बरेली में 225 घरों-दुकानों पर गरजेगा बुलडोजर… इस इलाके में 160 फीट की सड़क चौड़ी करने की तैयारी, 15 दिन का अल्टीमेटम

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Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में सड़कों पर फैलते अवैध अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तीसरे चरण (Phase-3) के तहत ईंट पजाया से महर्षि कश्यप तिराहे तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाना है. इस परियोजना के रास्ते में बाधक बन रहे 225 मकानों, दुकानों और धार्मिक स्थलों के कब्जेदारों को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं. नोटिस की समय सीमा पूरी होने और दस्तावेजों की जांच के बाद अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी है.

मौजूदा समय में ईंट पजाया मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आम जनता और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. करीब 160 फीट चौड़ी इस सड़क का एक बड़ा हिस्सा अवैध कब्जों की वजह से दब गया है.

सड़क के दोनों किनारों पर 8 फीट से लेकर 20 फीट तक पक्के निर्माण कर लिए गए हैं. इसके अलावा कई स्थानों पर दुकानें, कबाड़ का सामान और फर्नीचर सड़क की सीमा तक फैले रहते हैं, जिससे रोजाना भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न होती है.

225 कब्जेदारों को 15 दिन की मोहलत, व्यापारियों में हड़कंप

नगर निगम द्वारा जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि कब्जेदारों को 15 दिनों के भीतर जमीन या निर्माण से जुड़े वैध साक्ष्य और अभिलेख नगर निगम में प्रस्तुत करने होंगे. यदि किसी के पास निर्माण से संबंधित वैध आवंटन या स्वामित्व के दस्तावेज होंगे, तो उनकी तकनीकी जांच की जाएगी. दस्तावेज न पाए जाने की स्थिति में अतिक्रमण को अवैध मानकर ध्वस्त कर दिया जाएगा.

इस नोटिस के बाद कबाड़ और फर्नीचर का कारोबार करने वाले व्यापारियों और स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया है. हालांकि, कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि नोटिस पर 25 अगस्त की तारीख दर्ज है लेकिन उन्हें यह देरी से मिले हैं, जिससे दस्तावेज जुटाने के लिए कम समय मिल पा रहा है.

31 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होगी मॉडल रोड

सीएम ग्रिड योजना के फेज-3 के तहत इस सड़क को करीब 31 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक मॉडल रोड बनाया जाएगा. सड़क चौड़ी होने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा.

फेज-1 स्थिति: मॉडल टाउन क्षेत्र की 5 सड़कों को करीब 57 करोड़ रुपये से संवारा जा रहा है (इसकी डेडलाइन सितंबर तक बढ़ाई गई है).

फेज-2 स्थिति: कोहाड़ापीर-कुदेशिया फाटक और कोहाड़ापीर-प्रेमनगर धर्मकांटा मार्ग का करीब 45 करोड़ रुपये से विकास जारी है.

अधिकारियों का रुख

नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने स्पष्ट किया है कि सड़क चौड़ीकरण और जनहित के इस प्रोजेक्ट में बाधक बन रहे 225 निर्माणों को चिन्हित कर 15 दिन का समय दिया गया है. समय सीमा पूरी होने पर वैध अभिलेख न मिलने की स्थिति में नियमानुसार बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा.

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