10 Year of UPI: भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) 10 साल का हो गया. दुनिया के सबसे बड़े रियल टाइम पेमेंट सिस्टम UPI से रोजाना 66 करोड़ का पेमेंट होता है. हर महीने 29.88 लाख करोड़ रुपये के पेमेंट का जरिया बनने वाला यूपीआई आज 11 देशों में फैला चुका है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका आइडिया सबसे पहले किसे आया ? जब कार्ड स्वाइप, NEFT , RTGS और कुछ मिनटों में फंड ट्रांसफर करने के IMPS तरीके मौजूद थे, तो UPI की जरूरत क्यों पड़ी ? कैसे एक स्कैन करने और पिन डालने के साथ कुछ सेकेंड में पेमेंट कंप्लीट हो जाता है?

क्या है UPI?
यूपीआई रियल टाइम इंस्टैंट पेमेंट का सबसे तेज तरीका है, जिसे साल 2016 में नेशनल पेमेंट ऑफ इंडिया ( NPCI) ने डेवलप किया. मोबाइल फोन में मौजूद यूपीआई ऐप के मदद से आप चंद सेकेंड में स्कैन करके, फोन नंबर पर या बैंक अकाउंट में सीधे पेमेंट कर सकते हैं. आसान शब्दों में कहें, तो ये आपके बैंक अकाउंट और मोबाइल की दूरी को खत्म कर पेमेंट को आसान बनाता है.
किसने बनाया UPI, कहां से आया आइडिया?
साल 2016 में UPI को भारत में NPCI (National Payments Corporation of India) ने तैयार किया . यह संस्था भारत में सभी डिजिटल पेमेंट, ATM नेटवर्क की देखरेख करती है. इसे आरबीआई का समर्थन हासिल है, जिसकी वजह से आपका पैसा यूपीआई पेमेंट के जरिए बिल्कुल सुरक्षित है.
जब नेटबैंकिंग और कार्ड पेमेंट मौजूद, तो UPI की जरूरत क्यों पड़ी ?
नेटबैंकिंग के जरिए पेमेंट के लिए आपको ‘Beneficiary’ को ऐड करना पड़ता था, जिसे लिंक होने में कई घंटे लग जाते थे. जिसके लिए बैंक अकाउंट नंबर और IFSC कोड की ज़रूरत होती थी. जबकि कार्ड पेमेंट के लिए क्रेडिट-डेबिट कार्ड की जरूरत होती थी, जिसे स्कैन करना पड़ता है. इसमें कार्ड क्लोनिंग जैसे फ्रॉड का खतरा बढ़ता चला गया. कई बार कार्ड भूल जाने से पेमेंट अटक जाता था. ऐसे में मोबाइल को पेमेंट एक ‘Virtual ID’ से जोड़कर यूपीआई पेमेंट को आसान बना दिया गया.
यूपीआई से कैसे होता है पेमेंट ?
आपने सोचा है कि कैसे आप मोबाइल फोन पर पिन कोड डालकर ‘सेंड’ बटन दबाते हैं और दूसरे के फोन पर पैसा रिवीज होने का मैसेज आ जाता है. ? इसके पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि पूरी एडवांस तकनीक काम करती है. पूरा UPI पेमेंट IMPS तकनीक पर टिका है. IMPS मतलब Immediate Payment Service मतलब एक ऐसी तकनीक, जो सातों दिन, चौबीसों घंटे तुरंत पैसे भेजने का काम करता है. UPI का इस्तेमाल करने के लिए फोन में यूपीआई की सुविधा देने वाले एप डाउनलोड करना होगा, जैसे Paytm, PhonePe, GooglePe, Bhim आदि. ऐप में लॉगइन करने के बाद बैंक अकाउंट को लिंक करना होता है. KYC वेरिफिकेशन के बाद आपकी UPI आईडी बन जाएगी. आईडी बनने बाद आप आसानी से किसी को भी उनके फोन नंबर, स्कैनर, अकाउंट नंबर के जरिए पैसे भेज सकते हैं.
सबसे पहले कितने किया था UPI का पहला पेमेंट
11 अप्रैल, 2016 को RBI के तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन ने NPCI के तत्कालीन एमडी और सीईओ ए पी को सबसे पहला UPI पेमेंट किया था, जिसमें उन्होंने 5,000 रुपये ट्रांसफर किए थे. अगस्त 2016 में इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया गया था.
किन 11 देशों में यूपीआई पेमेंट की सुविधा
1.संयुक्त अरब अमीरात,
2.फ्रांस
3.भूटान
4.श्रीलंका
5.नेपाल
6. सिंगापुर
7.मॉरिशस
8. कतर
9.कंबोडिया
10.ग्रीस
11. मालदीव.








