
लखीमपुर खीरी जिला कारागार में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बहनें बंदी भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंचीं। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मुलाकात का सिलसिला चलता रहा। इस दौरान जेल के बाहर दिनभर महिलाओं की भीड़ और लंबी कतारें लगी रहीं। मुलाकात के लिए महिलाएं सुबह से ही राखी, मिठाई और अन्य निर्धारित सामग्री लेकर जेल पहुंचने लगी थीं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें क्रमवार अंदर भेजा गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और उनके सुखद भविष्य की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को हर परिस्थिति में साथ देने का भरोसा दिलाया। जेल अधीक्षक बोले- नियमों के तहत कराई मुलाकात जेल अधीक्षक पीडी सालोनिया ने बताया कि रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं बंदी भाइयों से मिलने पहुंचीं। जेल प्रशासन ने निर्धारित नियमों के अनुसार सभी की प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई और क्रमवार मुलाकात कराई, ताकि भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रहे। जेल के बाहर लगाया गया सहायता शिविर बहनों की सुविधा के लिए जिला कारागार के बाहर उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति की ओर से सहायता शिविर लगाया गया। समिति की सचिव सरोज मिश्रा के नेतृत्व में लगे शिविर में महिलाओं को जेल में प्रवेश और मुलाकात की प्रक्रिया समझाई गई। उनकी समस्याओं के समाधान में भी मदद की गई। शिविर में बांटी गईं राखियां सहायता शिविर में पहुंचने वाली बहनों को राखियां भी वितरित की गईं। इससे उन महिलाओं को सुविधा मिली, जो अपने साथ राखी नहीं ला सकी थीं। शिविर के जरिए पूरे दिन जेल आने वाली महिलाओं को आवश्यक सहयोग दिया गया। सलाखों के बीच पहुंचा बहनों का स्नेह जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच दिनभर भाई-बहनों का मिलन चलता रहा। जेल की ऊंची दीवारों के भीतर बंद भाइयों तक बहनों का स्नेह पहुंचा। राखी बांधने के इस भावुक अवसर ने बंदियों और उनके परिजनों के लिए रक्षाबंधन को खास बना दिया।
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