उन्होंने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े पुराने दस्तावेज मौजूद हैं और मस्जिद इंतजामिया कमेटी ने कार्रवाई से पहले प्रशासनिक अधिकारियों के सामने दस्तावेज भी पेश किए थे. मौलाना का आरोप है कि अधिकारियों ने इन दस्तावेजों को लेने से इनकार कर दिया और उन्हें नजरअंदाज करते हुए मस्जिद के एक हिस्से पर बुलडोजर चला दिया गया.
इनपुटः ब्यूरो रिपोर्ट, टीवी9 भारतवर्ष
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आगरा करणी सेना के उपाध्यक्ष ने कैबिनेट मंत्री को बोला-च*र:मंच से माइक छीना,ब्राह्मण बनाम क्षत्रिय में बंटा सत्याग्रह
आगरा शहीद स्मारक पर चल रहे सवर्ण समाज के सत्याग्रह में शनिवार को जमकर हंगामा हो गया। मंच से ही नेताओं में तकरार शुरू हो गई और आंदोलन दो धड़ों में बंटता नजर आया। करणी सेना के उपाध्यक्ष ने मोर्चा खोल दिया। इस दौरान वे एक बार नहीं बलकि बार बार योगेंद्र उपाध्याय को चोर कहते हुए नजर आए। सवर्ण समाज का सत्याग्रह दोपहर होते-होते बिखरता नजर आया। अब मैदान खाली दिखने लगा है। एक युवक ने कहा-नेता बनने चले थे, लेकिन चार लोग भी नहीं जुटा पाए। अब पढ़े पूरा मामला… दरअसल, 5 सितंबर को UGC रोलबैक और आरक्षण में बदलाव को लेकर सत्याग्रह चल रहा था। इसी दौरान ब्राह्मण नेता पवन समाधिया ने मंच से कहा कि पुलिस-प्रशासन का कोई भी अधिकारी किसी अन्य व्यक्ति से बात न करे। इस आंदोलन का नेतृत्व 5 लोग कर रहे हैं, और उन्होंने जिन 5 लोगों के नाम लिए, वो सभी ब्राह्मण समाज से थे। इससे पहले क्षत्रिय समाज से आने वाली विधायक रानी पक्षालिका को लेकर भी मंच से टिप्पणी हुई थी, जिससे क्षत्रिय समाज के लोग पहले से नाराज थे। इसी बात को लेकर आगरा करणी सेना के उपाध्यक्ष राजीव चौहान ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दक्षिण विधानसभा के विधायक और कैबिनेट उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय का नाम लेते हुए मंच से कहा- योगेंद्र उपाध्याय चोर है। यहां मंच से रानी पक्षालिका का नाम क्यों ले रहे है। वो हमारी नेता है, जब किसी नाम नहीं लिया जा रहा तो उनका क्यों। उन्होंने आरोप लगाया कि जब विधायक रानी पक्षालिका को लेकर टिप्पणी हुई, तब भी क्षत्रिय समाज चुप रहा। लेकिन अब जब आंदोलन में सभी समाज शामिल हैं, तो केवल ब्राह्मण नेताओं के नाम क्यों लिए जा रहे हैं। “अपने नेता योगेंद्र उपाध्याय का नाम इस मंच से क्यों नहीं लिया जा रहा, वह तो चोर है। इसके बाद मंच पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ ब्राह्मण नेताओं ने उनसे माइक लेने की कोशिश की। इस घटना से नाराज होकर क्षत्रिय महासभा के लोग सत्याग्रह छोड़कर चले गए, जिससे पूरा आंदोलन बिखरता दिखा।