Category: himachal

  • हिमाचल के सेब उत्पादक CA कंपनियों से नाराज:खरीद के रेट घोषित नहीं करने पर जताया विरोध; कहा-पारदर्शी खरीद की दरें सार्वजनिक करें

    हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने अदानी, बीजा, देवभूमि और इंद्रप्रस्थ सहित अन्य सीए कंपनियों द्वारा सेब खरीद के रेट समय पर स्पष्ट रूप से घोषित न किए जाने पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। संघ ने सरकार से मांग की है कि वह इन कंपनियों से पारदर्शी और लिखित खरीद दरें सार्वजनिक करवाए ताकि बागवानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। संघ के अध्यक्ष सोहन ठाकुर और सचिव पूर्ण ठाकुर ने बताया कि कंपनियों की ओर से रेट को लेकर अस्पष्टता के कारण प्रदेश के बागवान असमंजस में हैं। यह स्थिति बाजार पर दबाव बढ़ा रही है और भ्रम पैदा कर रही है। संघ के अनुसार, बायल में देवभूमि द्वारा अनौपचारिक रूप से लगभग 105 रुपये प्रति किलोग्राम का रेट खोले जाने की बात सामने आई है। वहीं, बागवानों के बीच यह चर्चा है कि यदि अदानी या बीजा इससे अधिक रेट घोषित करती हैं, तो देवभूमि बाद में अपना रेट बढ़ा सकती है। इसके विपरीत, अपेक्षाकृत छोटी कंपनी बिगबास्केट द्वारा 118 रुपये प्रति किलोग्राम का रेट घोषित किए जाने की जानकारी मिली है। बागवानों को नुकसान पहुंचा रही कंपनियां संघ ने सवाल उठाया है कि जब एक छोटी कंपनी प्रतिस्पर्धी रेट दे रही है, तो बड़ी सीए कंपनियां स्पष्ट और प्रतिस्पर्धी दरें क्यों जारी नहीं कर रही हैं। संघ का आरोप है कि कम शुरुआती रेट रखकर एक-दूसरे की दरों का इंतजार करने की यह नीति सीधे तौर पर बागवानों को नुकसान पहुंचा सकती है। बागवानी विभाग से हस्तक्षेप की मांग संघ ने सरकार और बागवानी विभाग से इस मामले की तत्काल जांच की मांग की है। साथ ही, बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी से हस्तक्षेप कर सीए कंपनियों से पारदर्शी एवं लिखित खरीद दरें सार्वजनिक करवाने का आग्रह किया है।
  • हिमाचल में बारिश का असर: 68 सड़कें बंद, 16 बिजली ट्रांसफार्मर ठप; मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित

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  • बिलासपुर में 2 बसों से 158 ग्राम चिट्टा बरामद:2 मामलों में नशे सहित 4 आरोपी गिरफ्तार; सभी पंजाब के रहने वाले

    बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच दल (एसडीटी) ने 2 अलग-अलग मामलों में कुल 158 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एसपी अभिषेक धीमान ने दी। पहला मामला पुलिस थाना घुमारवीं क्षेत्र का है। एसडीटी ने बालोह-मल्यावर लिंक रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक वोल्वो बस की तलाशी ली। इस दौरान बस में सवार रणजीत सिंह उर्फ राणा (40) और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श (22) के कब्जे से 104 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। दोनों आरोपी पंजाब के तरनतारन जिले के निवासी हैं। पुलिस थाना घुमारवीं में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत एफआईआर नंबर 172/2026 दर्ज की गई है। दूसरी कार्रवाई पुलिस थाना स्वारघाट क्षेत्र में कैचीमोड़ फोरलेन फ्लाईओवर, टनल नंबर-1 के पास की गई। किरतपुर से मंडी-भराड़ी की ओर जा रही एक अन्य वोल्वो बस की जांच के दौरान दो यात्रियों, जगजीत सिंह (21) और सुखविंद्र सिंह (48) के पास से 54 ग्राम चिट्टा/हेरोइन मिली। ये दोनों भी पंजाब के तरनतारन जिले के डल्ल गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने एफआईआर नंबर 63/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस नशीले पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि पिछले दो महीनों में जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 67 मामले दर्ज किए गए हैं और 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवधि में लगभग 1.2 किलोग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई है। छह महीनों में लगभग 300 ग्राम चिट्टा पकड़ा वहीं, वर्ष के पहले छह महीनों में लगभग 300 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस ने अन्य राज्यों से जुड़े 15 प्रमुख सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया है। एसपी अभिषेक धीमान ने कहा कि पुलिस नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
  • हिमाचल : शिमला में टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर कराया धरना समाप्त

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    शिमला के चौड़ा मैदान में परमिट बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों की हड़ताल खत्म हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने धरनास्थल पर पहुंचकर टैक्सी ऑपरेटरों से बातचीत की और उन्हें जूस पिलाकर हड़ताल समाप्त करवाई।


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    टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से परमिट बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। इसी मांग को लेकर उन्होंने चौड़ा मैदान में धरना शुरू किया था। आंदोलन के दौरान ऑपरेटरों ने अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठाया।

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    धरनास्थल पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने टैक्सी ऑपरेटरों से बातचीत की। उन्होंने उनकी मांगों को सुना और आंदोलन समाप्त करने की अपील की। इसके बाद टैक्सी ऑपरेटरों ने हड़ताल खत्म करने पर सहमति जताई। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने टैक्सी ऑपरेटरों को जूस पिलाकर उनका अनशन/धरना समाप्त करवाया। इसके साथ ही चौड़ा मैदान में चल रहा उनका आंदोलन फिलहाल खत्म हो गया।

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  • हिमाचल: स्मार्ट बिजली मीटर ने दिया दंपत्ति को बड़ा झटका, बंद घर का आया हजारों में बिल; उड़े होश

    ऊना। हिमाचल प्रदेश में सुविधा, सटीक बिलिंग और पारदर्शिता के दावों के साथ लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटर अब कई उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते नजर आ रहे हैं। कभी 200 से 500 रुपये तक बिजली बिल चुकाने वाले परिवारों के पास अचानक हजारों रुपये के बिल पहुंचने से उपभोक्ताओं के होश उड़ रहे हैं। कई जगहों पर लोग बढ़े हुए बिलों को लेकर विद्युत बोर्ड के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

    ऐसा ही हैरान करने वाला मामला ऊना जिले से सामने आया है, जहां चलोला गांव में स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अचानक भारी उछाल आने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों का दावा है कि जिन घरों में पहले सामान्य खपत के हिसाब से 800 से 900 रुपये तक बिल आता था, वहां अब कई हजार रुपये के बिल पहुंच रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं के बिल तो 10 हजार रुपये से भी ऊपर बताए जा रहे हैं।

    घर में कोई नहीं था, फिर भी आया 7,025 रुपये बिल

    चलोला गांव निवासी सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर मोहिंदर पाल सिंह का मामला स्मार्ट मीटर की बिलिंग को लेकर सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। उन्होंने विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता को शिकायत देकर बताया कि उनके घर में केवल पति-पत्नी रहते हैं।

    मोहिंदर पाल सिंह के अनुसार उनका बिजली बिल सामान्य तौर पर 1,200 से 1,500 रुपये के आसपास रहता था, लेकिन इस बार उन्हें 7,025 रुपये का बिल थमा दिया गया। इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि बिलिंग अवधि के दौरान वह अपनी पत्नी के साथ सोमनाथ और द्वारका की यात्रा पर गए हुए थे। यानी जिस अवधि में घर बंद था और बिजली की खपत बेहद कम होने की उम्मीद थी, उसी दौरान हजारों रुपये का बिल आने से परिवार भी हैरान है।

    पूरे गांव में बढ़े बिलों की शिकायत

    ग्रामीणों का कहना है कि समस्या किसी एक उपभोक्ता तक सीमित नहीं है। गांव के कई परिवारों को स्मार्ट मीटर लगने के बाद अपेक्षा से कहीं ज्यादा बिल प्राप्त हुए हैं। कैप्टन गुरदयाल चंद, विधि चंद धीमान, पुन्नू राम, होशियार सिंह और ओमपाल सिंह समेत कई उपभोक्ताओं ने भी बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायत की है। ग्रामीणों के मुताबिक कुछ उपभोक्ताओं को 2 हजार रुपये से लेकर 12 हजार रुपये तक के बिल भेजे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने मीटर लगे होने के दौरान उनके बिल सामान्य आते थे, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बिलिंग में इतना बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

    800-900 रुपये के बिल से हजारों तक पहुंचा आंकड़ा

    उपभोक्ताओं का कहना है कि सामान्य तौर पर जिन घरों में बिजली का बिल 800 से 900 रुपये के आसपास आता था, वहां अब कई गुना अधिक राशि दिखाई दे रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि वास्तविक बिजली खपत में इतनी बड़ी वृद्धि कैसे हुई।

    ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड से मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की तकनीकी जांच कराई जाए और मीटर में दर्ज खपत का पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया जाए। यदि तकनीकी खामी के कारण बिल बढ़े हैं तो उन्हें संशोधित कर वास्तविक खपत के आधार पर नया बिल जारी किया जाए।

    ग्रामीणों ने दी धरने की चेतावनी

    बढ़े हुए बिजली बिलों से नाराज ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड को चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटरों की जांच नहीं की गई और गलत बिलों को ठीक नहीं किया गया तो उपभोक्ता आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे बसाल स्थित एसडीओ कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि आम परिवारों पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बिजली बिल डालना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

    विद्युत बोर्ड ने माना- शिकायतें मिली हैं

    मामले को लेकर विद्युत उपमंडल बसाल के सहायक अभियंता उदित शर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बोर्ड के शिमला स्थित मुख्यालय से भी संपर्क किया गया है। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी समस्या की जांच की जा रही है और जिन उपभोक्ताओं के बिलों में गड़बड़ी पाई जा रही है, उन्हें ठीक किया जा रहा है।

    स्मार्ट मीटरों पर फिर उठे सवाल

    स्मार्ट मीटरों का उद्देश्य बिजली की खपत की सटीक निगरानी, पारदर्शी बिलिंग और मीटर रीडिंग से जुड़ी समस्याओं को कम करना है। लेकिन यदि उपभोक्ताओं के दावों के अनुसार कम खपत वाले घरों में अचानक हजारों रुपये के बिल आने लगें, तो स्वाभाविक रूप से मीटर की रीडिंग और बिलिंग प्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं। 

    ऊना के चलोला गांव की शिकायत ने स्मार्ट मीटरों को लेकर चल रही बहस को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब ग्रामीणों की नजर विद्युत बोर्ड की तकनीकी जांच और संशोधित बिलों पर है। यदि जांच में तकनीकी खामी सामने आती है, तो यह मामला स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली और बिलिंग व्यवस्था को लेकर भी महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर सकता है।

  • देहरादून से हिमाचल में हो रहा था नशा सप्लाई, मास्टरमाइंड मनीषा सहित दो तस्कर गिरफ्तार

    Himachal Pradesh news

    शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे की सप्लाई को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसे नेटवर्क के बारे में पता चला, जिसके तार हिमाचल से बाहर तक जुड़े हुए थे। मामले में एक महिला का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

    फोन और ऑनलाइन पेमेंट से महिला तक पहुंची पुलिस

    पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और ऑनलाइन पेमेंट की जानकारी खंगाली। जांच में पता चला कि शिमला में नशीला कफ सिरप मंगवाने के लिए आरोपियों ने देहरादून में बैठी महिला से फोन पर संपर्क किया था। इसके लिए उसे ऑनलाइन पैसे भी भेजे गए थे। इन्हीं डिजिटल सबूतों के आधार पर पुलिस देहरादून पहुंची और आरोपी मनीषा राणा को गिरफ्तार कर लिया।

    6 अगस्त को नाकाबंदी में पकड़ी गई थी नशे की खेप

    जानकारी के अनुसार, नेरवा पुलिस ने 6 अगस्त को नाकाबंदी के दौरान एक वाहन को रोका था। तलाशी लेने पर उसमें बिना लेबल वाली कोडीन आधारित कफ सिरप की 5 सीलबंद बोतलें मिली थीं। इसके बाद पुलिस ने वाहन में सवार दो लोगों को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।

    पूछताछ और मोबाइल जांच से खुला देहरादून कनेक्शन

    गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को देहरादून में बैठे सप्लायर के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए देहरादून में दबिश दी और मनीषा राणा को गिरफ्तार कर लिया।

    रिमांड में खुल सकते हैं नेटवर्क से जुड़े और नाम

    पुलिस के अनुसार गिरफ्तार महिला को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है। रिमांड के दौरान उससे पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों और नशे की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है।

  • “हिमाचल में लुटकेस, बूटकेस व सूटकेस वाली सरकार” सांसद अनुराग ठाकुर ने साधा कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना

    Himachal Pradesh News : "हिमाचल में लुटकेस, बूटकेस व सूटकेस वाली सरकार" सांसद  अनुराग ठाकुर ने साधा कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना

    Himachal Pradesh News : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग ठाकुर ने रविवार को पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ जिला कांगड़ा के धर्मशाला में आयोजित जिला सम्मेलन में प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।

    उन्होंने राहुल गांधी के खटाखट पैसे देने के बयान पर तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी ने खटाखट पैसे देने की बात कही थी, लेकिन हिमाचल में कांग्रेस सरकार ने पूरा सिस्टम ही खटारा करके रख दिया है। उन्होंने कहा कि अब हिमाचल की जनता कांग्रेस को फटाफट-फटाफट भगाने का काम करेगी। अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मित्रों की मौज चल रही है, जबकि आम कर्मचारी और पेंशनर अपने हक के लिए इंतजार कर रहे हैं।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकताएं कर्मचारियों और पेंशनरों के बजाय अन्य लोगों को सुविधाएं देने की ओर हैं। प्रदेश पर कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ रहा है और करीब एक लाख दस हजार करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों का 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता और वर्ष 2016 के वित्तीय लाभ लंबित हैं। हिमाचल पथ परिवहन निगम सहित विभिन्न बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों के भी कई मामले लंबित हैं।

    उन्होंने कहा कि पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि पूर्व कर्मचारियों का अधिकार और सम्मान है। भाजपा कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर उनके साथ खड़ी है और उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करेगी।

    सांसद ने कांग्रेस के चुनावी वादों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाओं और युवाओं से बड़े-बड़े वादे किए गए थे। पांच लाख नौकरियां देने की बात कही गई थी, लेकिन आज युवा इसका जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के चार साल के वादों और कामकाज का हिसाब जनता को याद दिलाया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह रील बनाने वाले नेता हैं, रियल नेता नहीं।

    उन्होंने राहुल गांधी के प्राथमिकी मामले को लेकर भी कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय गीत के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर देश को बांटने की राजनीति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    उन्होंने प्रदेश सरकार पर लगातार नए कर और उपकर लगाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस सरकार पेट्रोल और डीजल के साथ सोनिया, राहुल और प्रियंका उपकर भी लगा दे तो आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश को विकास की दिशा में आगे ले जाने के लिए काम करने वाली सरकार की जरूरत है। अनुराग ठाकुर ने कर्मचारियों को एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि कर्मचारी और अधिकारी सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सम्मेलन में रखी गई मांगों पर भाजपा केंद्र और प्रदेश में सरकार बनने पर काम करेगी।

    पेंशन अधिकार है, खैरात नहीं : अनुराग
    अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पेंशनरों और पूर्व सैनिकों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। वन रैंक, वन पेंशन लागू करने के साथ पेंशन अदालतें शुरू की गईं।

    डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र और पेंशन संबंधी ऑनलाइन सुविधाओं से बुजुर्गों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली है। उन्होंने कहा कि पेंशनरों के सम्मान और अधिकार से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

    अनुराग ठाकुर ने कहा “अभी हाल में इन्होंने एक बार फिर से बहाने बनाते हुए पेट्रोल डीजल पर सेस बढ़ा दिया। अब तो ऐसा लगता है कि बस राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी के नाम पर टैक्स लगाना बाकी रह गया है और मुझे लगता है कि सुक्खू जी की खाओ- पियो- मौज करो सरकार यह पुण्य काम कर ही देगी।”

    ये बूटकेस, लूटकेस और सूटकेस की सरकार है। बूटकेस है हिमाचल की जनता के लिए जो अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती है और इनके अधिकारी और प्रशासन उनका मुंह बंद करा देते हैं।

    कितने मीडिया चैनल और सामाजिक कार्यकर्ता इनके बूटकेस का शिकार बने हैं। इनके राज में कानून व्यवस्था पाताल में चली गई है।

    खुद कांग्रेस अध्यक्ष के क्षेत्र में ही इतनी लूटपाट हो रही है कि बढ़ती चोरियों, अवैध खनन, बेलगाम टिप्परों और वन माफिया से आम जनता त्रस्त है।

    अब हिमाचल की जनता ने भी तय कर लिया है कि इन काँग्रेसियों ने जिस तरह प्रदेश को लूटकर खोखला कर दिया, हमारा खजाना खाली कर दिया। इनका हिसाब जरूर होगा।

    कांग्रेस ने हमारे सरकारी कर्मचारियों के साथ, युवाओं के साथ, महिलाओं के साथ, गरीब, किसान, मजदूर के साथ धोखाधड़ी की, इस सबका फैसला अब जनता अपने वोट से करेगी।

  • बाबा बालक नाथ से नैना देवी तक, हिमाचल के मंदिरों में आया 420 करोड़ का चढ़ावा; आंकड़ा सामने आया तो हर कोई रह गया हैरान!

    बाबा बालक नाथ से नैना देवी तक... हिमाचल के मंदिरों में आया 420 करोड़ का  चढ़ावा - Himachal 420 crore temple donation in 2 year check all mandir  chadhawa collection here lcly - AajTak

    शिमला; हिमाचल प्रदेश के सरकारी नियंत्रण वाले 36 मंदिरों में ढाई साल से अधिक समय में करीब 420 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया है. राज्य सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में इसकी जानकारी दी. सरकार के मुताबिक 1 जनवरी 2024 से 1 अगस्त 2026 के बीच इन मंदिरों में कुल 419.88 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ.

    एक एजेंसी ने डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के हवाला से दावा किया कि कांग्रेस विधायक केवल सिंह के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि मंदिरों में प्राप्त चढ़ावे की राशि का इस्तेमाल विभिन्न धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों में किया जाता है. जिसमें मंदिरों का रखरखाव, सौंदर्यीकरण, साफ-सफाई, लाइटिंग, गौशालाओं का संचालन, धार्मिक आयोजनों और मेलों की व्यवस्था शामिल है. इसके अलावा पुजारियों और मंदिर कर्मचारियों के वेतन का भुगतान भी इसी राशि से किया जाता है.

    गौसदन के लिए 50 फीसदी हिस्सा तय
    डिप्टी सीएम ने बताया कि मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का 50 प्रतिशत हिस्सा गौसदन के निर्माण और रखरखाव के लिए निर्धारित किया गया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर फंड खर्च करने के लिए फिलहाल कोई अलग नियम निर्धारित नहीं हैं. राज्य सरकार अभी इस संबंध में नियम बनाने पर विचार नहीं कर रही है.

    इन तीन मंदिरों में सबसे ज्यादा चढ़ावा
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा चढ़ावा हमीरपुर के बाबा बालक नाथ देवत सिद्ध मंदिर में आया. यहां 99.19 करोड़ रुपये प्राप्त हुए. इसके बाद बिलासपुर के नैना देवी मंदिर में 86.94 करोड़ और ऊना जिले के माता चिंतपूर्णी मंदिर में 85.72 करोड़ रुपये का चढ़ावा आया. आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 153.32 करोड़ रुपये चढ़ावा आया था. 2025 में यह बढ़कर 157.51 करोड़ रुपये हो गया. वहीं, 2026 में 1 अगस्त तक 109.4 करोड़ रुपये चढ़ावे के रूप में प्राप्त हो चुके थे.

  • ‘जज अंकल! मम्मी ने पापा को मारा है’, मासूम बेटे की गवाही से खुला हत्या का राज, पत्नी और प्रेमी को उम्रकैद

    अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से पति की हत्या के एक मामले में अदालत का महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी करार देते हुए अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोनों दोषियों पर 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

    इस मामले में सबसे भावुक कर देने वाला पक्ष मृतक के मासूम बेटे की गवाही रही। सुनवाई के दौरान जब जज ने बच्चे से पूछा कि वह क्या चाहता है, तो उसने कथित तौर पर कहा, “जज अंकल! मम्मी ने पापा को मारा है, इन्हें फांसी दे दो।” बच्चे की बात सुनकर कोर्ट रूम में सन्नाटा छा गया।

    पत्नी और प्रेमी पर लगा पति की हत्या का आरोप

    मामला 10 जुलाई 2026 की सुबह का बताया गया है। खबर के मुताबिक, विजय सिंह अपने भाई सुरेश के घर के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान सुरेश की पत्नी बीना के दरवाजे पर खड़े होने की बात सामने आई।

    आरोप है कि इसी दौरान बीना का प्रेमी मनोज वहां पहुंचा। दोनों पर आरोप था कि उन्होंने पहले से सुरेश की हत्या की साजिश रची थी। घटना के दौरान मनोज ने कथित तौर पर सुरेश पर गोली चला दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

    हत्या के बाद दोनों हो गए थे फरार

    घटना के बाद बीना और मनोज के मौके से फरार होने की बात सामने आई। पुलिस जांच के दौरान मामले में कई साक्ष्य जुटाए गए। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य भी पेश किए गए।

    मासूम बेटे की गवाही बनी अहम कड़ी

    इस केस में मृतक के 15 वर्षीय बेटे नितेश की गवाही को महत्वपूर्ण माना गया। उसने अदालत में घटना से जुड़ी जानकारी विस्तार से बताई। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए, जिनमें मृतक के परिवार के सदस्य और अन्य संबंधित गवाह शामिल थे।

    अदालत के सामने पेश किए गए सबूतों और गवाहियों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना गया।

    फैसला सुनते ही रोने लगी बीना

    जब अदालत ने बीना और मनोज को उम्रकैद की सजा सुनाई, तो बीना के भावुक होकर रोने की बात सामने आई। वहीं कोर्ट में मौजूद बच्चों का अपनी मां की ओर देखते रहना भी चर्चा का विषय बना।

    अदालत ने दोनों दोषियों को उम्रकैद के साथ 35-35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में मासूम बच्चों की गवाही ने इस पूरे घटनाक्रम को और भी भावुक बना दिया।

    नोट: यह लेख आपके द्वारा भेजी गई समाचार-कतरन में दी गई जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आरोपों और अदालती फैसले से जुड़े अंतिम तथ्यों के लिए आधिकारिक न्यायिक रिकॉर्ड को प्राथमिक स्रोत माना जाना चाहिए।

  • हिमाचल में 2 बच्चों की मां की दूसरी शादी की कोशिश पर मचा हंगामा, मंडप में पहुंचा पहला पति

    बैजनाथ: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला कथित तौर पर अपने पहले पति से बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने जा रही थी। शादी की रस्में चल रही थीं, तभी उसका पहला पति अपने दोनों बच्चों के साथ मौके पर पहुंच गया। इसके बाद शादी समारोह में जमकर हंगामा हो गया।

    बताया जा रहा है कि महिला की शादी पहले से हो चुकी थी और उसके दो बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह कथित तौर पर दूसरी शादी के लिए मंडप में पहुंची थी। जब पहला पति अपने बच्चों के साथ वहां पहुंचा तो उसने इस शादी पर आपत्ति जताई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    मंडप में पहुंचते ही बदल गया माहौल

    शादी समारोह में उस समय तक रस्में चल रही थीं। परिवार और रिश्तेदार शादी की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन पहले पति के पहुंचते ही पूरा माहौल बदल गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला बढ़ता देखकर पुलिस को मौके पर बुलाया गया।

    पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। विवाद के बीच प्रस्तावित शादी को आगे नहीं बढ़ाया जा सका और बताया जा रहा है कि दूल्हा बिना फेरे लिए ही वहां से चला गया।

    दो बच्चों के भविष्य को लेकर भी सवाल

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद सबसे ज्यादा चर्चा महिला के दोनों बच्चों को लेकर हो रही है। पहले पति के साथ दोनों बच्चों के मौके पर पहुंचने से मामला और भी संवेदनशील हो गया। परिवार के बीच हुए इस विवाद का असर बच्चों पर भी पड़ने की बात कही जा रही है।

    फिलहाल मामला कानूनी प्रक्रिया से जुड़ गया है। दूसरी शादी को लेकर लगाए गए आरोपों और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

    नोट: यह लेख उपलब्ध जानकारी और बताए गए घटनाक्रम के आधार पर तैयार किया गया है। मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित पुलिस या कानूनी रिकॉर्ड से ही मानी जानी चाहिए।