Category: himachal

  • हिमाचल : रात के अंधेरे में चरस लेकर जा रहा था टेक चंद, साथी संग पुलिस ने किया अरेस्ट

    गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेएमएफसी कोर्ट नंबर-2 मंडी की अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। अब पुलिस रिमांड के दौरान मामले से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
  • हिमाचल : सेब के बगीचे में काम कर रहे व्यक्ति पर झपटा भालू, किया बूरा हाल

    इस घटना के बाद थड़ा गांव और आसपास के इलाकों में लोगों के बीच डर का माहौल है। इन दिनों सेब का सीजन चल रहा है और ग्रामीण रोजाना अपने बगीचों में काम करने के लिए जा रहे हैं। ऐसे में जंगली जानवरों की मौजूदगी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
  • हिमाचल: 20 वर्षीय युवक लापता, मां की सोने की बालियां भी ले गया साथ; परिवार को सता रही चिंता

    हिमाचल: 20 वर्षीय युवक लापता, मां की सोने की बालियां भी ले गया साथ; परिवार को सता रही चिंता

    मंडी। हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां 20 वर्षीय युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। युवक के अचानक घर से गायब होने के बाद से परिजन परेशान हैं और उसकी तलाश में जुटे हुए हैं। वहीं, पुलिस ने भी मामले को लेकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, हर्ष कुमार गांव और डाकघर कटौला, उपतहसील कटौला, जिला मंडी का रहने वाला है। उसके पिता नरेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि हर्ष 24 अगस्त की शाम करीब 4 बजे घर से बिना बताए कहीं चला गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ समय बाद वापस आ जाएगा, लेकिन काफी देर बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटा।

    यह भी पढ़ें : 

    हर्ष के घर वापस न आने पर परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने आसपास के इलाकों और संभावित स्थानों पर युवक के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल पाया। इसके बाद परिवार ने पुलिस से मदद मांगी और मामले की शिकायत दर्ज करवाई।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि घर से निकलते समय हर्ष अपनी मां की करीब 6 ग्राम सोने की बालियां भी अपने साथ ले गया है। इस जानकारी के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई है। हालांकि, युवक के लापता होने के पीछे क्या कारण है, इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    यह भी पढ़ें : 

    परिजनों की शिकायत मिलने के बाद पधर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस की ओर से युवक की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाने के साथ-साथ युवक के बारे में संभावित सुराग तलाश रही है।

    हर्ष के लापता होने के बाद परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं। परिजनों को उम्मीद है कि पुलिस की जांच के बाद जल्द ही हर्ष का पता चल जाएगा और वह सुरक्षित घर वापस लौटेगा।

    यह भी पढ़ें : हिमाचल: 

    SP मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पधर पुलिस थाने में युवक के लापता होने को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस युवक की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। फिलहाल हर्ष के लापता होने की सही वजह का पता नहीं चल पाया है।

  • हिमाचल: मणिमहेश का वो रहस्य, जिसे आज भी नहीं भूले लोग… कैलाश की ओर बढ़ा था गड़रिया, फिर पत्थर बनने की कहानी

    खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

    या
    वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

    हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों में कई ऐसी जगहें हैं, जहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। चारों तरफ ऊंची चोटियां, सामने बर्फ से ढका पहाड़ और बीच में शांत मणिमहेश झील। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सिर्फ एक यात्रा नहीं होती, बल्कि भगवान शिव के दरबार तक पहुंचने जैसा अनुभव होता है।

    मणिमहेश कैलाश को लेकर कई कहानियां स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच सुनने को मिलती हैं। इनमें एक कथा ऐसी भी है, जो बरसों से लोगों की जुबान पर है। कहानी एक गड़रिये की है, जिसने कैलाश की चोटी की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी। कहा जाता है कि इसके बाद जो हुआ, उसे लोग आज भी मणिमहेश की रहस्यमयी मान्यता से जोड़कर देखते हैं।

    आज भी कुछ प्राकृतिक चट्टानों और पहाड़ी आकृतियों को इसी कथा से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, इस कहानी की पुष्टि करने वाला कोई वैज्ञानिक या ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यह पीढ़ियों से चली आ रही लोकमान्यता है।

    रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android , iOS और अपने मोबाइल पे|
    Get all in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more .

  • जम्मू-कश्मीर से मणिमहेश यात्रा के लिए पहला जत्था पहुंचा:श्रद्धालु नंगे पांव यात्रा पर निकले, चंबा में आस्था का अनूठा संगम; कल होगा रवाना

    उत्तर भारत की प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर से शिव भक्तों के जत्थे भरमौर पहुंचने लगे हैं। इसी क्रम में, पहला जत्था आज दोपहर भरमौर के 84 परिसर पहुंचा। यहां पूजा-अर्चना के बाद यह जत्था कल मणिमहेश के लिए रवाना होगा। हर साल सैकड़ों शिव भक्त इस यात्रा में शामिल होने के लिए भरमौर आते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से आए इन श्रद्धालुओं की यात्रा आस्था और भक्ति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है। कई भक्त भरमौर पहुंचने के बाद मणिमहेश डल झील तक का सफर नंगे पांव तय करते हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों, चढ़ाई और मौसम की चुनौतियों के बावजूद, उनके कदम भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा के साथ आगे बढ़ते रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के शिव भक्त भगवान भोलेनाथ को आराध्य मानते हैं और स्वयं को माता पार्वती के वंशज से जोड़कर देखते हैं। इसी आस्था के चलते वे भगवान शिव को अपना जमाई मानते हैं। मान्यता है कि सर्दियों के आगमन से पहले भगवान भोलेनाथ को जम्मू-कश्मीर आने का निमंत्रण देने और उन्हें अपने क्षेत्र में आने का आग्रह करने की धार्मिक परंपरा से भी इस यात्रा को जोड़ा जाता है। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगे जम्मू-कश्मीर से आने वाले श्रद्धालुओं का भरमौर पहुंचने पर स्थानीय लोगों और अन्य यात्रियों के साथ आत्मीय मिलन भी देखने को मिलता है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था श्रद्धालुओं का कहना है कि मणिमहेश यात्रा उनके लिए केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक जुड़ाव का प्रतीक है। कठिन रास्ते की हर चुनौती उनके उत्साह को और बढ़ाती है। जम्मू-कश्मीर से पहुंचे इन शिव भक्तों के जत्थों से भरमौर और मणिमहेश यात्रा क्षेत्र का धार्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया है।
  • हिमाचल की महिला को जीरकपुर में कार चालक ने उड़ाया, टक्कर से 20 मीटर दूर तक घिसटती गई 

    हिमाचल की महिला को जीरकपुर में कार चालक ने उड़ाया, टक्कर से 20 मीटर दूर तक घिसटती गई 

    दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया, 15 साल की बेटी और 9 साल का है बेटा

    मोहाली/कांगड़ा। चंडीगढ़ से सटे मोहाली के जीरकपुर में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने हिमाचल प्रदेश के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में हिमाचल की रहने वाली महिला देविंदर कौर की दर्दनाक मौत हो गई। वह अपनी बहन के साथ ढकोली इलाके में ढाबा चलाती थीं और पास ही स्थित अपने होटल का काम भी संभालती थीं। देर रात ढाबा बंद करने के बाद वह पैदल होटल की ओर जा रही थीं, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला कार के बोनट पर जा गिरीं और हवा में उछलने के बाद सड़क पर आ गिरीं। इसके बाद वह कई पलटियां खाते हुए करीब 20 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गईं। 

    बताया जा रहा है कि देविंदर कौर अपनी बहन प्रीति के साथ जीरकपुर के ढकोली क्षेत्र में ‘पिंड पंजाबी ढाबा’ चलाती थीं। ढाबे के सामने ही एन्क्लेव में उनका ‘पाकीजा होटल’ भी है। 22 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे देविंदर कौर ढाबा बंद करने के बाद पैदल होटल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान सड़क पार करते वक्त एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत महिला की मदद के लिए दौड़े।

    यह भी पढ़ें :

    हादसे से जुड़ा करीब 17 सेकेंड का वीडियो सामने आया है। वीडियो में हाईवे पर वाहन गुजरते दिखाई देते हैं। इसी दौरान एक कार तेज गति से आती है और सड़क पर जा रही महिला को जोरदार टक्कर मार देती है। टक्कर लगते ही देविंदर कौर कार के बोनट पर जा गिरती हैं और जोरदार झटके के कारण हवा में उछल जाती हैं। इसके बाद वह सड़क पर गिरती हैं और कई बार पलटियां खाते हुए करीब 20 मीटर तक घिसटती चली जाती हैं। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचते हैं। महिला को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

    परिजनों के अनुसार हादसा इतना भीषण था कि देविंदर कौर के शरीर की कई हड्डियां टूट गई थीं। परिवार का आरोप है कि कार काफी तेज रफ्तार में थी और चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। परिजनों ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में चालक की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। 

    हादसे के बाद कार चालक मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ वाहन की गति, चालक की भूमिका और घटनास्थल से सामने आए वीडियो सहित अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    देविंदर कौर मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जलाड़ी की रहने वाली थीं। वह मदन सिंह की बेटी थीं। रोजगार के सिलसिले में वह जीरकपुर में रह रही थीं और अपनी बहन के साथ मिलकर ढाबा व होटल का काम संभाल रही थीं। परिवार के अनुसार देविंदर कौर के दो बच्चे हैं। उनकी 15 वर्षीय बेटी मंजोत और 9 वर्षीय बेटा प्रभनूर है। मां की अचानक मौत के बाद दोनों बच्चों समेत पूरा परिवार सदमे में है।

    जिस रात देविंदर कौर रोज की तरह अपना काम खत्म कर होटल की ओर जा रही थीं, शायद परिवार ने भी नहीं सोचा होगा कि कुछ ही देर में उनके पास ऐसी खबर पहुंचेगी जो पूरी जिंदगी का दर्द बन जाएगी। सड़क पर हुई एक तेज टक्कर ने न केवल एक महिला की जान ले ली, बल्कि पीछे परिवार और छोटे बच्चों को गहरे सदमे में छोड़ दिया। अब परिजन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, सामने आए हादसे के वीडियो ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • CM सुख्खू का विधानसभा में बड़ा ऐलान, महिलाओं के केस रखे जाएंगे गोपनीय जाने पूरी खबर

    CM सुख्खू का विधानसभा में बड़ा ऐलान, महिलाओं के केस रखे जाएंगे गोपनीय जाने पूरी खबर

    शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार महिलाओं का सम्मान करती है। कई बार महिलाएं अपनी परेशानी या उत्पीड़न की बात खुलकर सामने नहीं रख पाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए शिकायत दर्ज कराने से जुड़े नियमों में बदलाव किया जाएगा, ताकि महिलाएं आसानी से अपनी बात रख सकें और उनकी पहचान भी सुरक्षित रहे।

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल ने बताया कि पिछले तीन साल में सरकारी, अर्ध-सरकारी और निजी दफ्तरों के साथ शिक्षण संस्थानों में महिलाओं के उत्पीड़न के 131 मामले सामने आए हैं। इनमें से 37 मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। तीन लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया, एक को कड़ी सजा दी गई, जबकि एक अन्य को निलंबित किया गया।

    मंत्री ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। केंद्र सरकार के ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल के जरिए कामकाजी महिलाएं कार्यस्थल पर उत्पीड़न की शिकायत गोपनीय तरीके से दर्ज कर सकती हैं। साथ ही शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ऑनलाइन ली जा सकती है।

  • रक्षाबंधन के दिन फेल हुआ HRTC बस का ब्रेक: कई यात्री थे सवार- मची चीख-पुकार

    हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बस में सवार कई यात्रियों के घायल होने की सूचना है। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में मदद की।
  • सुजानपुर में प्रवासी मजदूर की गिरने से मौत:साथियों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, गोरखपुर से रोजी कमाने आया था

    हिमाचल प्रदेश के सुजानपुर में रोजी-रोटी कमाने आए उत्तर प्रदेश के एक प्रवासी मजदूर की अपने किराए के मकान में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण मजदूर ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। सुजानपुर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मजदूर पिछले कई वर्षों से सुजानपुर और आसपास के इलाकों में दिहाड़ी-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पाल रहा था। बीते दिन वह अपने किराए के मकान में मौजूद था, जहां अचानक पैर फिसलने या अनियंत्रित होने के कारण वह नीचे गिर गया। इस हादसे में उसके सिर पर बेहद गंभीर और जानलेवा चोट लगी। घटना की भनक लगते ही मृतक के अन्य साथी और आसपास के लोग तुरंत मौके पर एकत्र हो गए। वे लहूलुहान हालत में उसे आनन-फानन में उपचार के लिए सिविल अस्पताल सुजानपुर ले गए। हालांकि, अस्पताल के डॉक्टरों ने गहनता से जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। यूपी के गोरखपुर का रहने वाला है युवक सुजानपुर पुलिस ने अस्पताल से मिली सूचना के बाद शव को अपने कब्जे में लिया और कागजी कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश (UP) के गोरखपुर जिले की चौरीचौरा (चोराचोरी) तहसील के अंतर्गत आते गांव नदुआ ज्ञानपार के निवासी के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना के संबंध में मृतक के गृह जिले गोरखपुर में उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। सुजानपुर पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा। फिलहाल धारा 174 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
  • हिमाचल में बाप-बेटे का कारनामा: फर्जी बिलों से हड़प ली लाखों की सरकारी सब्सिड़ी, 3 पर केस दर्ज

    जांच में आरोपी के पिता के नाम पर तीन पॉलीहाउस और फल पौधरोपण परियोजना के लिए करीब 20.30 लाख रुपये की सब्सिडी लेने का मामला भी सामने आया है। ब्यूरो अब इन योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान की जांच कर रहा है।