
ललितपुर में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण नदियां और तालाब उफान पर हैं। शुक्रवार शाम 6 बजे तक राजघाट, माताटीला, कंचनौदा, उटारी और शहजाद बांधों के गेट खोलकर पानी छोड़ा गया। भारी बारिश के कारण जिले में कई जगह मकान, पेड़ और बाउंड्रीवॉल गिरने की घटनाएं सामने आईं। शुक्रवार को माताटीला बांध के 12 गेट खोलकर करीब 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं राजघाट बांध के चार गेट खोलकर 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। दोनों बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण बेतवा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कंचनौदा के 3 गेट खुले, शहजाद में भी बढ़ा जलस्तर कंचनौदा बांध के तीन गेट खोलकर करीब 3,300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। कंचनौदा से पानी छोड़े जाने के बाद शहजाद बांध का जलस्तर बढ़ गया, जिसके चलते उसके भी तीन गेट खोल दिए गए। उटारी बांध के पांच गेट खोलकर भी पानी छोड़ा जा रहा है। घिसौली मार्ग पर पेड़ गिरा, बिजली पोल भी सड़क पर आया दिनभर हुई बारिश के चलते जखौरा थाना क्षेत्र के घिसौली मार्ग पर एक पेड़ गिर गया। पेड़ के साथ विद्युत पोल भी सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 30 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल ढही मड़ावरा तहसील क्षेत्र के टोरी गांव में धनीराम पुत्र कडोरे सेन के घर के पास बनी करीब 30 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल जमीन धंसने के कारण गिर गई। बारिश के कारण मिट्टी कमजोर होने से यह हादसा हुआ। जमडार नदी के पुल पर पानी, प्रमुख मार्ग बाधित छायन-कुम्हेड़ी-बारोन-बगसपुर-गोना होते हुए कारीटोरन जाने वाले प्रमुख मार्ग पर भी बारिश का असर पड़ा। जमडार नदी पर बने पुल पर पानी आ जाने के कारण मार्ग बाधित हो गया। इससे आसपास के गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ। बार कस्बे में ग्रामीण का मकान ढहा लगातार बारिश के कारण कस्बा बार में ग्रामीण आशाराम प्रजापति का मकान भी शुक्रवार को ढह गया। हादसे में मकान क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
Leave a Reply