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  • शादी कहीं और की तो जान से मार दूंगा:अलीगढ़ में युवती को सिरफिरे युवक की धमकी; ब्लैकमेलिंग का भी आरोप, SSP ने SHO को दिए कड़े निर्देश

    महुआखेड़ा थाना क्षेत्र के ईकरी गांव में युवती को शादी से रोकने के लिए धमकी देने का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि गांव का ही विनीत उसे लगातार परेशान कर रहा है। वह उसकी बात नहीं मानने पर जान से मारने की धमकी देता है। इतना ही नहीं, आरोपी पर युवती की कहीं और शादी नहीं होने देने और उसके बारे में गलत बातें फैलाकर बदनाम करने की धमकी देने का भी आरोप है।
    मामले की शिकायत युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की। शिकायत में उसने बताया कि आरोपी और उसका भाई प्रवीण लंबे समय से उसे परेशान कर रहे हैं। लगातार मिल रही धमकियों के कारण युवती और उसका परिवार डरा हुआ है। परिवार को किसी अनहोनी की आशंका सता रही है।
    ‘मेरी बात नहीं मानी तो शादी नहीं होने दूंगा’
    पीड़िता के मुताबिक आरोपी विनीत उस पर अपनी बात मानने का दबाव बनाता है। आरोप है कि वह साफ तौर पर धमकी देता है कि यदि युवती ने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसकी शादी कहीं और नहीं होने देगा। इसके साथ ही जान से मारने और समाज में बदनाम करने की धमकी भी दी जा रही है। युवती ने पुलिस को बताया कि आरोपी की धमकियों और लगातार परेशान किए जाने से वह मानसिक रूप से परेशान है। परिवार के लोग भी उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
    कॉल रिकॉर्डिंग और चैट बनीं अहम कड़ी
    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी की ओर से की गई बातचीत और धमकियों से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग, मोबाइल चैट और स्क्रीनशॉट उसके पास सुरक्षित हैं। उसने इन्हें पुलिस जांच में उपलब्ध कराने की बात कही है। अब पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर यह पता लगाएगी कि युवती को कब-कब फोन किया गया, बातचीत में किस तरह की धमकियां दी गईं और आरोपी की ओर से वास्तव में क्या संदेश भेजे गए।
    SSP ने लिखा- ‘PERSONAL ATTENTION’
    युवती की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए SSP ने महुआखेड़ा थाना प्रभारी को मामले में “PERSONAL ATTENTION” देने के निर्देश दिए हैं। आदेश में प्रकरण को गंभीर बताते हुए SHO को स्वयं मामले को देखने और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीओ द्वितीय धनंजय के अनुसार मामले में आगे कार्रवाई तय की जा रही है।
    परिवार को सुरक्षा की चिंता
    पीड़िता का कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के चलते उसका परिवार भी भयभीत है। शिकायत में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ सुरक्षा की मांग भी की गई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
  • ब**़ से घिरे भैया नगला में डीएम-विधायक ने बांटी राशन:रामपुर में नाव से पहुंचे, ग्रामीण बोले- स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी भगवान भरोसे

    रामपुर के भैया नगला गांव में शनिवार को जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और नगर विधायक आकाश सक्सेना पहुंचे। वे मोटर बोट से गांव आए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान 200 से ज्यादा लोगों को राशन किट बांटी गई। किट में खाने-पीने और जरूरत का दूसरा सामान था। विधायक आकाश सक्सेना ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सरकार और वे खुद बाढ़ प्रभावितों के साथ हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल के समय हरसंभव मदद दी जाएगी। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन बाढ़ प्रभावितों को राहत देने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। देखें, 4 तस्वीरें… राशन मिलने के बाद ग्रामीणों ने राहत तो महसूस की, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नाराजगी भी जताई। ग्रामीणों का कहना था कि अधिकारियों के गांव में रहने तक डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी मरीजों को देखते हैं। हालांकि, उनके जाते ही स्वास्थ्य सेवाएं बंद हो जाती हैं।
    ग्रामीण विजयपाल ने बताया कि वे खुद बीमार हैं और उनकी बेटी शिवानी को भी तेज बुखार है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को दवा लेने पहुंचे तो डॉक्टर वहां से जा चुके थे। शनिवार को भी डॉक्टर नहीं मिले। अब वे बेटी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल या किसी निजी अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
    एक दूसरे ग्रामीण राजेश ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे तक जब अधिकारी मौजूद रहते हैं, तब तक व्यवस्थाएं ठीक रहती हैं। लेकिन उनके जाने के बाद डॉक्टर और कर्मचारी दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में कम से कम एक स्वास्थ्यकर्मी की लगातार तैनाती की जाए। चारों तरफ पानी होने के कारण आने-जाने में दिक्कत है। नावों की व्यवस्था तो है, लेकिन गांव में स्वास्थ्यकर्मी होने से बीमार लोगों को समय पर दवा और शुरुआती इलाज मिल सकेगा।
  • सहारनपुर में मस्जिद गिराने पर भड़की सपा और कांग्रेस, इमरान मसूद बोले- संविधान पर हथौड़ा चलाया जा रहा

    उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है. अवैध मस्जिद पर कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक हलकों में शोर तेज हो गया है. इस मामले पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है, “सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है और उपलब्धि भी.”

    वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “संविधान की धज्जियां उड़ाई गईं. मस्जिद 1911 से पहले की है. अभी 22 दिन और बचे थे. रातों रात चारों तरफ से घेरा हुआ है. देश के संविधान पर हथौड़ा चलाया जा रहा है. ये ना समझे मस्जिद को शहीद करके बहुत बड़ा काम कर दिया. आज ये काम हमारे लिए कर रहे है कल किसी और के लिए करोगे इससे कोई हिंदू खुश नहीं होगा. राज्य सरकार का ये राजनीति एजेंडा है.”

    ‘हाई कोर्ट में सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दिया’

    इमरान ने कहा, “आज भी मस्जिद का मालिकाना हक वाहिद खान और याकूब खान के नाम पर दर्ज है. हाई कोर्ट में सब कुछ नज़रअंदाज़ कर दिया गया; न तो वक्फ़ बोर्ड को मामले में पक्षकार बनाया गया और न ही कार्यवाही में शामिल किया गया. इलाके को चारों तरफ़ से घेरकर और लोगों को घरों में कैद करके मस्जिद को गिराया गया.”

    मसूद ने इसे कला दिन बताते हुए कहा, “आज सहारनपुर के लोगों के लिए काला दिन है. सहारनपुर के लोगों को काली पट्टी बांधकर इसका विरोध करना चाहिए.”

    सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी एक अवैध मस्जिद को SDM, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में गिराया जा रहा है. सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने इस मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था.

    हाई अलर्ट पर प्रशासन

    कार्रवाई के बीच पूरे सहारनपुर जिले में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. संवेदनशील स्थानों पर PAC और RRF को तैनात किया गया है. दमकल की गाड़ियां भी अलग-अलग स्थानों पर लगाई गई हैं. पुलिस प्रशासन ने किसी भी तरह की भीड़ या तनाव की स्थिति से निपटने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं.

  • बागपत समाधान दिवस: 19 में से 3 शिकायतों का मौके:राजस्व विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं, अधिकारियों ने कार्रवाई के निर्देश दिए

    बागपत तहसील परिसर में शनिवार को समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कई लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे। अधिकारियों ने सभी फरियादियों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों को जल्द और सही तरीके से शिकायतों के निपटारे के निर्देश दिए। समाधान दिवस में कुल 19 शिकायतें मिलीं। इनमें से 3 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। मिली शिकायतों में एक शिक्षा विभाग से, 6 पुलिस विभाग से, एक खंड विकास विभाग से और 11 राजस्व विभाग से जुड़ी थीं। राजस्व विभाग की शिकायतें सबसे ज्यादा थीं, इसलिए अधिकारियों ने इन पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने को कहा। इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सूरज राय, एसडीएम दिग्विजय सिंह और क्षेत्राधिकारी सुकन्या शर्मा मौजूद रहे। इनके साथ कई और विभागों के अधिकारी भी थे। अधिकारियों ने फरियादियों की बात सुनी और विभागों को साफ निर्देश दिए कि शिकायतों के निपटारे में कोई लापरवाही न हो। अधिकारियों ने यह भी कहा कि शिकायतों का समाधान सिर्फ कागजों पर नहीं होना चाहिए। लोगों को असल में राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने लंबित मामलों में हो रही कार्रवाई की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। समाधान दिवस का मुख्य मकसद आम लोगों की समस्याओं को सीधे अधिकारियों तक पहुंचाना और उनका समय पर निपटारा करना है। अधिकारियों ने सभी विभागों को तय समय में शिकायतों का सही तरीके से निपटारा करके रिपोर्ट देने को कहा।
  • लखनऊ में नाले में गिरे 3 बच्चे, 1 की म*त:तीनों खेल रहे थे, 2 बड़े बच्चे निकलकर बाहर आए; तीसरे की डेडबॉडी मिली

    चिनहट की अशरफ विहार कॉलोनी में खेलते समय तीन बच्चे नाले में गिर गए। इसमें से दो बच्चे थोड़े बड़े थे जो निकलकर बाहर आ गए, लेकिन तीसरा 5 साल का बच्चा डूब गया। सुरक्षित बचे लड़कों ने घर जाकर घटना की सूचना दी। इसके बाद लोग वहां पहुंचे तो छोटा बच्चा डूब चुका था। लोगों ने बच्चे को बाहर निकाला। उसकी सांसें थम चुकी थीं। उसे चिनहट सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लोहिया संस्थान की मोर्चरी में ले जाया गया, जहां पंचनामा कराया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है…
  • ताने सुने, समझाया… पर हैवान बन गए ससुराल वाले, बरेली में शादी के 5 महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध म*त

    Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तजुआ गांव में शादी के महज पांच महीने बाद एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मृतका का शव घर के टीनशेड में फंदे पर लटका मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही रोते-बिलखते पहुंचे मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर कम दहेज के लिए बेटी को मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और उसकी हत्या कर शव लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है.

    बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव अहमदाबाद निवासी किसान राम सिंह ने अपनी बेटी संगीता की शादी 22 अप्रैल 2026 को भोजीपुरा के तजुआ निवासी धारा सिंह के साथ की थी.

    मृतका के पिता का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद से ससुराल वाले संगीता को कम दहेज लाने के ताने देने लगे थे और उसके साथ मारपीट की जाती थी. संगीता ने कई बार फोन पर मायके वालों को इस बात की जानकारी दी थी. इसके बाद पिता राम सिंह ने खुद बेटी के घर जाकर ससुराल पक्ष को समझाने का प्रयास भी किया था, लेकिन प्रताड़ना का दौर थमा नहीं.

    टीनशेड में फंदे पर लटका मिला शव

    संगीता की मौत की सूचना पाकर जब मायके वाले आनन-फानन में तजुआ गांव पहुंचे, तो बेटी का शव घर की टीनशेड में कुंडे से लटका हुआ था. यह नजारा देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई. मायके पक्ष की सूचना पर डायल 112 और धौंराटांडा चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक पवन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया.

    पति और ससुर हिरासत में, 5 लोगों पर FIR दर्ज

    मृतका के पिता राम सिंह की लिखित तहरीर पर भोजीपुरा पुलिस ने नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. इसमें मृतका के पति धारा सिंह, ससुर जगदीश सिंह, ननद सुदामा, रजनी (पत्नी संतोष कुमार) और संतोष कुमार (निवासी करमपुर चौधरी, थाना इज्जतनगर) शामिल हैं. इनके खिलाफ दहेज हत्या और प्रताड़ना से जुड़ी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.

    सीओ हाईवे देवेश सिंह ने बताया कि मृतका के पति धारा सिंह और ससुर जगदीश सिंह को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.

  • 5500 करोड़ चंदे पर संजय सिंह ने उठाए सवाल:सांसद बोले- छह दलों ने सिर्फ 15 उम्मीदवार उतारे, फिर इतनी बड़ी रकम कहां से आई

    आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस वार्ता कर भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने गुजरात की छह राजनीतिक पार्टियों को लेकर 5500 करोड़ रुपये के चंदे का दावा किया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। इसके अलावा उन्होंने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने, राम मंदिर ट्रस्ट में नियुक्तियों और 68,500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया।
    छह पार्टियों को 5500 करोड़ चंदे का दावा
    संजय सिंह ने दावा किया कि वर्ष 2023-24 में गुजरात में पंजीकृत छह राजनीतिक दलों को कुल करीब 5500 करोड़ रुपये का चंदा मिला। उन्होंने इन दलों के नाम आम जनमत पार्टी, सत्यवादी रक्षक पार्टी, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी, भारतीय नेशनल जनता दल और गरीब कल्याण पार्टी बताए।
    आप सांसद का कहना था कि इन छह दलों ने कुल मिलाकर सिर्फ 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे, इसके बावजूद उन्हें इतनी बड़ी रकम चंदे के रूप में मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पार्टियां भाजपा की ‘डमी पार्टियां’ हैं और इनके जरिए काले धन को सफेद करने का खेल चल रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए उसकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
    सहारनपुर की घटना को बताया चुनावी ध्रुवीकरण
    सहारनपुर में 1911 की पुरानी मस्जिद गिराए जाने के मामले पर भी संजय सिंह ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन कमजोर होती देखकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रही है। उनका दावा था कि हिंदू-मुसलमान के बीच विवाद खड़ा कर चुनावी लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम और वक्फ से जुड़े कानूनी प्रावधानों के खिलाफ बताया।
    राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर भी लगाए आरोप
    संजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट में हाल की नियुक्तियों को लेकर भी भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट में दलित समाज के प्रतिनिधित्व को कम किया गया है और कुछ विवादित लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर मंदिर से जुड़े मामलों में राजनीतिक नियंत्रण रखने का आरोप लगाया।
    68,500 शिक्षक भर्ती में ओबीसी आरक्षण का मुद्दा उठाया
    आप सांसद ने 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी आरक्षण का उचित लाभ नहीं दिया गया और पिछड़ा वर्ग आयोग के निर्देशों के बावजूद अभ्यर्थियों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईको गार्डन में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ आम आदमी पार्टी खड़ी है और इस मुद्दे को संसद में भी उठाया जाएगा।
    9 सितंबर को होगी आप की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक
    संजय सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 9 सितंबर को लखनऊ में होगी। बैठक में प्रदेश के जिलाध्यक्ष, सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इसमें 2027 के विधानसभा चुनाव और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
  • आ***ी मामलों में फंसा देंगे… नोएडा में कारोबारी को 26 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, ठगे 1.45 करोड़

    Noida Cyber Fraud News: नोएडा में साइबर ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस और जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर यहां के सेक्टर 78 निवासी 63 वर्षीय कारोबारी मनोज अग्रवाल से 1.45 करोड़ की ठगी कर ली. ठगों ने मनोज को आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फसाने का डर दिखाया. इसके बाद उन्हें करीब 26 दिन तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा और किसी से भी संपर्क नहीं करने दिया.

    गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में मनोज से कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए. मामले में साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है. पुलिस के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 को मनोज अग्रवाल के व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति ने कॉल किया. उसने अपना नाम रंजीत कुमार बताते हुए खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया.

    कारोबारी को दी गई गिरफ्तारी की धमकी

    फोन करने वाले आरोपी ने कारोबारी को एक आपराधिक मामले में शामिल होने की बात कही और गिरफ्तारी की धमकी दी. इसके बाद ठगों ने कतिथ तौर पर यूपी एसटीएफ और एनआईए के अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करते हुए कारोबारी पर दबाव बढ़ाया और उन्हें बताया कि उनका नाम आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में सामने आया है.

    उनको वीडियो कॉल पर रहने और किसी अन्य व्यक्ति से संपर्क नहीं करने के लिए कहा गया. शिकायतकर्ता के अनुसार, उनको यह धमकी दी गई कि यदि उन्होंने आरोपियों की बात नहीं मानी तो उनके बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. इसके बाद ठगी का सिलसिला 27 जुलाई से 31 अगस्त तक चलता रहा.

    प्रक्रिया पर हुआ कारोबारी को शक

    इस दौरान अलग-अलग तारीखों में कारोबारी से रकम ट्रांसफर कराई गई. 7 अगस्त को 95.5 लाख 11 अगस्त को 20.20 लाख और 31 अगस्त को 20 लाख तथा 10 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए गए. इस तरह कुल 1 करोड़ 45 लाख रुपये ठगों के बताए गए खातों में पहुच गए. लगातार रकम की मांग और पूरी प्रक्रिया को लेकर कारोबारी को शक हुआ.

    इसके बाद मनोज को अपने साथ साइबर ठगी का एहसास हुआ. फिर ठगों ने उनसे संपर्क तोड़ दिया. तब उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई. इस पूरे मामले में नोएडा की डीसीपी साइबर सेल सशैव्या गोयल ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है. पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है. बैंक अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है.

    ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही

    ठगी की रकम के लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस सीबीआई, ईडी या कोई अन्य जांच एजेंसी फोन अथवा वीडियो कॉल के माध्यम से बताकर किसी को अरेस्ट नहीं करती. इसलिए अगर कोई आपको केस में फसाने, गिरफ्तारी करने या परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर पैसे मांगता है, तो कॉल काट दें और पुलिस को इसकी जानकारी दें.

  • संभल में पेशाब करते पिकअप चालक को कंटेनर ने रौंदा:कौशांबी के ड्राइवर की म*त, 25 मीटर तक घसीटा, सिर-धड़ अलग हुए

    संभल के गंगा एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। सीतापुर से मेरठ जा रहे पिकअप चालक को लघुशंका के दौरान तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। टक्कर के बाद कंटेनर चालक को करीब 25 मीटर तक घसीटता ले गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। टोल प्लाजा से आगे गाड़ी रोककर कर रहा था लघुशंका हादसा संभल तहसील के कैलादेवी थाना क्षेत्र के खिरनी मोहिद्दीनपुर गांव के पास हुआ। बताया गया कि गंगा एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा से कुछ आगे पिकअप चालक ने गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की और लघुशंका करने लगा। इस दौरान परिचालक गाड़ी के अंदर ही बैठा था। इसी बीच तेज रफ्तार कंटेनर ने चालक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक काफी दूर तक घसीटता चला गया। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    परिजनों के पहुंचने पर हुई मृतक की पहचान मृतक की पहचान 35 वर्षीय चंचल पुत्र नंदकिशोर के रूप में हुई। वह कौशांबी के पश्चिम शरीरा क्षेत्र के मंझनपुर का रहने वाला था। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। शाम करीब 4:30 बजे परिजनों के पहुंचने के बाद शव की पहचान हो सकी। पिकअप के परिचालक की पहचान जीतू सिंह पुत्र इंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है। वह आगरा के गढ़ी रानी का निवासी है। पिकअप में चावल लदा था और वह सीतापुर से मेरठ जा रही थी। पिकअप पर ‘सत साहेब निशुल्क सत्संग सेवा हेतु’ लिखा हुआ था। कंटेनर चालक मौके से फरार थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि हादसे के बाद कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है। मृतक के परिजनों को सूचना देने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
  • ट्रेन से च**ी हुआ 3.20 लाख रुपये का बैग मिला:फतेहपुर जीआरपी ने लावारिस हालत में खोजा, यात्री को कैश व जरूरी दस्तावेज वापस मिले

    फतेहपुर जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। टीम ने इंटरसिटी एक्सप्रेस से चोरी हुए 3.20 लाख रुपये नकद और जरूरी कागजातों से भरा एक बैग बरामद किया है। यह बैग लावारिस हालत में मिला था, जिसे बाद में यात्री को सौंप दिया गया। कानपुर के बाबुपुरवा निवासी महमूद अहमद 4 सितंबर 2026 को ट्रेन संख्या 22441 इंटरसिटी एक्सप्रेस से प्रयागराज से कानपुर जा रहे थे। फतेहपुर रेलवे स्टेशन से ट्रेन के चलने के महज 5 मिनट के भीतर उनका बैग चोरी हो गया था। इस बैग में लगभग 3.50 लाख रुपये नकद और अन्य जरूरी सामान थे। इस घटना के संबंध में जीआरपी थाना फतेहपुर में अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। उप-निरीक्षक अरविंद कुमार को मामले की जांच सौंपी गई थी। डीएसपी कानपुर जीआरपी सूर्यमणि उपाध्यक्ष ने शनिवार शाम 5 बजे इस बारे में जानकारी दी।
    प्रयागराज कंट्रोल रूम से मिली सूचना के बाद थानाध्यक्ष विनोद कुमार के नेतृत्व में जीआरपी और आरपीएफ पोस्ट फतेहपुर (प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र सिंह) की संयुक्त टीम ने स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और प्लेटफार्मों पर गहन तलाशी अभियान चलाया। जांच करते हुए पुलिस टीम पश्चिमी छोर यार्ड की ओर पहुंची। वहां रेलवे पटरी के किनारे एक काले रंग का हैंडबैग लावारिस हालत में पड़ा मिला। आसपास पूछताछ करने के बाद जब किसी ने उस बैग पर अपना दावा नहीं किया, तो पुलिस ने शिकायतकर्ता महमूद अहमद को फोन कर मौके पर स्टेशन पर बुलाया। शिकायतकर्ता की मौजूदगी में जब बैग खोलकर जांच की गई, तो उसमें 3,20,000 रुपये नकद (जिसमें 500 रुपये के 618 नोट और 100 रुपये के 110 नोट शामिल थे), पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, नीले रंग की लुंगी और पीले रंग का गमछा बरामद हुआ। महमूद अहमद ने सामान की पहचान कर अपने होने की पुष्टि की। पुलिस ने बरामद सामान को सील कर मालखाना हेड कांस्टेबल कमलेश वर्मा को सौंप दिया है।