तरक्की, जलन और 20 दिन का वो म*त के बाद ‘जिंदा’ रखने का नाटक… प्रयागराज के आलोक गुप्ता ह*******ड की खुलीं नई परतें

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Prayagraj Photographer Murder Case: प्रयागराज में एक युवा फोटोग्राफर अचानक लापता हो गया, जिसके बाद उसके परिवार वाले पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के बद पुलिस मामले की जांच शुरू की. जांच में सामने आया है कि 27 वर्षीय फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या कर दी गई. उसकी हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त ने की.

पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए हत्याकांड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाला. इसमें तीन लोग एक बड़ा नीला बैग ले जाते हुए दिखाई दिए. पुलिस ने सबूत इकट्ठा करना शुरू किया. उसी समय सूचना मिली कि मध्य प्रदेश के रीवा में एक अज्ञात शव मिला है. पुलिस ने दोनों घटनाओं के बीच संबंध की जांच शुरू की.

गोली मारकर की हत्या

इसके बाद आलोक गुप्ता की हत्या का मामला सुलझ गया. पुलिस के मुताबिक, शुभान तिवारी ने अपने दोस्तों शुभम यादव और अंकुश यादव की मदद से अपने दोस्त आलोक की गोली मारकर हत्या कर दी. फिर तीनों ने आलोक के शव को एक नीले बैग में भरकर कार में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए प्रयागराज से सैकड़ों किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रीवा जिले में ले गए.

आलोक एक पेशेवर फोटोग्राफर था और शादियों और अन्य कार्यक्रमों की तस्वीरें खींचकर अपना जीवन यापन करता था. हत्या के समय आलोक की प्रेमिका उनसे बात रही थी. शव को ठिकाने लगाते समय आरोपियों को आलोक का मोबाइल फोन मिला. आलोक के जीवित होने का दिखावा करने और हत्या की बात को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए आरोपियों ने आलोक के फोन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया.

20 दिनों तक आरोपियों ने की आलोक के फोन से बात

आलोक के जीवन के सामान्य रूप से चलने का नाटक करते हुए, उन्होंने 20 दिनों तक आलोक के मोबाइल फोन पर उसकी प्रेमिका और कई अन्य लोगों से बातचीत की. हालांकि, आलोक के परिवार ने पहले ही गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करा दी थी. इसलिए पुलिस जांच में कोई ढिलाई नहीं बरती गई. आलोक के मोबाइल फोन की गतिविधि ने पुलिस को मामले की तह तक पहुंचने में काफी मदद की.

आखिरकार, पुलिस ने सभी आरोपियों को सुबेदारगंज स्थित पुल के नीचे से गिरफ्तार कर लिया. उनके पास से एक अवैध पिस्तौल और कारतूसों का जखीरा बरामद किया गया है. पुलिस जांच में सामने आया कि आलोक की आमदनी अच्छी थी, जिससे शुभम के मन में उसके प्रति नाराजगी और जलन बढ़ती चली गई. इसी रंजिश के चलते शुभम ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया.

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