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विधानसभा में जलविद्युत परियोजनाओं, परियोजना प्रभावितों के अधिकारों और प्रदेश के जल संसाधनों पर बुधवार को हुई चर्चा के जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार हिमाचल के पानी, जमीन और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबीएमबी के मामले में भी फैसला प्रदेश के हित में आने की उम्मीद है।
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उन्होंने कहा कि पीने के पानी और सिंचाई परियोजनाओं के लिए अब बीबीएमबी से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी। आपदा के समय के जब ऊर्जा सचिव आरके सिंह कुल्लू आए थे तो उस समय उनसे एनओसी का मामला उठाया था। उन्होंने पानी उठाने के लिए एनओसी शर्त हटा दी है। अन्य बांधों से पानी उठाने के लिए भी एनओसी खत्म करने का यह मामला केंद्र से उठाया जाएगा। बांध परियोजनाओं में हिमाचल के हित सुरक्षित रखने को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एकमत से केंद्र को प्रस्ताव भेजने का संकल्प पारित किया।
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संकल्प चर्चा के दौरान विपक्ष पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के समय यदि ये मुद्दे उठाए गए होते तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की ओर से उठाए गए प्रदेश हित के मुद्दों को भी गंभीरता से ले रही है। सुक्खू ने कहा कि बांध परियोजना क्षेत्र से संबंधित परियोजना संचालकों को खनन सामग्री नहीं उठाने दी जाएगी। इसके लिए कानून लाया जा रहा है।
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अगर परियोजनाएं खनन सामग्री उठाती है तो मामला दर्ज किए जाएंगे। सरकार खुद इनकी नीलामी करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से लाडा के तहत मिलने वाली 1 फीसदी राशि का मामला उठाया था। अब यह राशि चार साल के एरियर के साथ मिलेगी। शिमला से ऊर्जा निगम के कार्यालय को मंडी में बीबीएमबी की खाली पड़ी 45 बीघा जमीन बनाने पर स्थानांतरित किए जाने पर विचार चल रहा है। बांध परियोजनाओं क्षेत्र के आसपास खाली जमीन को भी सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में लगी। इसके लिए कानून बनाया जाएगा। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल की सबसे बड़ी संपदा पानी है और इससे प्रदेश की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाएगी।
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रक्षाबंधन और सावन पूर्णिमा के अवसर पर मंडी शहर के ऐतिहासिक एकादश रुद्र मंदिर में बाबा अमरनाथ यानी बाबा बर्फानी की कृत्रिम गुफा सजाई गई। हर वर्ष की तरह इस बार भी मंदिर परिसर में तैयार की गई यह गुफा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे और बाबा बर्फानी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मंदिर के पुजारी स्वामी सत सुंदरम ने बताया कि एकादश रुद्र मंदिर में पिछले 40 से 45 वर्षों से रक्षाबंधन के दिन बाबा अमरनाथ के विशेष दर्शन करवाने की परंपरा चली आ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि पहले प्राकृतिक बर्फ से शिवलिंग और भगवान शिव की प्रतिमा तैयार की जाती थी, जो बर्फबारी के दौरान उपलब्ध बर्फ से बनती थी। शिवलिंग और भगवान शिव की प्रतिमा बनाई स्वामी सत सुंदरम के अनुसार, अब प्राकृतिक बर्फ की अनुपलब्धता के कारण कृत्रिम रूप से शिवलिंग और भगवान शिव की प्रतिमा बनाई जाती है। अमरनाथ गुफा की तर्ज पर मंदिर परिसर में विशेष सजावट की जाती है, जिसमें बाबा बर्फानी का स्वरूप और शिवलिंग स्थापित होता है। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था यह परंपरा उन श्रद्धालुओं के लिए है जो अमरनाथ धाम नहीं जा पाते, ताकि वे मंडी में ही बाबा बर्फानी के दर्शन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर सकें। रक्षाबंधन पर मंडी शहर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं, जहां श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
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मणिमहेश की आस्था में सराबोर श्रद्धालुओं के लिए गौरीकुंड तक हेली टैक्सी की उड़ान अब वजन के हिसाब से जेब पर भी भारी पड़ रही है। 70 किलोग्राम की निर्धारित सीमा पार करते ही अतिरिक्त शुल्क का प्रावधान श्रद्धालुओं को खटक रहा है। खासकर बुजुर्ग और अस्वस्थ यात्रियों का कहना है कि राहत के लिए ली जा रही हेली टैक्सी सेवा में वजन की शर्त आर्थिक परेशानी बढ़ा रही है।
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पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमौर और होली से गौरीकुंड के लिए संचालित हेली टैक्सी सेवा में निर्धारित वजन सीमा श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है। 70 किलोग्राम भार की शर्त को लेकर श्रद्धालुओं ने सवाल उठाते हुए प्रशासन से इसमें राहत देने की मांग की है। श्रद्धालुओं का कहना है कि हेली टैक्सी का इस्तेमाल मुख्य रूप से बुजुर्ग, बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ लोग करते हैं।
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ऐसे में वजन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेना उनके लिए आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है। होली से गौरीकुंड के लिए हेली टैक्सी का एकतरफा किराया 6,255 रुपये निर्धारित है। इसके अलावा 70 किलोग्राम से अधिक वजन होने पर अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है। एक किलो अतिरिक्त वजन पर 100 रुपये, 80 किलो वजन पर 500 रुपये और 85 किलो वजन होने पर 1,000 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे हैं। श्रद्धालु मुकेश कुमार, किरपा राम, जोगेंद्र कुमार, प्रताप चंद और दलीप कुमार ने कहा कि वजन की अतिरिक्त सीमा कम से कम 85 किलो होनी चाहिए। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
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श्रद्धालुओं ने हेलीपैड पर वजन की प्रक्रिया प्रशासन की निगरानी में करवाने और अतिरिक्त शुल्क की अनिवार्य रसीद देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। श्रद्धालुओं के अनुसार मणिमहेश यात्रा आस्था से जुड़ी है, इसलिए हेली टैक्सी सेवा में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है। पिछले साल चॉपर में प्रति सवारी 85 किलोग्राम भार निर्धारित किया गया था। 85 किलोग्राम से एक किलोग्राम अधिक भार होने पर 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया था। इस बार 75 किलोग्राम से एक किलोग्राम अधिक भार होने पर 100 रुपये अतिरिक्त शुल्क चुकाने के निर्देश श्रद्धालुओं के गले नहीं उतर रहे हैं।
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मंडी जिले के राव-नसलोह क्षेत्र में पशुधन का लगातार शिकार कर रहे एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। तेंदुए की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद मंडी वन मंडल ने वैज्ञानिक और डेटा आधारित तरीके से पूरे क्षेत्र की निगरानी शुरू की थी। वन विभाग के अनुसार, पूरे अभियान में मानव सुरक्षा और वन्यजीव के सुरक्षित प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई। यह रेस्क्यू ऑपरेशन तकनीक, फील्ड निगरानी, जीआईएस विश्लेषण और विशेषज्ञ परामर्श के समन्वित इस्तेमाल का एक सफल उदाहरण रहा। पकड़ने के लिए बनाई गई थी दो टीमें यह ऑपरेशन मंडी वन मंडल के मंडल वन अधिकारी संजीव शर्मा के मार्गदर्शन में तथा सहायक वन संरक्षक नवजोत सिंह मियां के समन्वय एवं पर्यवेक्षण में चलाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी मंडी अजय चंदेल की अध्यक्षता में दो फील्ड टीमें गठित की गईं, जिनकी कमान वन खंड अधिकारी चिंता देवी और कमल सिंह को सौंपी गई थी। इन टीमों ने दिन-रात गश्त कर तेंदुए के पदचिह्न, स्कैट, स्क्रैपिंग मार्क्स और पशुधन के शिकार वाले स्थानों जैसे महत्वपूर्ण संकेतों को रिकॉर्ड किया। इन स्थानों को Google Earth पर जियो-रेफरेंस करके तेंदुए के संभावित मूवमेंट कॉरिडोर और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की गई। पांच कैमरे लगाकर किया गया ट्रैप इसके बाद, रणनीतिक स्थानों पर पांच कैमरा ट्रैप लगाए गए। कैमरों से मिली तस्वीरों और वीडियो के आधार पर तेंदुए की आवाजाही, उसके सक्रिय होने का समय और संभावित रास्तों का पता लगाया गया। ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए देहरादून स्थित वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के विशेषज्ञों से भी परामर्श लिया गया। प्राप्त जानकारी के आधार पर दो उपयुक्त स्थानों पर पिंजरे लगाए गए। लगातार निगरानी और वैज्ञानिक तरीके से की गई ट्रैप प्लेसमेंट रणनीति के परिणामस्वरूप, शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तेंदुआ पिंजरे में सफलतापूर्वक प्रवेश कर गया। वन विभाग ने उसे सुरक्षित रूप से अपनी अभिरक्षा में ले लिया है।
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ का भी खतरा- जानें पूरी खबर
मैदानी और पहाड़ी इलाकों में हो सकती है बारिश
शिमला। हिमाचल प्रदेश में रक्षाबंधन के मौके पर आज मौसम मिलाजुला रहने वाला है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, लेकिन राहत की बात है कि आज किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि 31 अगस्त से 2 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, मैदानी और मध्य पहाड़ी इलाकों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होने के आसार हैं। 29 और 30 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
31 अगस्त से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने 31 अगस्त, 1 और 2 सितंबर को कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 31 अगस्त को कांगड़ा और सिरमौर में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा मंडी में भी बारिश बढ़ने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल के कुछ हिस्सों में बारिश हुई। नाहन में सबसे ज्यादा 41.2 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धौलाकुआं में 31.5 एमएम, ऊना में 9.6 एमएम और शिमला में 1.2 एमएम बारिश हुई। वहीं, ऊना में प्रदेश का सबसे अधिक 34.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार से पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि, अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
31 अगस्त के बाद अगर बारिश का दौर तेज होता है तो प्रदेश के तापमान में एक बार फिर गिरावट आ सकती है। यानी आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा और कई इलाकों में बारिश के साथ ठंडक भी बढ़ सकती है।
वोल्वो बस में लाखों का चिट्टा लेकर हिमाचल पहुंचे चार पंजाबी, सप्लाई करने से पहले ही धरे
158 ग्राम चिट्टे के साथ पंजाब के चार युवक गिरफ्तार
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के विशेष जांच दल (SDT) ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए कुल 158 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में पंजाब के तरनतारन जिले से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी वोल्वो बसों में सवार होकर हिमाचल पहुंचे थे। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में चिट्टा बरामद हुआ। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशे की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे हिमाचल में किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
बिलासपुर पुलिस ने नशे की तस्करी के खिलाफ दो अलग-अलग कार्रवाइयां कीं। पहली कार्रवाई घुमारवीं थाना क्षेत्र में बालोह-मल्यावर लिंक रोड पर की गई। पुलिस की विशेष जांच टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक वोल्वो बस को जांच के लिए रोका। बस की तलाशी के दौरान दो यात्रियों के कब्जे से 104 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई।
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आरोपियों की पहचान रणजीत सिंह उर्फ राणा (40) और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श (22) के रूप में हुई है। दोनों पंजाब के तरनतारन जिले के रहने वाले बताए गए हैं। बरामद नशीले पदार्थ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ घुमारवीं पुलिस थाना में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस की दूसरी कार्रवाई स्वारघाट थाना क्षेत्र में कैचीमोड़ फोरलेन फ्लाईओवर के पास टनल नंबर-1 के समीप हुई। यहां किरतपुर से मंडी-भराड़ी की तरफ जा रही एक अन्य वोल्वो बस को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान बस में सवार जगजीत सिंह (21) और सुखविंद्र सिंह (48) के पास से 54 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। दोनों आरोपी भी पंजाब के तरनतारन जिले के डल्ल गांव के रहने वाले बताए गए हैं। इस मामले में स्वारघाट थाना में एफआईआर दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
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एक ही जिले में दो अलग-अलग वोल्वो बसों से बड़ी मात्रा में चिट्टा बरामद होने के बाद पुलिस की जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी नशीला पदार्थ कहां से लेकर आए थे और इसे आगे कहां पहुंचाया जाना था।
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चारों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस नशे की खेप के स्रोत, संभावित खरीदारों और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या आरोपियों का आपस में या किसी बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से संबंध है।
एसपी अभिषेक धीमान के अनुसार बिलासपुर पुलिस ने पिछले दो महीनों के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 67 मामले दर्ज किए हैं, जबकि 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसी अवधि में पुलिस ने करीब 1.2 किलोग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की है। पुलिस की लगातार कार्रवाई से जिले में नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसता जा रहा है।
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पुलिस के आंकड़ों के अनुसार वर्ष के शुरुआती छह महीनों में भी बिलासपुर जिले में करीब 300 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। इसके अलावा पुलिस ने अन्य राज्यों से जुड़े 15 प्रमुख सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि नशे की तस्करी को केवल छोटे स्तर के आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि सप्लाई चेन और बड़े नेटवर्क तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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एसपी अभिषेक धीमान ने कहा कि बिलासपुर पुलिस नशे के खिलाफ अभियान को लगातार आगे बढ़ा रही है। पुलिस का लक्ष्य नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क को पकड़ना है। दो वोल्वो बसों में कार्रवाई कर 158 ग्राम चिट्टा बरामद करने की यह कार्रवाई इसी अभियान की बड़ी कड़ी मानी जा रही है। अब पुलिस की पूछताछ से यह सामने आने की उम्मीद है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीला पदार्थ कहां से आया और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंतर्गत आते अंब अंदौरा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर को एक दर्दनाक वाकया सामने आया। यहां रेलवे स्टेशन परिसर में एक करीब 35 वर्षीय युवक अचेत (बेहोश) अवस्था में पाया गया। आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतक युवक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक की मौत के असली कारणों का सटीक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और गहन जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल शव को पहचान के लिए मोर्चरी में रखवा दिया गया है। ओवरब्रिज के पास अचेत पड़ा था युवक रेलवे स्टेशन मास्टर रोहित झा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दोपहर करीब 2:00 बजे स्टेशन पर मौजूद कुछ यात्रियों और लोगों ने सूचना दी कि रेलवे स्टेशन के ओवरब्रिज के पास एक युवक बेसुध पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए 108 एंबुलेंस को सूचित किया गया। इसके बाद युवक को तुरंत सिविल अस्पताल अंब ले जाया गया। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित सिविल अस्पताल अंब में तैनात चिकित्सकों ने युवक की गहनता से जांच की, जिसके बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्टेशन पर मौजूद लोगों के अनुसार, उक्त युवक सुबह से ही रेलवे स्टेशन परिसर में अकेला घूम रहा था और काफी समय तक उसे प्लेटफॉर्म पर भी देखा गया था। दोपहर बाद वह अचानक प्लेटफॉर्म के नजदीक अचेत हो गया। लोगों ने उसे उठाने और होश में लाने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक उसकी स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।
पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस अस्पताल से मिली सूचना के बाद रेलवे पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है और अगली कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मृतक की पहचान स्थापित करने के लिए हुलिए के आधार पर आसपास के लोगों व स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, युवक कहां से आया था और किसके साथ था, यह जानने के लिए रेलवे स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
तीन घरों में एक साथ चोरी की घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और तुरंत जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के संदिग्ध लोगों पर नजर रखी और कई सुराग जुटाए। जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने चोरी की वारदात में शामिल आरोपियों को पकड़ लिया।
भारतीय महिला कबड्डी टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने कहा कि भारतीय टीम की कप्तानी मिलना उनके और उनके परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि टीम काफी मजबूत है और कैंप में सभी खिलाड़ी जमकर मेहनत कर रही हैं।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हादसे को लेकर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक निका राम के शव को पोस्टमार्टम के लिए महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर, रामपुर ले जाया जा रहा है।