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  • सहारनपुर की मस्जिद पर लागू होता है प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट… इकरा हसन बोलीं- हमें हाई कोर्ट भी जाने का वक्त नहीं दिया गया

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को प्रशासन ने अवैध बताते हुए ध्वस्त कर दिया. मस्जिद पर हुए बुलडोजर एक्शन पर सूबे की सियासत गरमा गई है. विपक्षी दलों ने इसको लेकर योगी सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है. वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद ने इकरा हसन ने भी इस मुद्दे को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है और कोर्ट जाने की बात कही है.

    कैराना सांसद इकरा हसन ने कहा कि वो सहारनपुर में मस्जिद ढहने के मामले में कोर्ट जाएगी. उन्होंने कहा कि हमें तानाशाही के तहत हाउस अरेस्ट किया गया है. उन्होंने संविधान का गला घोंटने की बात कही है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई मोहलत नहीं दी गई, जबकि टेररिस्ट को मोहलत दी जा रही है. उन्होंने कहा कि सहारनपुर की मस्जिद पर प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट लागू होता है. उन्होंने कहा कि हमें हाई कोर्ट भी जाने का वक्त नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि इसकी माफी नहीं होगी.

    ‘संविधान का गला घोंटा जा रहा है…’

    इकरा हसन ने कहा कि ये 1947 से पहले की बनी हुई है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों को दर किनार करते हुए वहां पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि संविधान का गला घोंटा जा रहा है और नियम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि वो इस मामले को लेकर लोग कोर्ट जाएंगी. उन्होंने कहा कि अगर सभी निर्णय केवल सरकार की मनमर्जी से लिए जाएंगे, तो कानून व्यवस्था या न्यायिक प्रणाली की कोई जरूरत ही नहीं रह जाएगी.

    ‘इसकी कोई माफी नहीं…’

    सपा सांसद ने कहा ‘यह बेहद शर्मनाक घटना है. यह इतना गंभीर पाप है कि उन्हें निश्चित रूप से इसका दंड भुगतना पड़ेगा. कोई माफी नहीं होगी. हम इस मामले को कोर्ट में ले जाएंगे यह हमारा अधिकार है’. सांसद ने कहा कि जिस तरीके से उन्होंने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है, वह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि लोकतंत्र की हत्या कैसे की गई है. उन्होंने कहा कि इस देश और इस राज्य में हमारे संविधान और कानून के शासन को पूरी तरह से कमजोर किया जा रहा है.

    ‘तो अदालतों को बंद कर देना चाहिए…’

    उन्होंने कहा कि हर जगह ‘त्वरित न्याय’ को अपनाया जा रहा है. अगर इसी तरह से शासन चलना है, तो अदालतों को बंद कर देना ही बेहतर होगा, अगर सभी फैसले केवल सरकार की मनमर्जी से लिए जाएंगे, तो कानून-व्यवस्था या न्यायिक प्रणाली की कोई आवश्यकता ही नहीं रह जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विध्वंस राजनीतिक रूप से प्रेरित था और इसका उद्देश्य एक विशेष समुदाय को चोट पहुंचाना था.

    इकरा हसन को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट

    दरअसल जनपद शामली के कैराना कैराना से सांसद इकरा हसन सहारनपुर में हुए मस्जिद प्रकरण को लेकर अधिकारियों से मिलने और बातचीत करने के लिए अपने आवास से निकल रही थीं. तभी उन्हें पुलिस ने रोक लिया और जाने नहीं दिया. लिस अधिकारियों ने उन्हें कहा- मैडम आप नहीं जा सकती.

    इस पर इकरा हसन ने पुलिस से वजह पूछी. इस दौरान सपा सांसद और पुलिस के बीच आधी रात बीच सड़क पर कुछ देर तक बहस भी होती रहीं. जिसका वीडियो भी सामने आया है. इस दौरान उनके साथ उनकी मां और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन भी वहीं मौजूद थीं.सुबह यह खबर सामने आई कि इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है.

    कार्रवाई की जानकारी के बाद सांसद इकरा हसन शनिवार को सहारनपुर जाने वाली थीं. उनका मकसद मौके के हालात का जायजा लेना और अधिकारियों से मुलाकात करना था. लेकिन उनके सहारनपुर रवाना होने से पहले ही पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई. रात से ही पुलिस की तैनाती रही और उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई.

    AIMIM का अखिलेश पर हमला

    इधर सहारनपुर में मस्जिद गिराने को लेकर AIMIM ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान ने मस्जिद को गिराने के लिए अखिलेश को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव दो दिन पहले सहारनपुर गए थे उसके बाद मस्जिद गिर गई. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख ने सरकार से फिक्सिंग की हुई है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वो मुस्लिम वोट से जीत हैं और मुस्लिमों के साथ ही खड़े नहीं हैं.

    मायावती ने की निंदा

    वहीं इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष मायावती का भी बयान सामने आया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश में मस्जिदों को गिराए जाने की निंदा कर योगी सरकार पर निशाना साधा. इसके साथ ही उन्होंने कानून कानून का शासन लागू करने का आह्वान किया.

    सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए मायावती ने कहा ‘जिला सहारनपुर की मस्जिद सहित पूरे उत्तर प्रदेश में आए दिन मस्जिदों को काफी आपाधापी में अवैध बताकर उनको ध्वस्त करने का जो सरकारी अभियान चल रहा है वह ठीक नहीं है. सरकार को ऐसे निगेटिव हालात से बचने के लिये इस पर तुरंत रोक लगाकर इसके समाधान के अन्य उपाय जरूर करने चाहिए. वैसे भी एक संवैधानिक सेक्युलर सरकार द्वारा सभी धर्मों के मानने वालों एवं उनके धार्मिक स्थलों आदि का एक समान आदर-सम्मान व उनकी सुरक्षा करने का उत्तरदायित्व बनता है.

    मायावती ने की अपील

    मायावती ने कहा कि इस्लाम मजहब में मस्जिदें हर दिन इबादत बल्कि दिन में कई बार जमात के साथ नमाज पढ़ने का मुख्य व अभिन्न अंग हैं, जिसको ध्यान में रखकर व भारतीय परम्परा के अनुसार सम्मान देना देश व व्यापक जनहित में जरूरी है. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही बिना नियम-कानून का समुचित अनुपालन किए हुए किसी भी अभियुक्त का मकान ध्वस्त करके उसके पूरे परिवार को सामूहिक तौर पर सज़ा देकर बेघर बार कर देने की कार्रवाईयों से भी लोग काफी विचलित हैं. ऐसे में बीएसपी सरकार की तरह का क़ानून द्वारा कानून का राज का व्यवहार जरूरी है. मायावती ने कहा ‘अतः केवल सरकार ही नहीं बल्कि माननीय न्यायालय भी इस ओर समुचित ध्यान दें तो यह उचित होगा. लेकिन ऐसे हालात में सभी लोग सौहार्दपूर्ण वातावरण भी ज़रूर बना कर रखें, पार्टी की यह भी अपील है’.

    मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सिटी मजिस्ट्रेट ने पिछले महीने मस्जिद को अवैध मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था. मुस्लिम पक्ष ने इस आदेश के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय का रुख किया था. कोर्ट ने पहले सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रोक लगाई थी. हालांकि, शुक्रवार को मुस्लिम पक्ष की ओर से किया गया दावा खारिज कर दिया गया. इसके बाद प्रशासन ने मस्जिद के खिलाफ कार्रवाई की.

  • नितिन मलिक बने भाजपा के पश्चिमी यूपी क्षेत्रीय मंत्री:समर्थकों ने किया स्वागत, बोले- 2027 में सभी 6 सीटों पर जीत दिलाएंगे

    मुज़फ़्फ़रनगर में भाजपा नेता नितिन मलिक को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय मंत्री बनाया गया है। इस नियुक्ति के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी है। शनिवार शाम करीब 4 बजे आवास विकास कॉलोनी स्थित उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें बुके और फूल-मालाएं भेंट कीं, साथ ही मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस मौके पर नितिन मलिक ने पार्टी के बड़े नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा दिखाया है, उस पर वे पूरी ईमानदारी और लगन से खरा उतरने की कोशिश करेंगे। मलिक ने बताया कि उन्होंने करीब 21 साल के राजनीतिक सफर में पार्टी संगठन और कार्यकर्ताओं के साथ लगातार काम किया है। कार्यकर्ताओं से उनके अच्छे संबंध और संगठन के प्रति उनकी निष्ठा को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह जिम्मेदारी दी है। नितिन मलिक ने कहा कि यह जिम्मेदारी सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि मुज़फ़्फ़रनगर जिले और बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए भी खुशी की बात है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी प्राथमिकताएं बताईं। नितिन मलिक ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी मेहनत से काम किया जाएगा। उनका लक्ष्य मुज़फ़्फ़रनगर जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर भाजपा की जीत पक्की करना होगा। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ और संगठन की मजबूती से भाजपा प्रदेश में एक बार फिर सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके घर पर दिनभर बधाई देने वालों का आना-जाना लगा रहा। कार्यकर्ताओं ने इसे नितिन मलिक के लंबे राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव का सम्मान बताया और खुशी जताई।
  • मुरादाबाद: सर्किट हाउस में रास्ता रोककर अदा की नमाज, सपा नेता हाजी उस्मान पर FIR दर्ज

    उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के राजकीय सर्किट हाउस परिसर में सार्वजनिक रास्ते को बाधित कर नमाज़ अदा की गई थी. इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसके बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया है. यह मामला 3 सितंबर का है, जब विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव की बैठक के दौरान समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रमुख मुस्लिम विद्वान हाजी मोहम्मद उस्मान ने अपनी गाड़ी के पीछे खुले मार्ग पर नमाज पढ़ी थी.

    इस पूरे मामले का वीडियो उनके समर्थक द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था, जिसके बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई थी. हालांकि बढ़ते विवाद को देखकर वीडियो हटा लिया गया था, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था.

    सपा नेता के खिलाफ FIR दर्ज

    लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय खंड के अवर अभियंता और सर्किट हाउस प्रभारी अनित कुमार की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले का त्वरित संज्ञान लिया है. थाना मझोला में सपा नेता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में FIR दर्ज की गई है. इस घटनाक्रम ने राज्य में सियासी पारे को बढ़ा दिया है.

    शिकायत में क्या कहा गया

    थाना मझोला में दर्ज प्राथमिकी (प्र.सू.रि. संख्या 0976/2026) के अनुसार, यह पूरी कानूनी कार्रवाई सर्किट हाउस के प्रभारी और अवर अभियंता अनित कुमार की लिखित तहरीर पर अंजाम दी गई है. यह मामला 4 सितंबर 2026 की रात 10:21 बजे आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी सपा नेता हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 285 और 292 के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है.

    शिकायत पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि 3 और 4 सितंबर को यूपी विधान परिषद के नेता लाल बिहारी यादव के प्रवास के लिए गोमती कक्ष और कक्ष संख्या 03 एवं 08 आरक्षित थे. उनके आगमन के चलते परिसर में लोगों की भीड़ थी, उसी दौरान मुख्य मार्ग पर चार पहिया वाहन खड़ा कर आवागमन बाधित किया गया था. इस प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए मामले की जांच उपनिरीक्षक सौरभ कुमार को सौंपी गई है.

    VHP ने साधा सपा पर निशाना

    इधर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इसे आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा द्वारा अपने विशेष वोट बैंक को साधने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया है. VHP नेताओं ने सरकारी परिसरों के इस प्रकार के इस्तेमाल पर कड़े सवाल खड़े किए हैं, जबकि पुलिस प्रशासन अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटा है.

    VHP की केंद्रीय प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. राजकमल गुप्ता का आरोप है कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह कदम समाजवादी पार्टी द्वारा अपने समर्थकों को राजनीतिक संदेश देने का एक प्रयास है. उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी परिसरों में सार्वजनिक यातायात रोककर धार्मिक अनुष्ठान करने के पीछे क्या मंशा है.

    मामले की जांच में जुटी पुलिस

    इस घटना ने मुरादाबाद सहित पूरे प्रदेश के सियासी हलकों में गरमाहट पैदा कर दी है. आरोपी हाजी मोहम्मद उस्मान क्षेत्र के जाने-माने मुस्लिम स्कॉलर हैं और बिलारी से सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम के सगे चाचा हैं. पूर्व में भी वो अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं. वहीं इस बार सर्किट हाउस के रास्ते पर नमाज़ अदा करने और उसका वीडियो खुद ही बनवाने के फेर में चौतरफा घिर गए हैं.

  • बरेली कॉलेज में छात्रों ने गुरु के नाम लगाए पेड़:पर्यावरण मंत्री ने की शुरुआत, हरियाली के लिए लिया संकल्प

    बरेली कॉलेज में ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान चलाया गया। इस पहल के तहत छात्रों ने अपने गुरुओं के सम्मान में पौधे लगाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी पहुंचे। उन्होंने खुद पौधरोपण कर गुरु सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वन मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां के बाद गुरु का स्थान सबसे अहम है। ऐसे में गुरु के प्रति सम्मान और आभार जताने के लिए पौधा लगाना एक अच्छी पहल है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने कॉलेज और घरों में गुरु के नाम पर पेड़ लगा रहे हैं। यह पहल युवाओं को पर्यावरण से जोड़ेगी और उनमें गुरु के प्रति सम्मान बढ़ाएगी। डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि बरेली कॉलेज जैसे पुराने शिक्षण संस्थान में ऐसा आयोजन छात्रों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने जोर दिया कि पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। तभी वह पौधा सच में गुरु के सम्मान का प्रतीक बन पाएगा। वन मंत्री ने प्रदेश में चल रहे पौधरोपण अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल अब तक 40 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को उनके संरक्षण के लिए भी जागरूक कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि पौधरोपण को सिर्फ एक कार्यक्रम न समझें। जिस पौधे को वे अपने गुरु के नाम से लगा रहे हैं, उसकी रोज देखभाल भी करें। इससे गुरु के सम्मान की यह पहल लंबे समय तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती रहेगी।
  • दादानगर में सजी ‘श्री श्याम रसोई’:जरूरतमंदों को बंटा फ्री भोजन; सेवा समिति ने पेश की मानवता की मिसाल

    कानपुर में ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ के महान संकल्प को चरितार्थ करते हुए ‘श्री श्याम जी सेवा समिति’ द्वारा लगातार पुनीत कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 5 सितंबर को कानपुर के दादानगर क्षेत्र में एक विशाल और निशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद छका। दादानगर में आयोजित इस निशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम में समाजसेवी अरुण अरोड़ा का विशेष सहयोग रहा। उनके ही सौजन्य से इस पुनीत अन्नदान कार्य को संपन्न किया गया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम जरूरतमंदों, राहगीरों, कामगारों और आम जनमानस ने पूरे आदर-भाव के साथ भोजन ग्रहण किया। ‘श्री श्याम रसोई’ की पहल बन रही मिसाल यह नेक कार्य ‘श्री श्याम जी सेवा समिति कानपुर’ द्वारा संचालित ‘श्री श्याम रसोई’ प्रकल्प के अंतर्गत किया गया। इस प्रकल्प का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। ‘श्री श्याम रसोई’ के माध्यम से भूखों को भोजन कराने के इस निरंतर और निस्वार्थ सेवा कार्य की पूरे कानपुर क्षेत्र में भूरि-भूरि प्रशंसा हो रही है।
  • रुदौली में SDM पर दुर्व्यवहार का आरोप:अधिवक्ताओं का 5वें दिन भी कार्य बहिष्कार जारी, एसडीएम बोले- जल्द निकलेगा समाधान

    अयोध्या के रुदौली तहसील में उप जिलाधिकारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन शनिवार 5 सितंबर को पांचवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील की सभी अदालतों का अनिश्चितकालीन काम बंद कर दिया है। इससे न्यायिक कामकाज पूरी तरह ठप है और मुकदमे लड़ने वालों को काफी परेशानी हो रही है। एसडीएम ने कहा कि अधिवक्ताओं से बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा। बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष राममिलन यादव ने बताया कि तहसील के एक अधिवक्ता एक आरोपी की जमानत के सिलसिले में एसडीएम अदालत गए थे। आरोप है कि इस दौरान एसडीएम ने उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और अपमानजनक व्यवहार किया। इस घटना से दुखी होकर अधिवक्ता ने साथी अधिवक्ताओं को जानकारी दी, जिसके बाद अधिवक्ताओं में गुस्सा फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ताओं ने एक बैठक कर सभी अदालतों और तहसील कार्यालयों का काम बंद करने का फैसला किया। पिछले पांच दिनों से अधिवक्ता तहसील परिसर में जुलूस निकालकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने साफ किया है कि जब तक एसडीएम खुद अधिवक्ताओं के साथ बैठकर मामले का सम्मानजनक हल नहीं निकालते और घटना पर साफ जवाब नहीं देते, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, इस पूरे मामले पर एसडीएम रुदौली विनोद कुमार गुप्ता ने आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जब वह अधिवक्ता अदालत आए थे, उस समय वह मौजूद नहीं थे। अधिवक्ता द्वारा अदालत के कर्मचारियों के साथ अभद्रता की जा रही थी और वीडियो बनाया जा रहा था। कर्मचारियों ने शिकायत की थी कि अधिवक्ता नशे में थे। इसलिए उन्हें बुलाकर समझाया गया कि उनका व्यवहार ठीक नहीं है। एसडीएम ने कहा कि जल्द ही अधिवक्ता संघ के साथ बातचीत कर गतिरोध खत्म करने की कोशिश की जाएगी। अधिवक्ताओं ने भी कहा कि एसडीएम द्वारा भेजे जा रहे बातचीत के प्रस्ताव पर सकारात्मक चर्चा के बाद ही हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया जाएगा।
  • सीएम योगी रविवार को चित्रकूट आएंगे:ब**़ पीड़ित परिवारों से मिलेंगे, राहत सामग्री बांटेंगे; रामघाट-रैन बसेरा में कार्यक्रम

    चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार 6 सितंबर को धर्मनगरी चित्रकूट के दौरे पर आएंगे। उनका कार्यक्रम दोपहर करीब 12 बजे शुरू होगा और करीब डेढ़ घंटे चलेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री हाल ही में मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित लोगों से सीधे बातचीत करेंगे और जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रामघाट समेत बाढ़ प्रभावित इलाकों का लेंगे जायजा मुख्यमंत्री सबसे पहले बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देख सकते हैं। उनका मुख्य कार्यक्रम रामघाट, रैन बसेरा और रामायण मेला परिसर में प्रस्तावित है। इन स्थानों पर बाढ़ के दौरान हुए नुकसान और मौजूदा हालात की जानकारी ली जाएगी। बाढ़ में डूब गए थे घर, दुकान और धार्मिक स्थल पिछले दिनों मंदाकिनी नदी में आई तेज बाढ़ से चित्रकूट में कई इलाकों में पानी भर गया था। रामघाट समेत कई स्थान जलमग्न हो गए थे। बाढ़ का पानी घरों, दुकानों और धार्मिक स्थलों तक पहुंच गया था। पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों के सामने जनजीवन सामान्य करने की चुनौती बनी हुई है। कई स्थानों पर घरों और दुकानों में जमा मिट्टी और कीचड़ की सफाई का काम जारी है। बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर सुनेंगे समस्याएं मुख्यमंत्री रामघाट और अन्य कार्यक्रम स्थलों पर बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत करेंगे। इस दौरान उनकी समस्याओं और नुकसान की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री के दौरे से बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में जुटा प्रशासन मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा, यातायात और कार्यक्रम स्थलों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटा है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। दौरे के दौरान बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा और प्रभावित क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति पर अधिकारियों के साथ चर्चा भी हो सकती है। तैयारियों में जुटे अधिकारी मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन का मुख्य फोकस बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर है।
  • 2017 से पहले ठेके पर होती थी नकल, शक की निगाहों से देखे जाते थे शिक्षक… गोरखपुर में गरजे सीएम योगी, सपा पर किया बड़ा ह**ा

    उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. हालांकि तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, लेकिन सूबे में राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हई है. समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच एक बार फिर से सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सपा सैफई महोत्सव का पैसा अगर शिक्षा पर खर्च करती तो लाखों बच्चों का भविष्य बनता. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले यूपी को शक की निगाहों से देखा जाता था, राज्य में ठेके पर नकल होती थी.

    दरअसल गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह एवं सांस्कृतिक केंद्र में शिक्षक दिवस के मौके पर राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. इस दौरान उन्होंने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 81 मेधावी शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया. इस दौरान उन्होंने माध्यमिक शिक्षा में जर्जर भवनों के लिए 1500 करोड़ से अधिक की राशि दी.

    ‘तो बच्चों का भविष्य सुधर जाता…’

    उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जितने में बर्मिंघम से रथ मंगवाते थे, जितना पैसा आप सैफई महोत्सव में खर्च करते थे, उतने में तो शिक्षा व्यवस्था ही बदल जाती. बच्चों का भविष्य सुधर जाता. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ सवाल खड़ा कर सकते हैं.

    ‘यूपी का परिवर्तन पूरा देश देख रहा’

    सीएम योगी ने कहा कि बर्मिंघम की बग्घी मंगाकर जन्मदिन मनाने के बजाय अगर समाजवादी पार्टी शिक्षा पर खर्च करती तो बच्चों का भविष्य संवरता. उन्होंने कहा कि जो लोग कर नहीं सके, वही आज सवाल खड़े कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का मॉडल और परिवर्तन आज पूरा देश देख रहा है.

    ‘2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी’

    उन्होंने कहा कि 2017 से पहले ठेके पर नकल होती थी. बदनाम शिक्षा व्यवस्था होती थी. पहचान का संकट हमारे युवाओं के सामने आता था. उन्होंने कहा कि यूपी को शक की नजरों से देखा जाता था. भारत में सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य कटघरे में खड़ा होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है.

    मुख्यमंत्री ने कहा ‘आपने पिछले 9 , साढ़े 9 साल में बदलते हुए उत्तर प्रदेश को देखा है. इसमें से कोई भी शिक्षक ऐसा नहीं होगा जिसने 9 साल पहले और 9 साल के अंदर बदलते हुए उत्तर प्रदेश को नहीं देखा होगा. उन्होंने कहा कि जो उत्तर प्रदेश पहले था अब वो नहीं है. उन्होंने कहा कि पहले दंगे होते थे, कर्फ्यू लगता था लेकिन अब ऐसा नहीं है.

    ‘पूरे राज्य में धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाई गई’

    सीएम योगी ने कहा कि कल जन्माष्टमी थी, जिसका आयोजन पूरे राज्य में हुआ. प्रदेश में सभी 1586 थानों में सभी मंदिरों में सभी 75 जनपदों, सभी जेलों , मोहल्ले, हर घर और हर गांव में धूमधाम के साथ जन्माष्टमी मनाई गई. लेकिन कहीं भी दंगे नहीं हुए, कहीं भी कर्फ्यू का नाम नहीं सुना गया. उन्होंने कहा कि पहले उत्सव के पहले उपद्रव होता था.

    ‘अब उत्सव के दौरान उपद्रव नहीं होता’

    सीएम ने कहा कि अराजकता के माहौल में क्या स्कूल और कॉलेज चल सकते थे. उन्होंने कहा कि पहले कानून व्यवस्था का बुरा हाल था. कोई सुरक्षा ही नहीं थी, लेकिन अब सब कुछ बदल गया है. पिछले साल में सुरक्षा का संकट नहीं है. अब उत्सव के पहले कोई उपद्रव नहीं कर सकता.

    ‘युवाओं के सामने पहचान का संकट था’

    उन्होंने कहा कि 2017 के पहले ठेके पर नकल होती थी. शिक्षा व्यवस्था बदनाम थी, युवाओं के सामने पहचान का संकट था. यूपी पर सवाल खड़े किए जाते थे और भारत की सबसे बड़ी आबादी का राज्य कटघरे में खड़ा होता था. उन्होंने कहा कि अब हालात पूरी तरह से बदल गए हैं. उन्होंने कहा कि 2017 से पहले जिस उत्तर प्रदेश में लोग आना नहीं चाहते थे. यूपी का कोई युवा और कोई शिक्षक यूपी के बाहर जाता था तो उसे संशय और शक की निगाहों से देखा जाता था, वहीं 2017 के बाद अगर आप कहीं जाते होंगे अगर आपने कह दिया कि यूपी से हैं उत्तर प्रदेश से है तो सामने वाला व्यक्ति आपको सम्मान देने के तरीके से आपका अभिवादन करने को उत्सुक दिखाई देता है. सीएम ने कहा कि यह इसलिए हुआ क्योंकि इस परिवर्तन के वाहक आप हैं.

  • देवरिया में साइबर ठगी गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार:बैंक खातों में मंगवाते थे ठगी की रकम, तीन मोबाइल और थार बरामद

    देवरिया में ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’ के तहत बनकटा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन और एक थार गाड़ी बरामद की है। आरोपियों को शनिवार दोपहर 2:20 बजे सोहनपुर बाइपास से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी साइबर अपराध के लिए अलग-अलग लोगों के बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाते थे। इसके बदले खाताधारकों को कुछ पैसे दिए जाते थे। पुलिस ने बताया कि यह पूरा लेनदेन ऑनलाइन होता था, जिससे ठगी की रकम को इधर-उधर किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिहार के सिवान जिले के नौतन थाना क्षेत्र के रहने वाले इरशाद अंसारी (30), मुकेश कुमार यादव (24) और राजकुमार सिंह (35) के रूप में हुई है। इरशाद ठाकुर के रामपुर का, मुकेश गंधर्पा का और राजकुमार रामगढ़ का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और एक थार गाड़ी (BR 29BE 8059) बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल और गाड़ी का इस्तेमाल साइबर ठगी के कामों में किया जाता था। बनकटा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन के बारे में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
  • संभल में सपा ने बंद प्राथमिक विद्यालयों पर प्रदर्शन किया:जिलाध्यक्ष और इंस्पेक्टर में बहस; भाजपा सरकार पर 26 हजार स्कूल बंद करने का आरोप

    संभल में शिक्षक दिवस के मौके पर समाजवादी पार्टी (सपा) ने शनिवार दोपहर 1 बजे भाजपा सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने प्रदेश में बड़ी संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद किए जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सपा नेताओं के बीच करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ। बंद स्कूलों के बाहर मनाया शिक्षक दिवस चंदौसी तहसील के आटा और खजरा खाकम गांवों में बंद पड़े स्कूलों के बाहर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब सभी बच्चों को अच्छी और सुलभ शिक्षा मिले और बंद किए गए विद्यालय दोबारा खोले जाएं। सपा का दावा है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं। पार्टी ने इन विद्यालयों को दोबारा खोलने की मांग उठाई।
    जिलाध्यक्ष की इंस्पेक्टर से हुई बहस प्रदर्शन के दौरान सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी की बहजोई इंस्पेक्टर राजीव से बहस हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, सपा कार्यकर्ता स्कूलों के बाहर प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे। कुछ देर के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति भी बनी।
    स्कूल खोलने और शिक्षकों की भर्ती की मांग सपा नेताओं ने सरकार से बंद किए गए विद्यालयों को दोबारा खोलने, शिक्षकों की भर्ती करने और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी शिक्षा के मुद्दे पर सरकार से लगातार सवाल करती रहेगी।
    सपा जिलाध्यक्ष बोले- सरकार चाहती है लोग अनपढ़ रहें सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी ने कहा कि वे मर्ज किए गए स्कूलों पर शिक्षक दिवस मनाने पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को खराब कर दिया है। अंसारी ने आरोप लगाया कि सरकार की तानाशाही के चलते पुलिस लगाकर लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है, ताकि वे स्कूलों में बच्चों की संख्या और उनके भविष्य की जानकारी न ले सकें। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग अनपढ़ रहें, ताकि वे सवाल न कर सकें।