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  • कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले:डेढ़ महीने सोचता रहा ऐसा कैसे हुआ; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा

    भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी कप्तानी छिनने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा- ‘मैं करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है।’ पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने कहा- मैंने सोचा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को संभालूंगा।’ अजित अगरकर की अगुआई वाली सिलेक्शन कमेटी ने टी-20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर नए कप्तान बने। यहां तक आयरलैंड और इंग्लैंड की टीम में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनके खराब फॉर्म को इसकी वजह बताया। सूर्या बोले- खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा। समझने की कोशिश की कि वे उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा- ‘जब मेरा नाम टीम में नहीं था, तब मैं मुस्कुराया। मैच के दौरान जब भी दबाव की स्थिति आई, मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा।’ सूर्या ने खुद को मिले मौकों के लिए शुक्रिया भी कहा। सूर्या बोले- फोन पर सिलेक्टर्स ने कहा आप टीम में नहीं होंगे सूर्या ने कहा कि टीम के ऐलान से तीन दिन पहले सिलेक्शन कमेटी ने मुझसे बात की थी। मुझे बताया गया था, ‘इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में मेरा नाम नहीं होगा। अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि इसमें मेरी गलती नहीं थी।’ इस पर सूर्या ने सिलेक्टर्स से कहा- ‘जो फैसला लिया गया, वह निश्चित ही टीम के लिए बेहतर होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया। कोई समस्या नहीं है। मैं खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि सही समय है, तब बुला लीजिए।’ वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार बाहर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हारे और दो मैचों का नतीजा नहीं निकला। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। रोहित के बाद सूर्या को कप्तानी मिली थी वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। —————————————- सूर्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
  • कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले:ऐसा कैसे हुआ, डेढ़ महीने सोचता रहा; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा

    भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी कप्तानी छिनने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा- ‘मैं करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है।’ आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने कहा- मैंने सोचा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को संभालूंगा।’ अजित अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने टी-20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर नए कप्तान बने। यहां तक आयरलैंड और इंग्लैंड की टीम में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनकी खराब फॉर्म को इसकी वजह बताया। सूर्या बोले- खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा। समझने की कोशिश की कि वे उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों बनाना चाहते हैं। उन्होने कहा- ‘जब मेरा नाम टीम में नहीं था, तब मैं मुस्कुराया। मैच के दौरान जब भी दबाव की स्थिति आई, मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा।’ सूर्या ने उन्हें मिले उन्हें मौकों के लिए शुक्रिया भी कहा। फोन पर सिलेक्टर्स ने कहा- आप टीम में नहीं होंगे सूर्या ने कहा कि टीम के ऐलान से तीन दिन पहले सिलेक्शन कमिटी ने उनसे बात की थी। उन्हें बताया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। सूर्या ने कहा- फोन पर उनसे कहा गया कि अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि इसमें मेरी गलती नहीं थी।’ उन्होंने सिलेक्टर्स से कहा- जो फैसला लिया गया, वह जरुर टीम के लिए बेहतर होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया। कोई समस्या नहीं है। मैं खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि सही समय है, तब बुला लीजिए।’ वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार बाहर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हार और दो मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। रोहित के बाद सूर्या को कप्तानी मिली थी वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। —————————————- सूर्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
  • कप्तानी जाने पर पहली बार सूर्यकुमार बोले:ऐसा कैसे हुआ, डेढ़ महीने सोचता रहा; लगा था ओलिंपिक और अगले टी-20 वर्ल्डकप में कप्तान रहूंगा

    भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पहली बार अपनी कप्तानी छिनने पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा- ‘मैं करीब डेढ़ महीने तक घर पर बैठकर यही सोचते रहे कि ऐसा कैसे हो सकता है।’ आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में सूर्यकुमार ने कहा- मैंने सोचा था कि 2028 लॉस एंजिल्स ओलिंपिक और अगले टी20 वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को संभालूंगा।’ अजित अगरकर की अगुवाई वाली सिलेक्शन कमिटी ने टी-20 वर्ल्डकप 2026 जीतने के बाद सूर्यकुमार को कप्तानी से हटा दिया था। उनकी जगह श्रेयस अय्यर नए कप्तान बने। यहां तक आयरलैंड और इंग्लैंड की टीम में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया। सिलेक्टर्स ने उनकी खराब फॉर्म को इसकी वजह बताया। सूर्या बोले- खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा सूर्यकुमार ने बताया कि टीम से बाहर किए जाने पर खुद को सिलेक्टर्स की जगह रखकर सोचा। समझने की कोशिश की कि वे उनसे आगे बढ़कर भविष्य के लिए नई टीम क्यों बनाना चाहते हैं। उन्होने कहा- ‘जब मेरा नाम टीम में नहीं था, तब मैं मुस्कुराया। मैच के दौरान जब भी दबाव की स्थिति आई, मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। मैंने सोचा नहीं था कि ऐसा होगा।’ सूर्या ने उन्हें मिले उन्हें मौकों के लिए शुक्रिया भी कहा। कहा- टीम घोषित होने से 2-3 दिन पहले मिली जानकारी सूर्या ने कहा कि टीम के ऐलान से तीन दिन पहले सिलेक्शन कमिटी ने उनसे बात की थी। उन्हें बताया गया था कि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के लिए टीम में उनका नाम नहीं होगा। सूर्या ने कहा- फोन पर उनसे कहा गया कि अब आगे बढ़ने का समय है। मैंने रिएक्ट नहीं किया, क्योंकि इसमें मेरी गलती नहीं थी।’ उन्होंने सिलेक्टर्स से कहा- जो फैसला लिया गया, वह जरुर टीम के लिए बेहतर होगा। आपने फैसला लिया और मुझे बता दिया। कोई समस्या नहीं है। मैं खेलता रहूंगा। जब आपको लगे कि सही समय है, तब बुला लीजिए।’ वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार बाहर सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने इसी साल 8 मार्च को टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। सूर्या टी-20 में भारत के सफल कप्तान हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 52 टी-20 मैच खेले। इसमें 42 जीते , 8 हार और दो मैच नो रिजल्ट रहा। उनका जीत प्रतिशत 80.76% है। सूर्यकुमार की अगुआई में भारत ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप, 2025 एशिया कप अपने नाम किया था। रोहित के बाद सूर्या को कप्तानी मिली थी वेस्टइंडीज में 2024 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद सूर्यकुमार यादव को भारत की कप्तानी सौंपी गई थी। सूर्या टी-20 में 4 शतक लगा चुके सूर्यकुमार ने 113 मैचों में 3272 रन बनाए हैं। उनका औसत 36.35 और स्ट्राइक रेट 162.94 रहा है। सूर्यकुमार के नाम 4 शतक और 25 अर्धशतक दर्ज हैं। उनका बेस्ट स्कोर 117 रन है। सूर्या ने 297 चौके, 179 छक्के और 58 कैच भी लिए हैं। —————————————- सूर्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सूर्यकुमार बोले-वैभव तुम्हारे सफर की शुरुआत, देश का मान बढ़ाओ:कप्तानी से हटाए जाने पर कहा- नाराज नहीं, टीम के साथ; सोशल मीडिया पर झूठी खबरें भारत के पूर्व टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने वैभव सूर्यवंशी को इंटरनेशनल डेब्यू पर बधाई दी है। सूर्या ने कहा कि वैभव अभी अपने शानदार सफर की शुरुआत में हैं। उन्होंने कहा- वैभव तुम हर पल का लुत्फ उठाओ और देश का मान बढ़ाना जारी रखो। पूरी खबर पढ़ें…
  • इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर पाकिस्तान के हेड-कोच बोले:टीम को इसकी जानकारी नहीं थी, हम उस समय लंच कर रहे थे

    इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने कहा है कि टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। वे लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या लंच के बाद पाकिस्तान की टीम मैदान पर नहीं लौटने वाली थी। इसपर उन्होंने कहा कि- ‘मुझे कुछ नहीं पता। मैं सिर्फ मैच पर ध्यान दे रहा हूं। मुझे इंटरव्यू के बारे में नहीं पता। हम उस समय लंच कर रहे थे।’ पाकिस्तान ने स्काई स्पोर्ट्स को धमकी दी थी विवाद गुरुवार का है। जब लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन PCB ने मैच के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू न चलाने को कहा था। बोर्ड की इस धमकी के बावजूद ने चैनल ने 18 मिनट तक इंटरव्यू ऑन-एयर किया था। PCB ने धमकी दी थी कि बात न मानने पर लंच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान पर शायद न उतरे। साथ ही पाकिस्तान, इंग्लैंड दौरे पर बचे मुकाबले रद्द कर सकता है। हालांकि लंच के बाद भी खिलाड़ी मैदान पर उतरे और खेल जारी रहा। माइकल एथरटन ने इंटरव्यू लिया था यह इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्काई स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर माइकल एथरटन ने लिया था। इसमें सुलेमान और कासिम खान ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दोनों ने इमरान की स्थिति को लेकर ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। बेटों ने पिता की जान को खतरा बताया सुलेमान और कासिम खान ने जेल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई। दोनों भाइयों ने कहा कि जेल में उनके पिता की जान को खतरा है। कासिम ने इंटरव्यू में कहा, यह साफ नहीं है कि वे (सरकार) क्या कर रहे हैं। वे खुले तौर पर उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक अंदर रखना और चुप कराना चाहते हैं। पाकिस्तानी चैनल PTV ने इंटरव्यू के बीच विज्ञापन चलाया यह इंटरव्यू पाकिस्तान में मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर PTV पर भी प्रसारित किया गया। हालांकि, चैनल ने इसे कुछ ही देर दिखाने के बाद बीच में रोक दिया और स्पोर्ट्स कमर्शियल (विज्ञापन) चला दिया। प्रसारण अचानक कट होने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व क्रिकटरों ने इमरान के हेल्थ को लेकर दो लेटर भेजे दुनियाभर के पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के सही इलाज को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को 2 लेटर भेजे हैं। पहला लेटर फरवरी में भेजा गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। दूसरा पत्र 23 अगस्त को भेजा गया। इसमें भारत के सुनील गावस्कर, कपिल देव समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ सरकार वर्ल्डकप विजेता कप्तान इमरान खान को सही मेडिकल इलाज देने की मांग रखी। ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट और वनडे कप्तान पैट कमिंस ने भी इस मांग का समर्थन किया है। इससे पहले 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान को अस्पताल में एडमिट किया गया था, बाद में फिर अदियाला जेल भेज दिया गया। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई अन्य मुकदमे भी दर्ज कर दिए गए। समय के साथ सिफर और इद्दत निकाह मामलों में अदालत ने उन्हें राहत दे दी, जबकि तोशाखाना की एक सजा पर भी रोक लगा दी गई। इसके बावजूद अन्य लंबित कानूनी मामलों और नए केसों के चलते उनकी रिहाई नहीं हो सकी है और वे लगातार जेल में ही हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का दावा है कि 2022 में सत्ता गंवाने के बाद उन्हें चुनाव और राजनीति से बेदखल करने के लिए ये तमाम फर्जी केस दर्ज कराए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया बताती है।
  • इमरान के बेटों के इंटरव्यू पर पाकिस्तान के हेड-कोच बोले:टीम को इसकी जानकारी नहीं थी, हम उस समय लंच कर रहे थे

    इमरान खान के बेटों के इंटरव्यू विवाद पर पाकिस्तान के हेड कोच सरफराज अहमद ने कहा है कि टीम को इसकी जानकारी नहीं थी। वे लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए थे। जब उनसे पूछा गया कि क्या लंच के बाद पाकिस्तान की टीम मैदान पर नहीं लौटने वाली थी। इसपर उन्होंने कहा कि- मुझे कुछ नहीं पता। मैं सिर्फ मैच पर ध्यान दे रहा हूं। मुझे इंटरव्यू के बारे में नहीं पता। हम उस समय लंच कर रहे थे।’ पाकिस्तान ने स्काई स्पोर्ट्स को धमकी दी थी विवाद गुरुवार का है। जब लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन PCB ने मैच के ऑफिशियल ब्रॉडकास्टर स्काई स्पोर्ट्स से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों का इंटरव्यू न चलाने को कहा था। बोर्ड की इस धमकी के बावजूद ने चैनल ने 18 मिनट तक इंटरव्यू ऑन-एयर किया था। PCB ने धमकी दी थी कि बात न मानने पर लंच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ी मैदान पर शायद न उतरे। साथ ही पाकिस्तान, इंग्लैंड दौरे पर बचे मुकाबले रद्द कर सकता है। हालांकि लंच के बाद भी खिलाड़ी मैदान पर उतरे और खेल जारी रहा। माइकल एथरटन ने इंटरव्यू लिया था यह इंटरव्यू इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्काई स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर माइकल एथरटन ने लिया था। इसमें सुलेमान और कासिम खान ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान के साथ हो रहे बर्ताव और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। दोनों ने इमरान की स्थिति को लेकर ब्रिटेन सरकार की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। बेटों ने पिता की जान को खतरा बताया सुलेमान और कासिम खान ने जेल में अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जताई। दोनों भाइयों ने कहा कि जेल में उनके पिता की जान को खतरा है। कासिम ने इंटरव्यू में कहा, यह साफ नहीं है कि वे (सरकार) क्या कर रहे हैं। वे खुले तौर पर उन्हें मारने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें ज्यादा से ज्यादा समय तक अंदर रखना और चुप कराना चाहते हैं। पाकिस्तानी चैनल PTV ने इंटरव्यू के बीच विज्ञापन चलाया यह इंटरव्यू पाकिस्तान में मैच के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर PTV पर भी प्रसारित किया गया। हालांकि, चैनल ने इसे कुछ ही देर दिखाने के बाद बीच में रोक दिया और स्पोर्ट्स कमर्शियल (विज्ञापन) चला दिया। प्रसारण अचानक कट होने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व क्रिकटरों ने इमरान के हेल्थ को लेकर दो लेटर भेजे दुनियाभर के क्रिकेट कप्तानों ने इमरान के जेल में होने को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को दो पत्र भेजे हैं। पहला पत्र फरवरी में भेजा गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। दूसरी चिट्ठी 23 अगस्त को भेजी गई। इससे पहले 21 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इमरान को अस्पताल में एडमिट किया गया था, बाद में फिर अदियाला जेल भेज दिया गया। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा सुनाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई अन्य मुकदमे भी दर्ज कर दिए गए। समय के साथ सिफर और इद्दत निकाह मामलों में अदालत ने उन्हें राहत दे दी, जबकि तोशाखाना की एक सजा पर भी रोक लगा दी गई। इसके बावजूद अन्य लंबित कानूनी मामलों और नए केसों के चलते उनकी रिहाई नहीं हो सकी है और वे लगातार जेल में ही हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का दावा है कि 2022 में सत्ता गंवाने के बाद उन्हें चुनाव और राजनीति से बेदखल करने के लिए ये तमाम फर्जी केस दर्ज कराए गए। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे पूरी तरह निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया बताती है।
  • मेंस हॉकी वर्ल्डकप- पेनल्टी शूटआउट में बेल्जियम से हारा भारत:टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रहा; हरमनप्रीत सिंह टीम के टॉप गोल स्कोरर रहे

    भारत मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में शुक्रवार को बेल्जियम से पेनल्टी शूटआउट में हार गया। इसके साथ ही टीम टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। बेल्जियम मैच के आखिरी मिनट तक 3-2 से आगे थी। मैच खत्म होने में 26 सेंकंड बाकी थे, तभी भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदलकर मैच को शूटआउट में पहुंचाया, जहां टीम 3-4 से मुकाबला हार गई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मैच में 2 गोल किए। वे टूर्नामेंट में 8 गोल के साथ भारत के टॉप स्कोरर रहे। भारत का पहला गोल, फिर बेल्जियम की वापसी अभिषेक ने छठे मिनट में गोल कर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, बेल्जियम ने शानदार वापसी करते हुए 22वें और 23वें मिनट में दो गोल दागकर 2-1 की बढ़त बना ली। हाफ टाइम के तुरंत बाद 31वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में बेल्जियम के डी केरपेल ने गोल कर स्कोर 3-2 कर दिया। शूटआउट में हरमनप्रीत गोल नहीं कर सके शूटआउट में भारत के लिए शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने पहले 3 शॉट पर गोल किए। हालांकि भारत के लिए आखिरी 2 शॉट पर हरमनप्रीत और सुखजीत सिंह गोल नहीं कर सके। वहीं बेल्जियम के लिए टॉम बून, आर्थर डी स्लोवर, अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल किए। विक्टर फोरबर्ट अपना प्रयास गोल में नहीं बदल सके। मनप्रीत सिंह के आंख पर गेंद लगी अंतिम क्वार्टर में बेल्जियम के लाबुशेयर का तेज शॉट मैनप्रीत सिंह के चेहरे पर आंख के ऊपर लगा। वे गंभीर रूप से चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। हालांकि पेनल्टी शूटआउट के दौरान वे मैदान पर वापस लौटे, लेकिन शॉट नहीं लिया। भारत दूसरे राउंड में एक भी अंक हासिल नहीं कर सका भारतीय टीम 51 साल बाद वर्ल्डकप मेडल जीतने का सपना लेकर टूर्नामेंट में उतरी थी। भारत के लिए शुरुआत अच्छी रही। टीम ने पहले राउंड में वेल्स को 3-1 और पाकिस्तान को 5-3 से हराया, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। दूसरे राउंड में भारतीय टीम एक भी अंक हासिल नहीं कर सकी। टीम ने नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी 19 मिनट में तीन गोल खाए और 1-3 से मुकाबला हार गई। इसके बाद अर्जेंटीना से मिली 3-5 से हार ने उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी खत्म कर दी। ————————– हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस हॉकी वर्ल्डकप- भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराया:टूर्नामेंट में पांचवा स्थान हासिल किया; 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में जर्मनी को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में पांचवे स्थान पर रहा। टीम ने 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश किया है। इससे पहले टीम 1974 वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
  • मेंस हॉकी वर्ल्डकप- पेनल्टी शूटआउट में बेल्जियम से हारा भारत:टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रहा; हरमनप्रीत सिंह टीम के टॉप गोल स्कोरर रहे

    भारत मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में शुक्रवार को बेल्जियम से पेनल्टी शूटआउट में हार गया। इसके साथ ही टीम ने टूर्नामेंट में आठवें स्थान पर रही। बेल्जियम मैच के आखिरी मिनट तक 3-2 से आगे थी। मैच खत्म होने में 26 सेंकंड बाकी थे, तभी भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इसे गोल में बदलकर मैच को शूटआउट में पहुंचाया, जहां टीम 3-4 से मुकाबला हार गई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मैच में 2 गोल किए। वे टूर्नामेंट में 8 गोल के साथ भारत के टॉप स्कोरर रहे। भारत का पहला गोल, फिर बेल्जियम की वापसी अभिषेक ने छठे मिनट में गोल कर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। हालांकि, बेल्जियम ने शानदार वापसी करते हुए 22वें और 23वें मिनट में दो गोल दागकर 2-1 की बढ़त बना ली। हाफ टाइम के तुरंत बाद 31वें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर से गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में बेल्जियम के डी केरपेल ने गोल कर स्कोर 3-2 कर दिया। शूटआउट में हरमनप्रीत गोल नहीं कर सके शूटआउट में भारत के लिए शिलानंद लाकड़ा, दिलप्रीत सिंह और अभिषेक ने पहले 3 शॉट पर गोल किए। हालांकि भारत के लिए आखिरी 2 शॉट पर हरमनप्रीत और सुखजीत सिंह गोल नहीं कर सके। वहीं बेल्जियम के लिए टॉम बून, आर्थर डी स्लोवर, अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स और रोमन डुवेकोट ने गोल किए। विक्टर फोरबर्ट अपना प्रयास गोल में नहीं बदल सके। मनप्रीत सिंह के आंख पर गेंद लगी अंतिम क्वार्टर में बेल्जियम के लाबुशेयर का तेज शॉट मैनप्रीत सिंह के चेहरे पर आंख के ऊपर लगा। वे गंभीर रूप से चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। हालांकि पेनल्टी शूटआउट के दौरान वे मैदान पर वापस लौटे, लेकिन शॉट नहीं लिया। भारत का निराशाजनक सफर भारतीय टीम 51 साल बाद वर्ल्ड कप मेडल जीतने का सपना लेकर उतरी थी। पहले राउंड में उसने वेल्स को 3-1 और पाकिस्तान को 5-3 से हराया, लेकिन इंग्लैंड से 2-4 से हार गई। दूसरे राउंड में भारत एक भी अंक हासिल नहीं कर सका। नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 की हार में भारत ने आखिरी 19 मिनट में तीन गोल गंवाए। इसके बाद अर्जेंटीना ने भारत को 5-3 से हराया और सेमीफाइनल में पहुंचने की उसकी आखिरी उम्मीद भी खत्म कर दी। ————————– हॉकी वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… विमेंस हॉकी वर्ल्डकप- भारत ने जर्मनी को 3-1 से हराया:टूर्नामेंट में पांचवा स्थान हासिल किया; 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश भारत ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप में जर्मनी को 3-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत टूर्नामेंट में पांचवे स्थान पर रहा। टीम ने 52 साल बाद टॉप-5 में फिनिश किया है। इससे पहले टीम 1974 वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
  • क्या पडिक्कल बनेंगे भारत के अगले द्रविड़ या पुजारा:नंबर-3 पर लगातार दो शतक; श्रीलंका सीरीज में 328 रन, इनमें 123 स्पिन के खिलाफ

    देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शतक लगाकर भारत के नंबर-3 बल्लेबाज की तलाश को फिलहाल खत्म कर दिया है। उन्होंने गॉल में 167 और कोलंबो में 117 रन की पारियां खेलीं। पडिक्कल ने सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा 328 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। इनमें 123 रन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आए। 26 साल के पडिक्कल को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में मौका मिला था। लेकिन जिस नंबर-3 पोजिशन पर 2023 में चेतेश्वर पुजारा के बाद लगातार बदलाव होते रहे, वहां पडिक्कल ने सिर्फ तीन पारियों में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। स्टोरी में नंबर-3 पर भारत की परेशानी, पडिक्कल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड और स्पिन खेलने की खास तकनीक के बारे में… भारत में नंबर-3 की जगह इतनी अहम क्यों? टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 बल्लेबाज को कई बार ओपनर और मिडिल ऑर्डर दोनों की भूमिका निभानी पड़ती है। इसलिए यह टीम की बल्लेबाजी की सबसे अहम पोजिशन में से एक होती है। राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए इस जगह पर 10 हजार से ज्यादा रन बनाए। उनके बाद चेतेश्वर पुजारा ने यह जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 13 साल में नंबर-3 पर 155 पारियां खेलते हुए 6529 रन बनाए। 11 जून 2023 में पुजारा के आखिरी टेस्ट के बाद भारत ने नंबर-3 पर कुल 7 बल्लेबाजों को आजमाया। शुभमन गिल को सबसे पहले यह पोजिशन मिली। उन्होंने इस नंबर पर 972 रन बनाए। उनके टेस्ट मिस करने पर विराट कोहली और केएल राहुल ने भी इस पोजिशन पर बल्लेबाजी की। लेकिन कोहली के रिटायरमेंट के बाद गिल नंबर-4 पर बैटिंग करने लगे। इसके बाद साई सुदर्शन को इंग्लैंड दौरे पर टीम में शामिल किया। हालांकि वे कुछ खास नहीं कर सके। नंबर-3 पर सुदर्शन ने लगभग 32 की औसत से 383 रन बनाए हैं। इंग्लैंड सीरीज में करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर को भी इस नंबर पर मौका मिला। वे भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके। ऐसे में देवदत्त पडिक्कल ने सिर्फ 5 पारियों में 353 रन बनाकर अपने आपको रेस में सबसे आगे कर दिया है। श्रीलंका में मौका कैसे मिला? साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए। इससे नंबर-3 की जगह पडिक्कल के लिए खुली। इससे पहले वे भारत A के लिए दो अर्धशतक लगा चुके थे और श्रीलंका में ही टूर गेम में 142 रन की नाबाद पारी खेल चुके थे। पडिक्कल ने 2025-26 के घरेलू फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन 47.76 के औसत से बनाए। इसमें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 150 और रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में 232 रन की पारियां शामिल थीं। उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को फाइनल तक भी पहुंचाया। पडिक्कल ने 109.33 की औसत से रन बनाए पडिक्कल ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 167 रन बनाए और दूसरी पारी में 44 रन जोड़े। दूसरे टेस्ट में उन्होंने 117 रन की पारी खेली। इस तरह सीरीज में उनके नाम 328 रन रहे। उन्होंने 109.33 की औसत से बल्लेबाजी की। उनके दोनों शतक लगातार टेस्ट मैचों में आए। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह उनकी पहली सीरीज रही, जहां उन्होंने सभी मैच खेले। इससे पहले उन्हें 2024 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ एक-एक टेस्ट खेलने का मौका मिला था। पडिक्कल का स्पिन के खिलाफ बैकफुट गेम मजबूत भारत के बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ खेलने की मजबूत पहचान रही है, लेकिन हाल के दौर में टीम इसी कमजोरी से परेशान रही। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने तीन टेस्ट में 37 विकेट लिए और उनका औसत 23.48 रहा। इसके बाद साउथ अफ्रीकी स्पिनर्स ने भारत में दो टेस्ट में 25 विकेट लिए और 15.48 के औसत से गेंदबाजी की। यह भारत में किसी विदेशी टीम के स्पिनर्स का टेस्ट इतिहास में सबसे बेहतर औसत था। इसी दौर में देवदत्त पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ अलग तरीका अपनाया। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में स्पिनर्स की लेंथ गेंदों पर उन्होंने 37.4% गेंदें बैकफुट से खेलीं। कोलंबो टेस्ट में 117 रन की पारी के दौरान भी पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ बैकफुट से 52 रन बनाए, जिनमें 47 रन लेंथ गेंदों पर आए। श्रीलंका सीरीज में स्पिन के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट करीब 65 रहा। पडिक्कल की 6 फीट 3 इंच की लंबाई भी उनके इस अंदाज में मदद करती है। वे अच्छी लेंथ की गेंदों पर भी पीछे जाकर कट, पंच और पुल जैसे शॉट खेलते हैं। आमतौर पर भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ फ्रंटफुट पर जाकर खेलते हैं, जबकि पडिक्कल का तरीका अलग है। पडिक्कल और साई सुदर्शन में क्या अंतर? दोनों बल्लेबाज स्पिनर्स की लेंथ गेंदों के खिलाफ बैकफुट पर खेलने का तरीका अपनाते हैं। साई सुदर्शन ने ऐसी गेंदों पर करीब 36.5% बार बैकफुट का इस्तेमाल किया, जो पडिक्कल के 37.4% के लगभग बराबर है। फर्क इन शॉट्स से रन बनाने में नजर आता है। पडिक्कल बैकफुट शॉट्स पर करीब 50 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट इन शॉट्स पर सिंगल डिजिट में रहा है। घरेलू क्रिकेट में पडिक्कल का रिकॉर्ड कितना मजबूत है? पडिक्कल ने जूनियर स्टेज से ही घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। 2018 की कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने 829 रन बनाए और टूर्नामेंट के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इसके बाद उन्हें कर्नाटक की सीनियर टीम में जगह मिली। 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में पडिक्कल ने 609 रन बनाए और टूर्नामेंट के टॉप रन-स्कोरर रहे। इसी दौरान उन्होंने अपना पहला लिस्ट-A शतक भी लगाया। 2025-26 फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन बनाने के प्रदर्शन ने भी उनके टेस्ट दावे को मजबूत किया। IPL और इंटरनेशनल करियर कैसा रहा? पडिक्कल ने 2020 में RCB के लिए IPL डेब्यू किया। उन्होंने शुरुआती चार मैचों में तीन अर्धशतक लगाए और पूरे सीजन में 473 रन बनाए। उन्हें इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया। 2021 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नाबाद 101 रन बनाकर उन्होंने अपना पहला IPL शतक लगाया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए दो सीजन में पडिक्कल ने 28 मैचों में 637 रन बनाए, जबकि 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए उनका औसत सिर्फ 5.43 रहा। हालांकि, 2025 और 2026 में RCB की खिताबी टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने टीम को लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने में योगदान दिया। 2025 में उन्होंने 10 मैचों में 247 रन बनाए, जबकि 2026 में 16 मैचों में 464 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में पडिक्कल ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया। पहली ही पारी में उन्होंने 65 रन बनाए। 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हालांकि उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वे दोनों पारियों में 0 और 25 रन ही बना सके। द्रविड़ और पुजारा पडिक्कल के बारे में क्या कहते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में पडिक्कल की 167 रन की पारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में आए पडिक्कल ने मिले मौके का शानदार फायदा उठाया और नंबर-3 पर अपनी पहली बड़ी पारी खेली। पडिक्कल ने द्रविड़ की तरह ही नंबर-3 पर प्रभावी शुरुआत की है। कर्नाटक क्रिकेट में भी द्रविड़ उनके लिए मददगार रहे हैं। पडिक्कल के मुताबिक, द्रविड़ कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) में उनसे मिलने और जरूरी सलाह देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। वहीं, पूर्व नंबर-3 बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि पडिक्कल को इस पोजिशन पर लगातार कुछ समय तक मौका मिलना चाहिए। उनके मुताबिक घरेलू क्रिकेट और IPL में प्रदर्शन के दम पर पडिक्कल इस अवसर के लिए तैयार थे और उन्होंने अपनी तकनीक पर भी काम किया है।
  • क्या पडिक्कल बनेंगे भारत के अगले द्रविड़ या पुजारा:नंबर-3 पर लगातार दो शतक; श्रीलंका सीरीज में 328 रन, इनमें 123 स्पिन के खिलाफ

    देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में लगातार दो शतक लगाकर भारत के नंबर-3 बल्लेबाज की तलाश को फिलहाल खत्म कर दिया है। उन्होंने गॉल में 167 और कोलंबो में 117 रन की पारियां खेलीं। पडिक्कल ने सीरीज में भारत के लिए सबसे ज्यादा 328 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए। इनमें 123 रन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ आए। 26 साल के पडिक्कल को चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में मौका मिला था। लेकिन जिस नंबर-3 पोजिशन पर 2023 में चेतेश्वर पुजारा के बाद लगातार बदलाव होते रहे, वहां पडिक्कल ने सिर्फ तीन पारियों में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। स्टोरी में नंबर-3 पर भारत की परेशानी, पडिक्कल का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड और स्पिन खेलने की खास तकनीक के बारे में… भारत में नंबर-3 की जगह इतनी अहम क्यों? टेस्ट क्रिकेट में नंबर-3 बल्लेबाज को कई बार ओपनर और मिडिल ऑर्डर दोनों की भूमिका निभानी पड़ती है। इसलिए यह टीम की बल्लेबाजी की सबसे अहम पोजिशन में से एक होती है। राहुल द्रविड़ ने भारत के लिए इस जगह पर 10 हजार से ज्यादा रन बनाए। उनके बाद चेतेश्वर पुजारा ने यह जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने 13 साल में नंबर-3 पर 155 पारियां खेलते हुए 6529 रन बनाए। 11 जून 2023 में पुजारा के आखिरी टेस्ट के बाद भारत ने नंबर-3 पर कुल 7 बल्लेबाजों को आजमाया। शुभमन गिल को सबसे पहले यह पोजिशन मिली। उन्होंने इस नंबर पर 972 रन बनाए। उनके टेस्ट मिस करने पर विराट कोहली और केएल राहुल ने भी इस पोजिशन पर बल्लेबाजी की। लेकिन कोहली के रिटायरमेंट के बाद गिल नंबर-4 पर बैटिंग करने लगे। इसके बाद साई सुदर्शन को इंग्लैंड दौरे पर टीम में शामिल किया। हालांकि वे कुछ खास नहीं कर सके। नंबर-3 पर सुदर्शन ने लगभग 32 की औसत से 383 रन बनाए हैं। इंग्लैंड सीरीज में करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर को भी इस नंबर पर मौका मिला। वे भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके। ऐसे में देवदत्त पडिक्कल ने सिर्फ 5 पारियों में 353 रन बनाकर अपने आपको रेस में सबसे आगे कर दिया है। श्रीलंका में मौका कैसे मिला? साई सुदर्शन चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हो गए। इससे नंबर-3 की जगह पडिक्कल के लिए खुली। इससे पहले वे भारत A के लिए दो अर्धशतक लगा चुके थे और श्रीलंका में ही टूर गेम में 142 रन की नाबाद पारी खेल चुके थे। पडिक्कल ने 2025-26 के घरेलू फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन 47.76 के औसत से बनाए। इसमें ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ 150 और रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में 232 रन की पारियां शामिल थीं। उन्होंने कर्नाटक की कप्तानी करते हुए टीम को फाइनल तक भी पहुंचाया। पडिक्कल ने 109.33 की औसत से रन बनाए पडिक्कल ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 167 रन बनाए और दूसरी पारी में 44 रन जोड़े। दूसरे टेस्ट में उन्होंने 117 रन की पारी खेली। इस तरह सीरीज में उनके नाम 328 रन रहे। उन्होंने 109.33 की औसत से बल्लेबाजी की। उनके दोनों शतक लगातार टेस्ट मैचों में आए। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि यह उनकी पहली सीरीज रही, जहां उन्होंने सभी मैच खेले। इससे पहले उन्हें 2024 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ एक-एक टेस्ट खेलने का मौका मिला था। पडिक्कल का स्पिन के खिलाफ बैकफुट गेम मजबूत भारत के बल्लेबाजों की स्पिन के खिलाफ खेलने की मजबूत पहचान रही है, लेकिन हाल के दौर में टीम इसी कमजोरी से परेशान रही। न्यूजीलैंड के स्पिनर्स ने तीन टेस्ट में 37 विकेट लिए और उनका औसत 23.48 रहा। इसके बाद साउथ अफ्रीकी स्पिनर्स ने भारत में दो टेस्ट में 25 विकेट लिए और 15.48 के औसत से गेंदबाजी की। यह भारत में किसी विदेशी टीम के स्पिनर्स का टेस्ट इतिहास में सबसे बेहतर औसत था। इसी दौर में देवदत्त पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ अलग तरीका अपनाया। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में स्पिनर्स की लेंथ गेंदों पर उन्होंने 37.4% गेंदें बैकफुट से खेलीं। कोलंबो टेस्ट में 117 रन की पारी के दौरान भी पडिक्कल ने स्पिन के खिलाफ बैकफुट से 52 रन बनाए, जिनमें 47 रन लेंथ गेंदों पर आए। श्रीलंका सीरीज में स्पिन के खिलाफ उनका स्ट्राइक रेट करीब 65 रहा। पडिक्कल की 6 फीट 3 इंच की लंबाई भी उनके इस अंदाज में मदद करती है। वे अच्छी लेंथ की गेंदों पर भी पीछे जाकर कट, पंच और पुल जैसे शॉट खेलते हैं। आमतौर पर भारतीय बल्लेबाज स्पिन के खिलाफ फ्रंटफुट पर जाकर खेलते हैं, जबकि पडिक्कल का तरीका अलग है। पडिक्कल और साई सुदर्शन में क्या अंतर? दोनों बल्लेबाज स्पिनर्स की लेंथ गेंदों के खिलाफ बैकफुट पर खेलने का तरीका अपनाते हैं। साई सुदर्शन ने ऐसी गेंदों पर करीब 36.5% बार बैकफुट का इस्तेमाल किया, जो पडिक्कल के 37.4% के लगभग बराबर है। फर्क इन शॉट्स से रन बनाने में नजर आता है। पडिक्कल बैकफुट शॉट्स पर करीब 50 के स्ट्राइक रेट से रन बनाते हैं, जबकि साई सुदर्शन का स्ट्राइक रेट इन शॉट्स पर सिंगल डिजिट में रहा है। घरेलू क्रिकेट में पडिक्कल का रिकॉर्ड कितना मजबूत है? पडिक्कल ने जूनियर स्टेज से ही घरेलू क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। 2018 की कूच बिहार ट्रॉफी में उन्होंने 829 रन बनाए और टूर्नामेंट के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। इसके बाद उन्हें कर्नाटक की सीनियर टीम में जगह मिली। 2019-20 विजय हजारे ट्रॉफी में पडिक्कल ने 609 रन बनाए और टूर्नामेंट के टॉप रन-स्कोरर रहे। इसी दौरान उन्होंने अपना पहला लिस्ट-A शतक भी लगाया। 2025-26 फर्स्ट-क्लास सीजन में 812 रन बनाने के प्रदर्शन ने भी उनके टेस्ट दावे को मजबूत किया। IPL और इंटरनेशनल करियर कैसा रहा? पडिक्कल ने 2020 में RCB के लिए IPL डेब्यू किया। उन्होंने शुरुआती चार मैचों में तीन अर्धशतक लगाए और पूरे सीजन में 473 रन बनाए। उन्हें इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द ईयर भी चुना गया। 2021 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ नाबाद 101 रन बनाकर उन्होंने अपना पहला IPL शतक लगाया। इसके बाद राजस्थान रॉयल्स के लिए दो सीजन में पडिक्कल ने 28 मैचों में 637 रन बनाए, जबकि 2024 में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए उनका औसत सिर्फ 5.43 रहा। हालांकि, 2025 और 2026 में RCB की खिताबी टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने टीम को लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने में योगदान दिया। 2025 में उन्होंने 10 मैचों में 247 रन बनाए, जबकि 2026 में 16 मैचों में 464 रन बनाए। टेस्ट क्रिकेट में पडिक्कल ने 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू किया। पहली ही पारी में उन्होंने 65 रन बनाए। 2024-25 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हालांकि उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वे दोनों पारियों में 0 और 25 रन ही बना सके। द्रविड़ और पुजारा पडिक्कल के बारे में क्या कहते हैं? पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में पडिक्कल की 167 रन की पारी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चोटिल साई सुदर्शन की जगह टीम में आए पडिक्कल ने मिले मौके का शानदार फायदा उठाया और नंबर-3 पर अपनी पहली बड़ी पारी खेली। पडिक्कल ने द्रविड़ की तरह ही नंबर-3 पर प्रभावी शुरुआत की है। कर्नाटक क्रिकेट में भी द्रविड़ उनके लिए मददगार रहे हैं। पडिक्कल के मुताबिक, द्रविड़ कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) में उनसे मिलने और जरूरी सलाह देने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। वहीं, पूर्व नंबर-3 बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि पडिक्कल को इस पोजिशन पर लगातार कुछ समय तक मौका मिलना चाहिए। उनके मुताबिक घरेलू क्रिकेट और IPL में प्रदर्शन के दम पर पडिक्कल इस अवसर के लिए तैयार थे और उन्होंने अपनी तकनीक पर भी काम किया है।
  • लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान 110 रन पर ऑलआउट:बाबर आजम 8 रन ही बना सके; दूसरी पारी में इंग्लैंड-81/3, 261 रन की बढ़त हुई

    लॉर्ड्स टेस्ट के दूसरे दिन इंग्लैंड ने पाकिस्तान को पहली पारी में 110 रन पर समेट दिया। शुक्रवार को दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 3 विकेट पर 81 रन बनाए हैं। इस तरह मेजबान टीम की कुल बढ़त 261 रन हो गई है। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड के लिए ओली रॉबिन्सन ने 4 और जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट लिए। जोश टंग को 2 विकेट मिले। पाकिस्तान की ओर से अजान अवैस ने सबसे ज्यादा 46 रन बनाए। कप्तान बाबर आजम 8 रन बनाकर आउट हुए। इंग्लैंड 290 रन पर ऑलआउट इंग्लैंड ने दूसरे दिन की शुरुआत 9 विकेट पर 248 रन से की। क्रीज पर गस एटकिंसन 45 और जोश टंग 30 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों ने आखिरी विकेट के लिए 47 रन जोड़े और टीम का स्कोर 290 तक पहुंचाया। पाकिस्तान के मोहम्मद अब्बास ने 4 विकेट लिए, जबकि मोहम्मद अली को 3 विकेट मिले। अब्बास ने पहली पारी में जो रूट को 4 रन पर आउट किया था। इसके साथ उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 900 विकेट पूरे किए। 110 रन पर सिमटा पाकिस्तान, रॉबिन्सन ने 4 विकेट लिए 290 रन के जवाब में पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई। टीम 37.2 ओवर में सिर्फ 110 रन पर ऑलआउट हो गई। पाकिस्तान को एक बल्लेबाज कम के साथ उतरना पड़ा, क्योंकि इमाम-उल-हक बाएं पैर में काफ स्ट्रेन के कारण बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे। ओली रॉबिन्सन ने 4.2 ओवर में सिर्फ 11 रन देकर 4 विकेट लिए। जोफ्रा आर्चर ने 3 और जोश टंग ने 2 विकेट चटकाए। पाकिस्तान की ओर से अजान अवैस ने 46 रन बनाए। वे अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके और रॉबिन्सन का शिकार बने। सऊद शकील ने भी कुछ देर टिकने की कोशिश की, लेकिन रॉबिन्सन ने उन्हें आउट कर दिया। बाबर 8 रन बनाकर आउट पाकिस्तान की पारी में कप्तान बाबर आजम से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वे सिर्फ 8 रन बना सके। उन्होंने 10 गेंदों का सामना किया। जोश टंग की गेंद पर ड्राइव खेलने की कोशिश में उनका बाहरी किनारा लगा और जॉर्डन कॉक्स ने कैच पकड़ लिया। बाबर ने आउट होने से पहले दो कवर ड्राइव लगाए थे। टंग की पिछली गेंद पर उनका एज स्लिप तक नहीं पहुंचा था, लेकिन अगली गेंद पर उन्होंने बाहर जाती गेंद पर शॉट खेला और कैच दे बैठे। इंग्लैंड को 180 रन की बढ़त मिली इंग्लैंड की पहली पारी 290 रन पर खत्म होने के बाद पाकिस्तान के पास अच्छी शुरुआत करने का मौका था, लेकिन पूरी टीम 110 रन पर सिमट गई। इससे इंग्लैंड को पहली पारी में 180 रन की बढ़त मिली। पाकिस्तान ने शान मसूद को 1, अब्दुल्लाह शफीक को 5 और बाबर आजम को 8 रन पर गंवा दिया। इसके बाद अजान अवैस और सऊद शकील ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। दूसरी पारी में इंग्लैंड के 3 विकेट गिरे 180 रन की बढ़त के बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी शुरू की। टीम ने 81 रन तक 3 विकेट गंवा दिए। बेन डकेट 1, जॉर्डन कॉक्स 11 और जो रूट 24 रन बनाकर आउट हुए। रूट को मोहम्मद अली ने LBW किया। उन्होंने 37 गेंदों पर 24 रन बनाए। यह इस सीजन में टेस्ट मैचों में उनका सातवां LBW आउट है। वे एक टेस्ट सीजन में सबसे ज्यादा LBW होने के रिकॉर्ड की बराबरी पर पहुंच गए हैं। दिन का खेल खत्म होने पर एमिलियो गे 30 और हैरी ब्रूक 7 रन बनाकर नाबाद हैं। दोनों के बीच 21 रन की साझेदारी हो चुकी है। दोनों टीमों की प्लेइंग XI इंग्लैंड: बेन डकेट, एमिलियो गे, जॉर्डन कॉक्स, जो रूट (कप्तान), हैरी ब्रूक, डैन लॉरेंस, जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), ओली रॉबिन्सन, गस एटकिंसन, जोफ्रा आर्चर, जोश टंग। पाकिस्तान: इमाम-उल-हक, अजान अवैस, अब्दुल्लाह शफीक, शान मसूद, बाबर आजम (कप्तान), सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान (विकेटकीपर), अली उस्मान, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद अब्बास, मोहम्मद अली।