
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सादाबाद स्थित ‘शिव शक्ति भवन’ में रक्षाबंधन का पर्व एक अलग और आध्यात्मिक अंदाज में मनाया गया। इस खास मौके पर आश्रम के सभी भाई-बहनों ने आपसी प्रेम, भाईचारे और मन की पवित्रता का संकल्प लेते हुए यह स्नेहपूर्ण त्योहार मनाया। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके भावना दीदी ने उपस्थित सभी लोगों को रक्षा सूत्र (राखी) बांधा। उन्होंने सभी को परमात्मा की स्मृति में रहते हुए जीवन में सकारात्मकता और श्रेष्ठ कर्मों को अपनाने का संदेश दिया। दीदी ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा, “रक्षाबंधन सिर्फ कलाई पर एक धागा बांधने का पर्व नहीं है। यह असल में स्वयं को बुराइयों से बचाने, अपने मन को पवित्र रखने और परमात्मा के साथ अपने संबंध को और अधिक मजबूत करने का एक पवित्र संकल्प है।” त्यागने होंगे क्रोध और अहंकार बीके भावना दीदी ने स्पष्ट किया कि जब तक हम अपने जीवन में क्रोध, अहंकार, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों से खुद की रक्षा करने का संकल्प नहीं लेते, तब तक रक्षाबंधन का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होता। कार्यक्रम के अंत में वहां मौजूद सभी भाई-बहनों ने परमात्मा का ध्यान करते हुए श्रेष्ठ जीवन जीने और समाज में प्रेम, शांति व सद्भाव फैलाने का प्रण लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान आश्रम का वातावरण पूरी तरह से आध्यात्मिकता और आत्मिक स्नेह से भरपूर रहा।
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