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राष्ट्रपति ने हिमाचल की मंजरी को नेशनल टीचर अवॉर्ड दिया:गवर्नर ने 31 टीचरों को स्टेट टीचर अवॉर्ड से नवाजा; वीरेंद्र चौहान के चयन पर बवाल
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के सुजानपुर सीबीएसई स्कूल की प्रिंसिपल मंजरी महाजन को शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेशनल टीचर अवॉर्ड से सम्मानित किया। मंजरी महाजन ने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, नई तकनीक से पढ़ाई और सभी बच्चों की भागीदारी के लिए काम किया हैं। इसके अलावा स्कूल में कचरे का बेहतर प्रबंधन, कचरे का सेग्रीगेशन, प्लास्टिक कलेक्शन और उसे पंचायत में जमा करवाने के साथ साथ प्लास्टिक फ्री कैंपस बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। इसके आधार पर उनका चयन नेशनल टीचर अवॉर्ड के लिए किया गया। गवर्नर ने स्टेट टीचर अवार्ड से नवाजे 31 शिक्षक वहीं, हिमाचल के गवर्नर कविंद्र गुप्ता ने 31 शिक्षकों को ‘स्टेट टीचर अवॉर्ड’ से नवाजा। इस मौके पर शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी भी मौजूद रहे।स्कूल शिक्षा विभाग के 21 शिक्षकों, उच्च शिक्षा विभाग के 5 टीचर एवं प्रिंसिपल तथा टेक्नीकल एजुकेशन के 5 अध्यापकों को यह पुरस्कार दिया गया। एजुकेशन सेक्रेटरी राकेश कंवर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने और विद्यार्थियों की पढ़ाई में विशेष रुचि दिखाने वाले शिक्षकों का इस अवार्ड के लिए चयन किया गया है। चयन के वक्त सभी मापदंडो का ध्यान रखा गया है। विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी: राज्यपाल इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं की सक्रिय और सार्थक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजबूत और विकसित भारत की नींव के रूप में गुणवत्तापूर्ण, समावेशी और मूल्य आधारित शिक्षा को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा अब केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं है। इसमें ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता, नवाचार, शोध और चरित्र निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक के दौर में शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। तकनीक शिक्षण प्रक्रिया में मदद कर सकती है, लेकिन शिक्षक से मिलने वाली प्रेरणा, मार्गदर्शन, स्नेह और संस्कार की जगह नहीं ले सकती। वीरेंद्र चौहान के अवॉर्ड पर सवाल वहीं शिक्षा विभाग के दावों पर कुछ टीचरों ने सवाल उठाए। खासकर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) शिमला के प्रिंसिपल वीरेंद्र चौहान के चयन पर सवाल उठाए गए।गवर्नर को लिखे पत्र में दावा किया गया कि वीरेंद्र चौहान का नाम 29 अगस्त 2025 को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए शिक्षकों की लिस्ट में नहीं था। इसके बावजूद उनका नाम बाद में टीचर अवॉर्ड वाली लिस्ट में शामिल किया गया। 11 टीचरों द्वारा गवर्नर को लिखे पत्र में इसकी जांच की मांग की गई है। चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं बरतने के आरोप शिक्षकों ने राज्यपाल को भेजे पत्र में चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, निर्धारित पात्रता और श्रेणीवार मानदंडों का समान रूप से पालन नहीं होने की बात कही है। उन्होंने पूरे चयन रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी आपत्ति किसी चयनित शिक्षक के खिलाफ नहीं है, बल्कि चयन प्रक्रिया, पात्रता और निर्धारित मानदंडों के समान रूप से लागू होने को लेकर है। दूसरे राज्य शिक्षक पुरस्कार पर भी सवाल टीचरों ने यह भी आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार पहले राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त कर चुके शिक्षक को दोबारा यह पुरस्कार देने की पात्रता नहीं है। इसके बावजूद JBT सृष्टि शर्मा को दूसरी बार राज्य शिक्षक पुरस्कार दिए जाने का दावा किया गया है। शिक्षकों ने इस मामले में संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि ऐसा हुआ है तो पात्रता की शर्त किस आधार पर लागू की गई। टीचर डे अवार्ड के PHOTOS… -
कैग रिपोर्ट में खुलासा: हिमाचल में मनरेगा के फंड से बना दिए 180 पंचवटी पार्क, 15.75 करोड़ खर्चे
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंहिमाचल प्रदेश में मनरेगा के तहत विकास कार्यों के लिए उपलब्ध केंद्रीय धन के इस्तेमाल में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (कैग) की वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य में मनरेगा की राशि का इस्तेमाल पंचवटी योजना के तहत पार्क बनाने में किया गया। 180 स्थानों पर बनाए गए इन पार्कों पर कुल 15.75 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें से 4.41 करोड़ रुपये के खर्च को कैग ने अमान्य करार दिया है।
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हिमाचल के आढ़ती अडानी और कॉर्पोरेट घरानों पर भड़के:बहिष्कार की अपील; MLA राठौर बोले- मार्केटिंग बोर्ड मूक दर्शन न बने, उचित मूल्य दिलाए
हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन के बीच आढ़तियों ने अडानी समेत दूसरे कॉर्पोरेट घरानों के बहिष्कार की अपील की है, क्योंकि प्राइवेट कंपनियों ने ओपन मार्केट में अच्छे रेट के बावजूद कम रेट खोले हैं। खासकर छोटे सेब के दाम काफी गिराए गए हैं। आढ़तियों के मुताबिक, निजी कंपनियां सेब के बाजार को गिराने की साजिश रच रही हैं। इस बीच ठियोग के विधायक एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने भी छोटे सेब के कम रेट पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बागवान पहले ही मौसम, अधिक लागत और कम उत्पादन की मार झेल रहे हैं। ऐसे में उनकी मजबूरी का फायदा उठाना उचित नहीं है। उन्होंने चेताया कि बागवानों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। राठौर ने हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग बोर्ड की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बोर्ड केवल दर्शक बनकर नहीं रह सकता। उसे बागवानों के हितों की रक्षा के लिए खरीद और विपणन व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मंडियों में ₹110 बिक रहा पितू सेब, निजी कंपनियां ₹60 रुपए खरीद रही: हरीश वहीं हिमाचल आढ़त एसोसिएशन के चेयरमैन हरीश ठाकुर ने कहा कि पराला मंडी में इन दिनों 105 रुपए से 170 रुपए प्रति किलो के हिसाब से सेब बिक रहा है, जबकि निजी घराने 40 रुपए से 115 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में ‘पितू’ (सबसे छोटे आकार का) सेब 100 से 120 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। इसके विपरीत निजी कंपनियों ने पितू सेब का शुरुआती रेट लगभग 60 रुपए रखा है। प्राइवेट कंपनियों को भी गड्ढ में सेब खरीदने के लिए बाध्य करें सरकार: प्रताप हिमाचल आढ़त एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रताप चौहान ने कहा कि हर साल निजी कंपनियों के रेट ओपन करते ही ओपन मार्केट गिर जाती है। इसकी बड़ी वजह प्राइवेट कंपनियों द्वारा ‘ए’ ग्रेड सेब खरीद लिया जाना है, जबकि बाकी सारा सेब रिजेक्ट करके मंडियों को भेज दिया जाता है। इससे हर साल सेब की मार्केट गिरती है। इसे देखते हुए उन्होंने मांग की है कि सरकार प्राइवेट कंपनियों को भी गड्ढ (सभी साइज का सेब एक रेट पर बेचना) में सेब खरीदने के लिए बाध्य करे, जिस प्रकार आढ़तियों को किया जाता है। ओपन मार्केट में औसत रेट, कंपनियां अलग-अलग ग्रेड में खरीद रहीं हरीश ठाकुर ने कहा कि मंडियों में बागवानों को अलग-अलग साइज का सेब औसत रेट यानी ‘गड्ड’ में बिकता है। बागवानों को पूरे लॉट का बेहतर औसत मूल्य मिलता है। वहीं, निजी कंपनियां अलग-अलग आकार और ग्रेड के सेब की अलग-अलग कीमत तय कर खरीदती हैं। इससे बागवानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी वजह से सेब का बाजार गिरता है। निजी कंपनियों के खिलाफ आढ़ती लामबद्ध हरीश ठाकुर ने कहा कि आढ़ती एसोसिएशन ने इसी मसले पर एक मीटिंग भी कर ली है। इसमें सभी आढ़तियों ने निजी कंपनियों की मनमानी रोकने के लिए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। इससे आढ़तियों नहीं, बल्कि बागवानों का फायदा होगा और आने वाले सालों में भी सेब का बाजार इनकी साजिश से नहीं गिर सकेगा। -
बल्क ड्रग पार्क: बनेंगे 81 प्लॉट, अक्तूबर से उद्योगों को होगा आवंटन, 21 फीट चौड़ी होगी सड़क
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वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखेंऊना में विकसित हो रहे बल्क ड्रग पार्क में फार्मा उद्योगों के लिए 81 प्लॉट तैयार किए गए हैं। इनके आवंटन की प्रक्रिया अक्तूबर से शुरू हो जाएगी। पार्क में बाहरी राज्यों के उद्योगपतियों को भी निवेश का अवसर मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर से पहले चरण में उत्पादन शुरू हो जाए, मार्च, 2027 तक सभी यूनिटें उत्पादन करना शुरू कर दें। इससे हिमाचल में फार्मा उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदेश के बाहर भी कच्चे माल की सप्लाई का रास्ता खुलेगा। बल्क ड्रग पार्क 11,240 बीघा में बन रहा है। पार्क में प्लॉटों के आसपास बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रत्येक प्लॉट के इर्द-गिर्द 21 फीट चौड़ी सड़क होगी, जिससे उद्योगों तक वाहनों की आवाजाही सुगम रहे। इसके अलावा हर प्लॉट में पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे उद्योगों को माल ढुलाई, कच्चे माल की आवाजाही और तैयार उत्पादों के परिवहन में सुविधा मिलेगी। सरकार की योजना बल्क ड्रग पार्क को फार्मा उद्योगों के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है।
यहां दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल तैयार किया जाएगा। इससे प्रदेश के फार्मा उद्योगों को स्थानीय स्तर पर कच्चा माल उपलब्ध होने की उम्मीद है। वर्तमान में कई उद्योगों को कच्चे माल के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। पार्क में तैयार होने वाला फार्मा कच्चा माल केवल हिमाचल तक सीमित नहीं रहेगा। इसे दूसरे राज्यों में भी सप्लाई किया जाएगा। इससे प्रदेश के उद्योगों को नए बाजार मिलेंगे और हिमाचल की फार्मा इंडस्ट्री को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने का अवसर मिलेगा। अक्तूबर से प्लॉट आवंटन शुरू होने के बाद उद्योगों की स्थापना का काम गति पकड़ने की उम्मीद है।
सरकार की ओर से पहले चरण का उत्पादन दिसंबर से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए पार्क में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि बल्क ड्रग पार्क के माध्यम से सरकार फार्मा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने और दवा उद्योग के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बाहरी राज्यों के उद्योगपतियों के निवेश से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। हिमाचल के उद्योगपतियों को भी इसका फायदा होगा। उत्पादन की क्षमता को देखते हुए प्लॉट आवंटित होंगे।
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हिमाचल में कंगना रनोट बोलीं-लोग मुझे निठल्ला कह रहे:अफसरों को फटकारा- बैठक में खानापूर्ति के लिए न आएं, फैसलों पर काम भी करें
हिमाचल के मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट ने शनिवार को अधिकारियों को जमकर फटकारा। जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसद निधि का इस्तेमाल नहीं होने पर कंगना ने कहा- यह एक मजाक बनकर रह गया है। उन्होंने बैठक में सभी BDO को खड़ा कर कहा कि मैं नेशनल मीडिया में इस बारे में कुछ बोल नहीं पा रही हूं। लोग रील बना रहे हैं। मुझे निठल्ला कह रहे हैं। उन्होंने कहा- सांसद का काम फंड देना है, उसे खर्च करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की है। अधिकारी केवल खानापूर्ति के लिए बैठकों में न आएं, बल्कि पिछली बैठकों में लिए गए फैसलों पर भी काम करें। उन्होंने सवाल किया कि पिछली बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई थी, उन पर अब तक काम क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल सुझाव और योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा। इन्हें लागू करना जरूरी है। 11 करोड़ रुपए में से अभी आधी राशि का इस्तेमाल भी नहीं हुआ। आप लोग यहां केवल सैलरी उठाने आ जाते हैं। पढ़िए बैठक में और क्या बोलीं कंगना… हमने अब तक क्या किया, टाइम वेस्ट क्यों
कंगना ने कहा, ‘मीटिंग में जो भी बातें होती हैं, उन पर हमने अब तक क्या किया है। उसकी प्रोग्रेस भी होनी चाहिए। क्यों टाइम वेस्ट किया जा रहा है? कोई फॉर्मेलिटी है क्या ये? पिछली बार जो कहा था, इस बार भी वही कह रहे हैं। मैं ये पैटर्न हर चीज में, हर डिपार्टमेंट में देख रही हूं। पिछली बार मैंने कहा था आप लोगों से कि जो हम बात करते हैं, वो आगे बढ़नी चाहिए। हम वहीं रुककर नहीं रह सकते।’ इसे लागू कर रहे या सिर्फ सजेशन दे रहे
कंगना ने कहा- ऐसा लगता है कि हम संकट की ओर जा रहे हैं। आप लोगों को किसी भी विषय पर मेरा सजेशन चाहिए? आपको इसे लागू करना होगा, ताकि हम अगले चरण पर जा सकें और यह देख सकें कि इसे लागू करने के बाद हमारे सामने क्या-क्या चुनौतियां आती हैं। क्या हम सिर्फ सजेशन दे रहे हैं, जिनमें केवल आइडिया हैं और कोई प्रेक्टिकेलिटी और ग्राउंड नहीं है? हम ये कैसे एक्सेप्ट करेंगे? हम ये कैसे पता लगाएंगे, जब तक हम अगले चरण पर नहीं बढ़ते। पूरे देश की नजर मंडी पर, सभी BDO खड़े हो जाएं
कंगना ने कहा- पूरे देश की नजर मंडी पार्लियामेंट की परफॉर्मेंस पर है। हमें इतनी मीडिया रिपोर्ट आती हैं। ये सारे डिपार्टमेंट में जो घोटाला चलता है, एक के बाद एक…यह स्वीकार्य नहीं है। पूरे देश में हम मजाक बनकर रह गए हैं। बीडीओ कौन-कौन है? सभी खड़े हो जाएं। जो भी एमपी लैड की पुअर परफॉर्मेंस के लिए जिम्मेदार है, सभी खड़े हो। मुझे निठल्ली कह रहे, क्या जवाब दूं
कंगना ने कहा- सारे देश में ये खबर चल रही है कि कंगना ने 11 करोड़ दिए हैं और काम एक भी नहीं हुआ। इतनी निठल्ली है, इतनी निकृष्ट है। क्या बोलूं मैं वहां मीडिया के सामने कि यहां पर ये सिर्फ तनख्वाह खाने के लिए आते हैं? हमारे प्रदेश के लोगों के बारे में क्या बोलूं मैं? कुछ लोग फंड पर कुंडली मारकर बैठे
कंगना ने कहा- एक सांसद का काम होता है पैसे देना। मार्च-अप्रैल तक 11 करोड़ में से सिर्फ बहुत कम खर्च हुआ। पूरे क्षेत्र में एक करोड़ भी यूज नहीं हुआ था दो सालों में। मिनिस्ट्री से मुझे इतने सारे लेटर भेजने पड़े। क्या उनको कोई और काम नहीं है क्या? हर दिन मेरे पीए, हर दिन मैं… हम लोग मिनिस्ट्री के ऑफिस में बैठे रहते थे। कई लोगों ने फंड लिए हुए हैं, काम शुरू नहीं कर रहे हैं। कई लोग फंड पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। उनके पास लैंड नहीं है, उनके पास परमिशन नहीं हैं, झूठे MOUs पर साइन कराकर भेजे हुए हैं। तो आप लोगों का दायित्व बनता है कि उनको कहें कि अपना ये मनी रिटर्न करें। कुछ लोगों ने काम खत्म किया लेकिन दिख नहीं रहा
कंगना ने पूछा- आप लोगों ने किसे फोन किए? कुछ-कुछ लोगों ने काम खत्म किया हुआ है, फिर भी उनके अकाउंट में रुपए बचे हुए हैं। वर्क रिफ्लेक्ट नहीं हो रहा। और जिन लोगों ने पैसा यूज किया है, काम करवाया है, उन लोगों को अपलोड ही नहीं करना आता। मंडी सांसद बोलीं- कितनी ट्रेनिंग दिलवाई हम लोगों ने। यह कैसा व्यवहार है? आप क्यों रोक रहे हैं? हम बैठक क्यों कर रहे हैं? ये… क्यों कर रहे हैं आप लोग मीटिंग अगर आप लोगों को ये काम पुश करना ही नहीं है? देखिए, मीटिंग से जुड़े कुछ PHOTOS… ————— – BJP सांसद कंगना रनोट के 5 विवादित बयान:सार्वजनिक माफी और सफाई देनी पड़ी, अब ‘गटरछाप’ वाले बयान पर दिया स्पष्टीकरण विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाली मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनोट को गटर जनरेशन और गटरछाप वाले बयान पर सफाई देनी पड़ी है। यह पहला मौका नहीं, जब कंगना को सार्वजनिक तौर पर माफी या फिर सफाई देनी पड़ी हो। सांसद किसान आंदोलन, जावेद अख्तर से कानूनी विवाद और महिंदर कौर मामले में खेद जता चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… -
ऊना में SIU ने 10 ग्राम चिट्टा पकड़ा:शिव मंदिर के पास से तस्कर गिरफ्तार; इलेक्ट्रॉनिक मशीन भी मिली
ऊना जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई की है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट ( SIU) ऊना ने कोटलाखुर्द में शिव मंदिर के पास से एक युवक को 10 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा है। आरोपी की पहचान कोटलाखुर्द निवासी राजिंदर शर्मा के रूप में हुई है। सदर थाना ऊना में उसके खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। शुक्रवार देर शाम SIU ऊना को गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद SIU की टीम ने शिव मंदिर कोटलाखुर्द के पास एक युवक के बैग की तलाशी ली। तलाशी में बैग से 10 ग्राम चिट्टा और एक इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन मिली। पुलिस ने आरोपी राजिंदर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। उसे पुलिस थाने ले जाकर पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह चिट्टा कहां से लाया था। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज एसपी ऊना सचिन हिरेमठ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और नशा तस्करी के सभी लिंक खंगाल रही है। तस्करों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान: एसपी एसपी ने यह भी कहा कि ऊना पुलिस नशा माफिया और अवैध तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे की अवैध बिक्री या तस्करी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। युवाओं को नशे की लत में धकेलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा मुक्त समाज के लिए पुलिस का अभियान जारी रहेगा। -
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट! कई जिलों में बरसेंगे मेघ, जाने अगले चार दिन का हाल
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट! कई जिलों में बरसेंगे मेघ, जाने अगले चार दिन का हाल

धर्मशाला में पानी की सप्लाई हुई प्रभावित
शिमला। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में गुरुवार को हुई लगातार भारी बारिश से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। चंडीगढ़-शिमला हाईवे के एक हिस्से पर मलबा आने से सड़क बंद हो गई और ट्रैफिक प्रभावित हुआ। वहीं, तेज बहाव के साथ आया पानी सड़क किनारे बनी कुछ दुकानों में घुस गया। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य में 9 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
परवाणू से करीब 10 किलोमीटर दूर चक्की मोड़ के पास चंडीगढ़-शिमला फोरलेन हाईवे पर मलबा आने से सड़क का एक हिस्सा बंद करना पड़ा। ऐसे में वाहनों को सिर्फ एक लेन से निकालना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
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भारी बारिश के कारण हाईवे से बहकर आया पानी धर्मपुर के पास जबली इलाके की कुछ दुकानों में घुस गया। वहीं, परवाणू के कई हिस्सों में भी पानी भर गया। पहाड़ी इलाकों से पानी और मलबा तेजी से नीचे आने के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया।
अधिकारियों के मुताबिक अभी तक बारिश के कारण किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, कसौली विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश से लाखों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन कसौली, धर्मपुर, चक्की मोड़ और परवाणू समेत आसपास के इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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कसौली के एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दौरान लोग बेवजह घरों से बाहर न निकलें और नदी-नालों व जलाशयों के पास जाने से बचें।
कांगड़ा जिले में भी बारिश और भूस्खलन के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। धर्मशाला शहर को पानी पहुंचाने वाली मुख्य ग्रेविटी पाइपलाइनें नड्डी इलाके में भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके चलते शहर के कई हिस्सों में पीने के पानी की सप्लाई प्रभावित हुई है।
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गुरुवार को बिलासपुर के नैना देवी में सबसे ज्यादा 130.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद मंडी के मुरारी देवी में 85.8 मिलीमीटर, जट्टोन बैराज में 67.6 मिलीमीटर, नाहन में 45.4 मिलीमीटर और कसौली में 45 मिलीमीटर बारिश हुई। धर्मशाला में 44.3 मिलीमीटर, पच्छाद में 33 मिलीमीटर और कांगड़ा में 25.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण गुरुवार शाम तक हिमाचल प्रदेश में कुल 95 सड़कें ट्रैफिक के लिए बंद थीं। सबसे ज्यादा सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू, सिरमौर, कांगड़ा, चंबा, ऊना, शिमला, सोलन, लाहौल-स्पीति और बिलासपुर में भी कई सड़कें प्रभावित हुई हैं।
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बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा। प्रदेश में 43 बिजली के ट्रांसफार्मर और 35 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इससे कई इलाकों में बिजली और पानी की समस्या पैदा हो गई है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में करीब 108 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, प्रदेश को करीब 1,235 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
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हिमाचल शर्मसार – धड़ से अलग मिला मा**सूम का सि..र, जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने नवजात के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि नवजात की मौत कब और किस वजह से हुई थी। -
उपलब्धि: गिरिपार के चार युवाओं ने कबड्डी में दम दिखाया, अब रेफरी बनकर संभालेंगे कमान
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हिमाचल के 17 पुलिस ऑफिसर अगले साल होंगे रिटायर:इनमें 3 IPS और 14 HPS शामिल; गृह विभाग ने जारी किया नोटिफिकेशन
हिमाचल सरकार ने साल 2027 में रिटायर होने वाले पुलिस अधिकारियों की लिस्ट जारी कर दी है। गृह विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार- हिमाचल कैडर के 3 IPS तथा 14 हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा (HPPS) अगले साल रिटायर होंगे। इसके मुताबिक- 1993 बैच के IPS एवं वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो नई दिल्ली में डिप्टी डायरेक्टर जनरल पद पर सेवाएं दे रहे अनुराग गर्ग 31 जुलाई, 2027 को रिटायर होंगे। HP 1995 बैच के IPS एवं केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे एन वेणुगोपाल 31 दिसंबर 2027 और 2008 बैच के IPS एवं आईजी डा. डीके चौधरी 31 दिसंबर 2027 को रिटायर होंगे।