
अयोध्या के रुदौली तहसील में उप जिलाधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन शनिवार 5 सितंबर को पांचवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील की सभी अदालतों का अनिश्चितकालीन काम बंद कर दिया है। इससे न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप है और मुकदमे लड़ने वालों को काफी परेशानी हो रही है। एसडीएम ने कहा कि अधिवक्ताओं से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष राममिलन यादव ने बताया कि तहसील के एक अधिवक्ता एक आरोपी की जमानत के सिलसिले में एसडीएम अदालत गए थे। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अपमानजनक व्यवहार किया। इस घटना से दुखी होकर अधिवक्ता ने साथी अधिवक्ताओं को जानकारी दी, जिसके बाद अधिवक्ताओं में गुस्सा फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ताओं ने एक बैठक कर सभी अदालतों और तहसील कार्यालयों का काम बंद करने का फैसला किया। पिछले पांच दिनों से अधिवक्ता तहसील परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने साफ किया है कि जब तक एसडीएम खुद अधिवक्ताओं के साथ बैठकर मामले का सम्मानजनक हल नहीं निकालते और घटना पर साफ जवाब नहीं देते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, इस पूरे मामले पर एसडीएम रुदौली विनोद कुमार गुप्ता ने आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जब वह अधिवक्ता अदालत आए थे, उस समय वह मौजूद नहीं थे। अधिवक्ता द्वारा अदालत के कर्मचारियों के साथ अभद्रता की जा रही थी और वीडियो बनाया जा रहा था। कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि अधिवक्ता नशे में थे। इसलिए उन्हें बुलाकर समझाया गया कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है। एसडीएम ने कहा कि जल्द ही अधिवक्ता संघ के साथ बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की जाएगी। अधिवक्ताओं ने भी कहा कि एसडीएम द्वारा भेजे जा रहे बातचीत के प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा के बाद ही हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया जाएगा।
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