
देवरिया में शिक्षक दिवस पर शनिवार दोपहर 12 बजे से 3 बजे जिला पंचायत सभागार में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें जिले के 28 सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष महायुग मिश्र ने की, जबकि सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद पूर्व माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। अतिथियों का बैज, बुके और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। शिक्षक समाज के मार्गदर्शक सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक समाज के मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी हैं। शिक्षक अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक रहकर बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक परिवार में होना गर्व की बात है। विधायक ने महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन की शुरुआती शिक्षा का उदाहरण देते हुए शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला। ऑनलाइन शिक्षा के दौर में भी शिक्षक जरूरी विधायक ने ऑनलाइन शिक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि तकनीक के माध्यम से ज्ञान हासिल किया जा सकता है, लेकिन शिक्षक से मिलने वाले संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का महत्व अलग है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। शिक्षकों का सम्मान करना सभी का फर्ज विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य ने कहा कि दुनिया के ताकतवर देशों के निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका रही है। शिक्षक बच्चों को शिक्षा के सांचे में ढालकर उन्हें बेहतर नागरिक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना सभी का फर्ज है। आगे भी जारी रहेगा सम्मान समारोह संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान का यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। जिला महामंत्री नंदलाल ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील त्रिपाठी ने किया। शिक्षकों ने समस्याएं भी उठाईं उत्तर प्रदेश जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष अशोक सिंह और मंडल महामंत्री अशरफ अली खान ने शिक्षकों की समस्याएं विधायक और अधिकारियों के समक्ष रखीं। अशरफ अली खान ने शिक्षक पात्रता परीक्षा से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के निर्णय का उल्लेख करते हुए शिक्षकों की चिंता सामने रखी। अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक श्रवण कुमार गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. रामजियावन मौर्य, खंड शिक्षा अधिकारी पडरौना सुरेंद्र बहादुर सिंह, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी नागेंद्र मणि, जिला समन्वयक माध्यमिक शिक्षा प्रभाकर पांडे, जिला व्यायाम शिक्षक अनिल कुमार मिश्रा और जिला स्काउट मास्टर नीरज बंका सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। अंत में संघ की ओर से अतिथियों और शिक्षकों का आभार जताया गया।
Leave a Reply