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  • जेंडर बदलने के बाद क्रिकेट में एंट्री नहीं मिलनी चाहिए:साउथ अफ्रीकी ऑलराउंडर बोलीं- यह बिल्कुल हास्यास्पद; अनाया को ऑस्ट्रेलिया ने खेलने की अनुमति दी

    साउथ अफ्रीका की ऑलराउंडर मारिजन कैप ने ट्रांस क्रिकेटर अनाया बांगड़ को ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलने पर नाराजगी जताई है। 36 साल की कैप ने इंस्टाग्राम पर अनाया से जुड़ी एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने लिखा, यह बिल्कुल हास्यास्पद है, इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। कैप ने अपनी पोस्ट में विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) को भी टैग किया। दरअसल, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अनाया को फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की कम्युनिटी क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने की अनुमति दी है। वह आगे WBBL में भी खेल सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें तय हार्मोन संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी। 25 साल की अनाया पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी हैं। उन्होंने इसी साल जेंडर ट्रांजिशन के तहत जेनिटल सर्जरी कराई थी। WBBL खेलेने के लिए ब्लड टेस्ट क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के मुताबिक, अनाया मार्च 2027 तक ऑस्ट्रेलिया के किसी भी राज्य या क्षेत्र की प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेल सकती हैं। हालांकि, मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए उन्हें कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी। CA के हेड ऑफ इंटीग्रिटी जैकी पार्ट्रिज ने अनाया को बताया कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर उन्हें ब्लड टेस्ट देना होगा। टेस्ट में उनके सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर 10 nmol/L से कम होना चाहिए। अनाया ने कहा- लगा था दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी अनाया ने कुछ दिन पहले इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले पर खुशी जताई थी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बहुत खास दिन है, क्योंकि उन्हें फिर से क्रिकेट खेलने का मौका मिला है। अनाया ने बताया कि एक समय उन्हें लगा था कि वह दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाएंगी। उनके मुताबिक, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एक और मौका दिया है। BCCI से जवाब नहीं मिला तो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया अनाया ने क्रिकेट खेलने की अनुमति के लिए BCCI से भी संपर्क किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अनुरोध किया। BCCI के एक अधिकारी ने बताया कि ICC ने ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के मामले में एलीट महिला क्रिकेट के लिए अनुमति नहीं दी है। अधिकारी के मुताबिक, BCCI ने अभी ऐसे मामलों में घरेलू क्रिकेट को लेकर अपना रुख तय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड के सामने इस तरह का पहला मामला है, इसलिए इस पर फैसला किया जाना बाकी है। अनाया का क्रिकेट कनेक्शन क्या है? अनाया बांगर पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की संतान हैं। उन्होंने भारत में एज-ग्रुप क्रिकेट भी खेला है। अनाया ने सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान के साथ भी एज ग्रुप क्रिकेट खेला है। ————–
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    संजय बांगड़ की बेटी अनाया फिर खेल सकेंगी क्रिकेट पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ की बेटी अनाया बांगड़ अब क्रिकेट में वापसी कर सकती हैं। अनाया का जन्म एक लड़के के तौर पर हुआ था। उनका नाम आर्यन था। उन्होंने बाद में सर्जरी और हार्मोन रिप्लेसमेंट के जरिए खुद को लड़की बना लिया और अपना नाम अनाया रख लिया। जेंडर बदलवाने के कारण उन्हें खेल से बाहर होना पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर…
  • कोहली खेलते तो भारत कोलंबो टेस्ट जीत जाता:कैफ बोले- टीम में जोश की कमी दिखी, टेस्ट में भारत के सबसे सफल कप्तान हैं विराट

    पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा है कि अगर विराट कोहली कोलंबो टेस्ट में खेलते तो भारत मुकाबला जीत सकता था। कैफ के मुताबिक, टेस्ट के आखिरी दिन भारतीय टीम में जोश और तेजी की कमी दिखाई दी। विराट टीम में होते तो वे खिलाड़ियों को लगातार उत्साहित करते और श्रीलंका के बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते। मैच के पांचवें दिन श्रीलंका के 4 विकेट बाकी थे और टीम भारत से सिर्फ 16 रन आगे थी। यहां से सोनल दिनूषा ने नाबाद 133 रन की पारी खेली और श्रीलंका ने 9 विकेट पर 429 रन बनाकर पारी घोषित नहीं की। उसकी बढ़त 216 रन हो गई और मुकाबला ड्रॉ पर खत्म हुआ। कोहली भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान रहे हैं। उन्होंने 68 टेस्ट में कप्तानी की, जिनमें भारत ने 40 मैच जीते, 17 हारे और 11 मुकाबले ड्रॉ रहे। इस मामले में उनके बाद एमएस धोनी का नंबर आता है। कैफ बोले- कोहली खिलाड़ियों में जोश भरते कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि विराट कोहली टीम में होते तो वह लगातार खिलाड़ियों से बात करके उन्हें मैच में बनाए रखते। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट लंबा खेल है और इसमें गेंदबाजों को लगातार मेहनत करनी पड़ती है। कैफ के मुताबिक, भारतीय टीम ने कई मौकों पर चीजों को अपने आप होने के लिए छोड़ दिया। उनका मानना था कि सिर्फ गेंदबाजी करते रहने से विकेट मिलने की उम्मीद करना पर्याप्त नहीं था। दिनूषा पर दबाव बनाते कोहली कैफ ने कहा कि भारतीय टीम में ऊर्जा की कमी दिखी, जिसे विराट कोहली बढ़ा सकते थे। उनके मुताबिक, कोहली मैदान पर लगातार खिलाड़ियों को उकसाते और श्रीलंकाई बल्लेबाज सोनल दिनूषा को भी दबाव में लाने की कोशिश करते। उन्होंने कहा कि कोहली सरफराज खान और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों को भी लगातार एक्टिव रखते और मैदान पर आक्रामक माहौल बनाते। कोहली ने मई 2025 में टेस्ट से संन्यास लिया विराट कोहली ने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। उन्होंने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी थी। इससे पहले वह टी-20 इंटरनेशनल से भी संन्यास ले चुके थे। अब वह सिर्फ वनडे क्रिकेट खेल रहे हैं। कोहली ने भारत के लिए 123 टेस्ट में 9,230 रन बनाए। उनके नाम 30 टेस्ट शतक और 31 अर्धशतक हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 254 रन है। ——————— मैच की यह खबर भी पढ़ें… श्रीलंका ने भारत को नहीं जीतने दिया दूसरा टेस्ट:फॉलोऑन खेलने के बावजूद मैच ड्रॉ कराया, सोनल दिनूषा का दोनों पारियों में शतक श्रीलंका ने फॉलोऑन खेलने के बावजूद भारत के खिलाफ दूसरा टेस्ट मैच ड्रॉ करा लिया है। इस तरह भारत ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीत ली है। भारत ने गॉल में हुआ पहला टेस्ट मैच 165 रन से जीता था। पूरी खबर पढ़ें…
  • अश्विन ने बताया- पंत क्यों वनडे-टी20 से बाहर हुए:बोले- अपने खराब फैसलों की कीमत चुका रहे भारतीय विकेटकीपर, उन्हें खास ट्रीटमेंट देना गलत

    पूर्वभारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि ऋषभ पंत अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा- पंत अपने खराब फैसलों की वजह से भारत की वनडे और टी20 इंटरनेशनल टीम में नहीं खेल रहे हैं। अश्विन ने कहा कि अगर पंत को सच्चाई बताई जाएगी, तो वे भारत के लिए हर फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पंत को ‘एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला खिलाड़ी’ कहकर टीम मैनेजमेंट को उन्हें खास ट्रीटमेंट नहीं देनी चाहिए। अश्विन बोले- खास ट्रीटमेंट देना है, तो सबको दीजिए अश्विन ने ‘अश्विन की बात’ प्रोग्राम में कहा कि किसी एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट मत दीजिए।’ उन्होंने कहा- अगर खिलाड़ियों को वन जेनरेशन प्लेयर कहकर समर्थन देना ही है, तो यह समर्थन सभी को दीजिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं।’ अश्विन बोले कि ‘मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि पंत अनुभवी हैं। वे 50 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके लिए यह तर्क मत दीजिए कि वे वन जेनरेशन प्लेयर हैं। उन्होंने कहा कि पंत को हालात के हिसाब से खेलना होगा। इसके पीछे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को बहाना नहीं बनाया जा सकता। ‘पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई’ अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है। सोनल दिनूषा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था, लेकिन अंतर ज्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है।” उन्होंने कहा, “जब खेल आपके हाथ में हो, तब लोग कहते हैं- ‘ऋषभ इसी तरह खेलते हैं।’ लेकिन बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।” अश्विन ने पंत की बल्लेबाजी के तरीके पर कहा कि निर्णायक मौकों पर लिए गए जोखिमों को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, टीम की जरूरत के हिसाब से फैसले लेना जरूरी है। सिडनी और ब्रिस्बेन की पारियों का जिक्र अश्विन ने कहा, “ऋषभ ने सिडनी और ब्रिस्बेन में शानदार पारियां खेलीं, लेकिन वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना आप वह मैच नहीं जीत सकते थे।” उन्होंने कहा, “टेस्ट मैच बनाने और उसके आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटर्स की जरूरत होती है, लेकिन एक टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खता काफी होती है।” हाल ही में खत्म हुई श्रीलंका सीरीज में पंत ने 168 रन बनाए थे। इसमें दो टेस्ट मैचों में उनके दो अर्धशतक शामिल थे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत ने यह सीरीज 1-0 से जीती। सेहवाग और गिलक्रिस्ट से तुलना पर जवाब अश्विन ने पंत की आक्रामक बल्लेबाजी की तुलना वीरेंद्र सेहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे पुराने महान खिलाड़ियों से करने की बात भी खारिज की। उन्होंने कहा, “मैं सिर्फ उन मौकों की बात कर रहा हूं, जब मैच निर्णायक स्थिति में हो और ऐसे शॉट खेले जाएं। मुझे खिलाड़ी के तौर पर ऋषभ पसंद हैं। इस फॉर्मेट में हालात के मुताबिक खेलना जरूरी है।” अश्विन ने कहा, “सेहवाग और गिलक्रिस्ट ने आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन जब उनकी टीम 500 रन पीछे होती थी, तब वे मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेलने के दौरान आउट नहीं होते थे।” उन्होंने आगे कहा, “मेरे सामने इन खिलाड़ियों के बारे में ऐसी मार्केटिंग वाली बातें दोबारा मत रखिए।”